Archive | मुख्य

नमो ने राज को मनाया

Posted on 16 February 2014 by admin

दोनों ठाकरे बंधुओं यानी उद्घव और राज के बीच भले ही युद्घ विराम नहीं हो पाया हो, पर सियासत के चतुर सुजान मोदी ने राज ठाकरे को इस बात के लिए राजी कर लिया है कि 2014 के आम चुनाव में राज की मनसे महाराष्टï्र लोस चुनाव में अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी, राज की नमो से पुरानी दोस्ती है और इसी दोस्ती का वास्ता देते हुए नमो ने भी राज से वादा किया है कि जब महाराष्टï्र विधानसभा चुनाव का वक़्त आएगा तो भाजपा भी खुलकर मनसे की मदद करेगी, उद्घव की नाराजगी की परवाह किए बगैर।

Comments Off on नमो ने राज को मनाया

…और अंत में

Posted on 16 February 2014 by admin

वेंकैया नायडू ने पार्टी की तमिलनाडु रैली में एक नया जुमला उछाला कि यह चुनाव अईया (बुजुर्ग यानी करुणानिधि), अम्मा (जयललिता) के नाम नहीं, भैय्या (मोदी) के नाम रहने वाला है। 

Comments Off on …और अंत में

एक यक्ष प्रश्न व भाजपा अध्यक्ष

Posted on 08 February 2014 by admin

मोदी के ज्ञान पर चहुं ओर पहले ही अंगुली ऊठ चुकी हैं, कोलकाता रैली में भी मोदी पश्चिम बंगाल का क्षेत्रफल मापने में गलती कर गए। पर आम तौर पर सोच-समझकर बोलने वाले राजनाथ सिंह सिंगूर और नंदीग्राम को लेकर कनफ्यूजिया गए, लगता है उनके राजनैतिक सलाहकार सुधांशु त्रिवेदी का ध्यान अध्यक्ष जी के भाषणों पर कम, अपने टीवी अवतरणों पर ज्यादा है, वैसे भी इन दिनों त्रिवेदी फेसबुक पर भविष्य के प्रधानमंत्री राजनाथ के भविष्य के मीडिया सलाहकार के तौर पर खूब बधाइयां बटोर रहे हैं। सो, लगता है जल्दी बाजी में डा. त्रिवेदी ने अपने अध्यक्ष के स्पीच में सिंगूर को नंदीग्राम लिख दिया, सो जोश-जोश में राजनाथ ने कह आए कि वे नंदीग्राम के भूमि अधिग्रहण के मामले को लेकर ममता बनर्जी के साथ हैं, जबकि टाटा के नैनो प्लांट व भूमि अधिग्रहण का सारा फच्चर सिंगूर में फंसा था। अध्यक्ष जी यही वक्त है सचेत हो जाने का, क्योंकि छोटी गलतियां ही बड़ी गलतियों की राह रोकती हैं।

Comments Off on एक यक्ष प्रश्न व भाजपा अध्यक्ष

राव का टै्रक-रिकार्ड

Posted on 08 February 2014 by admin

पी.पी.राव सिर्फ 10 जनपथ से नजदीकियां की वजह से ही सुर्खियों में नहीं रहे हैं, सुर्खियों ने कई-कई बार उनका पीछा किया है, अब दिनाकरण का मामला ही ले लें, इस मामले में राव ‘एमिनेंट ज्यूरी’ वाली कैटेगरी में नियुक्त हुए थे और इससे भी उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था। सनद रहे कि दिनाकरण ने पी.पी.राव की नियुक्ति को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, दिनाकरण की दलील थी कि ‘राव बतौर वकील मुझे (दिनाकरण को) एडवाइस किया करते थे, सारी फाईलों को उन्होंने देखा है और मेरे खिलाफ वह पहले ही ‘मेमोरेंडम’ पर साइन कर चुके हैं, लिहाज़ा जो व्यक्ति पहले ही मुझे दोषी ठहरा चुका है, वह मेरे मामले में जज़ कैसे हो सकता है?’ इस पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्यसभा के चैयरमैन को हिदायत दी कि राव की जगह किसी दूूसरे जज को नियुक्त किया जाए। ताज़ा मामले में भी यह देखा जाना भी जरूरी है कि क्या राव के लिए लोकपाल बनने की राह अब भी उतनी ही आसान है?

Comments Off on राव का टै्रक-रिकार्ड

बदला शाहरूख का रूख

Posted on 08 February 2014 by admin

यह कहानी शुरू होती है कोई तीन साल पहले, जब शाहरूख खान और अर्जुन रामपाल में दांत कटी रोटी वाली दोस्ती थी, शाहरूख के कांग्रेस में दोस्तों की कोई कमी नहीं, उनके कई दोस्त तो मनमोहन सरकार में मंत्रिपद की शोभा भी बढ़ा रहे हैं, सो अपने एक मित्र राजनीतिज्ञ से कहकर शाहरूख ने अपने मित्र अर्जुन को नई दिल्ली के एक सरकारी पंचतारा होटल में लीज पर 30 लाख रुपए महीने की दर पर एक डिस्कोथेक दिलवा दिया, रामपाल का चेहरा सामने था, शाहरूख बिजनेस में सायलेंट पार्टनर थे, नाच-गाना तो खूब हुआ, पर बिजनेस नहीं चला, इस होटल को संचालित करने वाली आईटीडीसी लीज-किराया मांगती रही, अर्जुन समय-समय पर किराया देने से चुकते रहे, बिजनेस डूबता देख शाहरूख ने इस बिजनेस से खुद को अलग कर लिया और तीन साल में अर्जुन पर तकरीबन साढ़े चार करोड़ बकाया हो गए, जब आईडीटीसी ने फिर किराया मांगा तो अर्जुन ‘किराया माफी’ के लिए कोर्ट चले गए, कोर्ट ने उन्हें झाड़ पिलाई और डेढ़ करोड़ रुपए तो तुरंत जमा करने को कहा, कोर्ट की लताड़ पर अर्जुन ने डेढ़ करोड़ तो जमा करा दिए हैं, बाकी 3 करोड़ के लिए खुद को दिवालिया घोषित करने की जुगत भिड़ा रहे हैं, बॉलीवुड के सबसे अमीर शाहरूख के दोस्तों का यह हाल?

Comments Off on बदला शाहरूख का रूख

तू पीएम, तो मैं सीएम

Posted on 08 February 2014 by admin

नरेंद्र मोदी के सबसे विश्वस्त सिपहसलार अमित शाह से पिछले दिनों उनके एक पत्रकार मित्र ने बातों ही बातों में पूछ लिया कि अगर मई में नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बन जाते हैं तो केंद्र सरकार में वे कौन से मंत्रालय का जिम्मा संभालेंगे? बगैर एक पल की देर किए शाह ने कहा-‘अगर मोदी पीएम तो मैं फिर गुजरात का सीएम’।

Comments Off on तू पीएम, तो मैं सीएम

हार रहे भाजपा दिग्गज

Posted on 08 February 2014 by admin

भाजपा के अंदरूनी सर्वे में भी पार्टी अपने तीन दिग्गज नेताओं को हारते हुए दिखा रही है, हजारीबाग से यशवंत सिन्हा, वाराणसी से मुरली मनोहर जोशी और बेंगलुरु से अनंत कुमार। शायद यही वजह है कि इस गुरूवार को अनंत कुमार ने दिल्ली में अपने घर पर कर्नाटक के बड़े लिंगायत नेता येदुरप्पा से लंबी मुलाकात की और उनसे पुराने गिले शिकवे भूला दोस्ती की नई इबारत लिखने का आग्रह किया है।

Comments Off on हार रहे भाजपा दिग्गज

…और अंत में

Posted on 08 February 2014 by admin

आम आदमी पार्टी की बढ़ती सियासी हैसियत कई बड़े नेताओं को भी बड़े फैसले लेने पर मजबूर कर रही है, सूत्रों की माने तो जब से अरविन्द केजरीवाल या मनीष सिसौदिया के गाजियाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लडऩे की अटकलें तेज हुई है भाजपा के कद्दावर ठाकुर नेता राजनाथ सिंह अपनी गाजियाबाद सीट बदलकर लखनऊ जाना चाहते हैं।

Comments Off on …और अंत में

अडवानी के घर मचा घमासान

Posted on 01 February 2014 by admin

इस वक़्त जबकि सत्ता की प्रबल दावेदार भाजपा चुनावी महाभारत को लेकर अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में लगी है,  इसके वयोवृद्घ नेता अडवानी के घर पिता-पुत्र के बीच प्रत्यंचा चढ़ गई है। सूत्र बताते हैं कि पिता अडवानी व पुत्र जयंत में इस कदर गर्मा-गर्मी हुई कि जयंत अपने पिता का घर छोड़ कॉमनवेल्थ गेम्स विलेज के एक फ्लेट में रहने को चले गए हैं, अडवानी परिवार को नजदीक से जानने वाले एक सूत्र का दावा है कि यह सारा ड्रामा अडवानी की राजनैतिक विरासत को लेकर हो रहा है। दरअसल, अडवानी की पुत्री प्रतिभा व उनके पुत्र जयंत दोनों ही सक्रिय राजनीति में कदम रखने को आतुर हैं, जयंत तो इस कदर जल्दी में है कि पिछले दिनों वे गांधीनगर जाकर मोदी से मिल आए, समझा जाता है कि मोदी से मुलाकात में उन्होंने मोदी से अपने पिता की गांधी नगर संसदीय सीट अपने लिए मांग ली, कहा ‘अब उनके  पिता उम्र दराज हो गए हैं और वे इस दफे चुनाव लडऩे को इच्छुक नहीं हैं।’  मोदी ने फोन कर अडवानी से पूछ लिया-‘आप लड़ोगे कि आपके बेटे को टिकट दे दूं।’ कहना न होगा कि इस बात पर भी पिता-पुत्र में खूब घमासान मचा।

Comments Off on अडवानी के घर मचा घमासान

बारूद के ढेर पर बरूआ

Posted on 01 February 2014 by admin

बांग्लादेश की एक अदालत द्वारा उल्फा अलगाववादी संगठन के शीर्ष नेता परेश बरूआ को फांसी की सजा सुनाई गई है, कोर्ट के इस फैसले के बाद उल्फा कैडर का अब बांग्लादेश जाना व शरण पाना थोड़ा मुश्किल हो गया है। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि परेश बरूआ अभी चीन और म्यांमार के बीच अवस्थित कुनमिंग में टिके हुए हैं, वैसे भी उल्फा व बरूआ का भूटान से सबसे पुराना रिश्ता रहा है, जब उल्फा की गतिविधियां अपने चरम पर थी तब भी इसका मुख्य केंद्र भूटान ही हुआ करता था, जब भारत व भूटान के रिश्ते बेहतर हुए तो भारत के चाहने और कहने पर भूटान सरकार ने अपनी सरज़मीं से बरूआ को खदेड़ दिया, तब उसने पाकिस्तान की मदद से बांग्लादेश को अपना नया ठिकाना बना लिया, और उसे खालिदा जिया का संरक्षण भी प्राप्त हो गया, उसी दौर में बरूआ खूब फला-फूला और उसका साम्राज्य कोई 10 हजार करोड़ रुपयों का हो गया जिसमें होटल, जूट इंडस्ट्री, शिपिंग व ट्रांसपोर्ट जैसे व्यवसाय शामिल हैं।  अगर परेश बरूआ पर आरोप साबित हो जाता है तो उनकी सारी संपत्ति जब्त हो सकती है, वहीं अब बांग्लादेश सरकार ने अनूप चेटिया को भारत को सौंपने का $फैसला कर लिया है। खूफिया सूत्र बताते हैं कि आज भी नार्थ ईस्ट में करीब 200-250 के बीच उल्फा के खतरनाक आतंकवादी मौजूद हैं, यह कहीं न कहीं भारतीयों की संप्रभुता के लिए एक बड़ा खतरा है।

Comments Off on बारूद के ढेर पर बरूआ

Download
GossipGuru App
Now!!