राजनीति में नैतिकता, शुचिता और आदर्शवादिता की सबसे ज्यादा दुहाई देने वाले योगेंद्र यादव ने अपने टेलिफोन अटेंटेंड को अपनी पार्टी का दिल्ली प्रदेश का अध्यक्ष बना दिया है।
(एनटीआई-gossipguru.in)
Posted on 21 August 2017 by admin
राजनीति में नैतिकता, शुचिता और आदर्शवादिता की सबसे ज्यादा दुहाई देने वाले योगेंद्र यादव ने अपने टेलिफोन अटेंटेंड को अपनी पार्टी का दिल्ली प्रदेश का अध्यक्ष बना दिया है।
(एनटीआई-gossipguru.in)
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Posted on 18 August 2017 by admin
एक ओर जहां लालू कांग्रेस व शरद की टीम जदयू में दोफाड़ करवाने के प्रयासों में जुटी है, वहीं शह-मात के खेल के उस्ताद बाजीगर नीतीश कुमार भी चुपचाप नहीं बैठे हैं। विश्वस्त सूत्रों का दावा है कि नीतीश और उनके लोग कांग्रेस में दोफाड़ करवाने की तैयारियों में जुटे हैं, सूत्रों का तो यहां तक दावा है कि नीतीश की नजर कांग्रेस के 18 विधायकों पर हैं, कहते हैं इनमें से 12 तो उनकी जद में आ चुके हैं। नीतीश की योजना इस कांग्रेसी धड़े को जदयू में विलय करने की है। इतना ही नहीं लालू की पार्टी के भी कई गैर यादव विधायक नीतीश व उनके लोगों के संपर्क में हैं। दरअसल, नीतीश भाजपा पर से अपनी निर्भरता कम करना चाहते हैं। इसके लिए जरूरी है कि वे अपने संख्या बल को ज्यादा से ज्यादा बढ़ा सके।
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Posted on 18 August 2017 by admin
सूत्र बताते हैं कि नीतीश कुमार को एक बार फिर से भाजपा के करीब लाने में दो नीतीश करीबियों की अहम भूमिका थी, इनमें से एक नीतीश सरकार में मंत्री राजीव रंजन उर्फ लल्लन सिंह थे, जिनके पास यकीनन नीतीश की कोई कमजोर नब्ज रही होगी। दूसरे शख्स नीतीश के आंख नाक कान माने जाने वाले एक आईएएस अधिकारी रामचंद्र प्रसाद सिंह हैं जो फिलवक्त राज्यसभा की शोभा बढ़ा रहे हैं। यह भी कहा जाता है कि दिल्ली में नीतीश के प्वाइंटमैन आरसीपी बाबू ही हैं, नीतीश जब भी दिल्ली आते हैं तो उनके ज्यादातर कार्यक्रम आरसीपी सिंह के यहां से ही तय होते हैं। सूत्र बताते हैं कि आरसीपी सिंह की कुछ कुंडली केंद्र सरकार व उसकी एजेंसियों के हाथ लग गई, भाजपा के कर्णधार जानते थे कि इस तोते की गर्दन कितनी मरोड़नी है कि नीतीश वश में आ जाएं।
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Posted on 18 August 2017 by admin
सूत्र बताते हैं कि जब से भाजपा के शीर्ष नेतृत्व की ओर से उपेंद्र कुशवाहा से यह कहा गया है कि वे अपने दल का विलय भाजपा में कर लें, तब से वे बेहद उखड़े-उखड़े हैं और समझा जाता है कि वे कभी भी एनडीए से नाता तोड़ केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं। कुशवाहा को जानने वाले दावा कर रहे हैं कि 2019 के आम चुनाव में वे कांग्रेस, लालू व बागी शरद गुट से गठबंधन कर चुनाव लड़ सकते हैं। कुशवाहा को भरोसा है कि बिहार में 10 फीसदी कुशवाहा, 16 फीसदी यादव, 3-4 फीसदी मांझी, 18-19 फीसदी मुसलमान मिलकर एक जबर्दस्त जिताऊ समीकरण बना सकते हैं और यह समीकरण भाजपा व नीतीश गठबंधन को नाको चने चबवा सकता है।
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Posted on 18 August 2017 by admin
यूपी की महारानी मायावती पिछले काफी समय से दिल्ली में जमी हुई हैं, वह लालू और चिदंबरम का हश्र देख देखकर और परेशान हो रही है। सूत्र बताते हैं कि उन्हें सोते-जागते बस ईडी और सीबीआई का भय सता रहा है। उनके नजदीकी भविश्यवेक्ता इस स्थिति के लिए वास्तुदोष का दोषी ठहरा रहे हैं और शायद यही वजह है कि पिछले छह महीनों से जब से बहिनजी दिल्ली में जमी हुई हैं, वास्तुदोष से डर कर हालिया दिनों में वो कम से कम तीन दफे अपना घर बदल चुकी है, पर मन अब भी अशांत बना हुआ है। (एनटीआई-gossipguru.in)
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Posted on 08 August 2017 by admin
अमेठी को लेकर भाजपा रणनीतिकारों ने एक चाक चौबंद रणनीति तैयार की है, योगी सरकार में मंत्री महेंद्र सिंह को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे अमेठी व रायबरेली का पूरा ध्यान रखें। केंद्र व राज्य की भगवा सरकारें इन दोनों संसदीय क्षेत्रों के लिए कुछ बड़ी योजनाएं लेकर आ रही हैं। यहां की सड़कों व नहरों पर जबर्दस्त ढंग से काम हो रहा है। मंत्रियों का एक दल इन दोनों संसदीय क्षेत्रों का विशेष ध्यान रख रहा है। सूत्र बताते हैं कि राहुल के खिलाफ मैदान में उतारने के लिए भाजपा को एक स्थानीय चेहरे की तलाश है। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि इसी कड़ी में भाजपाध्यक्ष अमित शाह ने पिछले दिनों अमेठी के राजा संजय सिंह और उनकी पत्नी से मुलाकात की। फिलवक्त संजय सिंह कांग्रेस में हैं, पर वहां वे खुश नहीं बताए जाते हैं। सो, मुमकिन है कि वे कांग्रेस से इस्तीफा देकर भाजपा की टिकट पर अमेठी में राहुल को कड़ी चुनौती दें। वहीं रायबरेली के लिए अखिलेश सिंह पर भगवा डोरे डाले जा रहे हैं, अखिलेश की पुत्री अदिति सिंह फिलवक्त रायबरेली सदर से कांग्रेस की विधायक हैं। सो, ’कांग्रेस मुक्त’ के साथ ’गांधी परिवार मुक्त भारत’ की भगवा तैयारियां परवान चढ़ चुकी हैं।
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Posted on 08 August 2017 by admin
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह इस सोम, मंगल बुध को पूरी तौर पर लखनऊ में ही जमे थे, नाम तो यूपी सरकार के कार्यों की समीक्षा का था। पर इन तीन दिनों में योगी विरोधियों के हौंसले बम-बम दिखे। सूत्रों का कहना है कि शाह व योगी के रिश्तों में तल्खी उस वक्त दिखी जब शाह ने योगी से हाथ मिलाना भी गवारा नहीं किया, वहीं उनके डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को गले से लगा लिया। पहली मीटिंग में योगी अपने मंत्रियों के साथ मौजूद थे, पर बाद में मंत्रियों को अलग-अलग मिलने का वक्त दिया गया। पर सबसे हैरत की बात यह थी कि इन तमाम मुलाकातों में मौर्या शाह के बगलगीर थे। और तो और अफवाहें तो यहां तक सुनी गईं कि शाह से मिलने और अपनी बात कहने के चक्कर में कई मंत्रीगण मुख्यमंत्री द्वारा आहूत की गई जरूरी बैठक में भी नहीं पहुंचे। यूपी की हवा में कुछ घुल-सा रहा है, इस बदलते सियासी मिजाज का स्वाद योगी की जुबां पर है, पर फिलवक्त वे कोई उतावलापन नहीं दिखाना चाहते।
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Posted on 08 August 2017 by admin
इस बदलती बयार की झलक मुख्यमंत्री योगी की कैबिनेट की बैठक में भी दिखी। सूत्र बताते हैं कि पिछली कैबिनेट बैठक में योगी अपने मंत्रियों पर यकबयक भड़क गए और उन्होंने साफ लहज़ों में चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी मंत्री का एक रत्ती भी भ्रष्ट्राचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और यह वे पहले भी पीएम से मिलकर उनको बता चुके हैं और पीएम की ओर से उन्हें स्वतंत्र निर्णय लेने की हरी झंडी मिल चुकी है। बातों ही बातों में योगी यह बताना नहीं भूले कि यह वर्तमान मंत्रिमंडल उनके ऊपर थोपा गया है, अगर तीन महीने के अंदर मंत्रियों ने अपने काम-काज में सुधार नहीं किया तो फिर वे अपने मन का मंत्रिमंडल गठित करेंगे। दरअसल, योगी अपनी एक महिला मंत्री से इस बात पर भी खासे नाराज़ हुए कि उन्होंने बगैर किसी टेंडर के एक मनचाही कंपनी को 300 करोड़ का काम आबंटित कर दिया। योगी ने इसकी जांच के आदेश दे दिए हैं। योगी की किंचित एक ईमानदार छवि है और वे चाहते हैं कि उनकी सरकार के दामन पर एक भी भ्रष्ट्राचार का छींटा न लगे, चुनांचे उन्होंने अपने एक दर्जन मंत्रियों की लिस्ट बनाई है, जिनके काम-काज पर उन्हें संदेह है, चुनांचे खुफिया एजेंसियों को इन पर नज़र रखने को कहा गया है।
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Posted on 08 August 2017 by admin
हरियाणा के एक प्रमुख भगवा जाट नेता ने अपने घर भाजपा के जाट विधायकों को भोजन पर बुलाया। सूत्र बताते हैं कि इस जाट नेता ने भाजपा विधायकों को इस बात के लिए उकसाया कि अब वक्त आ गया है कि हरियाणा में नेतृत्व परिवर्तन हो और राज्य की बागडोर किसी जाट के हाथों सौंपी जाए। आरक्षण के नाम पर पहले ही जाट आंदोलन हो चुके हैं, चुनांचे इस बैठक में यह तय किया गया कि किसानों की कर्ज माफी को लेकर जाट समुदाय राज्य में एक व्यापक आंदोलन चला सकते हैं। बैठक में इस आंदोलन की रूप रेखा भी तैयार हो गई कि वहीं मौजूद एक भाजपा नेता ने इस पूरी बैठक की कार्यवाही को चुपचाप अपने मोबाइल में रिकार्ड कर लिया और इस रिकार्डिंग को हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर को भेज दिया। और खट्टर ने इस रिकार्डिंग को पीएम व पार्टी अध्यक्ष तक पहुंचा दिया। फिर क्या था अमित शाह ने सीधे फोन कर उस जाट नेता की वह क्लास ली कि वह सचमुच पानी-पानी हो गया। और हरियाणा भाजपा में असंतोष की बाढ़ अब अपनी हद में है।
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Posted on 08 August 2017 by admin
यूपी के एक भाजपा सांसद ने अपने सांसद फ्लैट पर डिनर का कार्यक्रम रखा, इस रात्रि भोज में थोकभाव में यूपी के भाजपा सांसदों की हिस्सेदारी थी, प्रकाश जावेड़कर, अनंत कुमार समेत कई केंद्रीय मंत्री भी उस डिनर में मौजूद थे। कि अचानक किसी बात पर, एक दिलजले जज्बात पर भाजपा की दो फर्स्टटाइमर महिला सांसदों में तनातनी हो गई, बात तू-तड़ाके से शुरू हुई और मामला हाथापाई तक जा पहुंची। मामले की उग्रता व तीव्रता को देखते हुए केंद्रीय राज्य मंत्री निरंजना ज्योति को इन दोनों महिला सांसदों को शांत कराने का जिम्मा सौंपा गया। पर तब मामला और बिगड़ गया जब इनमें से एक महिला सांसद मंत्री महोदया से ही उलझ गईं। भौंचक मेजबान के होश फाख्ता थे कि कहीं मामला और न बिगड़ जाए और केंद्रीय मंत्रिमंडल में शोभा बढ़ाने का उनका सपना-सपना ही रह जाए। चुनांचे उन्होंने खुद मैदान संभाला, अपनी साथी सांसदों को किसी भांति शांत कराया, मेजमान जब वापिस अपनी जगह पहुंचे तो देखा कि उस टेबुल पर शोभायमान तमाम मंत्रिगण वहां से रूखसत हो चुके थे, किसी अनहोनी की आशंका से त्रस्त होकर।
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