Posted on 21 April 2016 by admin
जैसा कि इस कॉलम में सबसे पहले खुलासा हुआ कि कैसे काशी व दक्षिण के वैदिक पंडितों को शत चंडी संहिता महारूद्र यज्ञ के लिए जापान ले जाया जा रहा है, ताकि जापान की नई पीढ़ी को एक सकारात्मक वातावरण मुहैया कराया जा सके। अमरीका के टेक्सास प्रांत में स्थापित ’वैदिक यज्ञ सेंटर’की पहल पर और जापान सरकार के अनुरोध पर काशी और दक्षिण के 108 प्रकांड वैदिक पंडित, 2 आचार्य, 10 वैकल्पिक पंडित और उनके 15 सहायक शुक्रवार, 21 अक्तूबर को जापानी समयानुसार सुबह 8 बजे से इस महारूद्र यज्ञ की अलख जगा रहे हैं जो कि रविवार, 23 अक्तूबर 2016 के 9 बजे रात्रि तक निर्बाध गति से चलेगा। सूत्र बताते हैं कि इन पंडितों की जापान यात्रा को भारत सरकार की हरी झंडी मिल चुकी है और संभावना व्यक्त की जा रही है कि इन पंडितों को विदाई देने के लिए नई दिल्ली के एयरपोर्ट पर मोदी सरकार के कई वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री भी मौजूद रहेंगे। इस यज्ञ में शामिल होने जा रहे कई प्रकांड पंडितों को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने उज्जैन के सिंहस्थ कुंभ के लिए न्यौता भेजा है, उम्मीद जताई जा रही है कि 17-20 मई तक ये वैदिक पंडित ’रूद्र स्वाहाकार यज्ञ’करेंगे। इस यज्ञ के मूल में द्रव्य (धन), देवता (रूद्र) और त्याग के भाव निहित होते हैं। एक विश्वस्त सूत्र का दावा है कि जिस तरह इन दिनों शिवराज नित्य नए राजनैतिक व सियासी संकटों से जूझ रहे हैं, उससे उबरने के लिए ही उन्होंने इस यज्ञ की प्रकल्पना रची है।
Posted on 21 April 2016 by admin
ज़ी टीवी के प्रणेता सुभाष चंद्रा को लगता है भाजपा से निराशा हाथ लगी है, शायद यही वजह है कि इन दिनों वे मुलायम दरबार के नए नवरत्नों में शुमार हो रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि भाजपा वालों ने इस टीवी मुगल से वायदा किया था कि वे उन्हें हरियाणा से भाजपा कोटे से राज्यसभा में लेकर आएंगे, पर जब यह योजना सिरे नहीं चढ़ पाई तो अपने परम मित्र अमर सिंह के माध्यम से चंद्रा लखनऊ मुलायम से मिलने जा पहुंचे, अमर सिंह के सौजन्य से यह बातचीत बेहद सकारात्मक रही और मुलायम ने फिर पुत्र अखिलेश को तलब कर उनसे चंद्रा की वन टू वन बातचीत करवाई। इसके बाद सुभाष चंद्रा और अमर सिंह ने संयुक्त रूप से मुलायम के छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव के पुत्र का रिसेप्शन दिल्ली में दिया, पहले यह कयास लगाया जा रहा था कि यह रिसेप्शन अमर सिंह के महरौली स्थित उनके 10 एकड़ वाले फॉर्म हाउस पर होगा, पर बाद में समारोह स्थल बदल कर सुभाष चंद्रा के निवास स्थान 4, भगवान दास रोड पर कर दिया गया। अमर सिंह ने इस मौके को खास बनाने के लिए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री से लेकर कई कैबिनेट मंत्रियों को इसका न्यौता भेजा था, नामचीन फिल्मी हस्तियों को भी आमंत्रित किया गया था। पर इस रिसेप्शन में अतिविशिष्ट लोगों की मौजदूगी बेहद मामूली रही, फिल्मी हस्तियों में भी मात्र श्रीदेवी-बोनी कपूर व जया प्रदा की उपस्थिति ही देखी गई। इत्तफाक से श्रीदेवी और बोनी उस दिन दिल्ली में ही थे, जहां श्रीदेवी की एक आने वाली फिल्म की शूटिंग चल रही थी। हालांकि यूपी के सीएम अखिलेश इस समारोह में देर तक रूके और उन्होंने मेजबानों की इन भावनाओं को भी कहीं शिद्दत से महसूस किया कि कैसे ये दोनों महानुभाव साइकिल की सवारी गांठ कर ऊपरी सदन तक पहुंचने का इरादा रखते हैं।
Posted on 21 April 2016 by admin
भारतीय राजनीति के शिखर पुरूष नरेंद्र मोदी की उत्कट चुनावी रणनीतियों से प्रभावित होकर यूपी के खालिस यादव नेता जिन्होंने कुश्ती से सत्ता तक सफर तय किया है, अब 2017 के चुनाव प्रबंधन के लिए मुलायम ने भी उसी अमरीकी कंपनी की सेवाएं ले ली है, जिस कंपनी ने गुजरात से अलहदा 14 के चुनाव में भी मोदी के कंधे से कंधा मिला कर उनका साथ दिया था। 2012 के यूपी विधानसभा चुनाव में चुनाव प्रबंधन की बागडोर मुलायम, अखिलेश और राम गोपाल यादव के हाथों में थी, इस दफे ये चुनाव प्रबंधन माहिर एक्सपर्ट हाथों में है। 2012 के विधानसभा चुनाव में 403 सदस्यीय यूपी विधानसभा में सपा की 224 सीटें आई थीं, 2017 के तमाम जनमत सर्वेक्षणों में सपा को 75 सीटों के अंदर सिमटते दिखाया जा रहा है। सो इस अमरीकन कंपनी के समक्ष सबसे महती चुनौती यही है कि कैसे वह सपा को 100 के आंकडे़ के पार ले जा सके। इस कंपनी ने बकायदा काम करना शुरू कर दिया है और इसके पहले चरण में वे सपा के विधायकों और नेताओं को लेकर अमरीका जा रही है, जहां उन्हें चुनाव जीतने के गुर सिखाए जाएंगे, अब सपा नेताओं व विधायकों की दिक्कत यह है कि इनमें से 60 फीसदी लोगों को ठीक से अंग्रेजी नहीं आती, ऐसे में वे अमरीका से या तो अंग्रेजी सीख कर आएंगे या फिर चुनाव जीतने के गुर।
Posted on 21 April 2016 by admin
भाजपा का राज है, सो उत्साही भगवा कार्यकर्त्ताओं की पौ बारह है, उनकी समृद्धि दिन दुनी रात चौगुनी रफ्तार से बढ़ रही है, ऐसे ही किसी समृद्ध भाजपा कार्यकर्त्ता ने अपना पैथोलॉजी लैब खोला तो इसके उद्घाटन के लिए अपनी सांसद महोदया के पास मुंबई जा पहुंचे, जो एक नामचीन फिल्मी अदाकारा भी हैं। उन्होंने मुंबई पहुंच कर सांसद महोदया के पीए से बात की, तो उन्हें बताया गया कि इस काम में कम से कम 15 लाख रूपए लगेंगे। भौंचक भगवा कार्यकर्त्ता ने याद दिलाया कि उन्होंने सांसद महोदया के चुनाव में दिन-रात काम किया था, पीए ने उनका शुक्रिया अदा किया और कहा दरअसल ऐसे उद्घाटनों का रेट तो 30 का है, सो हमने आपको 50 पर्सेंट का डिस्काऊंट पहले ही दे दिया है। यह भौंचक कार्यकर्त्ता अपने शहर पहुंच कर अपने पैथोलॉजी लैब का फीता शहर के मेयर से कटवा लेता है।
Posted on 21 April 2016 by admin
अमित शाह और नरेंद्र मोदी की जोड़ी अटल-अडवानी युग को दोहराने की तैयारी में है, मोदी इन दिनों एक सर्वमान्य चेहरा बनने की कोशिशों में जुटे हैं, तो अमित शाह खम्म ठोंक कर प्रखर हिंदुत्व को ताल दे रहे हैं। जैसे कर्नाटक में तमाम विरोधों के बावजूद लिंगायतों के एक प्रमुख नेता बी एस येदुरप्पा को कमान सौंपी गई, येदुरप्पा तिलक लगाने वाले और हिंदुत्व की प्रखर वकालत करने वाले नेताओं में शुमार हैं, यूपी में संघ स्वतंत्र देव सिंह के नाम को आगे बढ़ा रहा था, पर स्वतंत्र देव सिंह के नाम पर यूपी के कद्दावर ठाकुर नेता राजनाथ सिंह को एतराज था, चुनांचे विहिप, बजरंग दल जैसे उग्र हिंदुत्व की सवारी गांठने वाले फूलपुर से भाजपा सांसद केशव प्रसाद मौर्य का नंबर लग गया, जिन्होंने मोदी की तरह चाय बेची है और उग्र हिंदुत्व की गर्माहट पर अब अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने को एकदम से तैयार हैं।
Posted on 11 April 2016 by admin
आपको याद हो तो जापान के प्रधानमंत्री को मोदी जी खास तौर पर अपने संसदीय क्षेत्र काशी लेकर गए थे जहां उनका परंपरागत भारतीय तरीके से खूब स्वागत-सम्मान हुआ, जापान के क्योटो शहर के डिप्टी मेयर जब काशी पधारे तो मोदी भक्तों की ओर से यह दावा हुआ कि आने वाले दिनों में काशी भी जापान के क्योटो शहर की मानिंद साफ-सुथरी हो जाएगी। अब काशी के 150 पंडितों का दल 9 अक्तूबर को 9 दिनों की जापान यात्रा पर रवाना हो रहा है। सूत्र बताते हैं कि जब जापान के प्रधानमंत्री भारत आए थे तो उन्होंने मोदी जी के समक्ष अपने देश की तीन प्रमुख समस्याओं का जिक्र किया था। प्राकृतिक आपदा, जापानी लोगों में घर करती विशाद की प्रवृत्ति और वहां के युवाओं में आत्महत्या की बढ़ती दर। एक अति विकसित राष्ट्र जब याचक भाव से इन समस्याओं के समाधान के लिए भारत की ओर टकटकी लगाए देख रहा था तो हमारे माननीय प्रधानमंत्री ने भी दो कदम आगे बढ़कर इसका अध्यात्मिक हल सुझाया। अब काषी के 150 चुने हुए पंडित जापान की राजधानी टोक्यो में 9 दिनों तक अविरल वैदिक यज्ञ करेंगे जिससे जापान के वातावरण को अनेकानेक व्याधियों से शुद्ध किया जा सके। सूत्रों की मानें तो इन डेढ़ सौ पंडितों की जापान यात्रा का सारा खर्च भी जापान सरकार ही उठा रही है, पंडितों के पासपोर्ट बन गए हैं और उन्हें वीज़ा के लिए जापान दूतावास भेजा जाना है। इस प्रतिनिधि मंडल में शामिल काशी के एक प्रकांड पंडित इस वैदिक यज्ञ की महत्ता को प्रतिपादित करते हुए कहते हैं-’यज्ञ से वृष्टि, वृष्टि से अन्न, अन्न से प्रजापालन का यह चक्र हजारों वर्षों से चलता आया है, इसमें नया क्या है?’
Posted on 11 April 2016 by admin
केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू अडवानी के प्रभाव युग में उनके हनुमान के तौर पर जाने जाते थे, वक्त बदला, सत्ता की कमान बदली तो बदलते वक्त सा बदलने में माहिर वेंकैया मोदी भक्ति में आकंठ डूब गए, कुछ इतना डूबे कि आराध्य ने उनकी डूबती हैसियत को नए आयाम मुयस्सर करा दिए। चुनांचे पार्टी मंच हो, राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो, खुला मंच हो, यहां तक की कैबिनेट की बैठकों में भी वेंकैया मोदी गान गाने में पारंगत बन कर उभरे, पर उनकी पारंगता इतना सिर चढ़ कर बोलने लगी कि संघ को हस्तक्षेप करना पड़ा। भैयाजी जोशी व दत्तात्रेय होसबोले ने संघ के दफ्तर बुला कर वेंकैया को डपटा कि वे मोदी के चारण गान में मर्यादा की सीमाओं का उल्लंघन न करें, दत्तात्रेय तो बाहर भी बोल गए कि संघ की परंपरा में व्यक्ति पूजा का कोई स्थान नहीं। आने वाले महीनों में वेंकैया की राज्यसभा की मियाद पूरी होने वाली है, वे लगातार तीन बार राज्यसभा का सुख भोग चुके हैं, भाजपा का संविधान चौथी बार इसकी इजाजत नहीं देता, तो क्या करें वेंकैया? उनके लिए तो लोकसभा का चुनाव जीतना दूर की कौड़ी है। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने मोदी के समक्ष यह इच्छा जताई है कि अगर उन्हें किसी प्रकार से राज्यसभा फिर से देना संभव न हो तो देष के अगले उप राष्ट्रपति के तौर पर उनके नाम पर विचार किया जा सकता है। जोड़ी भी खूब जमेगी, अडवानी देश के राष्ट्रपति और उनके पवन सुत उप राष्ट्रपति, नए दौर की राजनीति में पुराना दौर लौट आएगा।
Posted on 11 April 2016 by admin
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी ने संघ के एजेंडे को भले अपनी प्रतिष्ठा का प्रश्न बना रखा हो, पर शिक्षा क्षेत्र में इस पर काफी प्रतिक्रियाएं भी देखी जा सकती हैं। सूत्र बताते हैं कि देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर और मंत्री साहिबा के बीच जब तनातनी काफी बढ़ गई तो 26 के 26 उप कुलपतियों ने एक तरह से उनकी मीटिंग का बहिष्कार कर दिया और अपनी जगह विभागाध्यक्ष या अन्य किसी को दिल्ली भेज दिया। मंत्री साहिबा ने तो बस दो उप कुलपतियों के इस्तीफे मांगे थे। मंत्री साहिबा अब जोन के हिसाब से मीटिंग बुला रही हैं, पर उसमें भी वाइस चांसलर खुद न आकर अपनी जगह किसी और को भेज दे रहे हैं। पिछले दिनों स्मृति और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वीसी जनरल जमीरूद्दीन शाह के बीच अनबन की खबरें मीडिया की सुर्खियां बनती रही। सूत्र बताते हैं कि जनरल शाह मंत्री साहिबा से मिलने का समय मांगे बगैर, फूलों का गुलदस्ता लिए अपनी पत्नी के साथ उनसे मिलने जा पहुंचे, यह बात मंत्री साहिबा को बेहद नागवार गुजरी और कहते हैं कि किसी बात पर उन्होंने जनरल षाह को डपट दिया। जनरल आंखों में आंसू लिए बाहर आकर कहते दिखे कि उन्होंने 40 साल तक देश की सेवा की है, सो उन्हें यह गवारा नहीं कि उनकी बेटी की उम्र की एक महिला सबके सामने उनसे इस लहज़े में बात करें। सो, आज कल मंत्री महोदया भी वीसी से अलग-अलग मिलना पसंद कर रही हैं।
Posted on 11 April 2016 by admin
भाजपा के शीर्ष नेतृत्व का पूरा ध्यान 2017 में आहूत यूपी चुनाव पर है। अंदर ही अंदर इसकी तैयारियां भी शुरू हो चुकी है। यूपी चुनाव के लिए भाजपा ने एक बड़ा फंड जुटाने का भी लक्ष्य रखा है। सूत्र बताते हैं कि भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से दिल्ली से लगी सीट से सांसद और मोदी सरकार में अहम मंत्री जी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई कि वे नोएडा के कुछ चुने हुए उद्योगपतियों के साथ पार्टी प्रमुख की मुलाकात कराएं जिससे पार्टी खजाने की आमद को सुनिश्चित किया जा सके। एक तय तिथि पर मंत्री महोदय ने अपने घर तकरीबन 10 उद्योगपतियों को आमंत्रित किया, जिसमें स्वयं पार्टी सुप्रीमो भी शिरकत कर रहे थे, बात से बात निकली और सुप्रीमो ने खम्म ठोंक कर कहा कि 2017 के चुनाव में यूपी में भाजपा की ही सरकार बनेगी। चाय पर मौजूद एक दो उद्योगपतियों ने हिम्मत दिखाते हुए कहा कि इन दिनों वे जिन पार्टियों के नेताओं से मिल रहे हैं सब ऐसा ही दावा कर रहे हैं, और उसी हिसाब से चुनावी फंड भी मांग रहे हैं। बात आप चाहे बसपा की करें या फिर सपा की, दोनों दलों को लगता है कि अगली बार यूपी में उनकी सरकार है। सूत्र बताते हैं कि उद्योगपतियों के इस बड़बोलेपन से सुप्रीमो उखड़ गए, बोले-’स्टेट की बात जाने दीजिए, यह न भूलिए कि सेंटर में हमारी सरकार है।’ समझदार के लिए इशारा काफी था, थैलीशाहों ने सुप्रीमो की भावनाओं का यथोचित सम्मान किया।
Posted on 11 April 2016 by admin
पिछले कुछ दिनों में भाजपा के संगठन प्रभारी कृष्ण गोपाल की न केवल पार्टी मामलों में सक्रियता बढ़ी है, बल्कि उन्होंने अपने पूर्ववर्त्ती सुरेश सोनी के साए से भी भगवा पार्टी को बाहर निकालने का प्रयास किया है। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति इरानी के साथ मिल कर उन्होंने संघ के शिक्षा -एजेंडे को भी आगे बढ़ाने का काम किया है। अपने पूर्ववर्त्ती सोनी की तरह ही कृष्ण गोपाल को लिखने-पढ़ने का खासा शौक है, हालांकि सोनी द्वारा लिखित पुस्तकों की लिस्ट किंचित लंबी है, पर कृष्ण गोपाल के खाते में भी तीन महत्त्वपूर्ण पुस्तकें-वेदों में नारियां, भारत की साधु परंपरा और प्रयाग राज है। वहीं संघ के एकल विद्यालय की संकल्पना को भी सिरे चढ़ाने में उनकी खासी दिलचस्पी रही है। एकल विद्यालयों की वजह से संघ ने छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और नार्थ ईष्ट के राज्यों खास कर असम में जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ बनाई है। भाजपा का संगठन प्रभारी नियुक्त होने से पूर्व कृष्ण गोपाल संघ के पूर्वोत्तर के ही प्रभारी थे, इन उत्तर पूर्व राज्यों में वे संघ के विस्तार और प्रचार-प्रसार में जुटे थे। एकल विद्यालय की सबसे खास बात यह है कि एक अकेला अध्यापक बच्चों को पढ़ाने के साथ-साथ उस क्षेत्र विशेष में स्वच्छता और स्वास्थ्य कार्यों में भी दिलचस्पी लेता है। समझा जाता है कि इस दफे के असम चुनावों में भाजपा को संघ द्वारा संचालित इन एकल विद्यालयों से भी काफी लाभ मिल रहा है।