Posted on 06 September 2015 by admin
वीआईपी सुरक्षा को लेकर मोदी सरकार भी कांग्रेसनीत यूपीए की राह चल पड़ी है। वीआईपी सुरक्षा में कटौती करते हुए केंद्र सरकार ने कांग्रेस के नजदीकी माने जाने वाले कोई 30 लोगों से सुरक्षा वापिस ले ली है, इसमें पूर्व गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे के परिवार के 8 लोग शामिल हैं। पर शिंदे का सुरक्षा कवर बरकरार रखा गया है। पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, पूर्व केंद्रीय मंत्री वी. नारायण सामी, सुबोधकांत सहाय और ए राजा जैसे लोगों के सुरक्षा कवर को हटा लिया गया है, वहीं 50 नए लोगों मसलन बाबा रामदेव, ओम माथुर, अमित शाह जैसे लोगों को जेड प्लस सुरक्षा मुहैया कराई गई है, इससे वीआईपी सुरक्षा प्राप्त लोगों की संख्या यूपीए शासनकाल में जहां 265 थी, मोदी सरकार के जमाने में यह निगती बढ़कर अब 293 तक जा पहुंची है।
Posted on 30 August 2015 by admin
बिहार के आसन्न चुनाव को लेकर भगवा पार्टी की अपने गठबंधन साथियों से तनातनी बढ़ गई है, नरेंद्र मोदी मंडली की राय है कि भाजपा को 160-170 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारने चाहिए और शेष रह गई 70-80 सीटें ही अपने गठबंधन साथियों में बांटनी चाहिए। अगर यही फार्मूला परवान चढ़ा तो फिर रामविलास पासवान को 25-30 और कुशवाहा को 12-15 सीटों पर ही संतोष करना पड़ सकता है। मांझी के हिस्से जो सीटें आएंगी उन पर भेष बदलकर भाजपाईयों को ही उतारा जा सकता है, ऐसा मांझी व भाजपा में एक अघोशित समझौता बताया जाता है। क्योंकि मांझी के पास स्वयं के इतने उम्मीदवार नहीं हैं जिन्हें चुनावी मैदान में उतारा जा सके। मोदी मंडली ने भाजपा गठबंधन साथियों को बता दिया है कि 2014 लोकसभा चुनावों में उनकी पार्टियों के प्रदर्शन को पैमाना नहीं बनाया जा सकता, क्योंकि तब देश भर में मोदी लहर चल रही थी। गठबंधन साथियों को लेकर भाजपा के तेवर सख्त हैं और उन्हें इशारों- इशारों में बता दिया गया है कि अगर उन्हें अलग ठौर पकड़नी है, तो वे अभी से अपना रास्ता अलग कर सकते हैं।
Posted on 30 August 2015 by admin
सिर्फ भाजपा गठबंधन ही क्यों जनता परिवार के पुराने साथियों का नया गठबंधन भी टूट की कगार पर आ पहुंचा है, मुलायम सिंह इसका ठीकरा नीतीश के सिर फोड़ने जा रहे हैं, नेताजी का आरोप है कि नीतीश ने यह जानते-बूझते हुए कि कांग्रेस व सपा में इन दिनों सब ठीक-ठाक नहीं चल रहा है, उन्होंने केजरीवाल और सोनिया गांधी को एक मंच पर लाने की पहल की है। वैसे भी सपा महासचिव प्रोफेसर रामगोपाल यादव शुरूआत से ही ऐसे किसी गठबंधन के सख्त खिलाफ रहे हैं। उन्होंने अपने एक खास हनुमान राजेश दीक्षित के मार्फत इस गठबंधन की जड़ों में मट्ठा डालने का काम किया है, इसकी बानगी नीतीश-लालू की 30 तारीख की रैली में दिख सकती है, जब नेताजी उस रैली में षामिल होने से अभी से नानुकर कर रहे हैं।
Posted on 30 August 2015 by admin
एक और मोदी समेत भाजपा के बड़े नेता इन दिनों संघ को पटाने की जुगत भिड़ाने में जुटे हैं, वहीं बिहार चुनावों में पार्टी दिल्ली वाली गलती नहीं दोहराना चाहती है, सू़त्र बताते हैं कि आप पार्टी की कार्यशैली से प्रेरित होकर भाजपा ने गुपचुप तौर पर बिहार में 3 लाख ’पेड’ कार्यकत्र्ताओं की फौज इक्ट्ठी की है, जिन्हें सेवा के बदले मेवा मिलेगा। इतनी बड़ी टास्क फोर्स की मदद से भाजपा बिहार में अपने चुनाव प्रबंधनों को अंतिम रूप देने में जुटी है। वहीं संघ के आकाओं को प्रसन्न करने के लिए मोदी समेत भाजपा के कई केंद्रीय मंत्री नई दिल्ली के वसंत कुंज में आहूत 2 से 4 सितंबर के त्रिदिवसीय संघ की बैठक में भी शिरकत कर रहे हैं। भाजपा चाहती है कि कम से कम बिहार विधानसभा चुनाव में संघ भगवा पार्टी का हर कदम पर साथ दें।
Posted on 30 August 2015 by admin
सच है दूध का जला छाछ भी फूंक- फूंक कर पीता है, चुनांचे अमित शाह भी दिल्ली की गलती बिहार में नहीं दोहराना चाहते हैं, सो इस बार वे बिहार चुनाव में पार्टी व संघ कैडर के साथ-साथ ईश्वर को भी पूर्ण भरोसे में रखना चाहते हैं, सो 15 अगस्त के बाद से लगातार शाह अपना पूरा समय मंदिरों में पूजा-अनुष्ठानों में लगा रहे हैं। जैसे 19 अगस्त को शाह नासिक में थे जहां उन्होंने कुंभ मेला के ध्वजारोहण समारोह में हिस्सा लिया, इसके लिए वे विशेष तौर पर पवित्र नगरी त्रिभंक पहुंचे। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर के प्रतिमा प्रतिष्ठा कार्यक्रम में हिस्सा लिया, इसके बाद 25 अगस्त को उन्हें तमिलनाडु के चिदंबरम में थिल्लई नटराज मंदिर में एक विशेष पूजा-अर्चना में हिस्सा लेते हुए देखा गया। उसके बाद वहां से वे पुद्दचेरी के अरबिन्दो आश्रम जा पहुंचे। आने वाले दिनों में शाह की योजना और भी कई महत्वपूर्ण मंदिरों में दर्शन की है।
Posted on 30 August 2015 by admin
दोस्ती का दस्तूर है यह नया-नया, सो भाजपा के कई केंद्रीय मंत्री संघ के रवैए की षिकायत मोदी और अमित शाह से कर चुके हैं, अब इन मंत्रियों की मुश्किल यह है कि संघ के कुछ चिन्हित स्वयंसेवक नियम से हर रोज सुबह दस बजे मंत्रालय में धमक जाते हैं, शाम तक मंत्री जी के कारिन्दे उनकी आव-भगत में जुटे रहते हैं, उनके काम होते हैं, नाश्ता -पानी होता है और मंत्रालय आने-जाने वाले और मंत्रियों से मिलने वाले हर आदमी पर उनकी पैनी नज़र होती है। एक तरह से मंत्रियों के कामकाज और उनसे मिलने वालों का एक पूरा ’डाॅसियर’ वह तैयार कर लेते हैं। इसके अलावा संघ के आला नेताओं से जुड़े दो अहम मोबाइल नंबर से मंत्रियों के पास अक्सर शिफारिशी एसएमएस आ जाते हैं कि अमुक व्यक्ति के ये अुमक कार्य होने चाहिए। और फाइल निपटा कर बकायदा मंत्रियों को इन नंबरों पर इत्तला भेजनी होती है कि ’हुजूर, आपका काम हमने कर दिया है, कोई और आदेश?’ सचमुच संघ के अच्छे दिन आ गए हैं।
Posted on 30 August 2015 by admin
बिहार के धुंरधर दलित नेता रामविलास पासवान इन दिनों पीएमओ से खासे नाराज़ बताए जाते हैं, उनकी नाराजगी की सबसे बड़ी वजह है कि उनके मंत्रालय को अब भी उनकी पसंद का कोई सेक्रेटरी नहीं मिल पाया है, यही वजह है कि इन दिनों पासवान अपने विभाग से संबंधित तमाम जरूरी बैठकें अपने दफ्तर के बजाए 12 जनपथ स्थित अपने निवास पर ही कर रहे हैं। दूसरा पलीता अमित शाह ने उनकी महत्वाकांक्षाओं पर यह कहते हुए लगा दिया है कि अब उन्हें 40 के बजाए 25-30 सीटों पर ही संतोष करना पड़ेगा, सूत्र बताते हैं कि अब पासवान ने भी तय कर लिया है कि अब वे सिर्फ अपनी पार्टी के उम्मीदवारों के पक्ष में ही प्रचार करेंगे। वैसे भी जब से जीतन राम मांझी से भाजपा ने अपनी पेंगे बढ़ाई है, पासवान सीधे नीतीश व लालू पर हल्ला बोलने से भी कतरा रहे हैं।
Posted on 23 August 2015 by admin
यूपी के तेज-तर्रार और कद्दावर ठाकुर नेता राजनाथ सिंह को भले ही मोदी कैबिनेट में नंबर-दो का दर्जा हासिल हो, पर वे स्वयं अपने गृह मंत्रालय में भी कुछ खास कर नहीं पा रहे, अब तो बकायदा सत्त्ता के गलियारों में राजनाथ को लेकर यह मज़ाक चल पड़ा है कि वे सिर्फ एनडीआरएफ (आपदा नियंत्रण) मंत्री बन कर रह गए हैं। सुरक्षा मामलों से उनका कोई लेना देना नहीं, क्योंकि ये सारे मामले राश्ट्रीय सलाहकार अजित डोवल सीधे तौर पर देखते हैं, यहां तक कि डोवल गृह मंत्रालय के ज्वाइंट सेक्रेटरी और एडिशनल सेक्रेटरी रैंक के अफसरों से भी सीधे डील कर रहे हैं, जाहिर है ऐसा मोदी के वरदहस्त के बगैर मुमकिन नहीं है। पिछले दिनों स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजनाथ जी के गृह मंत्रालय ने 15 अगस्त’ 14 से लेकर 15 अगस्त’ 15 के एक साल के कार्यों की उपलब्धियों पर एक स्पेशल फीचर निकाला, जो पीआईबी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है, यह स्पेशल फीचर बकायदा राजनाथ जी के हस्ताक्षर के साथ प्रकाश में आया है, इस फीचर का एक पैरा पूरी तरह से ’नगा समझौते’ की उपलब्धियों को बखान करने वाला है, इस स्पेशल फीचर के सामने आने पर जाहिरा तौर पर पीएमओ की भृकुटियां तन गई हैं, क्योंकि पूरे ’नगा टाक’ से राजनाथ सिंह को अलग-थलग रखा गया था, और पीएम के निर्देश पर अजित डोवल ही इस मामले के सूत्रधार थे।
Posted on 23 August 2015 by admin
केंद्र सरकार के कई हालिया फैसलों से भारतीय नौकरशाही में हड़कंप मचा हुआ है, पिछले दिनों जिस तरह एक रेलवे सर्विस के इंजिनियर अष्विनी लोहानी को एयर इंडिया का सीएमडी नियुक्त किया गया, उससे एक पल को नौकरशाही भौंचक नज़र आई। दरअसल, जब से नरेंद्र मोदी दिल्ली के निज़ाम पर काबिज हुए हैं उन्होंने पीएमओ को सख्त हिदायत दे रखी है कि किसी भी अफसर को किसी बड़े और जिम्मेदार पोस्ट पर लाने का सबसे बड़ा पैमाना उस अफसर की कार्यकुशलता और उसका ट्रैक रिकार्ड होना चाहिए। सूत्र बताते हैं कि प्रधानमंत्री ने इसके लिए एक विषेश व्यवस्था को अंजाम दिया है, प्रधानमंत्री कार्यालय में तैनात नृपेंद्र मिश्र व पी के मिश्रा तथा कैबिनेट सचिव अजित सेठ से प्रधानमंत्री स्वयं एक ’आब्जेक्टिव डाॅसियर’ मंगाते हैं, जिसमें किसी भी महत्त्वपूर्ण पद पर तैनाती के लिए इन तीनों व्यक्तियों को अपनी-अपनी लिस्ट में तीन व्यक्तियों के नाम देने होते हैं और उनसे संबंधित महत्त्वपूर्ण ब्यौरा भी पीएम को उपलब्ध कराना होता है। फिर प्रधानमंत्री स्वयं तय करते हैं कि अमुक पद के लिए कौन से अफसर का चुनाव ज्यादा मुफीद रहेगा, एयर इंडिया के नए सीएमडी को लेकर भी अफसरों में भयंकर लाॅबिंग थी, पर पीएम ने इन सभी लाॅबिंग, दबाव और पैरवी को नज़रअंदाज करते हुए लोहानी का सिर्फ इसीलिए चुनाव किया चूंकि लोहानी ने लगभग तबाह हो चुके मध्य प्रदेश पयर्टन विकास निगम की पूरी कायाकल्प कर दी थी, अब पीएम एयर इंडिया मामले में भी लोहानी से यही रिजल्ट चाहते हैं, देखना दिलचस्प रहेगा कि क्या लोहानी अपना पुराना करिष्मा दोहरा पाते हैं?
Posted on 23 August 2015 by admin
मोदी सरकार की एक अंग्रेजीदां राज्य मंत्री, जिनकी नफीस अंग्रेजी पर मोदी के एक सर्वशक्तिमान मंत्री सबसे ज्यादा भरोसा करते हैं, उनकी विदेश यात्राओं के बिल को लेकर इन दिनों सरकार के कर्णधार परेशान हैं, इस महिला मंत्री के बिल में सबसे ज्यादा खर्च उनके मसाज और स्पा पर आ रहा है। वो जिन देशों की यात्राएं करती है और जिन पंचतारा होटलों में ठहरती हैं वहां नियम से हर रोज मसाज और स्पा का लुत्फ उठाती हैं, और इसके बिल सरकारी खजाने को ठोंक देती हैं। सूत्र बताते हैं कि पीएमओ ने इस बात पर गहरी आपत्ति दर्ज कराई है और इस महिला मंत्री को बुलाकर ताकीद दी गई है कि वे अपने स्पा, ब्यूटी पार्लर और मसाज के बिल में कमी लाएं या इसका भुगतान अपने निजी खाते से करें। मंत्री महोदया का कहना है कि जब वो सरकारी दौरों पर रहती हैं तो इतने व्यस्त कार्यक्रमों से बेतरह थक जाती हैं, चुनांचे उन्हें ’स्पा’ व ’पार्लर’ का सहारा लेना पड़ता है, जो कि रणनैतिक तौर पर बेहद आवष्यक है।