Posted on 19 January 2014 by admin
कांग्रेस की ओर से अपने नए गठबंधन साथियों की तलाश जारी है, द्रमुक और कांग्रेस के रिश्तों में हालिया दिनों में काफी खटास आ गई है, इसे देखते हुए कांग्रेसी मैनेजरों ने करुणानिधि की जगह अम्मा की ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाने की पहल की है और उन्हें यह लॉलीपाप थमाने कि कोशिश की है कि बदले परिदृश्य में कांग्रेस अम्मा को प्रधानमंत्री बनने के लिए समर्थन दे सकती है। वैसे भी अम्मा ने तमिल प्रधानमंत्री का खटराग पहले से अलाप रखा है, पर आश्चर्यजनक रूप से कांग्रेस को अम्मा का सीधा जवाब आ गया है कि जिस ओर चिदंबरम खड़े हों, अम्मा उस ओर देखना भी पसंद नहीं करतीं, समर्थन लेने-देने की बात तो दूर की कौड़ी है।
Posted on 19 January 2014 by admin
एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के इस ऐलान से कि वे लोकसभा का अगला चुनाव नहीं लड़ेंगे, उनकी पार्टी की बागडोर एक तरह से उनकी पुत्री सुप्रिया सुले और उनके भतीजे अजीत पवार के हाथों आ गई लगती है। इस बात से पवार के पुराने सहयोगी प्रफुल्ल पटेल काफी असहज जान पड़ते हैं, क्योंकि अपने से जूनियर सुप्रिया या अजीत के नीचे काम करना उन्हें गंवारा नहीं, सो पटेल साहब ने अन्य पार्टियों में भी अपने लिए संभावनाएं तलाश करनी शुरू कर दी है, भाजपा में उनके कई दोस्त हैं, जिन्होंने उन्हें भाजपा में शामिल करने की पहल शुरू कर दी है।
Posted on 19 January 2014 by admin
कांग्रेस के चुनाव प्रचार की बागडोर संभालने के बाद राहुल गांधी एक बदले अवतार में देशवासियों के समक्ष आना चाहते हैं, दरअसल राहुल अपने ऊपर से पार्ट टाइम राजनीतिज्ञ का दाग धोना चाहते हैं, इसके लिए 5 फरवरी से शुरू होकर 22 फरवरी तक चलने वाले संसद सत्र में राहुल खासा एक्टिव रह सकते हैं, सदन में कई मुद्दों पर बोलने की वे पूरी तैयारी कर रहे हैं, महज एक पखवाड़े चलने वाले इस संसद सत्र में राहुल कम से कम अपने 6 महत्वाकांक्षी बिल को पास कराना चाहते हैं, युवा गांधी सचमुच जल्दी में हैं, उनकी रफ्तार के साथ उनकी पार्टी व देश को सामंजस्य बिठाने में थोड़ा वक़्त लग सकता है।
Posted on 19 January 2014 by admin
चिदंबरम अपने लिए लोकसभा की नई सीट की तलाश में जुटे हैं, शिवगंगा में उन्हें आसन्न हार की चिंता सता रही है, अपनी सीट बदलने की मांग को लेकर पीसी पहले ही सोनिया और राहुल से मिलकर उनके समक्ष गुहार लगा चुके हैं कि उन्हें इस दफे के आम चुनाव में पुद्दुचेरी से लड़ाया जाए। चिदंबरम की बातों को गंभीरता से लेते हुए राहुल ने केंद्रीय मंत्री और पुद्दुचेरी से कांग्रेसी सांसद नारायणसामी से बात की और उनसे पूछा कि क्या वे चिदंबरम के लिए अपनी सीट बदल लेंगे? जवाब में नारायणसामी ने बेहद विनम्रतापूर्वक इस बात को मना कर दिया। सो, थक-हार कर चिदंबरम ने अब अपना रूख कन्याकुमारी की ओर किया है, पर यहां भी उनके लिए लड़ाई आसान नहीं होगी, क्योंकि यह एक ऐसी सीट है जहां भाजपा का वोट शेयर 10 फीसदी से भी ज्यादा है। और यह कोई छुपी बात नहीं रह गई है कि चिदंबरम कई भाजपा नेताओं के निशाने पर क्यों हैं?
Posted on 13 January 2014 by admin
कुछ तो बात है कि पूरा का पूरा ‘बांबे-क्लब’ आप का दीवाना हो गया है, सूत्र बताते हैं कि बांबे क्लब के दो चमकते नक्षत्र रतन टाटा व आनंद महिन्द्रा ने बकायदा ‘आप’ से संपर्क साध उन्हें यह प्रस्ताव दिया है कि अगर पार्टी चाहे तो ये दोनों कॉरपोरेट घराने मिलकर ‘आप’ का पूरा चुनावी खर्च उठा लेंगे और यह पूरा का पूरा चुनावी चंदा चेक के मार्फ्त दिया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि मुकेश अंबानी पहले से ‘आप’ के संपर्क में है, वहीं पवन मुंजाल जैसे उद्योगपति भी ‘आप’ के समर्थन में अलख जगा रहे हैं, क्या ‘आप’ से जुडक़र कॉरपोरेट घराने भी अपनी इमेज ब्लिंडग की कवायद कर रहे हैं?
Posted on 13 January 2014 by admin
डूबती नैया को नए साथी खेवैयों की तलाश है, कांग्रेस इस चुनाव में सारी बाजी अपने गठबंधन साथियों पर लगाना चाहती है, नए गठबंधन साथी तलाशने की प्रक्रिया भी जारी है, बिहार में लालू व रामविलास से अंतिम दौर की बातचीत हो चुकी है, लालू कांग्रेस को दो अंकों में यानी 10 से ज्यादा सीटें देने को तैयार हैं, यूपी में मायावती को मनाने की कवायद जारी है, कांगे्रस ने मायावती को यह प्रस्ताव भी दिया है कि अगर बसपा यूपी में 25 सीटें कांग्रेस के लिए छोड़ती है तो कांग्रेस भी देशभर में 20 सीटें बसपा के लिए छोड़ सकती है, ये 20 सीटें भी उन महत्वपूर्ण राज्यों की होगी जहां बसपा का पहले से जनाधार है, जैसे पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ आदि। बहिनजी इस प्रस्ताव पर विचार कर रही है और कांग्रेस उन्हें उपकृत करने का हर मुमकिन जुगाड़ बिठा रही है।
Posted on 13 January 2014 by admin
राज ठाकरे यानी बदले-बदले से सरकार नज़र आते हैं, कभी नमो को लेकर राज का रूख बेहद नरम हुआ करता था, यहां तक कि वे मुंबई व आस पास की सीटों पर भाजपा-शिवसेना गठबंधन के साथ फे्रंडली-फाइट को भी तैयार थे। सूत्र बताते हैं कि नमो ने कई प्रकार से उन्हें उपकृत भी कर रखा था कि अचानक मराठी मानुष राज पलटी खा गए, क्योंकि जब नमो ने मातोश्री के पास मुंबई में रैली की तो उसमें एक बार भी राज का नाम नहीं लिया, क्योंकि उद्घव राज को लेकर काफी उद्वेलित थे और उन्होंने नमो से साफ कह रखा था कि उन्हें दोनों में से एक ठाकरे को चुनना होगा, नमो की मुंबई रैली से जब राज खार खाए बैठे थे तभी कांग्रेसी रणनीतिकारों ने उनसे संपर्क साध उन्हें हर तरह से उपकृत कर दिया। राज ने कांग्रेस से कह दिया है कि वे मुंबई और आसपास तो कांग्रेस की मदद नहीं कर पाएंगे, पर ग्रामीण महाराष्टï्र में वे कांग्रेस के साथ ‘फ्रेंडली फाइट’ को तैयार हैं, यानी सेना-भाजपा के वोट बैंक को एक बड़ा डेंट लगाने की कांग्रेसी पटकथा तैयार हैं, लीड रोल में होंगे राज ठाकरे।
Posted on 13 January 2014 by admin
अरविन्द केजरीवाल के दो सबसे करीबी रणनीतिकारों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में ए.के इस बात पर पुनर्विचार कर सकते हैं कि वे लोकसभा का चुनाव लड़ें, क्योंकि ‘आप’ उन्हें देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर देख रही है। वैसे भी भारत में ‘आप’ पार्टी का इतनी तेजी से उदय इंडिया को ‘जैस्मिन रेव्यूलेशन’ माना जा रहा है, ऐसी क्रांति पहले मिश्र में हो चुकी है, और विगत महीनों व सालों में अमरीकी समर्थन के आ$गाज से कई अमरीका विरोधी देशों में ऐसी क्रांतियां देखी जा सकती है, पिछले कुछ दिनों में भारत में भी अमरीका विरोध के स्वर तेजी से सुने जा रहे हैं। सो सूत्र बताते हैं कि अंदरखाने से ‘आप’ को भी अमरीका का पूरा समर्थन हासिल है, कांग्रेस से नाराज़ यह महाशक्ति चाहता है कि लोकसभा 2014 के महासमर में राहुल गांधी व कांग्रेस लड़ाई से बाहर हो, और यह चुनाव ‘मोदी बनाम केजरीवाल’ के टंकार से नहाया हुआ हो।
Posted on 05 January 2014 by admin
नमो पर बाबा रामदेव के ‘यू टर्न’ से भाजपा भौच्चक है और कांग्रेस चौकस, सूत्र बताते हैं कि ‘आप’ की चुनावी सफलता से उत्साहित बाबा शीघ्र ही अपनी पॉलिटिकल पार्टी या मंच लांच कर सकते हैं। वैसे भी बाबा भाजपा हाईकमान से इस बात को लेकर नाराज हैं कि भगवा पार्टी बाबा के चार समर्थकों को लोस टिकट देने को राजी नहीं। पर भाजपा बाबा को हरिद्वार से चुनाव लड़ाने को तैयार है।
Posted on 05 January 2014 by admin
आदर्श घोटाले पर राहुल गांधी के तेवरों को देखते हुए महाराष्टï्र के नए मुख्यमंत्री की तलाश जोरों पर है, पृथ्वीराज चव्हाण की जगह लेने के लिए हर्षवद्र्घन एस.पाटिल, नारायण राणे, राधाकांत विखे पाटिल के नाम रेस में है, वहीं विलास मुत्ते मवार के नाम पर भी हाईकमान गंभीरतापूर्वक विचार कर रहा है।