Archive | विशेष

…और अंत में

Posted on 11 May 2016 by admin

माननीय प्रधानमंत्री के विदेशी निवेश के निरंतर खटराग के बाद तकरीबन 360 बिलियन यूएस डॉलर का निवेश भारत आया है, पर ये पैसे कहां चले गए? सूत्रों की मानें तो इसमें से अकेले 320 बिलियन डॉलर शेयर मार्केट में लगे हैं और पेश 40 बिलियन के दम पर देश में आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने के राग अलापे जा रहे हैं।

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…और अंत में

Posted on 03 May 2016 by admin

राज्यसभा में मनोनीत सदस्यों के नामांकन को लेकर केंद्र सरकार और महामहिम के बीच असहमतियों की सर्द बयार पसरी रही। सूत्र बताते हैं कि स्वयं प्रधानमंत्री एक न्यूज चैनल के मालिक को मनोनीत करवाना चाहते थे जिनका चैनल ‘राग-मोदी‘ गाने में सिद्दहस्त है। पर राष्ट्रपति की इस बारे में बेहद स्पष्ट राय थी कि किसी भी ऐसे व्यक्ति को ऊपरी सदन में मनोनीत नहीं किया जा सकता जिसके ऊपर फिरौती का केस चल रहा हो। फिर माननीय की ओर से आनंद बाजार समूह के कर्त्ता-धर्त्ता अवीक सरकार का नाम सुझाया गया, कहते हैं स्वयं मोदी को यह नाम मंजूर न था, इसी बात-विचार में सातवें नाम पर पेंच फंसा रहा।

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नीतीश से मिली टीस

Posted on 26 April 2016 by admin

आखिर नीतीश व अजीत की बातचीत कैसे टूट गई? पिछले दिनों जब केसी त्यागी अजीत सिंह के पुत्र जयंत को लेकर पटना नीतीश के पास पहुंचे थे तो नीतीश ने बड़ा सियासी दांव चलते हुए जयंत से कहा कि अगर उनके पिता अपनी पार्टी का विलय जदयू में करते हैं तो जयंत को जदयू यूपी में अपना चेहरा यानी सीएम उम्मीदवार बनाने को तैयार है। सूत्र बताते हैं कि जयंत ने कहा यह तो तब की तब देखी जाएगी, पर क्या जदयू उनके पिता को अभी राज्यसभा में लाने को तैयार है, इस पर नीतीश ने कहा इस बार यह संभव नहीं, पर अगले साल की राज्यसभा के लिए वे अभी से वादा कर रहे हैं। फिर जयंत ने अपने पिता से बात की और नादान पुत्र को उसके पिता ने समझाया कि राजनीति में ‘एक हाथ दो, दूजे हाथ लो’ का फार्मूला चलता है। एक साल किसने देखा है? और जदयू के साथ अजीत की बातचीत टूट गई।

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Posted on 26 April 2016 by admin

पिछले दिनों असम के निवर्त्तमान मुख्यमंत्री तरूण गोगोई कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मिले और वहां की प्रतिकूल बयार को देखते हुए अपने सम्मान की रक्षा की बात की। इस पर राहुल खुद पर काबू नहीं रख सके, उन्होंने किंचित तल्ख लहज़े में गोगोई से कहा कि हमारे परिवार व असम की जनता ने आपको हमेशा सम्मान दिया है, सिर आंखों पर बिठा कर रखा है। पर इन दिनों आप पुत्र मोह में इस कदर डूब गए हैं कि आपने असम चुनाव में जहां मात्र 61 रैलियां की, आपके सांसद पुत्र ने 81 रैलियां कर डाली, क्या वे राज्य में आपसे ज्यादा पॉपुलर हैं? आपके पुत्र गौरव गोगोई की वजह से ही हेमानंद बिस्वाल हमारी पार्टी छोड़ कर भाजपा में चले गए, और भाजपा को असम में आगे बढ़ाने में हेमंतो का सबसे बड़ा योगदान है, क्योंकि वे एक बेहतर संगठनकर्त्ता हैं। भाजपा के पूरी चुनावी रणनीति उन्होंने ही तैयार की है। जाहिर है तरूण गोगोई से कोई जवाब देते नहीं बना, और उन्हें फिलवक्त चुप रहना ही ज्यादा मुफीद लगा।

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नीतीश से नाराज अजीत

Posted on 21 April 2016 by admin

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षाओं की ऊंची उड़ान को जैसे जमीं दिख गई है, नहीं तो एक वक्त लगभग यह तय हो चुका था कि झारखंड में बाबूलाल मरांडी और पश्चिमी यूपी के एक प्रमुख जाट नेता अजीत सिंह अपने-अपने राजनैतिक दलों का विलय जदयू में कर देंगे, जदयू के विदा अध्यक्ष शरद यादव की इस बाबत अजीत से एक निर्णायक बातचीत भी हो चुकी थी। सूत्र बताते हैं कि तब अजीत को जदयू की ओर से राज्यसभा देने का भी वायदा हुआ था। पर अभी पिछले दिनों जब अजीत नीतीश के खास रणनीतिकार प्रशांत किशोर से मिले तो किशोर ने उनसे दो टूक कह दिया कि पहले वे अपनी पार्टी का विलय जदयू में करें, तब उनकी राज्यसभा की दावेदारी पर विचार किया जाएगा, कहते हैं इस पर अजीत बेतरह उखड़ गए और बोले ‘मैं चार बार केंद्र में मंत्री और 7 टर्म सांसद रह चुका हूं, सो आप इस लहज़े में मुझसे बात न करें।’ तो प्रशांत ने कहा कि आपकी पूर्व में जो बातें हुई थी वह शरद यादव के संग हुई थी, अब पार्टी में वे कुछ निर्णय लेने की स्थिति में नहीं हैं। अजीत नाराज होकर वहां से चले आए हैं, अब उनके विकल्प भाजपा वालों के लिए भी खुले हुए हैं।

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Posted on 21 April 2016 by admin

बाबूलाल मरांडी भी अब नीतीश के साथ आने में आना-कानी कर रहे हैं। सूत्र बताते हैं कि पिछले दिनों सोनिया गांधी के राजनैतिक सचिव अहमद पटेल ने मरांडी से बात की और उनसे कहा कि ‘अगर वे अपनी पार्टी का विलय किसी अन्य दल में करने को तैयार हैं, तो फिर कांग्रेस में क्यों नहीं? झारखंड में कांग्रेस तो हर जगह है, जदयू कहां हैं?’ सूत्रों के मुताबिक फिर अहमद पटेल ने मरांडी से अपने पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की बात करवाई। अब एक बदले राजनैतिक परिदृश्य में मरांडी जदयू के कर्णधारों से पूछ रहे हैं कि अपनी पार्टी के जदयू में विलय के एवज में उन्हें क्या मिलेगा? क्या जदयू उन्हें ऊपरी सदन में भेजने को तैयार हैं? एक अनार और सौ बीमार, बिचारे नीतीश करें भी तो क्या?

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Posted on 11 April 2016 by admin

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वीसी जनरल जमीरूद्दीन शाह जो प्रसिद्ध अभिनेता नसीरूद्दीन शाह के बड़े भाई भी हैं, अगले साल अपने पद से रिटायर हो रहे हैं, उनकी जगह नए वीसी की तलाष शुरू हो गई है। संघ चाहता है कि इस पद पर किसी राष्ट्रवादी मुस्लिम को बिठाया जाए, सूत्रों की माने तो संघ के एक प्रमुख नेता इंद्रेश को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे ऐसे किसी राश्ट्रवादी मुस्लिम की तलाश करें। समझा जाता है कि इंद्रेश संघ के आनुशांगिक संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की फाइलों को इन दिनों खंगालने में जुटे हैं।

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इंडिया का रूस- कनेक्शन

Posted on 08 April 2016 by admin

प्रधानमंत्री की अपील ने असर दिखाना शुरू कर दिया है और अब इंफ्रास्ट्रचर और पॉवर सेक्टर में बड़े विदेशी निवेशक भारत का रूख करने लगे हैं। सोलर, हाइड्रो पॉवर और सड़क निर्माण के क्षेत्र में काम करने वाली रूस की एक बड़ी कंपनी बीजीएस लिमिटेड व कुरलैंड जीएमबीएच अरबों डॉलर के निवेश का प्रस्ताव लेकर भारत आ रही है। इस कंपनी के कर्त्ताधर्त्ता 25 और 26 मार्च को भारत पहुंचे हैं और इनकी योजना 2 अप्रैल तक भारत में रहने की है। इस दरम्यान ये केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, महाराश्ट्र, यूपी व बिहार के मुख्यमंत्री से भी मिलने वाले हैं। बिहार में यह कंपनी एक बड़े हाइड्रो पॉवर प्रोजेक्ट में दिलचस्पी दिखा रही है, सूत्र बताते हैं कि यह कंपनी रूस के राष्ट्रपति पुतिन के भांजे की है जिनका पूरे यूरोप में बड़ा कारोबार फैला है।

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घर के चिराग से आग

Posted on 08 April 2016 by admin

भाजपा के अपने परंपरागत वोट बैंक ही उसके गले की हड्डी बन गया है, ताजा मामला सर्राफा व्यापारियों का है जो अपनी घर की पार्टी से इन दिनों बेतरह नाराज़ हैं। भाजपा के यूपी के मिशन 2017 को परवान चढ़ाने के लिए पार्टी के छह वरिष्ठ मंत्रियों को यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों मसलन मुरादाबाद, सहारनपुर, अलीगढ़, वाराणसी आदि में सभा को संबोधित करना था। सूत्रों की मानें तो ये केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, वेंकैया नायडू, स्मृति इरानी और हर्षवर्द्धन ने अपने-अपने दौरों की पूरी तैयारी कर ली थी। ऐन वक्त आईबी की रिपोर्ट आ गई कि केंद्र सरकार की ’कर-नीति’ से नाराज़ सोने-चांदी के ये व्यापारी मंत्रियों को काले झंडे दिखा सकते हैं। ऐन वक्त फिर पार्टी हाईकमान ने जूनियर मंत्रियों मसलन निरंजन ज्योति और कथीरिया आदि को यह जिम्मा सौंपा ताकि मीडिया की सुर्खियां बनने से रोका जा सके।

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Posted on 08 April 2016 by admin

भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में खाने-पीने के भी बेहद उम्दा प्रबंध थे। कई भाजपा नेताओं को इस भोजन के स्वाद ने इस कदर लुभाया कि भरपेट खाने-पीने के बाद वे कुछ भोजन साथ ले जाने का जुगत भिड़ाते दिखे, इस कड़ी में हरियाणा सरकार के एक मंत्री जी अपने पीए को निर्देश दे रहे थे कि चूंकि वे जल्दी में हैं सो कुछ नान-दाल वगैरह गाड़ी में रखवा दो, मोदी जी के इस संकल्प की देखिए कैसे धज्जियां उड़ रही है-’ना खाएंगे, ना खाने देंगे’। मोदी राज में सब खा-पीकर मस्त हैं।

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