Posted on 10 August 2014 by admin
नटवर सिंह की आत्मकथा ‘वन लाइफ इज नॉट एनॉफ’ बाजार में धमाल मचा रही है, दो वजहों से यह पुस्तक खासी चर्चा में है, एक तो नटवर की उम्दा अंग्रेजी और दूसरा उनका किस्सागोईपन। नटवर से जुड़े एक विशेष सूत्र का दावा है जब इस पुस्तक के प्रकाशन से पूर्व सोनिया और प्रियंका अपने इस पूर्व सहयोगी से मिलने पहुंची तो कथित तौर पर सोनिया ने नटवर से उन तीन घटनाओं का जिक्र करने से मना किया था, घटना संख्या एक, जब राहुल गांधी को अमरीका के टीटर बेरोट एयरपोर्ट पर एक बड़ी नकदी (डालर) के साथ रोका गया था और उस एनडीए के शासनकाल में नटवर सिंह ने अपने मित्र और तत्कालीन राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ब्रजेश मिश्र से बात कर इस मामले को रफा-दफा करवाया था। दूसरी घटना, पश्चिमी देश के एक राजदूत और उनकी पत्नी का है, जब यह युगल एक औपचारिक मुलाकात के दौरान 10 जनपथ पहुंचा था और उस राजदूत की पत्नी ने सोनिया की अंग्रेजी को लेकर कुछ असहज टिप्पणी कर दी थी। तीसरी घटना तब की है जब किसी बात को लेकर प्रियंका व रॉबर्ट के वैवाहिक जीवन में बेतरह उथल-पुथल मच गई थी, कहना न होगा कि नटवर ने अपनी इस पुस्तक में सोनिया की भावनाओं का समुचित सम्मान किया।
Posted on 10 August 2014 by admin
आईसीसीआर के चैयरमैन पद से डा. कर्ण सिंह की रूखसती के बाद इस कुर्सी पर 80 से ज्यादा नेताओं और नौकरशाहों की नारें टिकी हैं, केंद्रीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के नजदीकियों में शुमार होने वाले कई भाजपा सांसद मसलन हेमा मालिनी, किरण खेर, पिछला चुनाव गंवा चुके शाहनवाज हुसैन और पूर्व राज्यपाल तथा पूर्व गृह सचिव बी.पी.सिंह समेत कई नौकरशाहों की नारें भी इस पद पर टिकी है। चैयरमैन पद को लेकर मची इतनी धकमपेल की वजह साफ है क्योंकि जहां एक ओर आईसीसीआर के चैयरमैन को मंत्री का दर्जा हासिल होता है वहीं उन्हें विदेश घूमने के भी भरपूर मौके मिलते हैं।
Posted on 10 August 2014 by admin
नरेंद्र मोदी ने अपने सरकार के दो प्रतिभाशाली युवा मंत्रियों को अच्छे दिन की आहट में कड़वी गोली खाने की हिदायत दे डाली है, पिछले दिनों एक होटल की लॉबी में जब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धमर्ेंद्र प्रधान नामचीन उद्योगपति गौतम अदानी के साथ दिख गए तो मोदी ने बुलाकर प्रधान को चेताया और कहा कि ‘ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति भविष्य में नहीं होनी चाहिए,’ वहीं जब केंद्रीय ऊर्जा व कोयला राज्य मंत्री पीयूष गोयल लंदन के एक कॉरपोरेट समिट में हिस्सा लेने की स्वीकृति मांगने आए तो मोदी ने साफ शब्दों में गोयल से कहा कि ‘वे (गोयल)वैसे भी कॉरपोरेट जगत के ही एक नुंमाइदे रहे हैं, अब केंद्र में मंत्री बन जाने के बाद तो कम से कम कॉरपोरेट जगत का मोह त्याग दें,’ कहना न होगा कि गोयल ने भी आनन-फानन में अपनी लंदन यात्रा रद्द कर दी।
Posted on 10 August 2014 by admin
भले ही पार्टी चलाने के तौर तरीकों को लेकर सोनिया और राहुल के बीच मतभेद की खबरें सार्वजनिक हो रही हों, पर राहुल को लेकर सोनिया का मातृ-प्रेम किंचित भी कम नहीं हुआ है, यही वजह है कि पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा बार-बार लोकसभा में हुई कांग्रेस की हार के लिए पूरी तरह से राहुल को दोषी ठहराने की प्रवृत्ति से वह व्यथित हैं। सोनिया को कहीं न कहीं यह बात भी नागवार गुजर रही है कि पार्टी के कई तबकों से ‘प्रियंका लाओ, कांग्रेस बचाओ’ जैसे स्वर उभर रहे हैं, बतौर मां और कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी अभी राहुल को और मौके दिए जाने की पक्षधर हैं, वह किसी भी तरह राहुल को ठंडे बस्ते में नहीं डालना चाहतीं, शायद यही वजह है कि हरियाणा, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर व झारखंड के चुनावों के बाद पार्टी में प्रियंका गांधी की भूमिका को एक नए सिरे से पारिभाषित करने की चेष्टा होगी, और अगर उस सूरत में प्रियंका पार्टी महासचिव बन भी जाती हैं तो बतौर अध्यक्ष पार्टी की बागडोर राहुल के पास हो सकती है, और प्रियंका को अपने भाई को रिपोर्ट करनी पड़ सकती है। यानी हर सूरत में नंवर वन राहुल ही रहेंगे।
Posted on 03 August 2014 by admin
नटवर सिंह के बाद अब ठाकुर नेता अमर सिंह भी नए रहस्योद्धाटनों की तैयारी में है, वे भी अपने सियासी अनुभवों पर एक धमाकेदार किताब लिखने में जुटे हैं। अमर से जुड़े सूत्रों का दावा है कि एक बड़े विदेशी प्रकाशन समूह से अमर सिंह का अनुबंध भी हो चुका है, और अपनी इस आत्मकथा के एवज में उन्हें मुंहमांगी रकम भी दी जा रही है। जिन चार चेप्टर पर पब्लिशर्स को सबसे ज्यादा भरोसा है वह-अमिताभ, अंबानी, मुलायम और सहाराश्री पर केंद्रित है।
Posted on 03 August 2014 by admin
मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले की आंच फिर से भभकने वाली है, वैसे भी यह मामला दिल्ली के निजाम के माकूल है, सूत्र बताते हैं कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंप सकती है ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके, वैसे भी जब केंद्र में यूपीए-2 की सरकार थी तो आईबी इस मामले में कुछ अतिरिक्त दिलचस्पी ले रही थी, आईबी प्रमुख आसिफ इब्राहिम को दिग्गी राजा का करीबी माना जाता है, आसिफ इब्राहिम का वैसे भी ‘कांग्रेस कनेक्शन’ काफी पुराना है, वे दिवंगत माधव राव सिंधिया के अतीत में पीएस भी रह चुके थे। जाहिर सी बात है कि दिग्गी राजा की शिवराज व सुरेश(सोनी)में खास दिलचस्पी थी, सो वे चाहते थे कि यह मामला तूल पकड़े, ऐसा हुआ भी, पर जरा देखिए तो इस मामले की असल में मलाई कौन खा रहा है? क्या शहंशाह?
Posted on 03 August 2014 by admin
कयासों के बाजार गर्म है कि संसद के मौजूदा सत्र की समाप्ति के बाद यानी 14 अगस्त के बाद मोदी मंत्रिमंडल का चिर प्रतीक्षित विस्तार हो सकता है। कोई दर्जन भर नए मंत्री मोदी सरकार की शोभा बढ़ा सकते हैं। सवाल बड़ा है कि क्या इस बार नेता पुत्र-पुत्रियों के नाम लॉटरी लगेगी? जैसे वसुंधरा पुत्र दुष्यंत ने तो अपनी मां को अल्टीमेटम दे रखा है कि अगर वो इस दफे उन्हें मंत्री नहीं बनवा पाईं तो वे रूठ कर अपने लंदन वाले फ्लैट में रहने को चले जाएंगे। यशवंत सिन्हा के ‘फॉरेन रिटर्न’ पुत्र जयंत सिन्हा का दावा वित्त राज्य मंत्री की कुर्सी पर है, वे अरुण जेतली की भी पसंद बताए जा रहे हैं। समझा जाता है कि जयंत ने अपने पार्टी जनों को आश्वस्त किया है कि अगर उन्हें केंद्र में मंत्री बना दिया जाता है तो उनके पिता झारखंड की राजनीति से संन्यास ले लेंगे, डील बुरा नहीं है।
Posted on 03 August 2014 by admin
नार्थ ईस्ट एमपी फोरम ने पीए संगमा के रूप में अपना नया अध्यक्ष चुन लिया है, इस 30 जुलाई को संगमा के नई दिल्ली स्थित उनके औरंगजेब रोड सरकारी निवास पर उत्तर पूर्व के सांसदों के लिए एक रात्रि भोज का आयोजन किया गया। केंद्रीय मंत्री किरण रिजुजु, सोनोवाल समेत नार्थ ईस्ट के कोई 26 एमपी इस डिनर में शरीक हुए, सनद रहे कि राज्यसभा व लोकसभा सांसदों को मिलाकर नार्थ ईस्ट के कोई 40 एमपी इस फोरम के सदस्य हैं। संगमा के खास मित्रों में शुमार होने वाले केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल वी.के.सिंह भी इस भोज में खास तौर पर शामिल हुए, मिसेज संगमा यानी सोराडीनी संगमा ने अपने हाथों से नार्थ ईस्ट के कुछ खास मांसाहारी व्यंजनों को तैयार किया था। इस डिनर में यह तय हुआ कि नार्थ ईस्ट के लोग अपना फुड व कल्चर देश के हर प्रांत में लेकर जाएंगे। और देश के अन्य हिस्सों में रहने वाले लोगों को नार्थ ईस्ट देखने के लिए आमंत्रित करेंगे। स्वयं संगमा ने इस मौके पर एक ‘प्रेजेंटेशन’ दिया और बताया कि विभिन्न मंत्रालयों के बजट में से उसका 10 फीसदी हिस्सा कैसे उत्तर पूर्वी राज्यों पर खर्च हो। यानी मोदी पर दबाव बनाने की पूरी तैयारी है।
Posted on 03 August 2014 by admin
संभवत:यह केंद्र की पहली ऐसी सरकार है जहां मंत्रियों के ऊपर बाबुओं का खौफ हावी है, कई मंत्रालयों के सचिव तो अपने मंत्रियों से ऐसे पेश आ रहे हैं जैसे वे मोदी के जासूस हों और उनका काम ही मंत्रियों पर नार रखने का हो। कई सचिव तो अहम फाईलों को संबंधित मंत्रियों के पास भेजना भी जरूरी नहीं समझते, कई अपने मंत्रियों की फाईल पर प्रतिकूल टिप्पणियां करते नार आ रहे हैं। एक वरिष्ठ मंत्री जब प्रधानमंत्री के समक्ष पंचवटी में प्रेजेंटेशन देने पहुंचे तो यह देखकर हैरान रह गए कि उनके पीएस ने उनके द्वारा स्वीकृत पूरा प्रेजेंटेशन ही बदल दिया है, कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह जब अपने विभागीय सचिव की शिकायत लेकर पीएम के पास पहुंचे तो मोदी ने उन्हें ब्यूरोक्रेसी के साथ सामजस्य बिठाने और उन्हें साथ लेकर चलने की सलाह दे डाली, क्या दाल में कुछ काला है?
Posted on 03 August 2014 by admin
मोदी कैबिनेट के मंत्रियों सावधान! प्रधानमंत्री की नार आप पर हर शै है, अब पिछले दिनों की ही बात ले लीजिए उत्साही व यंग प्रकाश जावड़ेकर टाईट जींस और भड़कीली टी-शर्ट पहने अभी दिल्ली के इंदिरा गांधी एयरपोर्ट के अंदर दाखिल हुए थे कि उनके मोबाइल फोन की घंटी बज उठी, सूत्र बताते हैं कि फोन के दूसरी ओर मोदी थे, सीधा, प्रत्यंचा सा तना सवाल-‘आप मुंबई पर्सनल काम से जा रहे हैं या फिर पार्टी के काम से?’ ‘जी, पार्टी के काम से’ बमुश्किल जवाब दे पाए जावड़ेकर, तो फिर ‘वस्त्र की गरिमा का ध्यान भी रखा जाए।’ कुछ देर बाद वही प्रकाश जावड़ेकर, उसी एयरपोर्ट परर् कुत्ता-पाजामा में नजर आए, भले ही उन्होंने अपनी वह फ्लाइट मिस कर दी, पर अपने प्रधानमंत्री की हिदायत को ‘मिस’ करने का जोखिम वे उठा नहीं पाए।