Posted on 21 October 2014 by admin
जयललिता और नरेंद्र मोदी के संबंधों में तब ही तल्खी आ गई थी, जब जयललिता मोदी से अपनी दोस्ती को नारअंदाज करते ‘चौथा मोर्चा’ के गठन की कवायदों में जुटी रही, यह इस लोकसभा चुनावों के पहले की बात है, अब जब मोदी की बारी आई है तो न तो केंद्र सरकार और न ही सीबीआई की ओर से तमिल महारानी को कोई मदद की खुराक पहुंच पाई, क्योंकि मोदी का फलसफा बड़ा साफ है-जैसे को तैसा!
Posted on 13 October 2014 by admin
प्रकाश जावड़ेकर सियासत के एक माहिर खिलाड़ी के तौर पर अवतरित हो रहे हैं, बगैर किसी सियासी जमीन के उनका यहां तक पहुंचना किसी चमत्कार से कम नहीं है, वे पार्टी में अपने बॉस के अलावा संघ को भी खुश रखने में कामयाब रहे हैं, दूरदर्शन पर सरसंघ संचालक के भाषण का सीधा प्रसारण दिखा कर उन्होंने भले ही विपक्षी दलों की लानते-मानतें झेली हो, पर उनके इस उपक्रम से संघ और भाजपा दोनों ही प्रसन्न हैं, पर सीधे तौर पर इस पूरे मामले में जावड़ेकर की उतनी भूमिका नहीं थी, जितना कि उनको श्रेय मिल रहा है। दरअसल दूरदर्शन न्यूज की महानिदेशक अर्चना दत्त को नागपुर से फोन आया और कहते हैं दत्त ने बगैर मंत्री से मंजूरी मांगे अपने प्रयासों से नागपुर से सीधे कॉऑर्डिनेट कर लिया। क्योंकि नागपुर में ओवी वैन का खर्चा भी संघ स्वयं उठा रहा था, सो दत्त ने आनन-फानन में इस आशय को मंजूरी दे दी।
Posted on 13 October 2014 by admin
हरियाणा के चुनाव कई मायनों में खास हैं और दूसरे चुनावों से अलग है। यहां के शहरी इलाकों की सूरतेहाल यहां के मॉल और मल्टीनेशनल कंपनियों ने बदल दी है। और इन चुनावों में यहां की शहरी जनता ने चुनाव प्रचार की तस्वीर भी बदल दी है। प्रचार के बदले तरीकों ने परंपरागत बैनर, पोस्टर, परचम की जगह रिस्ट बैंड, मोबाइल कवर, स्टीकर्स, टी शर्टस और महिलाओं के लिए पार्टी चिन्हों वाले हेयर क्लिप ने ले ली है। इनेलोद से जुड़े युवा हरे रंग के बैंड, मोबाइल कवर और चश्मे पहने नजर आ रहे हैं, तो भाजपा समर्थक महिलाएं कमलनुमा क्लिप लगाए दिख रही हैं। नरेंद्र मोदी ने अपने लोकसभा चुनावों के अभियान में अपने कमल के चिन्ह वाले ‘पिनअप’ को खासा लोकप्रिय बना दिया था, हरियाणा के इस आसन्न विधानसभा चुनाव में राजनैतिक दलों के उम्मीदवार, उनके समर्थक यहां तक कि निर्दलीय उम्मीदवार भी धड़ल्ले से ऐसे ‘पिनअप’ का इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि वे वोटरों को रिझा सकें।
Posted on 05 October 2014 by admin
राजनीति में नैतिकता व शुचिता की लाख दुहाई देने वाले बाबू नीतीश कुमार ने ओम प्रकाश चौटाला की पार्टी इनेलोद से हाथ मिला लिया है, अब वे इनेलोद उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव प्रचार की अलख जगाएंगे। शायद नीतीश भाजपा के इस आह्वान को भूल गए हैं कि चौटाला की पार्टी गुंडों की पार्टी है। अब नीतीश और चौटाला दोनों का अहम लक्ष्य यह है कि किस प्रकार भाजपा को हरियाणा में सत्ता की दौड़ से बाहर रखा जाए। सूत्रों का दावा है कि वहीं दूसरी ओर चौटाला ने अंदरखाने से भाजपा से भी अपने तार जोड़ रखे हैं, क्योंकि इस दफे के चुनाव में हरियाणा में हंग असेंबली के आसार हैं, ऐसे में चौटाला अपने लिए यह विकल्प खुला रखना चाहते हैं कि कांग्रेस को सत्ता से बाहर रखने के लिए वे भाजपा के साथ मिलकर प्रदेश में सरकार बना सकते हैं। सो, नीतीश की मौजूदा जोर आजमाइश फिलवक्त तो निरर्थक ही दिखती है, वैसे भी नीतीश की जदयू और चौटाला की इनेलोद कालांतर में एनडीए का हिस्सा रह चुकी है।
Posted on 27 September 2014 by admin
कांग्रेस सुप्रीमो सोनिया गांधी ने काफी मशक्कत के बाद 90 विधानसभा सीटों के लिए कांग्रेसी उम्मीदवारों के नामों को हरी झंडी दी है। श्राद्ध में पार्टी इन नामों की सूची जारी नहीं करना चाहती थी। सो, नवरात्रों के शुभ अवसर पर इन नामों का खुलासा हो पाया। इस दफे सोनिया गांधी ने हरियाणा में टिकट बंटवारे में कई सख्त कदम उठाए हैं। कई मायनों में उनके कुछ फैसले चौंकाने वाले भी हैं। मसलन, मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा दो विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ना चाहते थे। पर उन्हें साफ मना कर दिया गया। और कहा गया है कि पार्टी ‘एक व्यक्ति एक सीट की नीति अपनाएगी’। वहीं, एक परिवार से दो लोगों को टिकट देने से भी मना कर दिया गया। असंद के विधायक जीले राम शर्मा, और बल्लभगढ़ की शारदा राठौर के टिकट काटने में सोनिया ने निजी दिलचस्पी दिखाई। जीले राम शर्मा पर मर्डर के केस में चार्जशीट दायर हो गई है और शारदा राठौर का भाजपा में जाने का प्लॉन कांग्रेस हाईकमान को रास नहीं आया। सनद रहे कि बल्लभगढ़ से दो बार की विधायक शारदा अमित शाह से मिल आई थीं। पर इसी सीट से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राम बिलास शर्मा अपने समधी मूलचंद शर्मा को टिकट दिलवाना चाहते थे और अपने इन प्रयासों में वे कामयाब भी हुए। सो, शारदा राठौर की बीजेपी में एंट्री रोकने के लिए राम बिलास ने एड़ी-चोटी का जोर लगा दिया था। मंत्री कैप्टन अजय यादव के बेटे चिरंजीव यादव का टिकट भी ऐन वक्त पर कट गया। हालांकि चिरंजीव यादव कांग्रेस की प्रचार समिति के अध्यक्ष हैं। 90 उम्मीदवारों की सूची में तकरीबन 11 महिलाओं को मिला है, पर इनमें से हर एक की तस्दीक स्वयं सोनिया ने की है।
Posted on 27 September 2014 by admin
गुड़गांव के जमीन मामले पर हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा को घेरने की पूरी तैयारी मोदी सरकार ने कर ली है। हरियाणा विधानसभा चुनावों के बाद कभी भी हुड्डा पर चार्जशीट फाइल हो सकती है, मोदी सरकार का इरादा साफ है कि कम से कम इस बहाने तो रॉबर्ट व प्रियंका मामले की कलई खुले।
Posted on 21 September 2014 by admin
हरियाणा विधानसभा चुनाव में गोपाल कांडा, विनोद शर्मा और कुलदीप बिश्नोई के बीच चल रहे चुनावी गठबंधन को लेकर यहां के लोगों का कहना है कि यह जेसिका, दीपिका और फ़िज़ा की युति है, सो, इस युति का भविष्य क्या होगा इसे आप सहज समझ सकते हैं।
Posted on 21 September 2014 by admin
यूपी के इन उप चुनावों में 11 में से 8 सीटें जीतने के बाद मुलायम-अखिलेश के हौंसले बम-बम हैं, अब उनके दरबार में पहले से कहीं ज्यादा भीड़ जुटने लगी है। यादव परिवार को लगता है कि जब 2012 विधानसभा चुनाव में प्रदेश में मुलायम लहर के बावजूद जब वे ये सीटें हार गए तो ढाई वर्षों के उपरांत अब भाजपा के हाथों से ये सीटें छीन लेना एक बड़ी बात है। दरअसल उन उप चुनाव में मतदान का प्रतिशत लोकसभा चुनाव की तुलना में लगभग आधा रह गया, सपा अपने परंपरागत वोटरों को मसलन यादव, मुस्लिम व पिछड़ी जातियों के मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक लाने में कामयाब रही, वहीं एक-एक विधानसभा सीट पर मुलायम ने अपने 10-10 मंत्रियों की डयूटी लगा रखी थी, यही आदेश प्रधानों के लिए भी था, चुनांचे मंत्रियों ने पानी की तरह अपना पसीना और पैसा बहाया, वहीं भाजपा के अपने परंपरागत वोटर उदासीन रहे, सो, ऐसे में पासा पलट गया।
Posted on 13 September 2014 by admin
सीबीआई प्रमुख रंजीत सिन्हा का टर्म इस 2 दिसंबर को पूरा हो रहा है, सूत्र बताते हैं कि सिन्हा अपने कार्यकाल की मियाद पूरी करेंगे, पर धीरे-धीरे इनके पर कतर दिए जाएंगे। यानी आने वाले दिनों में उन्हें कोल व 2जी मामलों की जांच से अलग किया जा सकता है।
Posted on 06 September 2014 by admin
फ्रांस के लोकप्रिय राष्ट्रपति ओलेंडे की पूर्व पत्नी वेलेरी टेरीबेलर ने जब ओलेंडे के अन्य औरतों के साथ अंतरंग रिश्तों को अपनी आत्मकथात्मक पुस्तक ‘थैंक्स फोर द् मूवमेंट’ में बेनकाब किया तो एक बारगी फ्रांस में भी खलबली मच गई, पर फ्रांस के लोगों को अपने राष्ट्रपति के इस पूर्व पत्नी के इलज़ाम रास नहीं आए और एक तरह से यह पूरा वाकया ‘मिस फायर’ कर गया। भारत में भी इन दिनों आत्मवृत्तांत वाली ऐसी पुस्तकों ने धूम मचा रखी है, शुरूआत संजय बारू ने ‘द् एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ लिखकर की, फिर नटवर सिंह अपनी आत्मकथा ‘वन लाइफ इज नॉट इनफ’ को लेकर आ गए। अब खबर है कि सोनिया गांधी ने भी जो इन दिनों इटली में है, वे अपनी आत्मकथा पर काम करना शुरू कर दिया है। पंजाब के गवर्नर शिवराज पाटिल की पुस्तक बाजार में आ चुकी है। सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी अपनी आत्मकथा को बिल्कुल अंतिम रूप दे दिया है। यह भी बाजार में आने को तैयार है। केरल की गवर्नरी से मुक्त हो चुकीं शीला दीक्षित भी अब अपने अनुभवों को एक सूत्र में पिरोते हुए एक आत्मकथा लिख रही हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश तो एक साथ तीन पुस्तकों पर काम रहे हैं, इसमें से एक पुस्तक पर्यावरण पर है, दूसरी भूमि सुधार पर है और तीसरी नक्सलवाद पर है। यानी आने वाले दिनों में कई राज बेपर्दा होने वाले हैं।