Posted on 11 May 2016 by admin
मुलायम परिवार का मुस्लिम प्रेम किसी से छुपा नहीं है और यह उनकी पार्टी की चुनावी रणनीति के लिए भी उतनी ही अहम है। चूंकि कालांतर में मुलायम व अखिलेश ने मुस्लिम व खाड़ी देशों के राजदूतों के लिए कई बार लंच-डिनर आयोजित किए थे। यूपी में चुनाव की घड़ी करीब आ रही है इसे देखते हुए मुलायम ने अपने एक नजदीकी व्यक्ति के समक्ष यह इच्छा जताई कि अब वक्त आ गया है कि खाड़ी देशों के ये राजदूत व हाई कमीशनर अब उनके लिए कोई लंच या डिनर रखें, नेताजी के आदेश की तामील हुई और बहरीन के एंबेसडर ने नेताजी के सम्मान में एक ‘वर्किंग-लंच रखा इस्लामी देशों के कोई 12 एंबेसडर इसमें शामिल हुए, जिसमें ओमान व टर्की के राजदूत भी शामिल थे। पहले इस लंच में मुलायम व अखिलेश दोनों को शामिल होना था, पर किसी कारणवश अखिलेश उसमें नहीं पहुंच सके, मुलायम अपने एक मुस्लिम राज्यसभा सांसद के साथ उस लंच में शामिल हुए और भोजन के दौरान उन्होंने इस बारे में एक लंबा लेक्चर दे डाला कि आखिरकार वे ही क्यों मुस्लिम हितों के चैंपियन हैं। हालांकि अपने साथ वे एक दुभाषिया भी ले गए थे, लेकिन बीच-बीच में अपनी बात वे अंग्रेजी में रख रहे थे, उनकी बात ज्यादातर विदेशी राजनयिकों के पल्ले नहीं पड़ रही थी तो एक ने हौले से दूसरे से पूछा-‘ये जनाब किस जु़बान में बातें करते हैं?‘ दूसरे ने कहा-‘मुहब्बत की भी कोई जुबान होती है भला?‘
Posted on 11 May 2016 by admin
यूपी में कांग्रेस का सिरमौर बनने के लिए इन दिनों पार्टी के दिग्गजों में होड़ सी मची है, पिछले दिनों एक्टर टर्न राजनेता राज बब्बर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिल कर प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अपनी दावेदारी पेश की। बब्बर का तर्क था कि उनके ऊपर किसी जाति विशेष का चस्पां नहीं लगा है, चुनांचे उनकी स्वीकार्यता हर जाति में हैं, लोग उन्हें जानते हैं, चूंकि उनकी पत्नी नादिरा एक मुस्लिम फैमिली से आती है, तो मुस्लिम वोटरों के बीच भी उनकी उतनी ही स्वीकार्यता बनी रहती है। राहुल को राज बब्बर की तर्क में दम लगा और उन्होंने फिलवक्त यह मामला अपने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के हवाले कर दिया है, इसी बीच अध्यक्ष पद के एक और दावेदार जितिन प्रसाद कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी से मिले और उनके समक्ष अपनी दावेदारी पेश की, सोनिया ने जितिन को यह कहते हुए टरका दिया कि यूपी अभी राहुल देख रहे हैं, सो बेहतर होगा कि वे राहुल से जाकर मिल लें।
Posted on 11 May 2016 by admin
यूपी के अध्यक्ष के चयन को लेकर राहुल व प्रशांत किशोर के बीच कई मैराथन बैठकें हो चुकी है, अंत में दोनों इस बात पर सहमत हुए हैं कि क्यों न नए अध्यक्ष के नाम को लेकर जनता के बीच जाया जाए और फैसला जनता का माना जाए। सूत्र बताते हैं कि राहुल की रज़ामंदी के बाद किषोर ने 12 नेताओं के नाम को ‘शॉट -लिस्ट‘ किया और लखनऊ की एक बड़ी सर्वेक्षण एजेंसी को यह जिम्मा सौंपा गया कि वह इन नेताओं को लोकप्रियता के पैमाने पर जांचे-परखें। इस एजेंसी ने लखनऊ, कानपुर, बनारस, अलीगढ़, आगरा, गाजियाबाद समेत यूपी के 8 प्रमुख शहरों में इन 12 चयनित नामों को लेकर एक बड़ा जनमत सर्वेक्षण किया, इस सर्वेक्षण में सबसे ज्यादा मत प्रियंका गांधी को मिले, लोगों की इस राय के साथ कि प्रियंका को अपनी इस राजनैतिक यात्रा में अपने पति राबर्ट वाड्रा से एक दूरी बनाकर रखनी होगी। खैर, यह तो राहुल भी मानते हैं कि रॉबर्ट वाड्रा का दूर-दूर तक कांग्रेस के साथ कोई रिश्ता नहीं। जिनके साथ रिष्ता है अभी कांग्रेस में उनका सूरज उगा नहीं है।
Posted on 11 May 2016 by admin
टीवी न्यूज के एक स्वघोशित रॉबिन हुड संपादक पिछले दिनों पश्चिम बंगाल बंगाल चुनाव को कवर करने कोलकाता पहुंचे, जहां उनका ममता बनर्जी के साथ एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू भी होना था, दीदी के साथ उनका डिनर और इंटरव्यू पहले से तय था। सुबह ये जनाब कोलकाता उतरे तो सीधे आनंद बाजार समूह के मालिक अवीक सरकार के यहां जा पहुंचे, क्योंकि पहले वे इसी ग्रुप के अखबार ‘द् टेलीग्राफ‘ के लिए काम कर चुके थे, सरकार के साथ ही इन्होंने लंच किया और शाम की चाय के साथ उनके साथ ही गप्पें लड़ाते रहे। जब यह खबर दीदी को लगी तो वह एक पल में आग-वबूला हो गईं, क्योंकि अवीक सरकार व आनंद बाजार समूह के साथ दीदी का छत्तीस का आंकड़ा है। अचानक से इस पत्रकार को दीदी के यहां से फोन आया और उन्हें इत्तला दी गई कि ममता के साथ उनकी मीटिंग कैंसिल हो गई है। पत्रकार महोदय ने फौरन दीदी को फोन लगाया और उनसे अर्भ्यथना की कि सिर्फ उनसे मिलने वे दिल्ली से यहां आए हैं। सूत्र बताते हैं कि गुस्से में लाल-पीली होती दीदी ने तब इन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई और इन्हें याद दिलाया कि जब ये सांसदों के खरीद-फरोख्त के मामले में फंसे थे तो इनकी बंगाली पत्नी के अनुरोध पर दीदी ने उनका किस हद तक साथ दिया था, और आज ये दीदी के विरोधियों के साथ उठ बैठ रहे हैं?
Posted on 04 May 2016 by admin
जब से दिल्ली में ‘मोदी राज‘ आया है, नित्य दिन संघ का आगाज़ नया है, आने वाले 30 जुलाई को संघ का आनुषांगिक संगठन हिंदू स्वयंसेवक संघ ब्रिटेन में अपनी उपस्थिति के 50 वर्ष पूरे होने का जश्न मना रहा है। इस गोल्डन जुबली समारोह के मुख्य अतिथि संघ प्रमुख मोहन भागवत हो सकते हैं, इस समारोह की लंदन में जोर-शोर से तैयारियां चल रही है, मोदी सरकार के कई हैवीवेट कैबिनेट मंत्री, संघ के प्रमुख नेता गण और भाजपा के शीर्ष नेताओं की इस समारोह में हिस्सा लेने की संभावना है। इस मौके पर ब्रिटेन का राज परिवार, लंदन के मेयर, सचिन तेंदुलकर, ब्रायन लारा समेत दुनिया के कई महान क्रिकेटर, लंदन व भारत के कई शीर्ष उद्योगपति उपस्थित रह सकते हैं। इस समारोह में वक्ता के तौर पर वर्जिन ग्रुप के चैयरमेन रिचर्ड ब्रैनसन शाकाहारी आहार की वकालत करते नज़र आ सकते हैं, ‘बीफ बैन‘ करना क्यों जरूरी है?‘ इस बाबत ब्रैनसन अपनी स्पीच देते नज़र आएंगे, यूं भी ब्रैनसन का मानना है कि ज्यों-ज्यों मांसाहार की प्रवृत्ति बढ़ेगी उसी अनुपात में ग्लोबल वार्मिंग भी बढ़ेगी। जिस अनुपात में मोदी जी का यश सहरदें लांघ रहा है, उसी अनुपात में संघ भी उन तमाम मुल्कों में खासा सक्रिय हो गया है, जहां अप्रवासी भारतीयों की अच्छी खासी तादाद है।
Posted on 04 May 2016 by admin
इन दिनों कोल, पॉवर व नवीनीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पीयूष गोयल के हौंसलें सातवें आसमान पर है, मोदी सरकार के दो वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पीएमओ ने खास तौर पर पीयूष गोयल के मंत्रालयों का चयन किया है, जिसने पीएम मोदी द्वारा निर्धारित टार्गेट को पूरा करने की दिशा में सबसे उल्लेखनीय कार्य किया है। इसके तहत इन तीनों मंत्रालयों के अधीन काम करने वाले लगभग 10 लाख कर्मचारियों को लकड़ी के प्रेम में मढ़ा (8.5 ग 14‘ साइज़) का एक ‘प्रशस्ति -पत्र‘ दिया जाएगा। अपनी उपलब्धियों के सातवें घोड़े पर सवार मंत्री महोदय जब पिछले दिनों लंदन के एक प्रतिष्ठित बिजनेस अखबार ‘फाइनेंशियल टाइम्स‘ को एक विशेष इंटरव्यू दे रहे थे, तो संवाददाता ने अपने पांचवें-छठे सवाल में पूछ लिया कि ‘क्या आप देश के अगले फाइनेंस मिनिस्टर हैं?‘ गोयल का जवाब था-‘यह तो पीएम का विशेषाधिकार है कि वह किसको क्या जिम्मेदारियां देते हैं, मुझे जो भी कार्य दिया जाएगा मैं उसका सच्चे अंतःकरण से निर्वहन करूंगा और देश के आर्थिक हालत को लेकर मेरे पास कुछ अचूक नीतियां हैं…आदि-आदि।‘ पत्रकार के वापिस जाने के दो घंटे बाद पीयूष गोयल को आत्मबोध हुआ कि उन्हें इस सवाल का जवाब देने से बचना चाहिए था। उन्होंने फौरन उस विदेशी पत्रकार को फोन कर उनसे आग्रह किया कि इस सवाल को हटा लिया जाए। पर जब इस पर वह पत्रकार राजी नहीं हुआ तो मंत्री महोदय अपने दलबल के साथ उस पत्रकार के निजामुद्दीन स्थित घर पर जा धमके और उन्हें यह सवाल हटाने के लिए राजी करने के बाद ही वहां से वापिस लौटे।
Posted on 04 May 2016 by admin
चिदंबरम को लेकर जिस तरह से मोदी सरकार का रवैया बेहद हमलावार है, उसे देखते हुए पिछले दिनों सोनिया गांधी ने गुलाम नबी आजाद को बुलाकर उन्हें यह निर्देश दिया कि ऐसे वक्त में मतदाताओं के बीच चिदंबरम को उतारना ठीक नहीं रहेगा, जबकि केंद्र सरकार ने उनकी छवि पर ही सवालिया निशान लगा दिया है। सूत्र बताते हैं इस पर आजाद धीरे से मुस्कुराए और उन्होंने मैडम को बताया कि तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के लिए चिदंबरम ने अपने 8 दिन पार्टी को दे रखे हैं, पर क्या करें किसी कांग्रेसी उम्मीदवार की उनके लिए डिमांड ही नहीं आ रही है, यहां तक कि उनके अपने संसदीय क्षेत्र के अधीन आने वाले विधानसभा के कांग्रेसी उम्मीदवार भी अपने यहां उनकी कोई सभा लगाने को तैयार नहीं। यह सुनकर सोनिया ने चैन की लंबी सांस ली।
Posted on 04 May 2016 by admin
सेंट्रल हॉल में सुप्रिया सूले, जय पांडा, पूनम महाजन समेत अलग-अलग दलों के कई सांसदों की मजलिस जमी थी। और इस मजलिस में चर्चा का विषय था कि केंद्रीय संसदीय मंत्री वेंकैया नायडू का फ्लोर मैनेजमेंट इतना फ्लॉप क्यों हैं? जय पांडा की राय थी कि पीएम मोदी को अपना संसदीय कार्य मंत्री बदलना चाहिए, इस पर वहां मौजूद एक सांसद ने सुप्रिया सूले से पूछा कि ‘आपकी नज़र में भाजपा में कौन ऐसा व्यक्ति है जो अच्छा संसदीय कार्य मंत्री साबित हो सकता है?‘ सुप्रिया ने बिना कोई पल गंवाए, झट से निशिकांत दूबे का नाम ले लिया, जो गोड्डा, झारखंड से भाजपा के सांसद हैं। इस पर जय पांडा ने त्वरित टिप्पणी करते हुए सूले से कहा-‘क्या आपके पास कोई और नाम नहीं है?‘ सुप्रिया ने उतनी ही मासूमियत से पूछा-‘क्यों निशिकांत के नाम में क्या बुराई है?‘
Posted on 03 May 2016 by admin
दिल्ली में रह कर महाराष्ट्र की राजनीति कवर कर रहे 8 सीनियर पत्रकारों को वहां के युवा मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस ने मुंबई में अपने घर ‘वर्षा‘ में खाने पर बुलाया, इन पत्रकारों को बकायदा मुंबई आने के लिए एयर टिकट भी दिए गए। ये पत्रकार मुख्यमंत्री के डिनर में पहुंचे और अनौपचारिक बातचीत का दौर शुरू हो गया। एक पत्रकार ने फड़नवीस से कहा-‘आपके काम से लोग खुश नहीं हैं, आपको खुद को बदलना पड़ेगा।‘ फड़नवीस ने कहा-‘आप खाना खाइए, आज बस अच्छी बातें होंगी।‘‘पर इससे आप सच्चाई नहीं झुठला पाएंगे‘ उस पत्रकार ने अपनी तोप का मुंह फिर से फड़नवीस की ओर कर दिया इस पर फड़नवीस थोड़ा झुंझला गए, बोले-‘मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं सीएम बनूंगा, मैं सोचता था मुंडे जी या गडकरी जी बनेंगे, अगर भगवान ने मुझे यह मौका दिया है तो अप्रिय सोच कर क्यों वक्त जाया करूं? 5 साल सीएम हूं, फिर सरकार में आए तो ठीक, नहीं आए तो नेता विपक्ष बनूंगा। 5 साल के इतिहास से आप मेरा नाम हटा तो नहीं पाएंगे ना?‘ इसके बाद उस पत्रकार ने चुप रहने में ही अपनी भलाई समझी।
Posted on 03 May 2016 by admin
विदेश मंत्रालय की संसदीय कमेटी की बैठक में पिछले दिनों दो गांधी भाईयों राहुल व वरूण गांधी का आमना-सामना हो गया, दोनों ही गांधी इस कमेटी के सदस्य हैं, जिस कमेटी की अध्यक्षता शशि थरूर करते हैं, दोनों भाई गर्मजोशी से मिले और पार्टी लाइन से दीगर एक-दूसरे का हाल-चाल पूछा। फिर बैठक में मौजूद सदस्यों ने अपनी मंत्री सुषमा स्वराज के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई, इस पर बैठक में मौजूद डॉ कर्ण सिंह ने पूछा-‘अभी कितनी आयु है सुषमा जी की?‘ राहुल बेसाख्ता बोल पड़े-‘70-72 की होंगी,‘ इस पर भाजपा के यूपी से सांसद शरद त्रिपाठी ने कहा-‘नहीं-66-67 से ज्यादा की नहीं होंगी, इस पर वरूण ने सबको सुधारा और कहा-‘ सुषमा जी, अभी मात्र 64 वर्ष की हैं।‘ इसके बाद राहुल गांधी उस मीटिंग से बाहर निकल सुषमा स्वराज को देखने ‘एम्स‘ जा पहुंचे, जहां अभी उनका इलाज चल रहा है। और वह स्वस्थ होने की प्रक्रिया में हैं।