Posted on 15 December 2017 by admin
जदयू के दोनों बागियों शरद यादव और अली अनवर की सदस्यता लेने में उप राष्ट्रपति वेंकैया नायडू के ऑफिस ने एक पल की देर नहीं लगाई। वहीं तृणमूल कांग्रेस के मुकुल राय के राज्यसभा सदस्यता वापिस लेने का मसला अभी भी उलझा हुआ है जबकि इस बाबत ममता बनर्जी कई कई दफे अपना विरोध दर्ज करा चुकी हैं, कभी बहिनजी के खास विश्वासियों में शुमार होने वाले नसीमुद्दीन को कबका बसपा ने बाहर का दरवाजा दिखा दिया है, पार्टी लगातार यह मांग कर रही है कि नसीमुद्दीन की राज्यसभा की सदस्यता रद्द की जाए, पर लगता है उप राष्ट्रपति ऑफिस का इस ओर कोई ध्यान नहीं है, वकोध्यानम उनकी दृष्टि जहां जमी है आदेश भी सिर्फ वहीं से ले रहे हैं।
Posted on 15 December 2017 by admin
गुजरात चुनावों के बाद कई नए राज्यपालों की घोषणाएं मुमकिन है। आनंदी बेन पटेल और शंकर सिंह बाघेला के नाम तो पहले से चल रहे हैं। नया नाम नरेश रावल का जुड़ा है, जिन्होंने गुजरात चुनाव में कांग्रेस का दामन छोड़ कमल का साथ दिया है।(एनटीआई-gossipguru.in)
Posted on 04 December 2017 by admin
कांग्रेस और राहुल को जब से एक अमेरिकन कंपनी का साथ मिला है, सोशल मीडिया को लेकर उसके आत्मविश्वास में कई गुना बढ़ोत्तरी हुई है। इन दिनों सोशल मीडिया पर राहुल को भी मजा आने लगा है और वे ट्विटर-ट्विटर के एक नए व दिलचस्प खेल में उलझ गए हैं। वहीं कहीं सोशल मीडिया के इस्तेमाल में कांग्रेस पर सदा हावी रहने वाली भाजपा को यकबयक यह आत्मज्ञान प्राप्त हुआ कि सोशल मीडिया की अपनी सीमाएं हैं और इसके इस्तेमाल के खतरे भी हैं। चुनांचे इस दफे जब हिमाचल व गुजरात में चुनाव की बेला आई तो भाजपा नेतृत्व ने बेहद सुविचारित तरीके से अपने चुनाव अभियान में डोर टू डोर कैंपेन को तरजीह दी और यह रणनीति बनाई गई कि भाजपा नेता व कार्यकर्ता हर मतदाता के द्वार तक जाएंगे और उनसे सीधा संपर्क साधेंगे। हिमाचल चुनाव में भाजपा को अपनी इस पहल के सकारात्मक पहलू दिखे, गुजरात में भी यही प्रयोग दोहराया जा रहा है और यूपी में हुए ताजा निकाय चुनावों में भाजपा की बंपर जीत उसके डोर टू डोर कैंपेन पर मुहर लगाती दिख रही है।
Posted on 04 December 2017 by admin
बिहार में रोज बरोज घोटालों की नई इबारत लिखी जा रही है। भाजपा के एक निवर्त्तमान सांसद से जुड़ी स्वयंसेवी संस्था को कुछ वर्ष पहले राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालयों के निर्माण हेतु राज्य सरकार द्वारा 9 करोड़ रूपयों की राशि आबंटित की गई थी, समय गुजरता गया, पर यह स्वयंसेवी संस्था शौचालयों के निर्माण को मूर्त्त रूप नहीं दे पाई। चुनांचे यह मामला कोर्ट में जा पहुंचा और तब अदालत में स्वयं जिलाधिकारी ने हलफनामा दिया कि वे इस संस्था से सरकारी पैसों की वसूली करेंगे, पर भाजपा के इस सांसद महोदय की धाक इतनी है कि क्या मजाल कोई उनका बाल बांका कर पाए। और अभी चंद रोज पहले बिहार सरकार ने सांसद महोदय की इसी संस्था को राज्य के आरा और बक्सर में कुछ अन्य शौचालय निर्माण के लिए पैसा दे दिया है।
Posted on 04 December 2017 by admin
कभी ममता बनर्जी के सबसे खास विश्वासपात्रों में शामिल रहे मुकुल राय ने जब से भाजपा का दामन थामा है अब उन्होंने कोलकाता के बजाए नई दिल्ली को अपना नया ठौर बना लिया है। विश्वस्त सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि मुकुल राय ने कोलकाता के वोटर लिस्ट से अपना नाम कटवा लिया है और अब वे दिल्ली के वोटर हो गए हैं। सूत्र बताते हैं कि वे दिल्ली की अदालत में मान हानि का एक बड़ा केस दायर करने वाले हैं और इस केस की कानूनी जरूरतों के मुताबिक ही उन्होंने दिल्ली की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाया है।
Posted on 04 December 2017 by admin
पटना हाई कोर्ट के दो माननीय न्यायमूर्त्ति ऐसे भी हैं जिनके पिता वकील है। इनमें से एक जज ने एक लिखित प्रतिवेदन दिया है कि चूंकि उनके पिता एक वकील हैं और पटना हाई कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं, सो उन्हें पटना नहीं भेजा जाए। चुनांचे उन्हें दिल्ली भेज दिया गया। अभी कुछ रोज पूर्व जज साहिब ने अपने गृह राज्य बिहार जाने की इच्छा जताई और उन्हें पटना हाई कोर्ट भेज दिया गया, जबकि उनके पिता अब भी बतौर वकील वहां उतने ही एक्टिव हैं। पटना हाई कोर्ट के एक और जज साहब ने अपने वकील पिता को ताकीद कर दी है कि वे पटना में सिर्फ निचली अदालतों में ही पेश होंगे, सो अब वे हाई कोर्ट में पेश नहीं होते।
Posted on 04 December 2017 by admin
सोशल मीडिया पर इन दिनों यह खूब वायरल हो रहा है। कांग्रेस कहती है पंजे वाला बटन दबाओ, वोट हमें मिलेगा। सपा कहती है साइकिल वाला बटन दबाओ तो बसपा हाथी वाला बटन बदाने की अपील करती हुई कहती है यह बटन दबाओगे तो वोट हमें मिलेगा। तो वहीं कहीं शांत मुद्रा में लीन भाजपा निर्विकार भाव से कह रही है, चाहे कोई सा भी बटन दबाओ…वोट…इवीएम की महिमा अपार।’ (एनटीआई-gossipguru.in)
Posted on 28 November 2017 by admin
गुजरात में कभी कांग्रेस के सर्वशक्तिमान अहमद पटेल की तूती बोलती थी, गुजरात से जुड़े तमाम बड़े फैसलों पर उनका एकछत्र राज हुआ करता था। पर जब से कांग्रेस में कमान बदलने की प्रक्रिया शुरू हुई है और सोनिया की जगह राहुल गांधी तमाम बड़े फैसले लेने लगे हैं, अहमद पटेल के आभामंडल पर भी ग्रहण लगता जा रहा है। गुजरात में कभी आदिवासी व मुस्लिम केंद्रित राजनीति करने वाली कांग्रेस ने इस दफे राज्य में सॉफ्ट-हिंदुत्व का चोगा ओढ़ लिया है। इससे राज्य का मुस्लिम समुदाय किंचित नाराज़ हैं, पर असहाय हैं कि वे कांग्रेस का दामन छोड़कर जाएं तो जाएं कहां। वहीं हिंदुत्व के नए उद्घोष में आकंठ डूबे राहुल ने न तो अब तलक नमाजी टोपी पहनी है, न किसी दरगाह में मन्नत मांगने गए हैं और न ही किसी मस्जिद की अज़ान से अपने स्वर मिलाए हैं। इससे उलट राहुल अब मंदिरों की परिक्रमाएं कर रहे हैं और अपने को सच्चा हिंदू साबित करने की बेहद आपाधापी में है। कांग्रेस की पहली लिस्ट जारी हो चुकी है और इसमें सिर्फ दो मुस्लिम उम्मीदवारों को ही टिकट दिए गए हैं। सबसे ज्यादा टिकट तो अल्पेश ठाकोर, जिग्नेश मवाणी और हार्दिक पटेल के कहने पर दिए गए हैं। राज्य की ज्यादातर मुस्लिम आबादी पाटीदारों को गुजरात दंगे का सबसे बड़ा खलनायक मानती हैं और राहुल हैं कि हार्दिक पर दिल लुटा रहे हैं, सियासत का यह दस्तूर निराला है, नए मिलते हैं, तो पुराने बेगाने से लगने लगते हैं।
Posted on 28 November 2017 by admin
आगरा के मूल निवासी और इलाहाबाद से पढ़े-लिखे विभव कांत उपाध्याय का जापान कनेक्शन बेहद पुराना है। विभव ’इंडिया सेंटर फाऊंडेशन’ के चैयरमेन हैं और जापान के सरकारी तंत्र यहां तक कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे तक उनकी सीधी पहुंच है। अटल बिहारी वाजपेयी के जमाने से इनकी पीएमओ में सीधी एंट्री है, वाजपेयी के जमाने में सुधीन्द्र कुलकर्णी से विभव के बेहद नजदीकी रिश्ते रहे हैं। कांग्रेस के जमाने में सैम पित्रोदा से भी उनकी बेहद नजदीकियां रही हैं। मनमोहन सरकार में भी विभव की तूती बोलती थी। नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री बने तब से विभव के उनसे रिश्ते हैं। कहते हैं जापान के प्रधानमंत्री से मिलवाने पहली बार मोदी को लेकर विभव जापान गए थे। मोदी के मुख्यमंत्री रहते उनके चार्टर्ड फ्लाइट में अक्सर विभव को मोदी के साथ उड़ान भरते देखा जा सकता था। विभव ने भारत व जापान के बीच व्यापार बढ़ाने और दोनों देशों के रिश्तों को मजबूती देने के उद्देश्य से सन् 2000 में इंडिया जापान ग्लोबल पार्टनरशिप समिट शुरू किया। अगले महीने एक बार फिर से यह समिट दिल्ली में आहूत है। इस समिट में भाग लेने के लिए कई बड़े कॉरपोरेट हाउस के मुखिया और कई केंद्रीय मंत्रियों ने पहले से ही सहमति दे रखी थी। पर सूत्रों के हवाले से खबर मिली है कि जापान के एक प्रमुख बैंक ने विभव को लेकर पीएम से अपनी शिकायत दर्ज कराई है। इसके बाद साफ्ट बैंक के सीईओ राजीव मिश्रा ने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात की। सनद रहे कि साफ्ट बैंक ने 25 हजार करोड़ रुपयों से ज्यादा का भारत में निवेश किया है। सूत्र बताते हैं कि इसके बाद से मोदी का नज़रिया विभव के प्रति किंचित बदल गया है और इस बात की सूंघ लगते कई प्रमुख केंद्रीय मंत्रियों ने विभव द्वारा आहूत समिट में शामिल होने में असमर्थता जता दी है। सूत्र बताते हैं कि इससे आहत होकर विभव नितिन गडकरी की शरण में जा पहुंचे, पर कहते हैं गडकरी ने भी इस मामले से अपने को अलग कर लिया है।
Posted on 28 November 2017 by admin
जदयू हमेशा से गुजरात चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारती आई है और एनडीए में होने के बावजूद नीतीश अपने पार्टी उम्मीदवारों के पक्ष में चनुाव प्रचार के लिए गुजरात जाते रहे हैं। हालांकि इस दफे भी नीतीष ने गुजरात विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदार उतारे हैं,पर इस बार वे वहां चुनाव प्रचार में जाने के लिए उत्सुक नहीं जान पड़ते हैं। वहीं भाजपा चाहती है कि नीतीश गुजरात जाएं और कांग्रेस के खिलाफ कुछ आग उगले, पर चतुर सुजान नीतीश टस से मस नहीं हो रहे हैं, भाजपा को शक है कि नीतीश ने अपना एक दरवाजा अभी भी कांग्रेसी आंगन की ओर खोला हुआ है। वक्त आने पर वे पलट सकते हैं।