Posted on 05 January 2014 by admin
सोशल मीडिया में नमो के मुकाबले राहुल को चमकाने की कांग्रेसी कवायद जोरों पर है। दीपेंद्र हुड्डïा के नेतृत्व में काम करने वाले गुरूद्वारा रकाबगंज रोड स्थित कांग्रेस के वॉर रूम में नई भत्तियों का दौर जारी है, अभी हालिया दिनों में डेढ़ सौ से ज्यादा लोगों की भत्र्ती वॉर रूम में की गई है, जिनमें से ज्यादातर लोगों को सोशल मीडिया की देख रेख में लगाया गया है, सनद रहे कि भाजपा के वॉर रूम में भी 100 से ज्यादा लोग सोशल मीडिया की जिम्मेदारियों को संभालते हैं। जो वेब टूल के बहुआयामी इंटरनेट विद्याओं जैसे टिï्वटर, फेसबुक, हैंगआउट, गुगल प्लस, यू टï्युब, पोडकास्ट को हेंडल करते हैं। रही बात चुनाव प्रचार की रणनीतियां बुनने की तो इस मामले में राहुल मोदी की तुलना में कहीं ढ़ीले पड़ गए हैं, चुनांचे कैंपेन को लेकर पिछले चार महीनों से कोई मीटिंग नहीं हुई है, कैंपेन कमिटी में शामिल नेताओं को दरकिनार करते चुनाव प्रचार से जुड़े तमाम अहम फैसले जयराम रमेश, सुमन दुबे और कनिष्क सिंह ले लेते हैं। कनिष्क व राहुल की सोच इस बारे में एक जैसी है कि चुनाव प्रचार को अंजाम देने का काम विज्ञापन व परसेप्शन मैनेजमेंट कंपनियां कहीं ज्यादा अच्छी तरह से कर सकती है, राहुल इस मामले में ओबामा और आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार के तरीकों के कायल हैं।
Posted on 28 December 2013 by admin
क्या मोदी का जादू उतर रहा है? अभी पिछले दिनों एक प्रमुख सर्वेक्षण एजेंसी ने आधे दर्जन राज्यों का जनमत सर्वेक्षण करवाया है, उसके नतीजे चौंकाने वाले हैं, बिहार में जहां पहले भाजपा की क्लीन स्वीप मानी जा रही थी, आज की तारीख में वह महज 12-14 लोकसभा सीटों तक ही सिमट आई है, बिहार में लालू, कांग्रेस, रामविलास व तारिक का गठबंधन सबसे ज्यादा सीटें बटोरता नजर आ रहा है और यह आंकड़ा तकरीबन दो दर्जन सीटों के आसपास है। नीतीश की जद(यू)को महज 3 सीटें मिलने की बात कही गई है। झारखंड में भी भाजपा के लिए अपनी वर्तमान सीटों को बचाए रखना मुश्किल साबित हो रहा है, वहां वह 4 सीटों तक सिमट सकती है। दिल्ली में 7 में से 5 सीटों पर ‘आप’ ने बढ़त बनाई हुई है, हरियाणा में भी कांग्रेस और ‘आप’ के बीच सीधा मुकाबला दिख रहा है, अकेले मुंबई की सीटों पर ‘आप’ का वोट शेयर 17 प्रतिशत तक पहुंच गया है, आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है, यानी नरेंद्र मोदी के इरादों के पांव और सपनों की डोंगी की पतवार फिलवक्त केजरीवाल के कब्जे में है।
Posted on 28 December 2013 by admin
नाराज रामविलास पासवान को मनाने में लालू को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। दरअसल रामविलास राजद नेता रघुवंश प्रसाद सिंह के उस बयान से बेतरह उखड़ गए जिसमें उन्होंने रामविलास की लोक जनशक्ति पार्टी को ज़ीरो करार दिया था। सीटों की तालमेल को लेकर राजद व लोक जनशक्ति पार्टी में पहले से घमासान चल रहा था, दरअसल 2009 के लोकसभा चुनाव में लालू ने पासवान की पार्टी को बिहार में 12 सीटें दी थी, इस दफे भी पासवान उतनी ही सीटें चाहते हैं, जबकि लालू मंडली पासवान को महज 4-6 सीटें ऑफर कर रही है, इस तर्क के साथ कि लोक जनशक्ति के पास लडऩे के लिए उम्मीदवार कहां हैं? दरअसल इस बार कांग्रेस व एनसीपी भी लालू-पासवान के गठबंधन में शामिल हैं। बात जब बिगडऩे लगी और जद(यू) के कुछ नेता पासवान के घर के चक्कर लगाने लगे तो लालू फौरन हरकत में आए और उन्होंने अब्दुलबारी सिद्घिकी को रामविलास पासवान के घर भेजा, अब्दुलबारी ने वहां से पासवान की बातचीत लालू से करवाई, लालू ने मनुहार भरे अंदाज में पासवान से कहा-‘हम पुराने मित्र हैं, मुश्किल भरे दिनों में भी मिलकर साथ चुनाव लड़ा है, अब कि बार हमारे लिए बहुत संभावनाएं हैं, मिलकर लड़ेंगे तो सबको पछाड़ देंगे।’ पासवान पिघल गए हैं, बस उन्हें लालू के सांचे में ढलना बाकी है।
Posted on 28 December 2013 by admin
धैर्य से बांचो इन्हें, दूर से आए हैं, भीड़ में रास्ता बनाते, टीम केजरीवाल के लिए दिल्ली का ताज कांटों का ताज साबित हो सकता है। केजरीवाल के इरादे नेक हैं और मंशाएं शफ्फाक फिर से उनके लिए सिस्टम की सफाई आसान नहीं होगी। सवाल उठता है कि उनका यह दावा कैसे परवान चढ़ेगा कि पिछली सरकार के भ्रष्टïाचार की जांच होगी, केजरीवाल के पास न तो सीबीआई है न दिल्ली पुलिस। वे पूरी तरह एंटी करप्शन ब्यूरो पर निर्भर रहेंगे जिसका मुखिया दिल्ली का एडिशनल पुलिस कमिश्नर होता है और जाहिरा तौर पर दिल्ली पुलिस केंद्र सरकार के अधीनस्थ है। यानी उन्हें ले-देकर लोकायुक्त का सहारा रहेगा, लोकायुक्त जो निष्कर्ष लेकर सामने आएगा मुख्यमंत्री केजरीवाल उसमें इंक्यारी और जोड़ सकते हैं।
Posted on 22 December 2013 by admin
राजनाथ सिंह के आवास पर जब भाजपा महामंत्रियों की बैठक आहूत थी तो आम आदमी पार्टी को लेकर अनंत कुमार ने बैठक में मौजूद हर व्यक्ति का ध्यान अपनी ओर खींचा और खुलकर कहा कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में तमाम पूर्व चेतावनियों के बावजूद भाजपा ने आप को गंभीरता से नहीं लिया, जिसका नतीजा अब सबके सामने है, यही गलती अब भाजपा आने वाले लोकसभा चुनावों में भी दुहराना चाहती है, अनंत का कहना था कि ‘आप’ चाहे अपने लिए लोकसभा सीट न जीत पाए पर भाजपा का खेल बिगाडऩे का माद्दा तो वह रखती ही है, अकेले बंगलुरू की अलग-अलग सीटों पर पार्टी को 1 से सवा लाख वोट मिल सकते हैं, इसमें से 75 फीसदी वोट भाजपा का कटेगा, अगर देश भर में यही रवैया रहा तो ‘आप’ भाजपा को 40 लोकसभा सीटों पर हरवा सकती है।
Posted on 22 December 2013 by admin
भूगोल-इतिहास की अपनी कारा से मुक्त अमरीका का दंभ उसकी अस्मिता से भी कहीं ज्यादा बड़ा है। अमरीकी दादागिरी की शिकार देवयानी खोबरागड़े इसकी कोई अकेली मिसाल नहीं है, इससे पहले भी अमरीका ने 5 विभिन्न भारतीय राजनयिकों पर केस दर्ज कर रखे हैं, एक तो किसी तरह भागकर भारत आ गए पर अमरीका ने उन पर इंटरपोल का ‘लुक आउट’ नोटिस जारी करवा दिया। देवयानी को भी राहत तभी मिलेगी जब उन्हें प्रेसिडेंट से माफी मिल जाए, नहीं तो अमरीका नामधारी देश अपने कानून को सबसे ऊपर रखता है। वैसे भी देवयानी मामले को तूल देने में संगीता रिचर्ड के माता-पिता का खासा हाथ है जो नई दिल्ली स्थित अमरीकी दूतावास में काम करते हैं, इनकी शिकायत के बाद ही अमरीकी प्रशासन ने देवयानी की मेड मामले में जांच शुरू की तो पाया कि भारत सरकार द्वारा मेड को वेतन के तौर पर सिर्फ 7 हजार रुपए की रकम ही प्रस्तावित है जो अमरीकी नियमों के हिसाब से बहुत कम है। सो एक सुनियोजित तरीके से अमरीकियों ने सबसे पहले संगीता के पति और उसके बच्चों को अमरीकी वीज़ा से उपकृत कर न्यूयॉर्क पहुंचाया और उनके न्यूयॉर्क पहुंचने के एक सप्ताह बाद देवयानी पर कार्यवाही की गई।
Posted on 22 December 2013 by admin
सभी राजनैतिक दल एक मत और एक स्वर से संसद में लोकपाल बिल को लाने की सहमति बनाने में जुटे थे वहीं कहीं सपा और उसके सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव कुछ और ही खटराग अलाप रहे थे। सबसे दिलचस्प तो यह कि सदन में मुलायम बार-बार अपने भाषण में यह दुहराते सुने गए कि लोकपाल के आने से पिछले कई सालों के मामले भी खुल जाएंगे। आखिर वह कौन सा डर है जो नेताजी को बार-बार सता रहा है? सूत्रों की माने तो जब मुलायम सिंह केंद्रीय रक्षा मंत्री थे तो सुखोई विमानों की खरीद का मसला उछला था और ये आरोप-प्रत्यारोप भी उछाले गए थे कि इन सौदों में 700 करोड़ की दलाली दी गई है।
Posted on 22 December 2013 by admin
परसेप्शन मैंनेजमेंट की एक विदेशी कंपनी ‘आईपैन’ ने राहुल गांधी की नई ब्रांडिंग का जिम्मा संभाल लिया है। इस कंपनी को राहुल की इमेज मेकिंग के लिए कितना पैसा दिया जा रहा है, इसका खुलासा नहीं हो पाया है पर इस कंपनी के लोगों ने सबसे पहले वरिष्ठï स्तंभकारों से संपर्क साधा है और उनसे राहुल के बारे में कुछ पॉजिटिव लिखने का अनुरोध किया है। इस कंपनी के अभियान का फौरी असर दिखने लगा है लोकसभा बिल को लेकर राहुल की सकारात्मक छवि सामने आई है। इसके अलावा जाट आरक्षण, व्हिसल ब्लोअर बिल तथा तेलंगाना मुद्दे पर राहुल की भूमिका व उनकी सक्रियता को नए सिरे से परिभाषित करने की चेष्टïा हो रही है। अब बदले परिदृश्य में राहुल को ‘लीडर अगेंस्ट करप्शन’ के तौर पर प्रोजेक्ट किया जा रहा है।
Posted on 22 December 2013 by admin
तरुण तेजपाल के नाम पर भले ही आदिम जाति के इतिहास को ठंडा पसीना आ रहा हो पर एक वक्त था जब वे कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के खासे लाडले हुआ करते थे। शायद यही वजह थी कि सोनिया ने तेजपाल को प्रसार भारती के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स (निदेशक मंडल) में रखवाने के लिए प्रधानमंत्री को सिफारिशी पत्र भी लिखा था, पर प्रसार भारती की गाइड लाईंस के मुताबिक किसी को भी इसके बोर्ड का डायरेक्टर तभी बनाया जा सकता है जब वह पहले से बोर्ड का मेंबर हो। इस नाते तेजपाल को बेहद तेजी दिखाते हुए प्रसार भारती बोर्ड का मेंबर नियुक्त कर दिया गया था और बोर्ड ने उतनी ही तेजी से तेजपाल की बहन नीना शर्मा तेजपाल के उस प्रस्ताव को हरी झंडी भी दे दी थी, जिसमें हिंदी सिनेमा के सौ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक कार्यक्रम का निर्माण करना था, 49 एपिसोड की तो तुरंत मंजूरी भी मिल गई थी और मेहरबानी का आलम यह था कि तेजपाल की कंपनी को प्रसार भारती की लाईब्रेरी से सिनेमा के मुफ्त फुटेज लेने की अनुमति भी दे दी गई थी। पर जैसे ही अपनी सहकर्मी के यौन शोषण मामले में तेजपाल शर्मसार हुए, प्रसार भारती ने उतनी ही तेजी दिखाते हुए तेजपाल की कंपनी को आबंटित कार्यक्रम रद्द कर दिए। सोनिया की तेजपाल से पहचान भी अब दूर की कौड़ी हो गई है, तेजपाल के करीबी कांग्रेसी मंत्री भी अब उनसे पल्ला झाड़ते नजर आ रहे हैं।
Posted on 14 December 2013 by admin
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की धर्मपत्नी साधना सिंह बुधनी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ सकती हैं, सनद रहे कि शिवराज इस बार विदिशा व बुधनी दोनों ही सीटों से विजयी रहे हैं। सो वे बुधनी सीट अपनी पत्नी के लिए छोड़ने की सोच रहे हैं, यानी अब बुधनी में भाभी जी का सिक्का चलेगा।