Posted on 24 March 2014 by admin
तमाम ओपिनियन पोल जब देश भर में मोदी की हवा बता रहे हैं। सो, इस हवा में खूब सियासी हिंडौले कसे जा रहे हैं, थैलीशाहों में भाजपा को चंदा देने की होड़ मची है, स्वयं टीम मोदी हों, अमित शाह हों, अध्यक्ष जी हों, पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी हों, अनंत कुमार हों, या पार्टी के कोषाध्यक्ष पीयूष गोयल इनके पास चंदा देने वालों की होड़ मची है, स्थिति इतनी विकट हो गई है कि इन पैसों को ठिकाने लगाने के लिए अलग-अलग ठिकाने बन गए हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस का रोना है कि घोटालों और भ्रष्टïाचार के बड़े आरोप तो कांग्रेस पर लगे हैं, वहीं कांग्रेस के पास चुनाव में खर्चे करने के लिए भी प्रर्याप्त पैसे नहीं हैं, यहां तक कि कांग्रेस अपने उम्मीदवारों को भी चुनाव लडऩे के पैसे देने में असमर्थ साबित हो रही है।
Posted on 16 March 2014 by admin
इस दफे के चुनावी महासमर में होली की आहटों के बीच सियासी व चुनावी रंग-गुलाल बिखेरे जा रहे हैं, टेसू खिलते हैं और पलाशवन को अग्नि रंग से भर देता है और नारों-भाषणों के स्वर पंचम राग बन हर दिशा में गूंज जाते हैं, ऐसे में तमाम सियासी दलों की ई-आर्मी मुस्तैदी से इंटरनेट पर जुटी हुई है, नए मजाकिया वीडियो बनाए जा रहे हैं, वे तेजी से वायरल हो रहे हैं और पलक झपकते ही लाखों की संख्या में हिटïï्स पा रहे हैं, राजनैतिक विरोधियों पर सधे अंदाज में तंज़ कसे जा रहे हैं, मसलन निकर में राहुल गांधी और उनका एक चुनावी विज्ञापन-‘हर हाथ लॉलीपॉप’ खूब पॉपुलर हो रहा है। जवाब में कांग्रेसी रणनीतिकारों ने भी ‘ढोल की पोल’ रणनीति के तहत ‘चाय पर चर्चा’(वीडियो) के बहाने मोदी की बखिया उधेड़ रखी है, यह वीडियो भी यू-टï्युब पर खूब देखा जा रहा है। ‘आप’ पार्टी भी इस ई-लड़ाई में कूद पड़ी हैं ‘आप’ के समर्थन में जो वीडियो बने हैं, वे एक वैधानिक चेतावनी के साथ शुरू होते हैं-‘अपने मानसिक संतुलन को घिसे-पिटे डिबेट से बचाइए, अपने नजदीकी नमो या गांधी भक्त को चांटा लगाइए।’ एआईबी द्वारा निर्मित ‘आप’ का आम गुठली के दाम’ में केजरीवाल की तमाम सियासी भंगिमाओं के निहितार्थ ढूंढे गए हैं, वहीं धरना डांस वीडियो में केजरीवाल पर एक दिलचस्प रैप दिखाया गया है, वहीं ‘नायक टू दï् कॉमन मैन’ में केजरीवाल के केजरीवाल बनने और आम आदमी पार्टी के अभ्युदय को बेहद मजाकिया अंदाज़ में पेश किया गया है। पप्पू, फेकू व केजरीवाल के टïवीटïï्स, चुटकले, वीडियो, यू-टïï्युब फेस बुक और टïï्वीटर पर लोकप्रियता के नए कीर्तिमान बना रहे हैं। यह परंपरा भारतीय चुनावों के संदर्भ में चाहे नई हो, पर पश्चिमी देशों के चुनाव में खासकर अमरीका व इंग्लैंड में ऐसे वीडियो का वायरल होना एक आम बात रही है। 2008 और 2012 के अमरीकी राष्टï्रपति के चुनावों में ऐसे वायरल वीडियो और इंटरनेट माइम ने वहां के वोटरों में धूम मचा दी थी, अब यह कहानी भारत के आम चुनाव में भी दुहराई जा रही है।
Posted on 16 March 2014 by admin
खांटी समाजवादी नेता शरद यादव और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का झगड़ा अब सडक़ों पर उतर आया है, सो शुक्रवार को नई दिल्ली में रामसुंदर दास के आवास पर शरद यादव ने जो होली-मिलन का समारोह रखा था, उसका रंग फीका रहा, भाजपा समेत 138 प्रमुख नेताओं को उस होली मिलन समारोह में न्यौता गया था, पर कोई भी प्रमुख चेहरा वहां दिखा नहीं, बड़ी संख्या में मीडिया वालों को भी बुलाया गया था, पर इक्के-दुक्के मीडिया वाले आए, यहां तक कि स्वयं शरद यादव ही उस होली मिलन समारोह में नहीं पहुंचे और न ही नीतीश आए। इस झगड़े की शुरूआत शरद की मधेपुरा सीट से हुई, नीतीश चाहते हैं कि शरद इस बार नालंदा से लड़े, नीतीश का तर्क है कि चूंकि मधेपुरा से पप्पू यादव लालू के टिकट पर लड़ रहे हैं सो शरद के लिए वहां का मैदान मुश्किल हो गया है, शरद का तर्क था-‘यदि मैं नालंदा चला गया तो मेरी हार तो पहले ही हो जाएगी, खांटी समाजवादी हूं सो मधेपुरा से ही लड़ूंगा।’ पटना की मीटिंग में शरद व नीतीश के बीच तू-तू मैं-मैं इस कदर हुई कि शरद ने गुस्से में धमकी दे डाली कि ‘अब न रहेगा जद(यू) और न बचेगी नीतीश सरकार’ सनद रहे कि बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं, बीजेपी की टूट के बाद नीतीश के साथ 118 विधायक बचे हैं और वे कुछ निर्दलीयों और कांग्रेस के समर्थन से अपनी सरकार चला रहे हैं, सो अगर ऐसे में शरद अपने दर्जन भर समर्थक विधायकों को लेकर, नीतीश से अलग हो जाएं तो नीतीश सरकार संकट में आ जाएगी। वैसे भी शरद के कट्टïर समर्थक नरेंद्र सिंह नीतीश के पूरी तरह खिलाफ हैं। सो जब पटना की मीटिंग बीच में ही छोड़ कर शरद दिल्ली लौट आए तो पीछे-पीछे नीतीश भी दिल्ली आ गए और वे शुक्रवार की रात तीन बजे तक शरद को मनाते रहे।
Posted on 16 March 2014 by admin
कभी नरेंद्र मोदी के सबसे मुखर विरोधियों में शुमार होने वाले बिहारी भगवा नेता सुशील मोदी ने अपने रंग बदल लिए हैं, वे नए सियासी अवतार में सामने आए हैं और इन दिनों वे मुग्धभाव से नमो के गुणगान में जुटे हैं। जबकि सुशील मोदी को लेकर बिहार भाजपा में दिनों दिन असंतोष के स्वर गहराने लगे हैं, बिहार भाजपा के कई नेताओं ने पार्टी हाईकमान से मिल कर सुशील मोदी पर कुछ लेन-देन के आरोप भी लगाए हैं, ऐसे ही आरोप बिहार के एक अन्य भाजपा नेता मंगल पांडे को लेकर भी है। सुशील मोदी की नजर बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर टिकी है, सो उन्होंने अभी से पार्टी के प्रभावशाली नेताओं को पटाने के जुगत भिड़ानी शुरू कर दी है। कहते हैं पटना साहिब से शत्रुघ्न सिन्हा की जगह रविशंकर प्रसाद को लड़वाने का मूल आइडिया भी सुशील मोदी का ही था, शत्रु ने भी दिल्ली से चुनाव लडऩे से मना कर दिया है, उन्होंने पार्टी हाईकमान से साफ कर दिया था कि अगर वे चुनाव लड़ेंगे तो सिर्फ पटना साहिब से, वरना नहीं लड़ेंगे।
Posted on 16 March 2014 by admin
जनरल वी.के.सिंह भिवानी-महेंद्र गढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लडऩे से इसीलिए पीछे हट गए कि उन्हें इल्म हुआ कि यहां जाटों का रूख उनको लेकर सकारात्मक नहीं है, और अगर जाट व ब्राह्मïण दोनों का साथ न मिले तो यहां से जीत दर्ज करा पानी थोड़ी मुश्किल हो जाएगी, सो जनरल ने भाजपा के वरिष्ठï नेताओं के समक्ष अपनी यह मंशा साफ कर दी कि वे हरियाणा के बजाए राजस्थान की राजपूत बहुल सीट जोधपुर से चुनाव लडऩा चाहते हैं, पर यहां भाजपा की दिक्कत यह है कि पार्टी के वरिष्ठï नेता जसवंत सिंह भी यहीं से टिकट चाहते थे, सो गडकरी-राजनाथ की जोड़ी अब इस संभावना को भी टटोल रही है कि क्यों नहीं जनरल को राज्यसभा में ही भेज दिया जाए।
Posted on 16 March 2014 by admin
लखनऊ के वर्तमान सांसद लाल जी टंडन इन दिनों भले ही अपनी संसदीय सीट के खिसकने के कारण परेशान हों पर नेताओं को कैसे बनना-ठनना चाहिए इसका वे अलख जगा रहे हैं। लाल जी टंडन की लखनऊ में कुर्ते की एक बहुत बड़ी दुकान हैं, बिक्री भी जमकर होती है। कहा जाता है इतनी मशहूर और बड़ी दुकान लखनऊ में किसी और की नहीं है। सो, नेताओं की डिमांड पर लाल जी टंडन ने अपनी दुकान की एक ब्रांच नई दिल्ली के यशवंत प्लेस में भी शुरू की है, दुकान खुलते ही यहां नेताओं की भीड़ जुटने लगी है, उनकी भी जो कुर्ते फाडऩे में माहिर है।
Posted on 16 March 2014 by admin
पूर्व केद्रीय मंत्री कल्पनाथ राय के दामाद, मुक्तिनाथ उपाध्याय कभी लालू यादव और शिबू सोरेन के सलाहकार रह चुके हैं। वे झारखंड मुक्ति मोर्चा के राष्टï्रीय सचिव के रूप में 2004 में झारखंड में एक नई सियासी व्यूह रचना गढऩे वाले सूत्र धार भी रहे हैं, पर लगता है इन दिनों मुक्तिनाथ जी अपने नए सियासी अवतार से भगवा अलख जगाने की तैयारियों में जुटे हैं, सूत्र बताते हैं कि उन्होंने नरेंद्र मोदी से अपनी नजदीकियां इन दिनों काफी बढ़ा ली है, सो पिछले दिनों जब दिल्ली की महिलाओं के साथ चाय पर चर्चा के लिए मोदी दिल्ली के होटल अशोक पधारे, तो वहां उनका मुक्तिनाथ से आमना-सामना हो गया, मोदी लिफ्ट से उतर रहे थे, और होटल की लॉबी में उपाध्याय जी लिफ्ट में सवार होने की तैयारी में थे। मोदी जब उस लिफ्ट से बाहर निकले, सामने मुक्तिनाथ को पाया तो उन्हें बांहों से पकड़ कर एक ओर ले गए और खूब सियासी गुफ्तगू की, मुक्तिनाथ भी गदïïïïïï्गद् कंठों से अब सिर्फ मोदी गान गा रहे हैं।
Posted on 09 March 2014 by admin
इस बात की खबर मिलते ही कि भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह इस दफे लखनऊ संसदीय सीट से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं, विरोधी पार्टियों ने सियासी शतरंज पर राजनाथ सिंह के खिलाफ दांव चलने शुरू कर दिए हैं। लखनऊ में ब्राह्मïण वोटरों का बोलबाला देखते हुए कांगे्रस यहां से रीता बहुगुणा जोशी को मैदान में उतारने पर विचार कर रही है, खासकर बसपा यहां की सीट पर घात लगा कर बैठी है और बसपा सुप्रीमो मायावती राजनाथ से अपना पुराना हिसाब चुकता करने की जुगत में हैं, बहिन जी यहां से बसपा का कोई मजबूत उम्मीदवार मैदान में उतारना चाहती हैं, भाजपा अध्यक्ष के साथ दोस्ती तो बस सपा निभा रही है जो उनके खिलाफ यहां से एक मुस्लिम उम्मीदवार उतार रही है, पर राजनाथ कैंप का पक्का भरोसा है कि अध्यक्ष जी को उनकी धवल छवि का लाभ मिलेेगा और वे लखनऊ की बाजी आसानी से जीत जाएंगे ।
Posted on 09 March 2014 by admin
‘आप’ पार्टी के खास मुखिया अरविन्द केजरीवाल के रंग-ढंग बदल गए हैं, अब तो वे बड़ी सियासी पार्टियों के बड़े नेताओं की तरह आचरण करने लगे हैं, अपने 3 दिनों के विवादास्पद गुजरात दौरे के बाद वे शुक्रवार को नई दिल्ली में आहूत इंडिया टुडे कांक्लेव में भाग लेने दिल्ली पधारे थे, इस कांक्लेव में बोलने के बाद वे शुक्रवार को ही रैलीगेयर के एक चार्टर्ड विमान से जयपुर के लिए उड़ गए, जब उनसे पूछा गया कि चार्टर्ड विमान के भुगतान के लिए ‘आप’ पार्टी के पास पैसा कहां से आ गया तो, केजरीवाल ने बेहद मासूमियत से जवाब दिया कि ‘इस विशेष विमान का खर्चा उनके आयोजकों ने उठाया है’, जब आयोजकों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने ‘एक सुविचारित चुप्पी का आवरण ओढ़ लिया।’
Posted on 09 March 2014 by admin
देश के सबसे बड़े आम आदमी अरविन्द केजरीवाल जब अपने एक हजार किलोमीटर के लंबे रोड-शो में यूपी की सडक़ों पर निकले तो यह नज़ारा देखने वाला था, अरविन्द खुद तो एक इनोवा कार में सवार थे और जहां-जहां उन्हें भीड़ को हाथ हिलाने की तलब होती थी वे एक खुली जीप में सवार हो जाते थे, आम आदमी की पुरकश वकालत करने वाले नए सियासी अवतार के इस पुरोधा के का$िफले में कई चमचमाती-इतराती विदेशी गाडिय़ां भी शामिल थीं, मसलन बीएमडब्ल्यू। तमाम गाडिय़ों पर बड़े-बड़े स्टिकर लगे थे, सडक़ की दोनों ओर बिलबोर्ड लगे थे, जिसमें आम आदमी पार्टी से टिकट की चाह रखने वाले प्रत्याशियों ने केजरीवाल के साथ अपनी फोटो लगा रखी थी, जहां भीड़ ज्यादा होती थी, वहां केजरीवाल अपनी गाड़ी से उतर जाते थे, जहां कम होती थी वहां लोगों को हाथ हिलाकर आगे बढ़ जाते थे, जब यह का$िफला औरेया पहुंचा तो वहां बमुश्किल 50 लोग इक_ïे थे, केजरीवाल हाथ हिलाकर आगे बढ़ रहे थे तो उस भीड़ में से एक नौजवान ने चिल्लाकर कहा-‘सर कम से कम 2 मिनट के लिए गाड़ी से तो उतर जाइए’, जवाब मिला-‘भीड़ इतनी नहीं कि यहां कुछ बोला जाए’। केजरीवाल आगे बढ़ गए, आम आदमी पीछे छुट गया।