Posted on 05 June 2016 by admin
एक हाई प्रोफाइल ‘लीगल फिक्सर‘ जो नई दिल्ली के पॉश डिफेंस कॉलोनी इलाके में रहते हैं, वे अपना परिवार छोड़ कर जिस महिला के साथ ‘लिव-इन’में रह रहे हैं, उस महिला के भी दो बच्चे हैं। इस व्यक्ति और इनकी ‘लिव-इन पार्टनर’ के दिल्ली के कई बड़े नेताओं व कानूनी आकाओं से गहरे नजदीकी रिश्ते हैं। ईडी पिछले तीन महीनों से इस जोड़े पर कड़ी निगाहें रख रहा था। ईडी ने जब मौजूद सबूतों, फोन डिटेल्स व अन्य जानकारियों को खंगाला तो पता चला कि इस महिला के भाजपा के एक अल्पसंख्यक नेता से गहरे नजदीकी रिश्ते हैं, इन दोनों के फोन रिकार्ड में जांच एजेंसियों को कई हैरान- परेशान करने वाले खुलासे मिले हैं। सूत्र बताते हैं कि ईडी भाजपा नेता और इस हसीन महिला के अंतरंग रिश्तों की दास्तां खंगालने में जुटा है, अगर सर्वशक्तिमान ने चाहा तो भाजपा की अंदरूनी सियासत में एक बड़ा भूचाल आ सकता है।
Posted on 05 June 2016 by admin
संजय भंडारी मामले में भाजपा नेता सिद्धार्थनाथ सिंह की परेशानियां बढ़ सकती हैं, सूत्र बताते हैं कि ईडी के पास उपलब्ध दस्तावेजों में भंडारी व सिंह के पुराने रिश्तों की कहानी सामने आ रही है, यह भी कहा जा रहा है कि कालांतर में सिद्धार्थनाथ भंडारी की हर घरेलू पार्टी व समारोहों में शिरकत करता रहा है और सिंह की सियासी यात्रा में खाद-पानी डालने का भी काम किया है। सूत्रों के मुताबिक सिंह ने भंडारी को भाजपा के तीन दिग्गज नेताओं से मिलवाया था, बदले में भंडारी ने पार्टी की मदद करने की बात कही थी। ईडी के पास मौजूद रिकार्डिंग में सिंह और भंडारी की कई बातचीत दर्ज बताई जाती है, जिससे आने वाले दिनों में कोई बड़ा सियासी हंगामा खड़ा हो सकता है।
Posted on 05 June 2016 by admin
34 वर्षों तक पश्चिम बंगाल में शासन करने वाली माकपा इस दफे जब सीताराम येचुरी के नेतृत्व में मात्र 22 सीटों पर सिमट आई तो फिर लाल पार्टी में घमासान मचना ही था। नाराज़ प्रकाश करात को मनाने का जिम्मा फिर येचुरी ने ही संभाला, करात के एक खास व्यक्ति से उन्होंने बात की और फिर तय हुआ कि नई दिल्ली के ए के गोपालन भवन में दोनों नेता चार बजे ‘वन टू वन’ बैठ कर गिले- शिकवे दूर कल लें। येचुरी नियत वक्त पर पहुंच गए, जब छह बजे तक करात का कोई अता-पता नहीं चल पाया, तो फिर उन्होंने करात को फोन मिलाया। करात ने अफसोस जाहिर करते हुए येचुरी से कहा कि ‘घर पर कार्यकर्त्ता आ गए थे, सो वे चाह कर भी बाहर निकल नहीं पाए।’ सो क्यों नहीं वे पोलित ब्यूरो के सदस्य कॉमरेड बालकृष्ण पिल्लै से बात कर लेते हैं?
Posted on 05 June 2016 by admin
प्रकाश करात की बातों को शिरोधार्य करते हुए येचुरी ने बालकृष्ण पिल्लै को फोन लगाया, सूत्र बताते हैं कि पिल्लै की ओर से उन्हें ताकीद दी गई कि बेहतर होगा कि आप अभी अपना पद छोड़ दें नहीं तो पोलित ब्यूरो की अगली मीटिंग में उनका इस्तीफा मांगा जाएगा। कहते हैं कि येचुरी को इस बात की भनक पहले से थी कि करात गुट उनकी जगह वृंदा करात को अगला महासचिव बनाना चाहता है। सो, येचुरी ने भी साफ कर दिया कि वे कम से कम वृंदा के लिए कुर्सी नहीं छोड़ेंगे, पार्टी चाहे तो किसी तटस्थ व्यक्ति को अपना लीडर चुन सकती है। येचुरी ने कहा कि ये पहली बार नहीं है कि पार्टी की चुनावों में बुरी हार हुई है, हरकिशन सिंह सुरजीत के जमाने में भी पार्टी को कई पराजयों का मुंह देखना पड़ा था। सूत्र बताते हैं कि येचुरी ने एक बड़ा नैतिक निर्णय लिया है कि जब उनकी राज्यसभा की मियाद पूरी हो जाएगी तो वे दोबारा ऊपरी सदन में नहीं आएंगे, बस पार्टी के लिए काम करेंगे।
Posted on 05 June 2016 by admin
यूपी की बदलती फिजां से कांग्रेस के कद्दावर नेता कपिल सिब्बल पानी-पानी हैं, वे उस दिन को कोस रहे हैं जब कांग्रेस के एक बड़े रणनीतिकार के समझाने पर वे उत्तराखंड के बजाए यूपी आने को तैयार हो गए, क्योंकि उत्तराखंड में हरीश रावत की जि़द थी कि किसी लोकल नेता को ही यहां से राज्यसभा में भेजा जाए। सो प्रदीप टम्टा का नंबर लग गया, चूंकि टम्टा जाति से दलित हैं, सो इस बात को रावत आगामी विधानसभा चुनाव में भुनाना भी चाहते हैं। कांग्रेस ने सपा के भरोसे कपिल को यूपी भेजा, लेकिन अब सूत्र बताते हैं कि स्वयं सपा सुप्रीमो मुलायम भी पलटी मार गए हैं, नेताजी का कहना है कि जब सिब्बल पॉवर में थे तो उन्होंने अदालती मामलों में मुलायम की दिल से मदद नहीं की। वहीं मुख्तार अंसारी जैसे लोग खुल कर सिब्बल के समर्थन में आ गए हैं, सिब्बल की आशा अजीत सिंह के 9 वोटों पर भी टिकी है, वे दिन में कई-कई बार अजीत से बतिया और रिरिया रहे हैं, पर समझा जाता है कि अजीत ने भी अजीब सी शर्त्त रख दी कि अगर सपा विधायक सिब्बल का समर्थन करेंगे तो उनके विधायक भी सिब्बल के साथ जाएंगे।
Posted on 05 June 2016 by admin
क्या यह सिब्बल के बड़बोलेपन की सजा है जो जुमले उन्होंने अपने मंत्रित्वकाल में नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल किए थे? भाजपा ने सिब्बल को इस राज्यसभा चुनाव में पूरी तरह से घेर दिया है। खबर गर्म है कि प्रीति महापात्रा पिछले हफ्ते दिल्ली में पीएम से मिलीं और मोदी की ओर से उन्हें भरपूर सहयोग का वादा हुआ है। प्रीति के पति हरिहर महापात्रा ओडिशा के रहने वाले हैं और मुंबई के एक बड़े बिल्डर हैं। वहीं प्रीति के ताल्लुकात गुजरात से है, प्रीति एक चैरिटेबल संस्था ‘कृष्णलीला फाउंडेशन’की संस्थापक और मैनेजिंग ट्रस्टी हैं। इसके अलावा वह एक गैर सरकारी संस्था ‘नरेंद्र मोदी विचार मंच’की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। हरिहर महापात्रा के पिता एक जमाने में राजीव गांधी के ओएसडी भी रह चुके हैं, इस नाते भी उनका सियासी रसूख काफी पुराना है। प्रीति ने लखनऊ के ताज होटल में अपना डेरा डंडा जमाया हुआ है, अकेले भाजपा के पास 17 सीटें एक्स्ट्रा है, सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस के 28 में से भी 9 लोग टूट चुके हैं, प्रीति लगातार गेम में बनी हुई हैं, उन्होंने अपने बक्से का मुंह भी खोला हुआ है, सिब्बल को भी बक्से के खेल में कोई परेशानी नहीं है, वे एक मजबूत खिलाड़ी है, पर उनको हराने के लिए पूरी भाजपा एकजुट हो गई है।
Posted on 23 May 2016 by admin
5 राज्यों के चुनावी नतीजों से भाजपा बम-बम है। पूर्वोत्तर में पहली बार भगवा झंडा लहराया है, असम में पहली दफे शायद खुल कर मुस्लिम मतदाताओं ने भाजपा के पक्ष में वोटिंग की है (कोई 17 प्रतिशत), पश्चिम बंगाल में 11 फीसदी वोट शेयर के साथ, भाजपा को कांग्रेस से मात्र 1 फीसदी कम वोट हासिल हुए हैं, केरल जैसे प्रांत में भाजपा का वोट शेयर 14 फीसदी हो गया है, यह एक बड़ी बात है। असम की जीत से भाजपा ने क्या सीखा? जैसा राजनाथ सिंह जैसे नेता पार्टी मंच पर बोलते नज़र आए कि ‘असम में हमने एक साफ-सुथरा चेहरा दिया और वहां के लोगों ने हमें सरकार बनाने की ताकत दी।’दो कदम आगे बढ़ कर राजनाथ ने मोदी- शाह द्वय को यह भी समझाना चाहा कि पार्टी को असम का प्रयोग ही यूपी में दोहराना होगा। वहां भी पार्टी को चुनाव में किसी मुख्यमंत्री पद के चेहरे पर दांव लगाना होगा। पर असम में दांव तो मोदी ने भी लगाया था, अंदरखाने की ख़बर है कि बिहार की हार से सबक लेकर मोदी ने चुनावी रणनीति बुनने का जिम्मा शाह से लेकर राम माधव को दे दिया था, और राम माधव के खास रजत सेठी ने महीनों पूर्व गुवाहाटी में तीन कमरों का एक किराए का फ्लैट लेकर वहां काम करना शुरू कर दिया था, सिर्फ मतदाताओं के बारे में सम्यक जानकारी जुटाने के लिए सेठी ने अपने गुवाहाटी वाले वॉर रूम में 400 युवाओं की एक साइबर फौज इक्ट्ठी कर रखी थी। यह सेठी ही थे जिनके कहने पर नरेंद्र मोदी ने अपनी चुनावी सभाओं में कांग्रेस के निवर्त्तमान मुख्यमंत्री तरूण गोगोई पर कोई सीधा हमला नहीं बोला। असम के नतीजों के बाद राम माधव की पार्टी व मोदी दरबार में पूछ और बढ़ने वाली है, आप उन्हें यूपी चुनाव के नए रणनीतिकार के तौर पर भी देख सकते हैं।
Posted on 23 May 2016 by admin
पिछली दो-तीन कैबिनेट मीटिंग से केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान गैर हाजि़र रह रहे थे और उनके बारे में कयासों के दौर गर्म थे कि मंत्रिमंडल के अगले फेरबदल में उनकी छुट्टी हो सकती है। पर इस दफे जब राम विलास कैबिनेट की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे तो प्रधानमंत्री ने उनकी दिल खोल कर तारीफ कर डाली, पीएम ने कहा कि राम विलास जी हमारे सबसे वरिष्टतम मंत्रियों में से एक हैं। ये सचमुच अजातशत्रु हैं, जिनका कोई शत्रु नहीं है, क्योंकि इनसे कोई नाराज़ हो ही नहीं सकता। कैबिनेट की बैठक से बाहर निकल कर बिहार के ही एक कैबिनेट मंत्री ने अपने मंहलगे पत्रकारों को टिप्स दिए-‘ अजातशत्रु का मतलब समझे? कि इनका किसी भी दल में कोई दुश्मन नहीं है, ये कहीं भी जा सकते हैं। सो यह प्रशंसा नहीं, प्रधानमंत्री जी ने अपने अंदाज में इनकी खिंचाई की है।’ दरअसल राम विलास ने अपने मंत्रालय के सचिव से कोई फाइल आगे बढ़ाने को कहा था, सूत्र बताते हैं कि इस पर उनके सचिव ने उन्हें ताकीद की कि इस बाबत वे पहले नृपेंद्र मिश्र से मिल कर बात कर लें, इस पर पासवान जी बिदक गए, बोले-‘मैं पांच टर्म मंत्री रह चुका हूं, मेरा किसी से मिलने में कोई इंटरेस्ट नहीं, मुझसे जिनको मिलना है, वे मेरे घर या दफ्तर आ जाएं।’ कहते हैं इस बात की जानकारी पीएम को दे दी गई थी, जिन्होंने इस पूरे मामले को अपने अंदाज में निबटा दिया।
Posted on 23 May 2016 by admin
लंदन के एक प्रमुख अखबार के दिल्ली ब्यूरो प्रमुख जिन्हें पिछले दिनों राहुल गांधी से मिलने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। पहली नज़र में राहुल उन्हें शांत स्वभाव के बेहतरीन इंसान नज़र आए, जिन्होंने इस राजनैतिक संवाददाता से सिवा राजनीति के हर मुद्दे पर बड़ी बेतकल्तुफी से बात की। जैसे कि यूरोपियन फुटबॉल लीग में एक अनजाने से लायकेस्टर क्लब ने कैसे मैनचेस्टर इलेवन को पटखनी दे दी? राहुल को इन इंग्लिश क्लबों का सारा इतिहास-भूगोल मालूम था, उन्होंने यह बताने में भी गुरेज नहीं किया कि लंदन में अपनी पढ़ाई के दिनों में वे इन क्लब मैचों के दीवाने थे। राहुल ने भारत में फुटबॉल, क्लब और इसकी राजनीति को लेकर भी अपने बेबाक विचार प्रकट किए। इसके बाद बारी आई राजनीति की, तो यह विदेशी संवाददाता जानना चाहता था कि हालिया दिनों में जिस तरह से कांग्रेस का ग्राफ बेतरह गिरा है और वह मात्र भारत के कुछ राज्यों में ही सिमट कर रह गई है, उसको दोबारा जिंदा करने के लिए राहुल के पास क्या रोड मैप है, पार्लियामेंट व सड़कों पर कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर वे कितने आषावान हैं? तो राहुल का दिल उचाट हो गया, उन्होंने उठते हुए कहा-‘आज के लिए बस इतना ही, आगे फिर कभी बात होगी।’
Posted on 23 May 2016 by admin
हथियारों के कारोबार से जुड़े दिल्ली के एक व्यापारी पर पिछले दिनों इंकम टैक्स की बड़ी रेड पड़ी है, इन्हें जल्द गिरफ्तार करने की भी तैयारी है। इस कारोबारी के जब फोन डिटेल्स को खंगाला गया तो गांधी परिवार के एक नजदीकी रिश्तेदार से इनके बेहद करीबी रिश्ते पाए गए, इसके अलावा भाजपा के एक मुख्यमंत्री के सांसद पुत्र के भी इन्हें बेहद करीब पाया गया, इनके साथ वे न सिर्फ पार्टियां करते थे, बल्कि नियमित तौर पर गोल्फ खेलने भी जाया करते थे। चूंकि यह मामला संवेनदनशील था और यह केंद्र सरकार की छवि पर दाग लगा सकता था, चुनांचे इसे हैंडिल करने का जिम्मा मोदी ने अमित शाह को सौंपा और शाह ने अपने एक खास सिपहसालार भूपेंद्र यादव की मदद की उक्त मुख्यमंत्री को फोन लगाया और उन्हें दो टूक लहज़े में चेतावनी दे डाली कि ‘आप अपने पुत्र को तुरंत सचेत कर दें, वह गलत मामले में फंस सकता है।’ इसके फौरन बाद उस मुख्यमंत्री ने अपने पुत्र की जम कर क्लास ली है।