Posted on 20 February 2018 by admin
11,330 करोड़ के पंजाब नेशनल बैंक के घोटाले में जिस नीरव मोदी और उसके चाचा मेहुल चोकसी नामजद हैं इसके तार कहीं न कहीं सत्ता पक्ष से भी जुड़े हैं। नीरव मोदी के छोटे भाई निशाल मोदी की शादी धीरू भाई अंबानी की पुत्री दीप्ति और राज सलगांवकर की पुत्री इशिता से कोई डेढ़ वर्ष पूर्व गोवा में सलगांवकर के परंपरागत बंगले, पंजिम के जेडब्ल्यू मैरियट और बेबोलिन के ग्रांड हयात होटल में बड़े धूमधाम से हुई थी। इस विवाह समारोह में शामिल होने के लिए हाई प्रोफाइल लोगों में धकमपेल मची थी। प्रसिद्ध डिजाइनर अबू जानी और संदीप खोसला ने वर-वधू के कपड़े डिजाइन किए थे। और इशिता के मामा मुकेश अंबानी ने अपनी मुंबई आवास पर क्या शानदार प्री-वेडिंग पार्टी रखी थी, जिसमें बॉलीवुड का हर चमकता सितारा अपनी आभा बिखेर रहा था। इस पीएनबी घोटाले केस में मुकेश अंबानी के दामाद निशाल मोदी भी नाम जद हैं, पर क्या मजाल जो आपको किसी मीडिया की सुर्खियों में ढूंढे उनका नाम मिल जाए। आज इतने बड़े घोटाले के बाद भी सत्ता पक्ष की नीरवता कुछ और ही किस्सा बयां कर रही है।
Posted on 06 February 2018 by admin
कोई नेपथ्य के सन्नाटों से खामोशियों के ताने-बाने चुगकर अपने ख्वाहिशों के आशियाने को महत्वाकांक्षाओं के रंग रौगन से सराबोर करने का हुनर केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी से सिखे। मोदी सरकार जब दिल्ली के निज़ाम पर काबिज हुई तो उन्हें महज एक राज्य मंत्री बनाया गया, मीडिया में खूब षोर शराबा भी हुआ पर क्या मजाल नकवी ने कोई नानुकर भी की हो। वक्त गुजरा, नकवी इन सियासी हालात से तप कर कुंदन हुए, पूर्णकालिक केंद्रीय मंत्री बने तो मंत्रालय पर उनकी छाप दिखने लगी। अल्पसंख्यक मंत्रालय को एक नया चेहरा-मोहरा देने की कवायद और चंद बड़े अप्रिय फैसले मसलन हज सब्सिडी खत्म करने के फैसले में नकवी ने कई बड़े विपक्षी नेताओं की भी हामी जुटा ली। मदरसे रिफॉर्म से लेकर अल्पसंख्यक युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए न केवल मंत्रालय की स्कीम सिरे चढ़ी, बल्कि मुस्लिम लड़कियों को गुणात्मक शिक्षा मुहैया कराने के लिए भी बड़े कदम उठाए गए। शायद यही वजह रही हो कि पिछले वर्ष के बजट की तुलना में इस दफे केंद्रीय वित्त मंत्री ने बजट मद में नकवी के मंत्रालय को लगभग 550 करोड़ की अतिरिक्त रकम मुहैया कराई और मंत्रालय का बजट आबंटन 2018-19 में बढ़कर 4700 करोड़ रूपयों तक पहुंच गया है।
Posted on 05 February 2018 by admin
लखनऊ में नवनिर्मित ’इकाना इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम’ भारत में ऐसे दूसरे सबसे बड़े स्टेडियम में शुमार है जो अंतरराष्ट्रीय मानकों पर पूरी तरह खरा उतरता है। उम्मीद की जा रही थी कि 2018 में आयोजित होने वाले आईपीएल के कम से कम 5 मैच तो यहां अवश्य खेले जाएंगे। इस स्टेडियम के डिजाइन में एक सबसे खास बात यह देखी गई कि इसका डिजाइन अवध कल्चर को प्रतिबिंबित करता नज़र आ रहा था। एक दिन इस स्टेडियम के मुआयना के लिए राज्य के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा अपने पूरे लाव-लष्कर के साथ पहुंचे। स्टेडियम की दीवारों पर हरा रंग देखकर उप मुख्यमंत्री जी के मुंह का जायका बिगड़ गया, सूत्र बताते हैं कि उन्होंने दीवारों पर हरे रंग का लेकर घोर आपत्ति दर्ज कराई, सूत्रों का तो यह भी कहना है कि उत्तेजना की रौ में वे ये भी बोल गए कि हरा रंग तो ’उनका’ रंग है। आनन-फानन में दीवारों के रंग को बदले जाने का उपक्रम शुरू हुआ और इन्हें बिस्किटी रंग में रंगा जाने लगा। इतना बड़ा स्टेडियम, इतनी बड़ी दीवारें दूर तक फैली हुई, सो इस काम में देर होने लगी, और इस अधबीच एक दिन आईपीएल की मुआयना करने वाली टीम स्टेडियम में आ धमकी और स्टेडियम में हर जगह बांस-बल्ली लगा देख टीम के होश ही उड़ गए कि अगर अभी स्टेडियम हैंडओवर ही नहीं हुआ तो भला यहां मैच कैसे होंगे, सो लखनऊ में आईपीएल मैच पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
Posted on 05 February 2018 by admin
बॉलीवुड के सुपर स्टार शाहरूख खान इन दिनों सरकार के निषाने पर हैं, चुनांचे अभी उनका ज्यादातर वक्त लंदन के हाइडपार्क इलाके के सेंट जेम्स पार्क में अपने अभिन्न मित्र संजय पासी के साथ फुटबॉल खेलते गुजर रहा है। सोशल मीडिया पर अपने फॉर्म हाउस को सील किए जाने की खबरों से वे ट्रॉल हो रहे हैं, जबकि उनके नजदीकी कहते हैं कि उन्हें बस इंकम टैक्स डिपार्टमेंट का नोटिस भर मिला है, यह नोटिस फॉर्महाउस के प्रोविजनल एटेचमेंट का है। शाहरूख के मित्रगण यह भी सवाल उठाते हैं कि इंकम टैक्स डिपार्टमेंट उनके फॉर्महाउस को बेनामी साबित करने पर तुला है दरअसल, इसकी मिल्कियत उनके सास, श्वसुर, (उनकी पत्नी गौरी के मां-बाप) और साले की पत्नी के नाम पर है। एक सवाल इसके लैंड यूज को लेकर भी है, आईटी डिपार्टमेंट कह रहा है कि यह फॉर्महाउस एग्रीकल्चर लैंड के ऊपर बना है। तो शाहरूख करीबियों का दावा है कि लैंड यूज का मसला राज्य सरकार के अधीनस्थ आता है, लैंड यूज से आयकर विभाग वालों का क्या लेना देना? शाहरूख के लोग ये भी सवाल उठा रहे हैं कि मुंबई के अलीबाग के जिस इलाके में शाहरूख का फॉर्महाउस है उस इलाके में कई भाजपा नेताओं के भी फॉर्महाउस हैं, उन्हें निषाने पर क्यों नहीं लिया जा रहा है? शाहरूख डावोस में पीएम से भी मिले थे, पीएम की तारीफों के पुल भी बांधे थे, पर इन दोनों के दरम्यान रिश्तों के पुल में कहीं पहले ही दरार आ चुकी है।
Posted on 05 February 2018 by admin
राजस्थान के उप चुनावों में कांग्रेस की बंपर जीत ने न केवल इसके नए नवेले अध्यक्ष राहुल गांधी को नए हौंसले दिए हैं, अपितु कई पुराने मसलों को ठीक करने की पहल भी अब राहुल कर रहे हैं। राजस्थान की तरह मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस ने जितने जनमत सर्वेक्षण करवाए हैं उसके नतीजे कांग्रेस पार्टी को नई संजीवनी दे रहे हैं। इस सर्वेक्षण से यह भी उभर कर सामने आया है कि प्रदेश की अगड़ी जातियां वहां के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह से किंचित नाराज़ है, इससे एडवांटेज कांग्रेस की स्थिति बन रही है। यहां कांग्रेस ज्योतिरादित्य सिंधिया अथवा कमलनाथ में से एक को आगे कर सकती है, कांग्रेस की राजनीति में यहां सबसे बड़े पेंचोखम मोहन प्रकाश थे, जिन्हें मध्य प्रदेश का प्रभार मिला हुआ था। मोहन प्रकाश की वहां से रूखसती को लेकर दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और ज्योतिरादित्य एकमत थे, इन तीनों के कहने पर ही राहुल ने मोहन प्रकाश की वहां से छुट्टी की, पहले नए पीसीसी चीफ के तौर पर कमलनाथ का नाम फाइनल हो चुका था, कमलनाथ को दिग्विजय का भी साथ था, पर राहुल ज्योतिरादित्य के दावे को भी हल्के में नहीं लेना चाहते, सो नए अध्यक्ष का मामला फिलहाल टल गया है।
Posted on 05 February 2018 by admin
राजस्थान उप चुनाव में दो लोकसभा व एक विधानसभा सीट पर भाजपा को धोबिया पछाड़ देने के बाद कांग्रेस बम-बम हौंसलों के साथ मैदान में हैं। अब राहुल को वहां सीएम फेस के तौर पर अशोक गहलोत या फिर सचिन पायलट में से किसी एक नाम का चुनाव करना है। पर अपनी कोर टीम की बैठक में हालिया दिनों राहुल ने स्पष्ट कर दिया है कि वे आगामी राजस्थान विधानसभा चुनाव में कोई सीएम कैंडिडेट घोषित नहीं करेंगे, इसके बजाए वे गहलोत और पायलट इन दोनों नेताओं के चेहरे सामने रखकर चुनावी मैदान में जाएंगे और अगर मतदाताओं का फैसला कांग्रेस के हक में आता है तो फिर चुने हुए कांग्रेसी विधायक तय करेंगे कि प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, पायलट या गहलोत? (एनटीआई-gossipguru.in)
Posted on 28 January 2018 by admin
शासन में पारदर्शिता मोदी सरकार के गवर्नेंस का एक मूल मंत्र है और इसके लिए समय-समय पर भाजपा शासित राज्य सरकारों को प्रेरित किया जाता है। चुनांचे पंचायतों से भ्रष्टाचार का खात्मा के लिए केंद्र सरकार की प्रयासों से एक नया सॉफ्टवेयर ‘प्रिया’ प्रकाश में आया है। आमतौर पर यह परंपरा देखी गई है कि सरकार पंचायतों को जिस मद में जितने पैसों का आवंटन करती है कई स्तरों पर उसका दुरुपयोग होता है और सही योजनाओं में पैसा पहुंचने के बजाय ये अधिकारियों और पंचायत के चुने गए जन प्रतिनिधियों की जेब में पहुंच जाता है। प्रिया सॉफ्टवेटर की एक बड़ी विशेषता है कि इसमें बैंको से पैसा तब रिलीज होता है जब वास्तविक कार्यों के वाउचर इस सॉफ्टवेयर के माध्य़म से कंप्यूटर में अपडेट किए जाते हैं। पायलट प्रोजेक्ट की तरह इस योजना को सबसे पहले हरियाणा के यमुनानगर जिले में लागू किया गया। इसके नतीजे दिखने लगे जनता खुश थी कि अचानक जिलों के मुखिया व सरपंचों ने बगावत का झंडा बुलंद कर दिया, उन्हें सरकारी नियंत्रण का यह तरीका पसंद नहीं आ रहा था। बवाल इतना बढ़ा कि मामला सीएम दरबार में जा पहुंचा। हालांकि मनोहर लाल खट्टर की छवि एक ईमानदार सीएम की बनी है, फिर भी हरियाणा में विधानसभा चुनावों की आहटों को भांपते खट्टर साहब ने आनन-फानन में इस आदेश को वापिस ले लिया और यमुनानगर में फिर से भ्रष्टाचार की यमुना बह निकली है।
Posted on 28 January 2018 by admin
आने वाले मार्च महीने में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की सलाना बैठक नागपुर में आहूत होनी है। सूत्र बताते हैं कि इसमें संघ के चेहरे-मोहरे को एक नय़ा रुप देने पर विचार हो सकता है। सन् 2025 में संघ अपने स्थापना के 100 वर्ष पूरे करने जा रहा है, जो संघ के शताब्दी वर्ष को देश-विदेश में धूम-धाम से मनाने के लिए इस बैठक में एक कोर कमेटी के गठन का ऐलान हो सकता है। संघ की ओर से सबसे महत्वपूर्ण फैसला संघ व भाजपा के बीच समन्वय का कार्य देख रहे भाजपा के संगठन महासचिव रामलाल के भविष्य को लेकर आ सकता है। पिछले काफी समय से रामलाल के उत्तराधिकारी चुने जाने की अटकलें हैं पर अभी तक संघ और भाजपा किसी एक नाम पर सहमत नहीं हो सकी है। सूत्र बताते हैं कि संघ की ओर से मोदी सरकार से समन्वय का जिम्मा संभाल रहे संघ के नंबर तीन दत्तात्रेय होसबोले ने स्वय नरेंद्र मोदी से इस बाबत बात की है। कहते हैं इस बातचीत में संजय जोशी का भी जिक्र हुआ है, जिसे संघ अब भाजपा संघटन में एक महती जिम्मेदारी देने का पक्षधर बताया जाता है, कहते है जोशी को लेकर अब मोदी की नाराजगी किंचित कम हुई है। संघ की प्रतिनिधि सभा की इसी बैठक में एक नए सरकार्यवाह का चुनाव भी हो सकता है और विहिप के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया का भी कोई विकल्प चुना जा सकता है। फिलहाल तोगड़िया के विकल्प के तौर पर हिमाचल के पूर्व गवर्नर बीएस कोंकणे को देखा जा रहा है तो संघ के नए सरकार्यवाह के रूप में दत्तात्रेय होसबोले के नाम को भी फाइनल माना जा रहा है।
Posted on 28 January 2018 by admin
यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष सबसे महती चुनौती राज्य में कानून व्यवस्था को चाक चौबंद बनाए रखने की है। चुनांचे हालिया दिनों में डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद पर अपने एक पसंदीदा अधिकारी ओम प्रकाश सिंह की नियुक्ति को लेकर वे सीधे पीएमओ से भी भीड़ गए। दरअसल ओपी सिंह सीआईएसएफ के डीजी थे और योगी ने जब उन्हें राज्य का अगला डीजी बनाने की घोषणा की तो होम मिनिस्ट्री और पीएमओ की ओर से अडंगा आ गया, योगी से कहा गया कि वे इस पद के लिए दूसरे व्यक्ति यानी अंजनी कुमार सिंह का चुनाव कर लें पर योगी नहीं माने और उन्होंने सीधे पीएम से बात कर ओपी सिंह के नाम को हरी झंडी दिलवा दी। अब यूपी में माहौल कुछ ऐसा बना है कि वहां के दुर्दांत अपराधियों को जेल से नहीं बेल से डर लगने लगा है। सूत्र बताते हैं कि पिछले कुछ समय में यूपी के विभिन्न जेलों में बंद तकरीबन 700 अपराधियों ने अपनी बेल याचिका निरस्त करवा ली है, चूंकि बाहर आने से उन्हें डर लग रहा है। सूत्रों की माने तो योगी सरकार के सत्ता में काबिज होने के 9 महीने के अंदर कोई एक हजार बदमाशों के एनकाउंटर हो चुके हैं। यह क्रम लगातार जारी है, योगी प्रशासन पहले राज्य में बड़े अपराधों पर अंकुश लगाना चाहता है।
Posted on 28 January 2018 by admin
मोदी सरकार के डिजिटल इंडिया खटराग के कई बेसुरे सुरों ने आमजन को हैरान परेशान किया हुआ है, प्लास्टिक कार्ड मनी के ज्यादा से ज्यादा उपयोग के आह्वान में ही इसके दुरुपयोग के खतरे छुपे हैं। साइबर क्राइम भारत में भी तेजी से अपने पैर पसार रहा है, आम लोगों की बात तो जाने दीजिए अब कई बड़ी सेलिब्रिटीज भी इसकी चपेट में आने लगी हैं। प्रख्यात लेखिका तस्लीमा नसरीन बीते दिनों एक अफ्रीकी देश में अपना व्याख्यान देने गई थीं, वहां उनकी स्टेट बैंक डेबिट कार्ड की क्लोनिंग हो गई, जब तक वह भारत वापस आती उनके खाते में 2 लाख रुपए से ज्यादा की रकम निकल गई। वो भागी-भागी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की नई दिल्ली स्थित पार्लियामेंट स्ट्रीट ब्रांच में पहुंची, अपने कार्ड को ब्लॉक करवाया। इस पूरे मामले की शिकायत भी आनन-फानन में पुलिस से की गई। पर तमाम कोशिशों के बाद जब साइबर सेल जालसाज को पकड़ने में नाकाम रहा तो स्टेट बैंक ने इस मामले को एसओपी ( स्टैंडर्ड ऑपरेटिव प्रोसेस) कमेटी में भेज दी, फिर इस कमेटी की अनुशंसा के बाद स्टेट बैंक ने अपनी ओर से तस्लीमा के खाते में उनके डूब गए पैसे लौटा दिए।