Posted on 05 July 2015 by admin
आईपीएल के खेल में यह खेल जितना मैदान में खेला जाता है उतना ही मैदान से बाहर भी। ललित मोदी जब आईपीएल कमिश्नर पद से हटाए गए, इसको लेकर उनकी और श्रीनिवासन में बेतरह ठन गई, श्रीनिवासन से जुड़े एक भरोसेमंद सूत्र का दावा है कि ललित मोदी ने श्रीनिवासन और अरुण जेटली के ई-मेल अकाऊंट हैक करने के लिए एक इस्रायली एजेंसी की मदद ली और कथित तौर पर इस मद में कोई 16 करोड़ रुपयों का भुगतान किया। पर श्रीनिवासन ने भी उतनी ही शिद्दत से दुश्मनी निभाते हुए एक और इस्रायली एजेंसी की मदद ली, कहा जाता है कि इस मद में कोई एक मिलियन पाउंड का भुगतान हुआ। इसी एजेंसी ने कथित तौर पर ललित मोदी के ई-मेल अकाऊंट हैक कर कई ऐसे अहम दस्तावेज हासिल किए जो आज मीडिया में सुर्खियां बटोर रहे हैं और जिसके तार सुषमा व वसुंधरा से जुड़े हैं। सूत्र बताते हैं कि आईपीएल के प्रसारण अधिकार देने के नाम पर ललित मोदी का एक विदेशी चैनल के साथ करार हुआ था और कोई 450 करोड़ रुपयों की डील हुई थी, चैनल ने पहली किस्त के तौर 125 करोड़ रुपए ट्रांस्फर भी कर दिए थे, पर आज भी बीसीसीआई को उन पैसों का कोई हिसाब नहीं मिल रहा है। …अजगर सा अतीत कुंडली मारे बैठा है, भोर की पहली किरण फूटने को है बैचेन, पर अंधेरा उसी से टेक लगाए उंकडूं बैठा है।
Posted on 05 July 2015 by admin
सोनिया, राहुल और प्रियंका पिछले दिनों जब लंदन प्रवास पर थे, तो यहां से यह परिवार इटली के तूरिन इलाके में गया था, जहां सोनिया की मां रहती हैं, जो इन दिनों बीमार हैं, बताते हैं कि वे कैंसर से पीड़ित हैं और इन दिनों उनका स्वास्थ्य तेजी से बिगड़ रहा है। वैसे भी राहुल-प्रियंका की नानी अभी 92 वर्ष की है, पर जिंदगी को लेकर उनका जबा कमाल का है, 88 वर्ष की उम्र तक बकायदा वह साइकिल चलाती थीं और अपनी जरूरत के सामानों की खरीददारी करने वह साइकिल से ही बाजार चली जाया करती थीं, राहुल और प्रियंका अपनी नानी से गहरे जुड़े हुए हैं, राहुल तो अपनी नानी और मौसा से मिलने अक्सर इटली आया-जाया करते हैं।…तुमको हमसे इक नाम ही तो मिला था, तपते रिष्तों को तुमने एक उम्र दी है, इसे सहेजना और आगे बढ़ाना तुमने ही तो सिखाया है।
Posted on 05 July 2015 by admin
कोई पूछे तो भला कि इन दिनों गौतम अदानी कहां है? मुकेश अंबानी तो पिछले दिनों डिजिटल इंडिया वीक के कार्यक्रम में दिल्ली में दिख भी गए थे, वहीं गौतम अदानी अपने छोटे पुत्र और अपने एक अनिवासी भारतीय मित्र के साथ सड़क मार्ग से यूरोप के भ्रमण पर निकले हुए हैं। अदानी ने एक जुलाई को नीदरलैंड के एम्सटर्डम से अपनी यात्रा शुरू की है फिर यहां से वे स्टूटगार्ड, जिनिवा, पेरिस होते हुए 16 जुलाई तक यूरोप में ही बने रहेंगे। उनका 16 जुलाई को ही भारत लौटने का प्रोग्राम है। …पतझड़ में झड़ते पत्तों को कहां इल्म इस बात की, किस शाख से वे टूटे हैं और किस राह उन्हें जाना है।
Posted on 05 July 2015 by admin
ललित मोदी के ‘ट्ीवट वॉर’ से उनके कई दोस्तों और मददगारों ने भी अब उनसे कन्नी काटनी शुरू कर दी है। प्रिंस चार्ल्स से ललित मोदी की गहरी छनती थी, पर अब प्रिंस चार्ल्स को उनकी शक्ल देखना भी गवारा नहीं। भारतीय हाथियों के लिए फंड इक्कट्ठा करने का उपक्रम साधते प्रिंस ऑफ वेल्स और द् डचेज ऑफ कॉर्नवाल ने लंदन में ऑटो रिक्षा की सवारी गांठी। सनद रहे कि ये दोनों एलिफेंट फैमिली के वाइंट प्रेसिडेंट भी हैं। और इसी रॉयल रिक्शॉ रिसेप्शन के मौके पर मंगलवार, 30 जून को लेंककेस्टर हाउस में लंदन में रह रहे प्रमुख अनिवासी भारतीयों को न्यौता भेजा गया था, सूत्र बताते हैं कि पहले इस लिस्ट में ललित मोदी का नाम भी शामिल था, पर बाद में प्रिंस के कहने पर उनका नाम आमंत्रितों की सूची में से काट दिया गया। क्योंकि सियासत की तासीर बर्फ सी ठंडी है, जो आग से खेलता है, वह भी बर्फ हो जाता है।
Posted on 05 July 2015 by admin
अपनी जाति के बाहुबली नेता अनंत कुमार सिंह के जेल जाने से बिहार की दबंग भूमिहार जाति नीतीश-लालू से नाराज है। मुमकिन है भूमिहारों का वोट इस चुनाव में जनता परिवार के साथ न जाकर भगवा रंग में रंग जाए, क्योंकि पिछले कुछ समय से प्रदेश भाजपा की राजनीति में नरेंद्र मोदी सी पी ठाकुर को महत्व बेतरह दे रहे हैं, उससे सजातीय भूमिहारों के हौंसले बुलंद है। ठाकुर ने अभी हालिया दिनों में नई दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्र कवि दिनकर को लेकर एक बड़े समारोह का आयोजन किया था, जिसमें स्वयं प्रधानमंत्री शामिल हुए थे। हालांकि इस समारोह से पहले कम ही लोगों को इस बात की जानकारी थी कि राष्ट्र कवि दिनकर की जाति क्या है? अब प्रधानमंत्री अगस्त के महीने में दिनकर के गांव में आयोजित एक समारोह में शामिल होने वाले हैं, ताकि भूमिहारों का दिल जीता जा सके और बिहार चुनाव में एकमुष्त उनके वोट हासिल किए जा सके।…. और बड़े होने के लिए किसी को छोटा बनाने की है ये जुगत सारी, हर बड़े के पांव खून से सने हैं और उनके हाथों में चमक रही है नंगी खंज़र।
Posted on 05 July 2015 by admin
अगर आग से खेलने में आग हो जाने की चुनौतियां समाहित हैं, तो मौजूदा षासन व्यवस्था में विपक्षी दलों को भी चटकती चिंगारियों में अपना दामन बचाने की बाजीगरी दिखानी होगी, नहीं तो मोदी सरकार ने कांग्रेसी युवराज पर जवाबी पलटवार के लिए रणनीतियां बुन ली हैं। कांग्रेस ने अपने चंद सहयोगी दलों के साथ मिल बैठकर तय कर लिया है कि 21 जुलाई से आहूत संसद के मानसून सत्र को वह तब तक चलने नहीं देगी जब तक सुशमा, स्मृति, वसुंधरा और पंकजा के इस्तीफे नहीं हो जाते। मोदी सरकार के कर्णधारों ने भी साफ कर दिया है कि महज़ मीडिया ट्राॅयल से इस्तीफे नहीं होंगे और सरकार विपक्ष के समक्ष हथियार डालने के बजाए हथियार उठा संघर्श का उद्घोश करना पसंद करेगी। सरकार ने भी कांग्रेस को घेरने की चाक-चैबंद व्यवस्था कर ली है, सरकार ने राहुल गांधी की तमाम विदेष यात्राओं के ब्यौरे जुटा लिए हैं, यात्रा के मद में खर्चों के हिसाब को खंगाल लिया गया है और वित्त मंत्रालय से जुड़ी एजेंसियां इससे जुड़े कानूनी प्रकल्पों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं। मुमकिन है कि आय कर विभाग इस बाबत राहुल गांधी को नोटिस सर्व करे, ईडी उन्हें पूछताछ के लिए अपने दफ्तर तलब करे, राबर्ट वाड्रा से जुड़े कई मुद्दों के खुलासे की भी तैयारी है, यानी संसद सत्र में कांग्रेस का सरकार पर वार होगा, तो सरकार भी उतनी ही मुस्तैदी से पलटवार करेगी।
Posted on 05 July 2015 by admin
जरूरी नहीं कि हर सुबह मुर्गे की बांग से हो, दबे पांव बिल्लियों की दबिष में सुबह की षाष्वतता तो कायम रहती है, पर मुर्गों की अस्मिता नहीं। लंदन के नाइट ब्रिज के कैडोजन स्क्वाॅयर स्थित ललित मोदी के उस तीन मंजिले बंगले में बड़े-बड़ों के कई राज दफ़्न हैं। सूत्र बताते हैं कि अगर ललित मोदी और ज्यादा घिरते हैं तो इसमें से कई राज से पर्दा उठ सकता है। इस इमारत के भूतल पर ललित मोदी ने अपना आॅफिस बनाया हुआ है, एक फ्लोर पर वे स्वयं रहते हैं, सबसे ऊपरी मंजिल पर वे अपने करीबी दोस्तों को ठहराते हैं, यदा कदा यहीं पर पार्टियां भी होती है। सूत्र बताते हैं कि इसके अलावा लंदन के बुल्गारी होटल में साल के 365 दिन ललित मोदी के नाम पर एक आलीषन सुइट बुक रहता है, जिसमें भारत से आने वाले मित्रों को वे ठहराते हैं, जिनमें से ज्यादातर राजनीतिज्ञ, बड़े अफसर व पत्रकार षामिल होते हैं। भारत से लंदन जाने वाले कई सांसदों, राजनेताओं व मंत्रियों को वे आर्थिक रूप से मदद भी करते हैं। पिछले दिनों यूपीए षासन काल के एक प्रभावषाली मंत्री ने अपने कुछ खास विष्वस्तों के समक्ष यह चिंता जताई कि उन्हें षक है कि उनके लंदन प्रवास के दौरान उनकी सीडी बना ली गई है और आने वाले दिनों में इस सीडी को सार्वजनिक किया जा सकता है। भाजपा के कुछ सांसद जो ललित मोदी की मेहमान नवाज़ी का लुत्फ उठा चुके हैं, वे इंकार करते हैं कि मोदी के लंदन स्थित बंगले में कहीं कोई कैमरा लगा है, इनका मानना है कि ललित मोदी तो दोस्तों के दोस्त हैं, जो भारत से लंदन आने वाले हर भारतीय के लिए उतने ही मददगार हैं।
Posted on 05 July 2015 by admin
एक, दो, तीन, चार…हर षै एक नया षिकार, आदिम काल से लेकर अब तक षिकार का यही खानाबदोष तरीका प्रचलन में है, कुछ बदला है तो बस हथियार और षिकार के तरीके, ललित मोदी के नए ट्वीट से हंगामा बरपा है कि ललित प्रियंका व राबर्ट से दो साल पहले लंदन एक रेस्तरां में मिले थे। यहां जिस टिम्मी सरना का जिक्र हो रहा है, वे डीएलएफ के मुखिया केडी सिंह की पुत्री पिया सिंह के पति हैं। टिम्मी की राॅबर्ट-प्रियंका से गहरी छनती है। जब आज से दो वर्श पूर्व टिम्मी राबर्ट-प्रियंका को डिनर के लिए एक रेस्तरां में लेकर गए तो वहां ललित मोदी पहले से मौजूद थे, टिम्मी को मोदी पहले से जानते थे। हाय-हैलो के बाद ललित ने टिम्मी से कहा कि ’क्या तुम अपने मेहमानों (प्रियंका-राॅबर्ट) से मेरा परिचय नहीं करवाओगे?’ इसके बाद टिम्मी ने औपचारिक रूप से प्रियंका-राॅबर्ट को ललित मोदी से मिलवाया। बात वहीं रह गई, ललित अपने टेबल पर डिनर के लिए चले गए और प्रियंका-राॅबर्ट-टिम्मी अपने टेबल पर मसरूफ थे।
Posted on 05 July 2015 by admin
यहां आने-जाने वाली हवाओं में उसके होने की आहटें धुली है, बंद खिड़की-दरवाज़ों पर हवा की यही थपकियां बारंबार उसका ही नाम पुकारती हैं, बस सुनने वाले कान होने चाहिए। जबसे ललित मोदी सुर्खियों के सिरमौर बने हैं, भारत से लंदन जाने वाले नेता गण उनसे मिलने-जुलने से कन्नी काट रहे हैं, पिछले कुछ दिनों में पंकजा मुंडे, राहुल-प्रियंका व राबर्ट वाड्रा, वसुंधरा के पुत्र सांसद दुश्यंत सिंह, स्मृति ईरानी के पति अपने बच्चों के साथ लंदन में थे, पर इनमें से किसी ने भी ललित से मिलने में दिलचस्पी नहीं दिखाई। अगर बड़े नेताओं की बात करें तो ललित मोदी से सबसे आखिर में मिलने वालों में षुमार थे षिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, उनकी पत्नी रष्मि ठाकरे और पुत्र आदित्य ठाकरे। ठाकरे परिवार ने ललित मोदी के साथ लंदन के मषहूर कोया रेस्टोरेंट में डिनर किया, जो अपने पेरूवियन फूड के लिए मषहूर है।
Posted on 05 July 2015 by admin
’जिंदगी का एक हसीन टुकड़ा बीन लेने के लिए जो जितना गहरा उतरेगा, अपने हिस्से का सच पा लेगा’ ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी को भी लगता है कि उनके हिस्से का सच मयस्सर हो गया है। पिछले दिनों जब वे अपने संसदीय क्षेत्र मथुरा पहुंची तो उन्हें वहां के लोगों की खासी नाराज़गी का सामना करना पड़ा। उत्तेजित क्षेत्र की जनता ने अपने सांसद से षिकायत की कि क्षेत्र के विकास की एक भी योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। सो, ऐसे में उन्हें अगली बार यहां अपने लिए वोट की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। सूत्र बताते हैं कि अपनी इतनी छिछालेदारी से हेमा नाराज़ हो गईं और उन्होंने भी खम्म ठोककर मथुरा की जनता से कह दिया कि ’अगर ऐसा है तो अगली बार वह भी यहां से चुनाव नहीं लड़ना चाहेंगी।’ इस प्रकरण के बाद तीन महिला पत्रकार हेमा से मिलने नई दिल्ली के फिरोजषाह रोड स्थित उनके अपार्टमेंट में पहुंची और चाय-पानी के बाद यह जानना चाहा कि अगली बार वह मथुरा की जगह कहां से चुनाव लड़ेंगी? सूत्रों की मानें तो हेमा ने छूटते ही कहा-’राजस्थान से’। महिला पत्रकारों ने कहा-’पर अगली बार तो राजस्थान में भाजपा की मिट्टी-पलीद हो जाएगी’, तो हेमा ने हंसकर कहा-’फिर क्या चारा बचता है, राजस्थान से नहीं तो क्या पाकिस्तान से लड़ूंगी?’