Archive | विशेष

…और अंत में

Posted on 10 July 2016 by admin

नरेंद्र मोदी पर गुजराती में लिखित पुस्तक ‘फेकू भाई दिल्ली मा‘ का हिंदी व अंग्रेजी अनुवाद दिल्ली की सियासत को झकझोर रहा है, कांग्रेस और आप जैसे दल इस पुस्तक में कही बातों को सोषल मीडिया पर वायरल बनाने में जुटे हैं, इस पुस्तक में इस बात का भी जिक्र है कि अपने 2014 के चुनावी सभाओं में मोदी के 24 बड़े चुनावी घोषणाओं का क्या हश्र हुआ है? पिछले सवा दो वर्षों की अपनी सरकार में मोदी ने अपने इन वादों पर कितना अमल किया है? इस पुस्तक में यह बताने की भी कोशिश हुई है मोदी सरकार की ज्यादातर लोक लुभावन योजनाएं पिछली यूपीए सरकार की योजनाओं का एक्सटेंशन मात्र है। सोशल मीडिया पर बेहद सक्रिय मोदी आर्मी भी इस पर पलटवार के लिए कमर कस रही है।

Comments Off on …और अंत में

…और अंत में

Posted on 20 June 2016 by admin

एक बड़े सियासी बाजीगर अमर सिंह जब से सपा कोटे से राज्यसभा में आए हैं, कहीं न कहीं, मुलायम सिंह के भाजपा के शीर्ष पुरूषों मोदी व शाह के साथ रिश्तों में एक खटास आ गई है। अब केंद्र सरकार येन-केन-प्रकारेण अमर सिंह को घेरने की तैयारी में है। अमर सिंह से वाई-कैटिगरी की सुरक्षा वापिस लेना केंद्र के इन्हीं मंसूबों को दर्शाता है, सूत्र बताते हैं कि आने वाले दिनों में मुलायम-अमर के आय से अधिक संपत्ति का मामला नए सिरे से उठाए जाने की तैयारी है, जिससे इन दोनों नेताओं पर नकेल कसी जा सके।

Comments Off on …और अंत में

…और अंत में

Posted on 12 June 2016 by admin

हरीश रावत जल्द ही अपने मंत्रिमंडल में एक छोटा फेरबदल करने जा रहे हैं, अपने मंत्रिमंडल में रिक्त हुए स्थानों को भरने के लिए वे देहरादून के विधायक नवप्रभात और पौड़ी के राजन भंडारी को मंत्री बनाने के लिए सोनिया गांधी की सहमति हासिल कर चुके हैं।

Comments Off on …और अंत में

मोदी का शिवराज को फोन

Posted on 05 June 2016 by admin

राज्यसभा में कई महत्त्वपूर्ण विधेयकों पर मुंह की खाने के बाद भगवा प्रणेता नरेंद्र मोदी बदले तेवर में हैं। वे राज्यसभा में कई-कई दफे विपक्षियों के शोर-शराबे व निजी हमलों को भी झेल चुके हैं, सो वे राज्यसभा में भाजपा व भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित कराने के लिए कृतसंकल्प जान पड़ते हैं। मध्य प्रदेश से कांग्रेस के अधिकृत उम्मीदवार विवेक तन्खा को फिलहाल 57 विधायकों का समर्थन हासिल है, उन्हें जीत के लिए 58 का आंकड़ा चाहिए, 1 सीट उप चुनाव में है। कहते हैं मोदी ने इस सीट को लेकर कोई तीन बार शिवराज सिंह को फोन किया और उन्हें सचेत किया कि इस बार झाबुआ का हाल नहीं होना चाहिए, आप अपनी पूरी शक्ति लगा दो, सो यह उप चुनाव वाकई शिवराज के लिए नाक का सवाल बन गया।

Comments Off on मोदी का शिवराज को फोन

हुड्डा को अंधेरे में रख कुलदीप की एंट्री

Posted on 05 June 2016 by admin

कभी गांधी परिवार के हितों के चौकीदार रह चुके, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा के तेवर इन दिनों तनिक बदले-बदले हैं, वे नाराज़ हैं कि मैडम सोनिया ने उन्हें भरोसे में लिए बगैर कुलदीप बिश्नोई की कांग्रेस में एंट्री करा दी। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस हाईकमान की ओर से बिश्नोई को आदेश हुआ था कि वे शैलजा से मिल लें, अशोक तंवर और अजय यादव से भी दो टूक बतिया लें, पर हुड्डा को उनके कांग्रेस में आने की कानों-कान भनक न लगे। आग-बबूला हुए हुड्डा ने तब सोनिया से मिलने का समय मांगा, एक महीने गुजर गए, पर दस जनपथ की ओर से उन्हें मिलने का वक्त नहीं दिया गया। तो उनकी ओर से 10 जनपथ को एक कड़ा संदेशा गया कि अगर मोदी सरकार उन्हें जेल भेजती है तो वे गांधी परिवार के लिए बलि का बकरा नहीं बनेंगे यानी अपना मुंह बंद नहीं रखेंगे। इसके दो रोज के अंदर उन्हें सोनिया से मिलने का वक्त मिल गया।

Comments Off on हुड्डा को अंधेरे में रख कुलदीप की एंट्री

भक्ति से मिली शक्ति

Posted on 05 June 2016 by admin

सोनिया से मिलते ही हुड्डा ने अपना दुखड़ा रोया कि प्रदेश के जाट आज भी हुड्डा और कांग्रेस के साथ है, फिर पार्टी गैर जाट नेताओं के पीछे क्यों भाग रही है? गैर जाट वोटरों के लिए भाजपा है न! सोनिया ने कहा कि चौटाला के रालोद का भी जाटों में उतना ही असर है। सोनिया ने फिर पूछा कि आप चाहते हैं क्या हैं? मतलब की बात पर आइए। हुड्डा ने कहा कि जब कांग्रेस संगठन में अगला फेरबदल हो तो उनके पुत्र दीपेंद्र हुड्डा को उसमें अहम जिम्मेदारी दी जाए, सूत्र बताते हैं कि इस पर सोनिया ने कहा कि उनके पुत्र की बदमिजाजी को लेकर उनके पास कई शिकायतें आई है। इस पर हुड्डा जी बोल पड़े-लोग तो राहुल जी के बारे में भी यही कहते हैं, लोगों के कहने पर मत जाइए, लोगों का काम है कहना। फिर भावुक होते हुए हुड्डा बोले-यदि कुछ गलत बोला तो माफी। गांधी परिवार के लिए जो मैंने किया है वह राज मेरे सीने में दफ़्न रहेगा, चाहे मुझे जेल ही क्यों न जाना पड़े? सोनिया समझ नहीं पाईं कि हुड्डा उलाहना दे रहे हैं, दुखड़ा रो रहे हैं या धमकी दे रहे हैं।

Comments Off on भक्ति से मिली शक्ति

…और अंत में

Posted on 05 June 2016 by admin

आखिर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया की उस जि़द का क्या हुआ, जब वह खम्म ठोंक कर कहती रही थीं कि वे राजस्थान की चारों राज्यसभा सीट पर लोकल उम्मीदवार देंगी, उन्हें कोई बाहरी उम्मीदवार स्वीकार नहीं, खासकर वेंकैया नायडू व ओम माथुर तो कतई नहीं। फिर अचानक से पार्टी अध्यक्ष की ओर से उन्हें दिल्ली तलब किया जाता है, अमित शाह के साथ कई घंटों की मैराथन बैठक के बाद वसुंधरा वेंकैया व ओम माथुर दोनों ही नाम पर मान जाती हैं, सवाल अहम है कि आखिर शाह ने उन्हें दिखाया क्या? चंद महज़ कागजात? अपने पद का रूतबा या फिर इस महिला नेत्री को उनकी हैसियत दिखाने का काम किया।

Comments Off on …और अंत में

…और अंत में

Posted on 23 May 2016 by admin

बंगाल में इतनी बंपर जीत की ममता दीदी को भी कोई उम्मीद नहीं थी। गुरूवार की सुबह जिस रोज चुनाव के नतीजे आने थे दीदी बेहद शांत भाव में अपने करीबियों से घिरी बैठी थीं, नतीजों से पहले न तो वह किसी मंदिर के दर्शन को गईं और न ही किसी मस्जिद में शीश नवाया, सूत्र बताते हैं कि जगन्नाथपुरी के अपने खास ज्योतिषी से उन्होंने नतीजों से पहले जरूर एक लंबी बातचीत की। दीदी के घर में न तो कैटरर का इंतजाम था और न ही बम पटाके रखे गए थे। शाम के वक्त पार्टी ऑफिस में भी वहां मात्र झाल-मूढ़ी और चाय का इंतजाम था। दीदी के एक करीबी का दावा है कि अपनी नई पारी में दीदी का फोकस इस दफे बंगाल के विकास और लॉ एंड ऑर्डर पर रहेगा। केंद्र सरकार को वह संसद में मुद्दे आधारित समर्थन देने को तैयार है, पर इसके एवज में एनडीए सरकार को इसकी एक माकूल कीमत चुकानी होगी।

Comments Off on …और अंत में

…और अंत में

Posted on 17 May 2016 by admin

इन दिनों रॉबर्ट वाड्रा का एक इंटरव्यू खासा सुर्खियों में रहा। सूत्र बताते हैं कि इंटरव्यू के कई धमाकेदार पक्ष को वाड्रा के कहने पर संपादित कर दिया गया है। ऑरिजनल इंटरव्यू की ज़रा एक बानगी तो देखिए, वाड्रा से पूछा जाता है-‘ क्या आप राजनीति में आएंगे?‘ वाड्रा कहते हैं‘-देखेंगे।‘ अगला सवाल-‘क्या आप अमेठी से अगला चुनाव लड़ेंगे? जवाब-‘अमेठी क्या, मैं तो बनारस से भी चुनाव लड़ सकता हूं, और बनारस ही क्यों मैं देश भर में कहीं से भी चुनाव लड़ कर जीत सकता हूं, क्योंकि कांग्रेस के हजारों-लाखों कार्यकर्त्ताओं की भावनाएं मेरे साथ जुड़ी हैं।‘ अगला सवाल-‘आपका हीरो कौन है?‘ जवाब-‘मेरी हीरो, मेरी मां है। रही बात गांधी परिवार की तो उन्होंने कुछ प्रेरणा मुझसे ली है और मैंने थोड़ी बहुत उनसे।

Comments Off on …और अंत में

उमा की नज़र यूपी पर

Posted on 11 May 2016 by admin

केंद्रीय मंत्री उमा भारती भी शनैःशनैः यूपी की राजनीति में सक्रिय होने का उपक्रम साध रही हैं। पिछले दिनों दिल्ली में उन्होंने अपने आवास पर कुछ चुनींदा पत्रकारों को भोजन पर आमंत्रित किया। और उन्होंने पत्रकारों से अपने मन की बात शेयर की, कहा-‘यूपी में विकास नहीं विनाश हो रहा है। फिर उन्होंने कहा कि ‘वैसे तो मैं केंद्र में आकर खुश हूं, और प्रदेश की राजनीति में फिर से नहीं घुसना चाहतीं, पर पार्टी के लोग चाहते हैं कि मैं सीएम के लिए अपना दावा पेश करूं।‘ इस पर महाराष्ट्र के एक पत्रकार ने चुटकी ली-‘दीदी आप किस स्टेट की बात कर रही हैं‘ उमा ने बताया कि वह यूपी की बात कर रही हैं, इस पर उस पत्रकार ने उतने ही भोलेपन से पूछा-‘पर आप तो एमपी की हैं।‘ सूत्र बताते हैं कि इस बात पर नाराज़ होकर मंत्री साहिबा भोजन से उठ कर घर के अंदर चली गईं। बाद में जब उस पत्रकार ने माफी मांगी, तब कहीं जाकर यह मामला रफा-दफा हो सका।

Comments Off on उमा की नज़र यूपी पर

Download
GossipGuru App
Now!!