Posted on 17 December 2010 by admin
अपने बेटे की आलीशान शादी से निबटकर अब गडकरी इजराइल जा रहे हैं वे भी भाजपा सांसदों के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ। इस प्रतिनिधमंडल में वसुंधरा राजे सिंधिया, सतपाल मलिक व जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह भी शामिल हैं। पर सांसदों की मुश्किल यह है कि जहां गडकरी को बिजनेस क्लास टिकट मिला है वहीं बाकी सांसदों के लिए इकोनॉमी क्लास के टिकट का प्रावधान है, अब वसुंधर राजे ने तो अपने पैसों से बिजनेस क्लास टिकट खरीद लिया है, पर बाकी के सांसदगण क्या करें?
Posted on 10 December 2010 by admin
गुजरात के पूर्व गृह मंत्री अमित शाह अभी दिल्ली में देखे जा रहे हैं, जहां वह सपत्नीक आराम फरमा रहे हैं।
Posted on 10 December 2010 by admin
सबकी पोल खोलने वाले मीडिया का इस कदर चीरहरण कभी नहीं हुआ था, ऐसे में जब बड़े तुर्रमखां पत्रकारों की विकेट गिर गई है तो वे कुत्तर्को पर उतर आए हैं, मसलन राजदीप सरदेसाई का यह कहना है कि अभी उन पर आरोप सिध्द नहीं हुए हैं, सो उन्हें दोषी सिध्द साबित का उपक्रम न साधा जाए, तो राजदीप बताएं कि क्या लालू, मुलायम या मायावती दोष सिध्द हो चुके थे जब कई मामलों में मीडिया ने उन पर हल्ला बोला था? सेंट्रल हॉल में तो कई सांसद यह कहते पाए जा रहे हैं कि राजदीप और बरखा दत्त से पद्म सम्मान सरकार को वापिस लेना चाहिए, नहीं तो देश के इतने बड़े नागरिक सम्मान की यह तौहीन होगी।
Posted on 10 December 2010 by admin
जेपीसी की कई होशियार बिल्लियां छींका टूटने के इंतजार में है, ये वो सांसद है, जो पहले भी कई जेपीसी की शोभा बढ़ा चुके हैं और उन्हें बखूबी इल्म है कि दूध में से मलाई कैसे खाई जाती है, चुनांचे संजय निरुपम, एस.एस.अहलूवालिया, प्रेम गुप्ता सरीखे सांसद जेपीसी के इंतजार में पलक पांवड़े बिछाए बैठे हैं।
Posted on 01 December 2010 by admin
‘काम नहीं तो भत्ता नहीं’ इस आइडिया का क्रेडिट लेने की जैसे होड़ मची है कांग्रेसी सांसदों में, सबसे पहले श्रेय लेते नजर आए झोलाधारी संदीप दीक्षित, फिर मनीष तिवारी यह कहते नजर आए कि यह आइडिया सिर्फ उनका था। पर सच में जिस नेता का यह आइडिया था वे आम तौर पर मीडिया के समक्ष आने से बेहद संकोच करते हैं, वे हैं-अहमद पटेल।
Posted on 01 December 2010 by admin
संसद में विपक्षियों द्वारा मचाए जा रहे तमाम शोर-शराबों के बीच कांग्रेस की ‘स्ट्रेटजी’ क्या हो इसे लेकर हाईकमान के निर्देश पर संसदीय कार्य मंत्री पवन बंसल ने दस बड़बोले कांग्रेसी सांसदों की मीटिंग बुलाई और इन सांसदों को खास तौर पर हिदायत दी गई कि इस रणनीति का कहीं से भी मीडिया में खुलासा नहीं होना चाहिए, उपस्थित सांसदों ने भी हामी भरी, पर अगले दिन के मीडिया में इन पूरी बातों का खुलासा था कि उक्त मीटिंग में आखिर रणनीति क्या बनी? हाईकमान ने उन सांसदों की बुलाकर जब क्लास ली तो तीन नामों का खुलासा हुआ जो मीडिया से बतियाते पाए गए थे- संजय निरूपम, राशिद अल्वी और जगदंबिका पाल। मजे की बात तो यह कि यह तीनों ही एक दूसरे पर दोषारोपण कर रहे थे कि ‘मैं नहीं ये’, तीनों सांसदों को पार्टी हाईकमान की ओर से गंभीर चेतावनी मिली-‘अब नहीं सुधरे तो आगे से अहम मीटिंग में बुलाना बंद कर दिया जाएगा।’ क्या मालूम अब ये सुधर जाएं।
Posted on 21 November 2010 by admin
कांग्रेस के सर्वशक्तिमान और सोनिया गांधी के आंख-नाक-कान अहमद पटेल को लेकर पीएमओ का रवैया थोड़ा चौंकाने वाला है, ओबामा के डिनर में जब पीएमओ ने 80 लोगों की लिस्ट बनाई तो उसमें से पटेल का नाम नदारद था, उसके पहले और बाद में भी प्रधानमंत्री निवास पर कई डिनर-लंच हुए पर उसमें अहमद भाई को न्यौता नहीं गया, कहते हैं मनमोहन सिंह ऐसी बातों-ऐसी खबरों से अनजान हैं, क्योंकि प्रधानमंत्री कार्यालय में आमंत्रितों की सूची तैयार करने का जिम्मा कुट्टी नायर का है, ठीक है, पर एक बार लिस्ट तैयार हो जाने के बाद उसे स्वीकृति के लिए तो मनमोहन सिंह के पास तो भेजा ही जाता है।
Posted on 14 November 2010 by admin
डेविड हेडली की मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदलने के एवज में अमरीकी प्रशासन ने उसके साथ एक समझौता किया है, इस समझौते के मुताबिक हेडली से अमरीकियों ने साफ कर दिया है कि उसके पास जो भी जानकारियां हैं वह किसी दूसरे देश यानी भारत के साथ उन्हें शेयर करनी पड़ेंगी। इसके बाद ही भारतीय एजेंसियां हेडली के पास पहुंच पायीं और उससे जरूरी सवालात पूछ पा रही हैं। आप इसे अमरीकी ‘दोस्ताना रवैए’ का प्रसाद कह सकते हैं।
Posted on 14 November 2010 by admin
एक प्रमुख टेलीकॉम कंपनी जिसकी इन दिनों 2जी स्पैक्ट्रम घोटाले में खूब चर्चा है, उसमें तीन प्रमुख महिला सांसदों के अच्छे-खासे पैसे निवेश हुए हैं। इनमें से एक पंजाब के सत्तारूढ़ परिवार की बहू हैं, एक महाराष्ट्र के एक सबसे बड़े नेता की इकलौती पुत्री हैं और तीसरी के बारे में तो बगैर बताए ही समझ गए होंगे वह काले चश्मे वाले बाबा की बेटी हैं। और इन तीनों नेत्रियों की अपस में खूब बनती है।
Posted on 07 November 2010 by admin
15-20 दिसंबर के मध्य होने वाले कांग्रेस के महत्वपूर्ण ‘प्लेनरी सेशन’ का आयोजन स्थल अब बदल सकता है। पूर्व नियोजित कार्यक्रम के मुताबिक इसे महाराष्ट्र के मुंबई में होना था। पर अब आयोजन समिति नए जगह की तलाश में जुट गई है, मुमकिन है अब यह दिल्ली या जयपुर में आयोजित हो। इस सेशन में कांग्रेस के सवा सौ साल पूरे होने के उपलक्ष्य में कई महत्वपूर्ण कार्यक्रमों को हरी झंडी दिखाई जानी है। समझा जाता है कि महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण से 10 जनपथ बेतरह नाराज है जिस तरह सोनिया गांधी की महाराष्ट्र रैली के सापेक्ष में हुए एक स्टिंग ऑपरेशन में वहां के प्रदेश अध्यक्ष को यह बताते हुए धरा गया कि सोनिया की रैली के लिए कैसे उसने दो करोड़ रुपए जुटाए, आदर्श नगर हाउसिंग सोसाइटी मामले में भले ही मुख्यमंत्री के करीबी रिश्तेदारों ने अपने-अपने फ्लैट वापिस कर दिए हों पर यह मामला ठंडा होने का नाम नहीं ले रहा। महाराष्ट्र के पॉवरफुल नेता शरद पवार से अशोक चव्हाण के निजी संबंध चाहे कितने मधुर हों, कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व और पवार में इन दिनों बेतरह ठनी हुई है। ऐसे में सोनिया गांधी को इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिए मुंबई मुफीद जगह नहीं लग रही थी, शायद इसीलिए चव्हाण को भी आनन-फानन में दिल्ली तलब किया गया है।