Posted on 02 August 2015 by admin
संसद में कांग्रेस की भूमिका क्या हो, इसको लेकर राहुल गांधी ने लोकसभा और राज्यसभा के लिए कांग्रेसी नेताओं की अलग-अलग टीमें बना रखी है, जिनसे वे सदन में कांग्रेस की रणनीति बुनने की सलाहें लेते हैं। लोकसभा की कोर टीम में जहां मल्लिकार्जुन खड़गे, ज्योतिरादित्य सिंधिया, वेणु गोपाल और षषि थरूर षामिल हैं, वहीं राज्यसभा की कोर टीम में आनंद षर्मा, अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, जयराम रमेष, सत्यव्रत चतुर्वेदी और राजीव षुक्ला षामिल हैं। यह सारी रणनीति लोकसभा में सोनिया गांधी को आबंटित कमरा नंबर 25 में बुनी जाती है। जैसे संसद में काली पट्टी बांधकर आने और संसद परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के आगे धरना देने का आइडिया सिंधिया का था, जो राहुल गांधी को बेहद पसंद आया।
Posted on 27 July 2015 by admin
संसद का मानसून सत्र पूरी तरह से धुलने की कगार पर है, खास कर प्रधानमंत्री मोदी के इस जुमले के बाद कि सरकार सदन में विपक्ष से मुकाबले को तैयार है, इसके बाद विपक्षी दलों ने और त्यौरियां चढ़ा ली हैं। संसद का मौजूदा सत्र 13 अगस्त तक आहूत है, पर एक सप्ताह बाद भी सदन में कामकाज का कोई माहौल नहीं बन पाया है। भाजपा की ओर से उनका क्राइसिस मैनेजमेंट गु्रप सक्रिय है, सरकार चाहती है कि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के साथ एक कामकाजी रिष्ता तो बने, यही वजह है कि सदन के अंदर स्वयं प्रधानमंत्री सोनिया गांधी के पास चल कर उनके अभिवादन के लिए गए, पर उन्हें वहां से कोई माकूल जवाब नहीं मिला। संसदीय कार्य मंत्री वैंकेया नायडू ने राहुल गांधी के तुगलक लेन स्थित आवास पर कई दफे फोन लगवाया, पर राहुल लाइन पर नहीं आए। दस जनपथ से संपर्क साधने की पीएमओ की कोषिष भी बेनतीजा रही। सरकार सदन में सात नए बिल लाना चाहती है और पहले से पेंडिंग चल रहे 10 विधेयकों को पास करवाना चाहती है। विपक्ष के हंगामों के चलते सरकार के कई महत्वाकांक्षी विधेयकों मसलन रीयल एस्टेट बिल 2013 (जो फिलवक्त सेलेक्ट कमेटी के पास है), व्हिसल ब्लोअर प्रोटेक्षन बिल 2015, जुविनाइल जस्टिस (अमेंडमेंट) बिल, प्रिवेंषन आॅफ करप्षन (अमेंडमेंट) बिल 2013, द् इलेक्ट्रीसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2014, चाइल्ड लेबर बिल, मेंटल हेल्थ केयर बिल, 2013 के भविश्य अधर में लट गए हैं।
Posted on 27 July 2015 by admin
विदेष मंत्री सुषमा स्वराज ने कथित तौर पर संसद सत्र षुरू होने से पहले अपनी पुरानी मित्र अंबिका सोनी से बात की और उनके समक्ष अपना पक्ष रखा। कांग्रेस की बैठक में सोनी ने राहुल से कहा कि सुषमा के मामले में पार्टी को किंचित नरमी बरतनी चाहिए, क्योंकि बतौर नेता प्रतिपक्ष सुषमा ने कई मामलों में कांगे्रस का साथ दिया था, अंबिका सोनी की इस राय से गुलाम नबी आजाद भी इत्तफाक रखते थे। पर राहुल के तेवर कुछ और ही थे, उन्होंने तल्ख लहज़े में अपने सीनियर नेताओं से कहा कि हम यहां राजनीति करने के लिए हैं, मित्रता करने के लिए नहीं, और आप लोगों की इसी सोच ने कांग्रेस को 44 की गिनती पर पहुंचा दिया है।
Posted on 27 July 2015 by admin
गौतम अदानी जो पिछले 15 दिनों से अपने छोटे पुत्र के साथ यूरोप की सड़क यात्रा पर थे, स्वदेष लौट आए हैं। स्वदेष लौटते ही उन्होंने एक बड़ा फैसला लिया है कि वे आस्ट्रेलिया के अपने कोल प्रोजेक्ट की आधी हिस्सेदारी (49 फीसदी षेयर) बेच देंगे। जबकि अदानी के अस्ट्रेलिया के इसी कोल प्रोजेक्ट के लिए स्टेट बैंक के जुड़ाव और त्वरित लोन को लेकर खासा विवाद उलझा था। अदानी की भारतीय प्रधानमंत्री से उनकी निकटता को देखते हुए आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री भी इस भारतीय उद्योगपति के निरंतर संपर्क में हैं और दोनों के बीच बस एक फोन काॅल की दूरी है। वहीं अदानी है कि वे अब अपना ज्यादा से ज्यादा ध्यान भारत में अपने बिजनेस पर फोकस करना चाहते हैं, अब अदानी की कोषिष भारत के सबसे बड़े पोर्ट आॅपरेटर बनने की है, वहीं अब वे अपने पाॅवर प्रोजेक्ट्स को भी विस्तार देना चाहते हैं, उनकी इच्छा भारत में एक बड़ा बिजली उत्पादक बनने की है और देष के सबसे बड़े पाॅवर हाउस से उनके सीधे जुड़ाव को देखते हुए यह बात किंचित मुष्किल भी नहीं दिखती।
Posted on 27 July 2015 by admin
इस 14 जुलाई से भारतीय जनता पार्टी और नरेंद्र मोदी की कुंडली में कुछ बड़े बदलाव परिलक्षित हुए हैं, अगर भाजपा की कुंडली की बात करें तो इस 14 जुलाई से गुरू सिंह राषि में विराजमान हो गया है, गुरू जहां बैठे हैं वह उस भाव को कमजोर करने वाले हैं, यानी आगे अब भाजपा की राहें इतनी आसान नहीं। आने वाले चुनावों में भी भाजपा को काफी पसीना बहाना पड़ेगा। अगर बात प्रधानमंत्री की कुंडली की करें तो 14 जुलाई से गुरू मोदी की कुंडली में दषम भाव में आए हैं, इससे इस बात की चिंता उभरती है कि आगे मोदी को विषेश परिश्रम करना होगा, इससे इस बात के संकेत भी मिलते हैं कि मोदी अब जितना पराक्रम करेंगे उस अनुपात में उन्हें उतना पारितोशिक नहीं मिलेगा। ऐसा दावा एक प्रमुख भारतीय ज्योतिश एस. चांद उर्फ महेष चंद्र त्यागी का है। त्यागी का यह भी दावा है कि जब 7 अप्रैल 2016 को विक्रम संवत् बदलेगा तो भारत समेत दुनिया के अन्य मुल्कों की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखा जा सकेगा। 21 मार्च 2015 से 7 अप्रैल 2016 तक षनि राजा के और मंगल मंत्री के रोल में आसीन रहेंगे इससे काफी सियासी हलचल देखे जा सकेंगे। एस.चांद के मुताबिक 2014 के आम चुनावों में जब भाजपा को अपार सफलता मिली थी उस समय भाजपा की कुंडली में गुरू दूसरे घर में कर्क राषि में था, मिथुन इसका लग्न था। जो भाजपा का सबसे अच्छा दौर था। 2 नवंबर 2014 को षनि जब वृष्च्छिक राषि में विराजमान हो गए तो भाजपा की कुंडली में अश्टम भाव में दोनों ग्रहों में गुरू व षनि की दृश्टि थी, इसके चलते ही दिल्ली चुनाव में भाजपा की इतनी बुरी गत हुई।
Posted on 27 July 2015 by admin
मां, माटी, मानुश का राग अलापने वाली ममता बनर्जी को भी विदेषी निवेष के नाम पर दल-बल के साथ विदेष घूमने का चस्का लग गया है। सिंगापुर के अपने बहुचर्चित दौरे के बाद दीदी इस 26 जुलाई से 30 जुलाई के बीच अपने दल-बल के साथ लंदन दौरे पर रवाना हो चुकी हैं। ममता ने अपनी इस ब्रिटेन यात्रा को ’मिषन लंदन’ का नाम दिया है, ममता की इस लंदन यात्रा के सूत्रधार बने हैं आईटीसी ग्रुप के वाइ सी देवेष्वर और एपीजे ग्रुप के करण पाॅल। ममता के साथ एक 50 सदस्यीय उद्योगपतियों का समूह भी उनके साथ लंदन की यात्रा पर है, इसके अलावा 11 लोगों का एक कल्चरल ग्रुप भी है। यूके इंडिया बिजनेस काऊंसिल और फिक्की की एक मीटिंग में ममता प्रिंस एंड्रयू से भी मिलने वाली हैं और उन्हें इस बात के लिए आष्वस्त करने वाली हैं कि पष्चिम बंगाल में निवेष करना व्यावसायिक रूप से कैसे फायदेमंद हो सकता है।
Posted on 27 July 2015 by admin
दून स्कूल के प्रोडक्ट पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांगे्रसी नेता आर.पी.एन सिंह ने पिछले दिनों अपने स्कूल के पूर्व साथियों के लिए लंदन में एक षानदार पार्टी रखी। इसके लिए तकरीबन 125 एल्यूमनी को न्यौता भेजा गया, इत्तफाक से उस वक्त वसुंधरा राजे के सांसद पूर्व दुश्यंत सिंह भी लंदन में मौजूद थे। सनद रहे कि दुश्यंत भी दून स्कूल से ही पढ़े-लिखे हैं। आर.पी.एन के ज्यादातर स्कूली मित्रों की चिंता इस बात को लेकर थी कि कहीं उन्होंने पार्टी में दुश्यंत को तो नहीं आमंत्रित कर दिया है, नहीं तो मीडिया में ख्वामखाह बात का बतंगड़ बन जाएगा। दुश्यंत इस पार्टी में आए और देर तक रूके पर पार्टी में षामिल होने वाले आर.पी.एन के स्कूल दिनों के मित्रों की संख्या में खासी कटौती हो गई, बमुष्किल 30-35 लोग ही इस पार्टी में पहुंच पाए।
Posted on 20 July 2015 by admin
पिछले दिनों रक्षा मंत्रालय ने अपनी रिक्रूटमेंट पाॅलिसी को लेकर एक सर्वे कराया, इसके नतीजे बेहद चैंकाने वाले थे, अभी तक सेना में भत्र्ती में पंजाब का स्थान हमेषा अव्वल रहा है, पिछले कुछ वर्शों में लुढ़क कर ये आठवें पायदान पर जा पहुंचा है, बिहार, यूपी जैसे राज्य पंजाब से आगे निकल गए हैं। सेना के अधिकारियों ने जब इसकी वजह जानने की कोषिष की तो उन्हें यह जानकार काफी हैरानी हुई कि पंजाब की एक पूरी पीढ़ी नषे की भेंट चढ़ती जा रही है, पड़ोसी देष पाकिस्तान कथित तौर पर इस नषे के व्यापार को भारत में फलने-फूलने में मदद कर रहा है। पाकिस्तान से सटे अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती होती है, अफीम के पौधे पाॅपी प्लांट से जो फूल निकलता है उसे डोडे कहते हैं, इसके बीज में जब चीरा लगाया जाता है तो इसमें से दूध जैसा एक द्रव्य निकलता है, इसी द्रव्य को सूखा कर उसे प्रोसेसिंग के लिए पाकिस्तान भेजा जाता है, इस पाउडर से हिरोइन निकालने के लिए एक साल्ट अलहाईड्रेट की जरूरत पड़ती है, इत्तफाक से इस साल्ट का निर्माण भारत में होता है। और यह साल्ट अपने ही देष से पाकिस्तान को निर्यात होता है, संयुक्त राश्ट्र की एनसीबी रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में सालाना 100 टन हिरोइन तैयार होती है, जिसमें से 30 टन अवैध रूप से भारत भेजी जाती है, षेश चीन के रास्ते कोरिया और जापान जैसे देषों में, कुछ रूस और उससे लगे देषों में तथा कुछ ईरान के रास्ते कुछ अन्य देषों में खपाई जाती है। सूत्र बताते हैं कि तैयार हीरोइन की कीमत पाकिस्तान में अमूमन 5 लाख रूपए प्रति किलो होती है, एक बार जब ये बाॅर्डर क्राॅस कर भारत पहुंच जाती है तो इसकी कीमत 1 से 5 करोड़ प्रति किलो के बीच पहंुच जाती है। पाकिस्तान अपने इसी छद्मवार से पंजाब की एक पूरी युवा पीढ़ी को तबाह करने में जुटा है।
Posted on 20 July 2015 by admin
मोदी सरकार जब से केंद्र में सत्तासीन हुई हैं, इस सरकार ने कई नई परिपाटियों के चलन को हवा दी है, ऐसे वक्त में जबकि भारत का अपने पड़ोसी राश्ट्रों के साथ सीमा विवाद नए पेंचोखम में उलझता जा रहा है, पिछले सप्ताह इस सीमा विवाद को सुलझाने के लिए प्रधानमंत्री के कहने पर ’क्राइसिस मैनेजमेंट कमेटी’ की मीटिंग बुलाई गई, आमतौर पर ऐसी बैठकें साऊथ ब्लाॅक में होती हैं, पर पिछले दिनों आहूत क्राइसिस मैनेजमेंट की यह मीटिंग नार्थ ब्लाॅक में रखी गई थी, इस मीटिंग की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह कर रहे थे, इस बैठक में राश्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, बीएसएफ प्रमुख, रक्षा सचिव, विदेष सचिव की उपस्थिति देखी गई। इस पूरी बैठक पर अजित डोवल की छाप दिखाई दे रही थी, जो पीएमओ के सुर को प्रमुखता से सामने रख रहे थे। बैठक की समाप्ति के बाद मीडिया को ब्रीफ करने का जिम्मा प्रधानमंत्री के दुलारे विदेष सचिव एस.जयषंकर को सौंपा गया। यानी परंपराओं की बानगी पर एक नई कहानी कहने व लिखने में यकीन रखती है मोदी सरकार।
Posted on 20 July 2015 by admin
आने वाले वर्श में चूंकि पंजाब में विधानसभा चुनाव होने है, चुनांचे तमाम बड़े राजनीतिक दलों में आपसी घमासान भी नए सिरे से परवान चढ़ गया लगता है। इस बात को मद्देनजर रखते हुए कि आम आदमी पार्टी की पंजाब यूनिट में इन दिनों जिस कदर सिर फुटौव्वल तेज हो गई है, कांग्रेस नेतृत्व अभी से प्रदेष में अपनी सक्रियता को बढ़ाने में जुट गया है, पर पंजाब कांग्रेस में भी गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। पंजाब कांग्रेस के सबसे प्रभावी नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह राहुल गांधी को फूटी आंखों नहीं सुहाते, ऐसे में कैप्टन को ठंडे बस्ते में डालने का अर्थ होगा पंजाब कांग्रेस में बगावत को हवा देना। सो, सोनिया गांधी ने बीच का रास्ता निकालते हुए कैप्टन को दिल्ली बुला कर उनसे बात की है और कहा है कि अगर बतौर अध्यक्ष उन्हें बाजवा नापसंद हैं तो वे नए अध्यक्ष के लिए अपनी पसंद के किसी नेता का नाम आगे कर दें। सूत्र बताते हैं कि कैप्टन ने अपनी ओर से विधानसभा में विपक्ष के नेता सुनील जाखड़ का नाम आगे कर दिया है, पर सुनील जाखड़ के नाम पर कांग्रेसियों में सहमति नहीं बन पा रही है, ज्यादातर कांग्रेसी नेताओं का मानना है कि अगर बात हरियाणा की राजनीति की होती तो जाखड़ का नाम ठीक था, पर पंजाब की राजनीति में जाखड़ परिवार का कोई ज्यादा योगदान नहीं। सो, कैप्टन से कहा गया है कि वे जाखड़ की जगह अपनी पसंद के किसी और नेता का नाम सुझाएं।