Posted on 13 September 2014 by admin
हरियाणा में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ भगवा टिकटों के लिए मारा मारी और भी परवान चढ़ गई है। कमल का प्रस्फुटन अपने उफान पर है, चुनांचे भाजपा का हर बड़ा नेता अपने रिश्तेदारों के लिए टिकटों की जुगाड़बाजी में जुटा है, बाजी तो प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राम बिलास शर्मा मार गए हैं, उन्होंने अपने समधी को भाजपा का टिकट दिलवा दिया है। नाते-रिश्तेदारों को टिकट दिलवाने की परेड में केंद्रीय मंत्री और फरीदाबाद से सांसद कृष्णपाल गुर्जर भी कदमताल कर रहे हैं, वे अपने बेटे देवेंद्र सिंह को फरीदाबाद संसदीय सीट के अंतर्गत आने वाले तिगांव विधानसभा क्षेत्र से टिकट दिलवाना चाहते हैं, सनद रहे कि सांसद बनने से पूर्व कृष्णपाल भी तिगांव से ही विधायक थे। अंबाला से भाजपा सांसद रतनलाल कटारिया अपनी पत्नी बंतो कटारिया के लिए नीलोखेरी से टिकट चाहते हैं। केंद्र में मंत्री जनरल वी.के. सिंह अपनी बेटी के लिए, केंद्र के एक और मंत्री और गुड़गांव के सांसद राव इंद्रजीत सिंह अपनी पुत्री आरती राव के लिए रेवाड़ी से, राजस्थान के टोंक सवाई माधोपुर के थैलीशाह भाजपा सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया अपने पुत्र अशोक के लिए सोहना विधानसभा सीट से पार्टी टिकट मांग रहे हैं। सनद रहे कि जनरल वी.के.सिंह अपने साले अरिदमन सिंह को भी इसी सोहना की सीट से लड़ाना चाहते हैं। जबकि जरनल ने अपनी पुत्री के लिए भिवानी से टिकट की आस लगा रखी है। यानी भाजपा में फिलवक्त तो नाते-निश्तेदारों की पौ-बारह दिखती है।
Posted on 13 September 2014 by admin
पर पत्रकारों पर आग उगलने वाले यही चंद्रशेखर राव सानिया मिर्ज़ा सरीखी टेनिस स्टार पर दिलोजां से मेहरबान हैं, जब यूएस ओपन में भाग लेने सानिया न्यूयॉर्क जा रही थीं तो राज के खजाने से मुख्यमंत्री ने उन्हें एक करोड़ कैश में प्रोत्साहन राशि की तौर पर भेंट की। यूएस ओपन में जब सानिया मिक्स डबल का खिताब जीत गईं तो फिर से मुख्यमंत्री ने उन्हें एक करोड़ रुपयों का चेक भेंट किया। राव को लगता है कि जब से सानिया तेलांगना राज्य की ब्रांड एंबेसडर बनी हैं उनके खेल में अपेक्षित सुधार आ गया है। सानिया भी मानती हैं कि जब से उन्हें राव मिले हैं वह ज्यादा ‘फोकस’ हो गई हैं।
Posted on 13 September 2014 by admin
महाराष्ट्र के इस दफे के विधानसभा चुनाव में नए और युवा वोटरों को लुभाने की कवायद में शिवसेना भी शामिल हो गई है, पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के पुत्र और पार्टी की युवा शाखा के प्रमुख आदित्य ठाकरे ने यह कमान संभाली है कि कैसे ज्यादा से ज्यादा संख्या में नौजवान वोटरों को पार्टी के साथ जोड़ा जाए। इसके लिए इस वक्त मुंबई और इसके आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर रोड साइड जिम खोले जा रहे हैं और ऐसे जिम का उद्धाटन बॉलीवुड स्टार के हाथों हो रहा है। मसलन अक्षय कुमार, रितिक रोशन, डिनो मारिया आदि। समझा जाता है कि आदित्य ने सलमान खान से भी बात की थी, पर सलमान ने अपने व्यस्त कार्यक्रमों का हवाला देकर आने में अनिच्छा जता दी।
Posted on 13 September 2014 by admin
ज़ी टीवी के स्वामी सुभाष चंद्रा भले ही हिसार विधानसभा से भाजपा का टिकट पाने में नाकाम रहे हों, पर संघ और भाजपा से उनका मोहभंग अभी हुआ नहीं है। समझा जाता है कि सुभाष चंद्रा का सीधा कनेक्शन मोदी से है और हालिया दिनों में मोदी ने उन्हें फोन कर यह आश्वस्त किया है कि वे राज्य की राजनीति के चक्कर में ना पड़ें, भाजपा उन्हें राज्यसभा से लाने को तैयार है।
Posted on 13 September 2014 by admin
सिर्फ सुभाष चंद्रा ही क्यों भगवा तराना गाने में कहीं पहले से जुटे स्वप्न दासगुप्ता को भी पार्टी के बड़े नेताओं की ओर से यह आश्वासन प्राप्त हुआ है कि उन्हें राज्यसभा में मनोनीत सदस्य की हैसियत से लाया जाएगा। प्रकारांतर में यह चर्चा जोरों पर थी कि स्वप्न यूके में भारत के उच्चायुक्त बनना चाहते हैं, केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद यह कयास लगे थे कि वे प्रधानमंत्री के मीडिया सलाहकार नियुक्त हो सकते हैं। कहना न होगा कि स्वप्न दासगुप्ता बड़े धैर्य के साथ अपने ‘अच्छे दिन’ का इंतजार कर रहे हैं।
Posted on 06 September 2014 by admin
नरेंद्र मोदी सचमुच बड़ी दूर की सोचते हैं, 5 सितंबर को जिस अंदाज में मोदी की पाठशाला लगी, उसकी रणनीति कहीं पहले बुन ली गई थी, ‘टीचर्स डे’ को ‘गुरू उत्सव’ में तब्दील करना और उसे देशभर के कम से कम 18 लाख स्कूलों में लाईव प्रसारित करवाना, यानी मोदी और उनकी बीजेपी की नज़र 13 से 16 साल के उन स्कूली बच्चों पर ठहरी हुई थी जो अगले आम चुनाव यानी 2019 के चुनाव में पहली बार मतदान करेंगे। यानी इन किशोरों को ‘मोदी फैंस क्लब’ में शामिल करने से तकरीबन 2 करोड़ नए वोटरों के मन में कमल के प्रस्फुटन के आगाज़ को महसूस किया जा सकेगा।
Posted on 06 September 2014 by admin
यूपी में अपनी खिसकती सियासी जमीन को लेकर मुलायम एंड कंपनी सकते में आ गई है, और भाजपा जिस तरह यूपी में उग्र हिंदुत्व का अल्ख जगा रही है, हिंदूवादी नेताओं की सक्रियता प्रदेश में पिछले दिनों जिस कदर बढ़ी है उसको लेकर अखिलेश सरकार भी सतर्क है और वह राज्य की सीआईडी से पल-पल का ब्यौरा मांग रही है। लव-जिहाद को लेकर जिस तरह सूबे का मिजाज तल्ख हुआ है, राज्य की खुफिया विभाग ने अखिलेश को बताया है कि यूपी के कई हिस्सों में हिंदूवादी संगठन उग्र तेवरों से लैस हैं, जैसे बरेली में एक जगह है ठिरिया निजाबत खां, यह 25 हजार लोगों की एक बस्ती है, जहां 70 फीसदी मुस्लिम आबादी रहती है। यह आला हजरत की जगह है जिन्होंने हमेशा कौमी एकता की बात की है। यहां अभी तक कोई सांप्रदायिक तनाव नहीं हुआ, कोई दंगा नहीं हुआ। यहां की प्रसिद्ध मस्जिद के सामने एक मंदिर भी है, जिस पर एक रोज चार हिंदू नौजवान एक लाउडस्पीकर लगाना चाहते थे, एक मौलाना ने उन्हें रोका तो बात हाथापाई तक आ पहुंची, लड़के तो भाग गए, पर पूरे इलाके में तनाव फैल गया। बाद में यूपी सीआईडी ने एक रिपोर्ट सौंपी की ये चारों लड़के नागदा, इंदौर के रहने वाले थे।
Posted on 06 September 2014 by admin
सूत्र बताते हैं कि रंजीत सिन्हा के लिए परेशानियों की अंतहीन दास्तां को स्वरूप देने में आईबी का भी एक बड़ा हाथ रहा है। आईबी ने तब से सिन्हा की खोज खबर रखनी शुरू कर दी थी जब इशरत जहां एनकाउंटर मामले को लेकर आईबी और सीबीआई में बेतरह ठन गई थी, इस पूरे मामले में आईबी के एक आला अधिकारी को सीबीआई शक की निगाह से देख रही थी। समझा जाता है कि इस मामले को लेकर आईबी चीफ इब्राहिम और रंजीत सिन्हा में तू-तू-मैं-मैं की नौबत आ गई थी। समझा जाता है कि तब से ही आईबी सिन्हा और उनके करीबियों पर पैनी निगाहें रख रही थी। वैसे भी सिन्हा के नई दिल्ली के 2 जनपथ स्थित आवास की सुरक्षा में दिल्ली पुलिस और इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस के जवान तैनात हैं। दिल्ली पुलिस का जिम्मा बाहर के सुरक्षा घेरे का है, और आईटीबीपी के जवान अंदर की सुरक्षा संभालते हैं। सनद रहे कि सीबीआई चीफ बनने से पहले सिन्हा आईटीबीपी के डीजी थे, सो आईटीबीपी की सुरक्षा पर उनका कहीं ज्यादा भरोसा है, मुमकिन है यह बात दिल्ली पुलिस को भी नागवार गुजरी हो। सो आगंतुकों की पुख्ता जानकारी रखने और उसे आईबी तक पहुंचाने में किसका स्वार्थ हो सकता है, यह बात अब किसी से छुपी नहीं रह गई है।
Posted on 06 September 2014 by admin
हरियाणा के इस आसन्न विधानसभा चुनाव में ज़ी और जिंदल की जंग एक रोचक मुकाम पर पहुंच सकती है, भाजपा के बड़े नेताओं ने ज़ी प्रमुख सुभाष चंद्रा को आश्वस्त किया है कि भगवा पार्टी उन्हें हिसार से सावित्री जिंदल के खिलाफ चुनाव लड़वाने को तैयार है। भाजपा से जुड़े सूत्र बताते हैं कि चंद्रा ने दावा किया है कि हरियाणा की 20 विधानसभा सीटों पर उनका असर है, चुनांचे इसीलिए वे अपने लगभग एक दर्जन समर्थकों के लिए भाजपा टिकट चाहते हैं, वैसे भी तमाम जनमत सर्वेक्षणों में इस बात का पहले ही खुलासा हो चुका है कि भाजपा इस दफे हरियाणा में अपने दम पर 60 से ज्यादा सीटें जीत सकती है। एक वक्त इस अफवाह ने भी तेजी से पंख पसारे थे कि सावित्री व नवीन जिंदल भाजपा में आने को उत्सुक हैं, पर उनकी दाल गली नहीं। पर हिसार और आसपास का वैश्य समाज नहीं चाहता कि उनके समाज के दो महाबली आपस में टकराएं, वैश्य समुदाय के मूड को भांपते हुए सुभाष चंद्रा ने जाट मतदाताओं पर भी डोरे डालने शुरू कर दिए हैं। सूत्र बताते हैं कि दीवाली के आसपास ज़ी जिंदल सागा-2 यानी कोल और आयरन मायनिंग से जुड़े और जिंदल परिवार की उसमें संलिप्तता को लेकर कोई बड़ा विस्फोट कर सकता है। जिंदल के स्वामित्व वाला फोकस न्यूज भी पलटवार के लिए अभी से कमर कस रहा है।
Posted on 06 September 2014 by admin
दिल्ली में कमल खिलाने की चाक-चौबंद तैयारी है। सूत्र बताते हैं कि अंदरखाने से बीजेपी और जंग को साथ लाने में एक सपा नेता और उत्तर प्रदेश के एक प्रमुख उद्योगपति सलीम शेरवानी की एक महती भूमिका मानी जा रही है। सूत्र तो यह भी खुलासा करते हैं कि सलीम शेरवानी, जिनकी दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग से नजदीकी रिश्तेदारी है, उनकी यानी शेरवानी की पिछले दिनों भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से एक गुपचुप मुलाकात हुई है, समझा जाता है कि शाह ने शेरवानी को यह संकेत दिए हैं कि अगर दिल्ली में भगवा कमल खिलाने में वे मदद करेंगे तो बदले में भाजपा भी उन्हें राज्यसभा से उपकृत कर सकती है, पर कुछ शत्र्तों के साथ। वैसे भी देश के एक शीर्ष औद्योगिक घराने से जंग के करीबी रिश्ते हैं, और यह घराना नहीं चाहता कि किसी भी कीमत पर दिल्ली में ‘आप’ की सरकार आए।