Posted on 17 July 2016 by admin
राहुल की उनके नाम पर नाइत्तफाकी की ख़बर जब शीला दीक्षित को लगी तो सूत्र बताते हैं कि वह एकबारगी उखड़ गईं और उन्होंने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए पार्टी की ओर से ‘सीएम फेस‘ बनने से मना कर दिया। तब जाकर उन्हें मनाने की जिम्मेदारी राजीव शुक्ला को सौंपी गई, जो प्रियंका व राहुल के खास संदेश के साथ शीला को मनाने उनके घर जा पहुंचे और अंततः उन्हें मनाने में कामयाब रहे। प्रियंका का तर्क था कि शीला दीक्षित पर महज़ आरोप लगे हैं, उन्हें किसी मामले में दोषी नहीं ठहराया जा सका है। कहते हैं प्रियंका ने राहुल के समक्ष यह तर्क भी पेश किया कि बिहार चुनाव में महागठबंधन के मुख्य प्रचारक लालू प्रसाद यादव पर तो बकायदा दोश प्रमाणित हो चुका था।
Posted on 10 July 2016 by admin
मोदी मंत्रिमंडल के ताज़ा फेरबदल से यह साफ हो गया है कि हर एक मंत्रालय पीएम और पीएमओ की कड़ी निगरानी में है और समय-समय पर संबंधित मंत्रालय के प्रोग्रेस की समीक्षा की जाती है। मिसाल के तौर पर पिछले दिनों वाणिज्य मंत्री निर्मला सीतारमण के विभागीय सचिव को पीएमओ से फोन आया कि पीएम बात करेंगे, हक्के-बक्के सचिव महोदय से स्वयं पीएम ने उनके विभाग से संबंधित कई महत्त्वपूर्ण बातों की पड़ताल की और फोन रखते-रखते बोले-‘आता हूं कभी आपके मंत्रालय में।‘ पीएम के फोन रखते ही सचिव महोदय भागे-भागे मंत्री साहिबा के पास पहुंचे और उन्हें यह सारा वृत्तांत सुनाया। एक पल को निर्मला सीतारमण भी भौच्चक रह गईं और उन्हें यह जान कर कहीं और ज्यादा आश्चर्य हुआ कि पीएम ने उनके दफ्तर आने की बात कही है। सूत्र बताते हैं कि मंत्री महोदया से जब रहा न गया तो उन्होंने सीधे पीएमओ में फोन लगा दिया और यह जानना चाहा कि पीएम उनके मंत्रालय का विज़िट कब करने वाले हैं, फोन पर उनसे कहा गया कि ‘आप एक मिनट होल्ड करिए, साहब से पूछ कर बताता हूं।‘ 30 सेकेंड के अंदर जवाब आ गया, मंत्री साहिबा को बताया गया कि पीएम कह रहे हैं कि यह तो विभागीय सचिव और उनकी बातचीत है, इससे मंत्री का क्या लेना देना ? निर्मला सीतारमण को सारा माजरा समझ में आ गया और उन्होंने इस मामले को ज्यादा तूल नहीं देते हुए मामला यहीं रफा-दफा कर दिया।
Posted on 10 July 2016 by admin
फोन तो सुश्री उमा भारती के विभागीय सचिव को भी पीएमओ से गया और सचिव महोदय को पीएमओ ने तलब कर लिया, जहां विभागीय सचिव की पीएम से वन-टू-वन एक लंबी बातचीत हुई। सूत्र बताते हैं कि मोदी की असल चिंता ‘नमामि गंगे’ योजना को लेकर थी, जिसका उन्होंने सचिव के साथ बैठ कर विस्तृत जायजा लिया। इस मुलाकात से फारिग होकर सचिव महोदय जैसे ही मंत्रालय पहुंचे, उनका बेताबी से इंतजार कर रहीं उमा ने उन्हें अपने कमरे में तलब किया और अपने सचिव महोदय से जानना चाहा कि उनकी पीएम से क्या बातें हुई हैं ? पर चतुर सुजान सचिव महोदय ने इस पूरे मामले को गोल-मोल कर दिया, मंत्री साहिबा आखिर तक समझ नहीं पाईं कि आखिर इन दोनों में पीएमओ में क्या बातचीत हुई होगी?
Posted on 10 July 2016 by admin
ऐसा ही एक वाकया केंद्रीय खाद्य आपूर्ति मंत्री राम विलास पासवान के साथ भी हुआ। जब पासवान के विभागीय सचिव ने उन्हें यह इत्तला दी कि उनकी पीएम के साथ एक लंबी बातचीत हुई है तो सियासत के माहिर खिलाड़ी पासवान ने एक बड़ा दांव चलते हुए अपने विभागीय सचिव को यह कह कर चौंका दिया-‘हां, मुझे मालूम है, इस कैबिनेट मीटिंग से जब हम कमरे से बाहर निकल रहे थे तो पीएम ने चलते-चलते मुझसे बात की थी, और मुझे यह भी बताया था कि वे आपसे अगले कुछ दिनों में बात करने वाले हैं।’ सूत्र बताते हैं कि पासवान ने अपने विभागीय सचिव से यह पूछने की जहमत ही नहीं उठाई कि सचिव महोदय की पीएम से क्या बात हुई, पासवान जानते थे कि पूछे जाने पर भी सचिव महोदय गोल-मोल जवाब देंगे। तो पासवान ने इस पूरे मामले को अपनी तरह से हैंडिल कर लिया।
Posted on 10 July 2016 by admin
भारत स्थित विभिन्न दूतावास में आम तौर पर रोज़ा इफ्तार की दावत रखने की परंपरा पिछले काफी समय से चली आ रही है, और ऐसे में अमूमन अमरीकी दूतावास ईद-मिलन की पार्टी रखता था, पर चूंकि इस बार केंद्र सरकार की ओर से कोई इफ्तार पार्टी नहीं रखी गई थी, मोदी सरकार के इस रुख को भांपते हुए भारत स्थित ज्यादातर दूतावासों ने अपनी ओर से किसी इफ्तार का आयोजन नहीं किया, पर अमरीकी दूतावास जो आम तौर पर ईद-मिलन समारोह रखता था, इस दफे उसने इफ्तार की दावत रख दी। इस इफ्तार का आयोजन नई दिल्ली के होटल अशोक में था, जिसके लिए 80 मेहमानों को न्यौता भेजा गया था, पर इस आयोजन में 100 से ज्यादा मेहमान शरीक हुए। सूत्र बताते हैं कि अमरीकी एंबेसी को यह इफ्तार आयोजित करने की प्रेरणा संघ के एक आनुशांगिक संगठन ‘मुस्लिम राष्ट्रीय मंच’ से मिली, जिसके कर्ताधर्ता इंद्रेश हैं। इंद्रेश ने अपनी संस्था की ओर से एक बड़े इफ्तार का आयोजन कर सबको चैंका दिया था।
Posted on 10 July 2016 by admin
पिछले 18 महीनों से लगातार ‘रिलायंस जिओ’ को लांच करने की तैयारियों में मसरुफ रहने के बाद अंबानी परिवार एक साथ साऊथ फ्रांस में छुट्टियां मानने के लिए गया हुआ है। सबसे खास बात कि एक्टर रणवीर कपूर भी साऊथ फ्रांस की इन छुट्टियों में अंबानी परिवार के एक हिस्सा हैं। मुकेश अंबानी के पुत्र आकाश और रणवीर कपूर वहां से फिर डेनमार्क के कोपेनहेगन के लिए रवाना हो गए, जहां उन्हें ‘कोल्ड प्ले कंसर्ट’ देखने जाना था। अंबानी पुत्री ईशा यूरोप के एक बेहद पाॅवर फुल रईस बर्नेद्र अर्नाल्ट के एक फैशन ईवेंट में उनकी खास मेहमान थीं, तो वहीं मुकेश व नीता अंबानी को अपना ज्यादातर वक्त साथ गुजारते देखा जा सकता है।
Posted on 10 July 2016 by admin
अपने चहेतों को लेकर संघ ने एक तरह से मोदी-शाह द्वय के समक्ष समर्पण कर दिया है, एक प्रमुख संघ नेता कृष्ण गोपाल की बेहद चहेतियों में शुमार होने वाली स्मृति ईरानी को जिस तरह से मानव संसाधन विकास मंत्रालय से बाहर का रास्ता दिखाया गया है वह इस बात का द्योतक है कि मोदी-शाह द्वय और संघ के बीच अच्छा समन्वय चल रहा है। सूत्र बताते हैं कि स्मृति को इस बात की ताकीद कर दी गई है कि वह अपना अड़ियल रवैया छोड़े नहीं तो अगली बार उन्हें गुजरात से राज्यसभा मिलना भी मुश्किल हो सकता है। कहते हैं कि स्मृति के करीबी इस बात की हवा बना रहे हैं कि उन्हें यूपी में बतौर भाजपा का सीएम फेस प्रोजेक्ट किया जा सकता है, पर पिछले दिनों एक बड़े अंग्रेजी दैनिक के संपादक अमित शाह से मिलने पहुंचे और उन्होंने यही सवाल शाह के समक्ष दोहराया ने तो शाह ने एक झटके में ऐसी किसी संभावना से इंकार करते हुए दो टूक लहज़े में कहा-‘सवाल ही नहीं उठता।‘ तो क्या स्मृति ईरानी ने अपनी सबसे शानदार राजनैतिक पारी खेल ली है ? क्या आने वाले दिनों में सुर्खियों की इस महारानी को हाशिए से अपनी दोस्ती गांठनी होगी ?
Posted on 04 July 2016 by admin
Leider ist der Eintrag nur auf English verfügbar.
Posted on 04 July 2016 by admin
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Posted on 04 July 2016 by admin
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