Posted on 07 August 2011 by admin
बकरे की मां आखिर कब तक खैर मनाएगी? कॉमनवेल्थ लूट पर सीएजी की रिपोर्ट दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के गले की फांस बन गई है और इस बार बच पाना शीला के लिए आसान नहीं लग रहा, बस इंतजार है सोनिया गांधी के सकुशल स्वदेश लौटने का, अमरीका के एक अस्पताल में सोनिया का ऑपरेशन सफल रहा है, फिलवक्त वह स्वास्थ्य लाभ कर रही हैं। पर पार्टी ने इशारों-इशारों में शीला से कह दिया है कि वह अपना बोरिया-बिस्तर बांधने की तैयारी शुरू कर दें। कांग्रेसी हलकों में इस बात की चर्चा है कि पद मुक्त होते ही शीला को यूपी चुनाव में लगाया जा सकता है, जहां अगले साल चुनाव होने हैं, उसके बाद मैडम दीक्षित को गवर्नरी की कुर्सी थमायी जा सकती है। शीला पुत्र संदीप दीक्षित को मनमोहन सरकार में राज्य मंत्री भी बनाया जा सकता है।
Posted on 07 August 2011 by admin
एक मशहूर टीवी न्यूज चैनल की रिपोर्टर के लिए यह अनुभव दिल दहला देने वाला था, प्रतिद्वंद्वी न्यूज चैनल को मनमोहन सरकार के इस सबसे ताकतवर मंत्री ने लंबा इंटरव्यू दिया था, सो इस महिला रिपोर्टर पर भी बॉस का दबाव था कि वह भी मंत्री जी का इंटरव्यू लेकर आए, एक सप्ताह की मशक्कत के बाद इस महिला रिपोर्टर को मंत्री जी ने अपने घर पर बुलाया, मंत्री जी की एक युवा सहायक उस रिपोर्टर को मंत्री जी के स्टडी तक ले गई, उस अधेड़ कांग्रेसी मंत्री ने छूटते ही उस महिला रिपोर्टर से कहा-‘इफ यू वर टू शेयर ए बेड विद मी, देन एट नाइट आई वुड वी ग्राइडिंग माई टीथ’ (मैं तब ही मुंह खोलूंगा जब तुम मेरे साथ हमबिस्तर होगी) अवाक रह गई रिपोर्टर उल्टे पांव बाहर की ओर भागी और उसने यह सारा वृत्तांत बगैर मंत्री का नाम लिए (ए प्रिवी पॉलिटिशियन) अपने ब्लॉग पर लिख डाला। जिस पार्टी की अध्यक्षा स्वयं एक महिला हो वैसे में कांग्रेसी राजनेता की इस करतूत को क्या नाम दिया जाए? सनद रहे कि यह रसिया मंत्री कथित तौर पर पहले भी कई मासूम पत्रकारों को बहला चुका है, सूत्र बताते हैं कि कैबिनेट में यह इस किस्म का अकेला मंत्री नहीं है, सियासी अंत:पुर में कास्टिंग काउच का प्रचलन बढ़ता जा रहा है,’…शायद तुम नहीं जानते कि ढकने के फेर में कई-कई बार उघड़ते रहे हो तुम कई-कई बार दिखी है तुम्हारी बदबूदार मैली गंजी जिसे झक झक साफ कमीज से ढकते फिरते हो तुम गहराती चुप्पी के अंधेरे में सुलग रही है भीतर जो आक्रोश की आग उसकी रोशनी में पढ़ रही हूं तुम्हारे खिलाफ अकेले लड़ने के खतरों को खेल'(निर्मला पुतुल की कविता से)।
Posted on 31 July 2011 by admin
चिदंबरम के ढाका जाने से ऐन पहले उनकी व दिग्विजय सिंह की एक गुप्त मुलाकात हुई, बातचीत लंबे समय तक चली, समझा जाता है कि दिग्विजय सोनिया-राहुल के एक खास संदेशे के साथ चिदंबरम से मिले थे, कि पार्टी जनों के आपसी मतभेद सतह पर नहीं आने चाहिए, जनता में इसका गलत संदेश जा रहा है। सनद रहे कि यह दिग्विजय ही थे जिन्होंने खुले तौर पर गृह मंत्री चिदंबरम की नीतियों की सबसे ज्यादा आलोचना की है।
Posted on 31 July 2011 by admin
पीएम बहुत नाराज हैं अपनी पार्टी से, सबको मालूम है कांग्रेस पार्टी आखिर चलती कहां से है। पीएम नाराज हैं कि जब राजा ने 2जी मामले में उनका और चिदंबरम का नाम लिया तो पार्टी खामोश क्यों रही? कोई उनके बचाव में सामने क्यों नहीं आया? तब पीएम ने सीधे पार्टी मुखिया से बात की, तब कहीं जाकर पार्टी ने उनके बचाव में बयान जारी किया।
Posted on 31 July 2011 by admin
सोमवार से संसद के मानसून सत्र का आगाज होने वाला है। पर शासक दल की हठधर्मिता अराजकता की हद तक सिर चढ़कर बोल रही है। दस जनपथ का एक दुलारा मंत्री कोई हे राम राजस्थान की एक सभा में बापू की खादी के माले से अपना जूता पोंछता नजर आया, तो कोई कांग्रेसी प्रवक्ता ‘देख लेंगे’ के अंदाज में लोकपाल पर अन्ना हजारे को गरियाता नजर आया, हिना के पीछे कृष्णा मंत्रमुग्ध दिखे, तो रामदेव मसले पर सीबीआई को अदालत से लताड़ पड़ी। 2जी मामले में जस्टिस सैनी के समक्ष ए.राजा के बयान के निहितार्थ से प्रमुख विपक्षी पार्टी भाजपा वाकिफ हो चुकी है, वह 10 जनपथ के मंसूबे भी समझ चुकी है और उसका गेम भी, चुनांचे पीएम के प्रति संसद में भाजपा का स्टैंड किंचित नरम रह सकता है, पर चिदंबरम के प्रति पार्टी का रुख हमलावार होगा, यानी अपरोक्ष तौर पर भाजपा के निशाने पर पीएम नहीं, सोनिया होंगी। और सोनिया के खास वफादार भी होंगे निशाने पर।
Posted on 26 July 2011 by admin
इस दफे अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन भारत आईं तो यूपीए के 3 मंत्री व सोनिया गांधी के अलावा नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज और तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता से मिलीं। इसका संदेश साफ है कि अमरीका यूपीए से इतर भारत में वैकल्पिक राजनीति की संभावनाओं को भी टटोल रहा है। हिलेरी ने अपना भाषण दिल्ली में न देकर चैन्ने में दिया। हिलेरी ने कहा कि इस रीजन में दो सुपर पॉवर है रूस और चीन, भारत का अभ्युदय एक नए सुपर पॉवर के तौर पर हो रहा है, इसीलिए अमरीका भारत से व्यापार का पक्षधर है और वह चाहता है कि भारत अब अपना ट्रेड ईस्ट (सिंगापुर, मालदीय, श्रीलंका, म्यांमार, मलेशिया, बांग्लादेश) से मध्य एशिया की ओर ले जाए, इसीलिए हिलेरी ने चैन्ने के किसानों से आह्वान किया कि अब वे अपना तैयार माल ईस्ट के बजाए कजाकिस्तान को बेचें, कमाल है अमरीकी सोच के, एक तीर से दो निशाने।
Posted on 26 July 2011 by admin
राहुल से जुड़े सूत्र इस बात की तस्दीक करते हैं कि केंद्र में नेतृत्व परिवर्तन तो लगभग पक्का है, राहुल बाबा बस अपने मिशन यूपी के रिजल्ट के इंतजार में हैं, अगर यूपी 2012 के चुनाव में कांग्रेस सौ के आंकड़े के आसपास आ गई तो फिर राहुल के हाथों में होगी देश की बागडोर, अगर कांग्रेस 50 का आंकड़ा भी नहीं छू पाई तो फिर राहुल की जगह राहुल का कोई वफादार होगा गद्दीनशीं, चाहे वह जिस सदन का भी सदस्य हो यानी 2012 में मनमोहन की रुखसती की पूरी तैयारी है।
Posted on 26 July 2011 by admin
‘कैश फॉर वोट’ का मामला यूं अचानक जिंदा नहीं हो गया है, इसकी धौंकनी-सी चलती सांसों में किसी ने हवा फूंकी है, इसीलिए तो प्रधानमंत्री जी के चेहरे पर हवाईयां उड़ रही हैं। यूपीए-2 के शासनकाल में जब से उन्होंने अपने पर फड़फड़ाने शुरू किए हैं, उनकी उड़ने की इन अतृप्त आकांक्षाओं पर ठठाकर हंस पड़ा है आसमान, सब जानते हैं कांग्रेसी महारानी अपने कठपुतली शासक से नाराज हैं, इंतजार है तो सिर्फ यूपी चुनाव का। निजाम बदला जाएगा, राहुल बाबा के ताजपोशी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, आने वाले दिनों में ईमानदार प्रधानमंत्री पर कई तोहमत लग सकते हैं, उन्हें बे आबरू होकर कूचे से बाहर भी निकलना पड़ सकता है। और तब तो वे बावफा का वास्ता भी नहीं दे सकते।
Posted on 18 July 2011 by admin
जयराम रमेश सोनिया व राहुल की अनुकंपा के आधार पर ग्रामीण विकास मंत्रालय में भेजे गए हैं, सही मायनों में यह उनका प्रमोशन ही है, वे राहुल को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने में एक अहम जिम्मेदारी निभाने वाले हैं। कांग्रेस जल्द ही संसद में ‘फूड सिक्युरिटी बिल’ लाने जा रही है, जयराम इस बिल का ताना-बाना बुन रहे हैं। सलमान खुर्शीद के कंधों पर भी राहुल ने एक खास जिम्मेदारी सौंपी है, वे अभी से ‘कम्यूनल वॉयलेंस बिल’ लाने में जुट गए हैं, इसीलिए उन्हें अपेक्षाकृत ईमानदार माने जाने वाले मोइली के स्थानांपन्न के तौर पर ढूंढा गया है और उन्हें अल्पसंख्यक मंत्रालय के अतिरिक्त प्रभार से नवाजा गया है।
Posted on 18 July 2011 by admin
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण की यह शिकायत वाजिब भी लगती है कि उन्हें भी मुंबई सीरियल बम धमाकों की खबर देर से मिली, क्योंकि धमाके होते ही प्रभावित इलाकों के मोबाइल टावर्स से आ रहे सिग्नल को तत्काल प्रभाव से जैम कर दिया गया। सनद रहे कि मोबाइल क्रांति से पहले तक पुलिस वालों को ज्यादातर सूचनाएं व कमांड आईएसपीडब्ल्यू यानी इंटरस्टेट पुलिस वॉयरलेस के मार्फत मिलती थी, पुलिस व खुफिया तंत्र के बड़े आला अधिकारी व राज्य के मुख्यमंत्री भी इसके वीआइपी नेटवर्क से जुड़े रहते थे, पर संचार क्रांति आने के बाद जब से मोबाइल फोन का चलन व इसका बोलबाला बढ़ा है पुलिस व खुफिया तंत्र की निर्भरता भी इस पर काफी हद तक बढ़ गई है, इस खतरे को जानते-बूझते बगैर कि कई आतंकी संगठनों को मोबाइल सिग्नल हैक करने में, बातचीत टैप करने में महारथ हासिल है, वक्त आ गया है कि सूचना के आदान-प्रदान के लिए हमारी पुलिस व खुफिया एजेंसियां अपने संचार जाल पर ज्यादा भरोसा करे।