Posted on 17 April 2017 by admin
पिछले सप्ताह बंगाल के बड़े उद्योगपति (जिनका झारखंड बिहार में अपना दैनिक अखबार भी है) ने अपनी पहल से पूर्व भाजपाई और झारखंड के एक बड़े नेता बाबूलाल मरांडी की भाजपाध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करवाई। सूत्र बताते हैं कि राजनीति की कहीं गहरी परख रखने वाले शाह ने मरांडी से कहा कि ’आपके सारे विधायक इधर-उधर भाग रहे हैं, इससे बेहतर है कि आप अपनी पार्टी का विलय भाजपा में कर दें। हम आपसे सीएम पद का तो वादा नहीं कर सकते हैं, पर आपको राज्यसभा में लेकर आएंगे और केंद्र में मंत्री बनाएंगे।’ मुलाकात अच्छी रही, कहते हैं मरांडी ने इस प्रस्ताव पर सोचने के लिए वक्त मांगा और वे वापिस रांची जाने के लिए फ्लाईट में बैठ गए। फ्लाईट में बाबूलाल की साथ की सीट पर एक उद्योगपति विराजमान था, जिनके कांग्रेस में सीधे राहुल गांधी से तार जुड़े हैं, उन्होंने मरांडी से कहा कि ’भाजपा ने अभी तक आपके साथ सबसे ज्यादा अन्याय किया है सो आप कांग्रेस में आ जाइए, मैं आपकी मुलाकात सीधे राहुल जी से कराता हूं।’ बाबूलाल ने हाथ जोड़े, ऊपर वाले का स्मरण किया और स्वगत कथन में कहा-’प्रभु, जब देते हो तो, छप्पड़ फाड़ के देते हो।’
Posted on 17 April 2017 by admin
राजस्थान के युवा कांग्रेसी नेता सचिन पायलट अपनी पार्टी से किंचित निराश हैं। निराश हैं इस वजह से कि जब पिछले दिनों वे राहुल गांधी से मिले तो राहुल ने उन्हें सलाह दी कि कोई भी बड़ा निर्णय लेने से पहले वे प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को विश्वास में लेना न भूले क्योंकि पार्टी में सर्व सम्मति बनाने में उनकी सबसे बड़ी भूमिका है। सूत्र बताते हैं कि इस मीटिंग से बाहर निकल कर पायलट अपने दो-तीन मुंहलगे पत्रकारों से मिले और उनके समक्ष अपना दुखड़ा रोया। पायलट का कहना था कि राजस्थान में पार्टी की इतनी बड़ी हार के बाद जब पार्टी का कोई भी बड़ा नेता वसुंधरा के समक्ष कांग्रेस का झंडा उठाने को तैयार नहीं था, उन्होंने इन तीन सालों में दिन-रात एक कर पार्टी कैडर में नई जान फूंकी है और अब जब राजस्थान में कांग्रेस की संभावनाएं इतनी बेहतर हो गई हैं तो सियासी परिदृश्य पर अशोक गहलोत का अभ्युदय कराया जा रहा है। मित्र पत्रकारों ने सचिन को शांत रहने की सलाह दी और उनसे कहा कि ’वे उनके रूप में कैप्टन अमरिंदर को देख रहे हैं, जिन्हें पंजाब मिला, भगवान ने चाहा तो आपको राजस्थान मिलेगा,’ पायलट इसके बाद अपने सपनों की उड़ान पर निकल गए।
Posted on 10 April 2017 by admin
आप से जुड़े एक विश्वस्त सूत्र के हवाले से खबर मिली है कि अरुण जेटली के खिलाफ मानहानि के केस में अरविन्द केजरीवाल की पैरवी करने वाले मशहूर क्रिमिनल वकील राम जेठमलानी ने केजरीवाल से एक छोटा-सा फेवर मांगा था, दरअसल राम जेठमलानी अपने एक खास वफादार को दिल्ली के एमसीडी चुनाव में आप का टिकट दिलवाना चाहते थे। इस बाबत जब उन्होंने केजरीवाल से बात की थी तो केजरीवाल ने इस पर हामी भी भरी थी। कहते हैं यह बात केजरीवाल के दिमाग से निकल गई या फिर उन्होंने जेठमलानी के निवेदन को नजरअंदाज कर दिया और उस व्यक्ति को निगम चुनाव में टिकट नहीं मिल पाया। सूत्र बताते हैं कि इस बात से आहत होकर जेठमलानी ने केजरीवाल को अपना बिल भेज दिया और यह बिल किसी प्रकार मीडिया में लीक भी हो गया।
Posted on 10 April 2017 by admin
यूपी में 21 करोड़ 50 लाख किसानों के 36,359 करोड़ रुपए की कर्ज माफी को जैसे ही योगी ने अपनी पहली कैबिनेट मीटिंग में हरी झंडी दिखाई, इसकी गूंज अन्य राज्यों में भी सुनाई देने लगी। महाराष्ट्र में भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सरकार ने इस फैसले को लगभग लपक लिया है, अब वहां की देवेंद्र फडनवीस सरकार कर्ज में डूबे प्रदेश के किसानों के लिए कर्ज माफी की ऐसी ही एक योजना लेकर आ रही है। पंजाब में हालांकि कांग्रेस की सरकार है, पर वहां के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी कोर कमेटी की बैठक में इस बात के साफ संकेत दिए हैं कि पंजाब के किसानों के लिए भी जल्द ही एक ऐसी योजना लाई जाएगी। वहीं तमिलनाडु में मद्रास हाईकोर्ट ने वहां की राज्य सरकार से कहा है कि वे सिर्फ छोटे व सीमांत किसानों के लिए नहीं, बल्कि सभी किसानों के लिए समान रूप से इस कर्ज माफी योजना को अमलीजामा पहनाएं।
Posted on 10 April 2017 by admin
यूपी के नए-नवेले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रधानमंत्री मोदी के समान ही खूब काम करने के आदी हैं, वे इतनी देर रात तक दफ्तर में बैठ जाते हैं कि अफसर और यहां तक कि पुलिस वालों की भी मुसीबत हो जाती है। आम तौर पर योगी रात के ग्यारह-बारह बजे तक अपने दफ्तर में काम करते नजर आते हैं, जबकि इनके पूर्ववर्त्ती मुख्यमंत्रियों ने मसलन मायावती व अखिलेश ने अपने सरकारी आवास यानी सीएम रेसीडेंस पर ही अपने दफ्तर बना रखे थे और वे मीटिंग के लिए आम तौर पर अपने मंत्रियों व अफसरों को वहीं बुला लिया करते थे। वहीं योगी इस राय के हैं कि दफ्तर का काम दफ्तर में ही निपटाया जाना चाहिए, यहां तक कि वे अपने मंत्रियों का भी फाइल घर पर ले जाना पसंद नहीं करते, यूपी को इस वर्क कल्चर में ढलने में अभी और थोड़ा वक्त लग सकता है।
Posted on 10 April 2017 by admin
यूपी के नए-नवेले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रधानमंत्री मोदी के समान ही खूब काम करने के आदी हैं, वे इतनी देर रात तक दफ्तर में बैठ जाते हैं कि अफसर और यहां तक कि पुलिस वालों की भी मुसीबत हो जाती है। आम तौर पर योगी रात के ग्यारह-बारह बजे तक अपने दफ्तर में काम करते नजर आते हैं, जबकि इनके पूर्ववर्त्ती मुख्यमंत्रियों ने मसलन मायावती व अखिलेश ने अपने सरकारी आवास यानी सीएम रेसीडेंस पर ही अपने दफ्तर बना रखे थे और वे मीटिंग के लिए आम तौर पर अपने मंत्रियों व अफसरों को वहीं बुला लिया करते थे। वहीं योगी इस राय के हैं कि दफ्तर का काम दफ्तर में ही निपटाया जाना चाहिए, यहां तक कि वे अपने मंत्रियों का भी फाइल घर पर ले जाना पसंद नहीं करते, यूपी को इस वर्क कल्चर में ढलने में अभी और थोड़ा वक्त लग सकता है।
Posted on 10 April 2017 by admin
देश की तमाम बड़ी टेलिकॉम कंपनियों को रिलायंस जियो लांच कर पानी पिला देने वाले मुकेश अंबानी की नज़र अब देश में हजारों करोड़ के डीटीएच बिजनेस पर है। अभी टाटा, जी, एयरटेल, वीडियोकॉन व सन जैसे बड़े खिलाड़ी मैदान में हैं। सूत्र बताते हैं कि मुकेश अंबानी अपना एक नायाब आइडिया लेकर मैदान में आने वाले हैं, जिसके तहत टेलीविजन उपभोक्ताओं को रिलायंस का डीटीएच कनेक्शन लेने पर पहले छह महीने मुफ्त मिलेंगे, उसके बाद इसे बाजार से काफी कम कीमतों पर लांच किया जाएगा। पिछले दिनों तमाम डीटीएच व केबल कंपनियों के शेयर में भारी उछाल देखने को मिला, आने वाले दिन डीटीएच उद्योग के लिए अफरातफरी भरे हो सकते हैं।
Posted on 10 April 2017 by admin
इस बुधवार की शाम नार्थ ब्लॉक में अचानक से फायर अलार्म बजने लगे, सुरक्षा एजेंसियों के होश फाख्ता हो गए, क्योंकि उस वक्त केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह नार्थ ब्लॉक स्थित अपने दफ्तर में काम कर रहे थे। तुरंत से आग बुझाने वाले उपकरणों को हरकत में लाया गया, पर सुरक्षाकर्मियों को इतनी गहन-खोजबीन के बाद भी कहीं चिंगारी नहीं दिखी। पहले शार्ट सर्किट का अंदाजा लगाया गया था, सूत्र बताते हैं कि फिर छानबीन से पता चला कि नार्थ ब्लॉक के ही किसी कर्मचारी ने एक अदद सिगरेट सुलगा ली थी। (एनटीआई-gossipguru.in)
Posted on 02 April 2017 by admin
यूपी की चुनावी जीत से बम-बम भाजपाध्यक्ष अमित शाह गुजरात, ओडिशा जैसे राज्यों में सक्रिय हो गए हैं। हालिया जनमत सर्वेक्षण की रिपोर्ट में शाह ने पाया कि ओडिशा में भाजपा का ग्राफ तेजी से उठा है और वह कांग्रेस को पीछे छोड़ बीजद के खिलाफ मुख्य लड़ाई में शामिल हो गई है। शाह और मोदी द्वय धर्मेंद्र प्रधान को भाजपा के सीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर ओडिशा में प्रोजेक्ट करना चाहते हैं, द्वय यह भी चाहता है कि धर्मेंद्र प्रधान केंद्र में मंत्री बने रहे और साथ-साथ ओडिशा की राजनीति में भी सक्रिय रहें। पर सीएम पद की लोकप्रियता के ग्राफ में प्रधान फिलवक्त मौजूदा मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से काफी पीछे चल रहे हैं। इस बात को मद्देनजर रखते चतुर सुजान शाह ने पुराने नेता गिरिधर गोमांग पर भी दांव चला है। अभी कुछ रोज पूर्व गोमांग की मुलाकात शाह के साथ हुई जिसमें यह तय हुआ कि पहले गोमांग को यूपी से राज्यसभा में भेजा जाएगा, फिर उन्हें ओडिशा की भगवा राजनीति का परचम थमाया जाएगा।
Posted on 02 April 2017 by admin
दीपेंद्र हुड्डा राहुल गांधी के बेहद विश्वसपात्रों में शुमार होते हैं, षायद यही वजह है कि इस दफे के यूपी चुनाव में पश्चिमी यूपी के अधिकांश टिकट दीपेंद्र के कहने पर ही दिए गए, पर वहां कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया। सूत्र बताते हैं कि राहुल ने दीपेंद्र से विदेश रवाना होने से पहले यह भी वादा किया था कि हरियाणा में अगला विधानसभा चुनाव भूपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में ही लड़ा जाएगा। राहुल जब विदेश से वापिस लौटे तो हरियाणा के कई कद्दावर नेताओं कैप्टन अजय यादव, कुलदीप शर्मा, कुलदीप बिश्नोई आदि ने उनसे मिलने का समय मांगा। राहुल ने जब इन नेताओं से मुलाकात की तो इन्होंने समवेत भाव से राहुल से आग्रह किया कि आज हरियाणा में जाट बनाम गैर जाट की खाई बहुत गहरा गई है, लिहाजा कांग्रेस जैसे ही किसी जाट नेता (भूपिंदर सिंह हुड्डा) को आगे करेगी तो तमाम गैर जाट भाजपा के पक्ष में गोलबंद हो जाएंगे। सो, ये नेता चाहते थे कि कांग्रेस किसी का चेहरा सामने रखे बगैर चुनाव में जाए, राहुल ने हामी भरी है।