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एक भगवा गलती

Posted on 26 March 2018 by admin

आप के संजय सिंह जब से ऊपरी सदन में पहुंचे हैं उन्होंने अपनी अतिसक्रियता से सत्ता पक्ष की नाक में दम कर रखा है। बतौर सांसद उनसे पूछा गया कि वे किस संसदीय कमेटी का हिस्सा होना चाहेंगे। संजय ने अपनी ओर से तीन च्वॉइस दिए उनकी पहली प्राथमिकता अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्ट्री थी और दूसरी होम और तीसरी च्वॉइस के तौर पर उन्होंने इस्पात व खनन मंत्रालय का नाम दिया। भाजपा के नीति निर्धारकों ने सोचा चूंकि दिल्ली में सीलिंग का काम अपने ऊफान पर है सो संजय सिंह सीलिंग से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने का काम करेंगे। सो, वेंकैया जी के कहने पर उन्हें खनन मंत्रालय में भेज दिया गया। अब भाजपा के लोग इस बात से अनजान थे कि संजय सिंह एक माइनिंग इंजीनियर हैं, सो अब यह आप सांसद खनन नियमों से जुड़े दुर्लभ सवालों की पोथी तैयार करने में जुट गए हैं, भगवा पाठशाला के गुरूओं को जल्दी ही इन सवालों की काट ढूंढनी होगी। संजय ने ताजा मामला सार्वजनिक उद्यम क्षेत्र की एक बडी कंपनी सेल के विस्तार प्लान का निकाला है। कहते हैं सेल के एक्सपेशन प्लान के लिए तय 78 हजार करोड़ की रकत में से 74 हजार करोड़ की रकम का बंदरबांट हो चुका है, पर इसके प्रोडक्शन में मात्र 3 फीसदी की मामूली बढत दर्ज हुई है।

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प्रसाद का सियासी नाद

Posted on 26 March 2018 by admin

मोदी सरकार के आईटी व कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद अपने बड़बोलेपन की वजह से अक्सर विपक्ष के निशाने पर आ जाते हैं, मेहुल चोकसी प्रकरण की आंच में अभी हौले-हौले प्रसाद तप ही रहे थे कि कैंब्रिज एनालिटिका के फेसबुक डाटा चोरी का नया मामला प्रकाश में आ गया। उनका यह बयान सुर्खियों का सिरमौर बना रहा जब उन्होंने जोश ही जोश में कह डाला कि वे आईटी कानून के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त से सख्त कार्यवाही करेंगे और जरूरत पड़ने पर फेसबुक नियंता मार्क जबरबर्ग को भारत में सम्मन करेंगे।’ इस पर विपक्ष को हमले के नए सूत्र मिल गए, राजनीति के नए विद्यार्थी तेजस्वी यादव ने फौरन ट्वीट कर प्रसाद पर हमला बोला-’ यह सब नौटंकी बंद कीजिए और सबसे पहले कॉलड्रॉप की समस्या का निदान ढूंढिए।’ और जब सरकार ने कैंब्रिज एनालिटिका (जिन्हें प्रसाद ’रॉग’ यानी गुंडा बता रहे थे) को मात्र 6 सवालों का एक नोटिस जारी किया तो इसमें मार्क जकरबर्ग से जुड़ा कोई बड़ा सवाल नहीं था, कंपनी को इन सवालों के जवाब देने के लिए भी 31 मार्च तक का वक्त दिया गया है। फिर जब विपक्ष ने इन सवालों की फेहरिश्त पर हो-हंगामा मचाया तो प्रसाद के मंत्रालय की ओर से सफाई दी गई कि चूंकि मार्क जकरबर्ग ने पहले ही माफी मांग ली है, चुनांचे इस मामले को तूल देना ठीक नहीं है।’

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आप तो ऐसे ना थे

Posted on 26 March 2018 by admin

आप पार्टी में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। एक दौर था जब अरविन्द केजरीवाल, मनीष सिसौदिया, संजय सिंह और आशुतोष जैसे आप नेता देर रात तक बैठकें किया करते थे, साथ फिल्में देखते थे। लेकिन राज्यसभा चुनावों के बाद से संजय सिंह व आशुतोष केजरीवाल से नाराज़ जान पड़ते हैं। अब ये मजलिस भी बंद है और बोलचाल के सूत्र भी मौन हैं। संजय का ज्यादा वक्त अपने राज्यसभा के काम-काज में लग रहा है तो आशुतोष अपने लिखने-पढ़ने के काम में जुट गए हैं, इन दोनों नेताओं को केजरीवाल से बस यही शिकायत है कि ’केजरीवाल तो बात मूल्य आधारित राजनीति करते हैं और जब राज्यसभा देने की बारी आती है तो कोई सुशील गुप्ता इसका मूल्य लगा देते हैं, यह कैसा विरोधाभास है?’

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…और अंत में

Posted on 26 March 2018 by admin

इस दफे के राज्यसभा चुनाव में जहां कई सियासी दिग्गज मसलन राजीव शुक्ला और राम माधव जैसे लोग ऊपरी सदन आने से वंचित रह गए तो वहीं जया बच्चन का सितारा नई सियासी रोशनी से सराबोर रहा। ममता बनर्जी की टीएमसी ने अपनी चौथी सीट आखिरी वक्त तक जया के इंतजार में खाली रखी थी, ममता जया के बंगाली अस्मिता का कार्ड खेलना चाहती थी, वहीं दूसरी ओर सपा भी अपने इस वाचाल सांसद को हाथ से नहीं निकलने देना चाहती थी, सो टिकटों के अनाऊंसमेंट से ऐन पहले ममता दीदी ने मुलायम व अखिलेश दोनों से बात की और पूछा कि क्या वे जया बच्चन को सीट दे रहे हैं? पिता-पुत्र से ठोस आश्वासन प्राप्त होने के बाद ही दीदी ने अपने चौथी सीट पर से सस्पेंस खत्म किया।

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ऐसे बंटे टिकट

Posted on 19 March 2018 by admin

भाजपा के इतिहास में शायद पहली बार ऐसा हुआ कि ना तो लोकसभा के उप चुनाव और न ही राज्यसभा के टिकटों के लिए पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक बुलाई गई और न ही दिखावे के लिए ही सही इलेक्शन कमेटी की बैठक बुलाने की जरूरत समझी गई। यूपी के उप चुनावों के लिए दोनों नाम अध्यक्ष जी और सुनील बंसल ने तय कर दिए। बिहार के अररिया उप चुनाव के लिए जिस प्रदीप सिंह के नाम को चुना गया, उसके नाम पर अररिया भाजपा में ही सबसे ज्यादा विरोध था। और जिस राजद सांसद तस्लीमुद्दीन के निधन से अररिया सीट खाली हुई थी, सूत्रों का कहना है कि कालांतर में यही प्रदीप सिंह उसी तस्लीमुद्दीन के लिए जोर-आजमाइश दिखाया करते थे और उनके खास वफादारों में शुमार होते थे। प्रदीप सिंह को टिकट दिलवाने में राज्य के उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी की सबसे अहम भूमिका थी। वहीं राज्यसभा के टिकट मोदी व शाह की जोड़ी ने अपने दम पर फाइनल कर दिए।

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रजनी को सोनिया का तोहफा

Posted on 19 March 2018 by admin

कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रजनी पाटिल सेंट्रल हॉल में बैठीं गपशप लड़ा रही थीं कि अचानक से उन्हें फरमान आया कि उन्हें सोनिया गांधी ने याद किया है, रजनी को साक्षात ऐसा लगा कि मानो राज्यसभा के लिए उनकी लॉटरी निकल आई है, वह भागी-भागी संसद भवन स्थित सोनिया के कक्ष में पहुंची, वह इतनी जल्दी में थीं कि इस भागमभाग में उनका पर्स भी सेंट्रल हॉल में ही छूट गया। जब रजनी सोनिया के कक्ष में दाखिल हुईं तो सोनिया अपनी कुर्सी से उठ रही थीं घर जाने के लिए, रजनी को देखकर सोनिया ने कहा-’ चलो घर चलते हैं, रास्ते में बात हो जाएगी, घर पहुंच कर साथ चाय पी लेंगे।’ रजनी सोनिया के कार में सवार होकर 10 जनपथ पहुंची, रास्ते में जो थोड़ी बहुत बातचीत हुई वह भी खालिस राजनैतिक। चाय-वाय के बाद जब रजनी जाने को तैयार हुईं तो सोनिया ने पूछा-’यहां से कहां जाओगे?’ रजनी ने बताया संसद भवन, चूंकि उनका पर्स जल्दबाजी में वहीं सेंट्रल हॉल में छूट गया। फिर वहां से वह घर जाने के लिए संसद वाली बस ले लेंगी जिससे जाने पर मात्र 20 रुपए खर्च होते हैं। सोनिया को यह सुनकर अच्छा लगा कि आज भी ऐसे सांसद है जिनका कोई ताम-झाम नहीं। फिर सोनिया ने अपने पर्स में हाथ डाला तो उसमें सिर्फ 120 रुपए ही मौजूद थे, ये पैसे उन्होंने रजनी को सौंपे और रजनी ने एक अमानत के तौर पर उन पैसों को अपने पास रख लिए।

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शुक्ला जी को भगवा आमंत्रण

Posted on 19 March 2018 by admin

राजीव शुक्ला सेंट्रल हॉल में बैठे अपने कुछ दोस्तों के साथ गपशप लड़ा रहे थे कि अचानक उनके पास भाजपा अध्यक्ष अमित शाह आ खड़े हुए, शाह को अपने पास आया देख, भौचक शुक्ला जी ने अपने स्थान पर खड़े होकर उनका अभिवादन किया। शाह ने शुक्ला से कहा-’ अरे आप यहां बैठे हो आराम से, गुजरात नहीं जाना है क्या?’ तब तक शुक्ला जी को इस बात का जरा भी इल्म नहीं था कि पार्टी उन्हें नामांकन के ऐन आखिरी रोज, आखिरी वक्त पर गुजरात भी भेज सकती है, क्योंकि गुजरात के कांग्रेस प्रत्याशी के कागजों को लेकर अब भी भ्रम का आलम बना हुआ था। पर पार्टी ने अभी तक इस बारे में उन्हें इंफॉर्म नहीं किया था कि उन्हें कवर कैंडिडेट बनाया जा सकता है। शाह ने शुक्ला से चुटकी ली-’आप कहो तो हम अपनी ओर से आपके लिए चार्टर्ड प्लेन की व्यवस्था कर दें।’ शुक्ला जी को लगा कि अध्यक्ष भी मजाक के मूड में है, पर बाद में यह बात सच निकली और इसके बाद के घटनाक्रम के बारे में सबको मालूम है कि निर्माण कार्य की वजह से अहमदाबाद का एयरपोर्ट 7 बजे तक बंद कर दिया गया था, जब शुक्ला जी की दिल्ली अहमदाबाद फ्लाइट वहां लैंड होने वाली थी। सूत्र बताते हैं कि दरअसल शुक्ला जी बिहार से टिकट चाहते थे, पर वहां भाजपा की सहयोगी पार्टी जदयू मीरा कुमार के पक्ष में थी जबकि बिहार कांग्रेस की स्थानीय इकाई स्थानीय उम्मीदवार चाहती थी। इसीलिए बिहार से शुक्ला जी का नाम नए पेंचोखम में अटक गया। अब सुनने को यह आ रहा है कि शुक्ला जी के अभिन्न मित्र अरूण जेटली ने उन्हें भाजपा ज्वॉइन करने का सुझाव दिया है, शुक्ला जी के बारे में सबको मालूम है कि वे सियासत के उस्ताद बाजीगर हैं, जो सियासत के बदलते रंग को भी पढ़ लेते हैं और रंगे चेहरों को भी।

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केजरी चले घर आपणै

Posted on 19 March 2018 by admin

अरविन्द केजरीवाल के सितारे भंवर में गोते खा रहे हैं, इतनी उठापटक कि बस उन्हें रह-रह कर अब यह दर्द सालने लगा है कि वे बस आधे राज्य के मुख्यमंत्री क्यों हैं? मजीठिया से माफी एक बड़ा सियासी इश्यू बन गया है, उनकी ही पार्टी में बगावत शुरू हो गई है। सो, अपने करीबियों से मन का दर्द बयां करते हुए केजरीवाल ने इच्छा जताई है कि अब उन्हें हरियाणा का मुख्यमंत्री बनना है। हरियाणा न सिर्फ उनका गृह राज्य है अपितु वहां उनके सजातीय वोटरों की भी अच्छी खासी तादाद है। इस आने वाले 25 मार्च को केजरीवाल हरियाणा में एक बड़ी रैली करने जा रहे हैं। इस रैली को सफल बनाने के लिए आम आदमी पार्टी के हरियाणा चीफ नवीन जय हिंद और हालिया दिनों में राज्यसभा सांसद बने सुशील गुप्ता ने जमीन-आसमान एक कर रखा है। रैली में ज्यादा से ज्यादा लोग जुटे इसके लिए आप के कार्यकर्ता घर-घर जाकर पीले चावल देकर न्यौता बांट रहे हैं, इस रैली का मूल उद्घोष भी यही है-’घर आया अपना धरती पुत्र।

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तिवारी को अपनी बारी का इंतजार

Posted on 19 March 2018 by admin

मनीष तिवारी को अब भी भले अहमद पटेल कैंप का एक प्रखर योद्धा माना जाता हो पर पिछले कुछ समय से वे अपनी सियासी प्रोजिशनिंग बदलने की कवायदों में जुटे हैं। सनद रहे कि मनीष वाशिंगटन स्थित प्रतिष्ठित अटलांटिक काऊंसिल के मेंबर हैं, इस नाते उनका अमरीका आना-जाना लगा रहता है, पिछले दिनों भी वे इस काऊंसिल की मीटिंग के सिलसिले में वाशिंगटन में थे, कहा जाता है कि इस काऊंसिल के कई लोगों को अमरीकी राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस में ब्रेकफास्ट पर न्यौता भेजा था, इसमें मनीष भी शामिल हुए। कहते हैं राहुल गांधी के पिछले अमरीकी दौरे को सफल बनाने के लिए मनीष ने सैम पित्रोदा के साथ मिलकर काफी मेहनत की थी। सूत्रों की मानें तो अब राहुल महत्वपूर्ण कानूनी व विदेशी मामलों में मनीष की राय को तरजीह देने लगे हैं। मनीष करीबियों को उम्मीद थी कि इस बार के राज्यसभा उम्मीदवारों की सूची में उनका भी नाम होगा, पर कहते हैं मनीष ने 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी है, पर देखना दिलचस्प रहेगा कि पार्टी उन्हें लुधियाना या चंडीगढ़ कहां से चुनावी मैदान में उतारती है।

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…और अंत में

Posted on 19 March 2018 by admin

भाजपा के बागी सांसद कीर्त्ति आजाद का 2019 के चुनाव में दरभंगा संसदीय क्षेत्र से टिकट कटना तय माना जा रहा है, भाजपा शीर्ष नेतृत्व उनकी जगह दरभंगा से संजय झा को मैदान में उतारना चाहता है। सूत्र बताते हैं कि इस बीच कांग्रेस ने कीर्त्ति के लिए अपने दिल के दरवाजे खोल दिए हैं, वैसे भी कांग्रेस कीर्त्ति के पिता की पार्टी रह चुकी है और वहां के दस्तूर से वे पहले से ही वाकिफ हैं। (एनटीआई-gossipguru.in)

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