Posted on 20 February 2023 by admin
’हम बेखबर ही रहते अगर तेरा इस ओर आना न होता
यह हसीन शाम रूठी ही रहती अगर सूरज का जाना न होता’
देश की नई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने जब से राष्ट्रपति भवन में कदम रखा है यहां की आबोहवा बदल गई है। राष्ट्रपति भवन के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए यह सुकून भरे एक ठंडे हवा के झोंके की मानिंद है, अपने पूर्ववर्तियों से दीगर राष्ट्रपति मुर्मू ने आते ही कई घोषित मिथक तोड़ डाले हैं, राष्ट्रपति भवन के कर्मचारियों को याद नहीं आता है कि अब से पहले किसी राष्ट्रपति ने अपने निजी खर्चे से उनके और उनके बच्चों के लिए दीपावली की मिठाईयां भेजी हों। सूत्र बताते हैं कि ’राष्ट्रपति का अकेले मिठाई के डब्बों और उपहार पर कोई दो से ढाई लाख का खर्च आया था, जिसे उन्होंने खुद वहन किया।’ राष्ट्रपति भवन के कर्मचारी गण उनकी सादगी, शालीनता और जीवन जीने की सरलता के कायल हो गए हैं। वह अलस्सुबह तीन बजे उठ जाती हैं, फिर कोई घंटे भरे योग और ध्यान का नियमित अभ्यास करती हैं, फिर चार बजे मार्निंग वॉक के लिए निकल जाती है, जो लगभग पौने घंटे की होती है। अब राष्ट्रपति भवन के किचन में बिना प्याज-लहसुन के केवल शाकाहारी भोजन पकता है, मांसाहारी भोजन का प्रचलन बंद हो गया है। राष्ट्रपति भवन का किचन भी रात दस बजे तक बंद करने को कह दिया गया है। पहले देर रात ड्युटी खत्म कर घर जाने वाले कर्मचारियों को कोई यात्रा भत्ता भी नहीं मिलता था, अब यह मिलने लगा है। राष्ट्रपति को भली भांति इस बात का इल्म है कि नए भारत का चेहरा सबसे ज्यादा देश के युवाओं से मिल कर बनता है, सो युवाओं से जुड़ने और उनकी प्रति आशाओं को ठीक से समझने के लिए वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘फेसबुक’ पर भी अपना काफी समय लगाती हैं, अपने उद्बोधनों के लिए छोटे-छोटे नोट्स बनाती हैं, जिन्हें उनके मुख्य भाषण में शामिल कर लिया जाता है। शीर्ष बदलेगा तो यकीनन इसकी महक देश की तासीर में भी महसूस होगी।
Posted on 20 February 2023 by admin
गांधी परिवार के एक देदीप्यमान चिराग वरुण गांधी के बड़े भाई राहुल जब 3,600 किलोमीटर पैदल चल कर भारत जोड़ने का यत्न कर रहे थे, तो स्वभाव से कवि और रुचि से अध्येता वरुण नगरीकरण पर अपनी महत्वाकांक्षी पुस्तक ’द इंडियन मेट्रोपोलिस’ की प्रस्तुति को अंतिम रूप देने में जुटे थे। 824 पृष्ठों वाली इस भीमकाय पुस्तक ने आते ही मार्केट में धूम मचा दी और अपने पूर्ववर्ती प्रकाशनों की तरह धूम-धड़ाके के साथ ’बेस्ट सेलर’ श्रेणी में शुमार हो गई। 1,500 रुपए वाली इस पुस्तक को प्रकाशित करने वाले रूपा पब्लिकेशंस का दावा है कि ’इस किताब ने मार्केट में आते ही बिक्री के तमाम रिकार्ड तोड़ डाले। पहले दो दिन में ही इस पुस्तक की सात हजार से ज्यादा प्रतियां बिक चुकी है।’ प्रकाशक का दावा है कि ’उनका पहला प्रिंट रन ही एक लाख प्रतियों का है।’ प्रकाशक का यह भी कहना है कि ’वे बिक्री के इस लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेंगे क्योंकि इस पुस्तक ने आते ही एक बड़ा ‘हाईप’ बना लिया है।’ वरुण ने अपनी इस महत्वाकांक्षी पुस्तक में नगरीकरण के विभिन्न प्रारूपों और उनकी चुनौतियों का बेहद विस्तार से जिक्र किया है। आठ अध्यायों में समाहित इस अनुसंधानकारी पुस्तक में वाटर और सैनिटेशन, शहर में अपराध, स्वास्थ्य व्यवस्था, शहरी परिवहन, शहरी बेरोजगारी, सबके लिए सुगम घर जैसे जरूरी मुद्दों की गहन पड़ताल की गयी है।
Posted on 14 February 2023 by admin
’धूप के नाज़ उठाते सदियां गुजरी हैं
ये मेरा वक्त है मुझे भी सूरज बनना है’
गुजरात विधानसभा चुनाव में 156 सीटें लेकर बंपर जीत हासिल करने वाली भगवा पार्टी के बम-बम हौसलों को लगता है दुश्मनों की नज़र लग गई है, पार्टी शीर्ष को मिली खुफिया जानकारियों के मुताबिक गुजरात भाजपा के कई शीर्ष नेता इन दिनों अपने हाईकमान से नाराज़ चल रहे हैं, नाराज़गी इस कदर है कि आने वाले दिनों में यह कोई बड़ा गुल खिला सकती है। दरअसल, गुजरात विधानसभा चुनाव से भाजपा शीर्ष ने अपने कई बड़े नेताओं, मसलन भूपेंद्र सिंह चूड़ासमा, नितिन पटेल, सौरभ पटेल, बल्लभ काकड़िया, विभावरी दवे, प्रदीप सिंह जडेजा जिन्होंने चुनाव नहीं लड़ने का ऐलान किया था, इन्हें भरोसा दिया गया था कि ’इन्हें केंद्र में या फिर कहीं अन्यत्र एडजस्ट कर लिया जाएगा।’ अब सवाल उठता है कि केंद्र में अकेले गुजरात से कितने मंत्री बनाए जा सकते हैं, मोदी मंत्रिमंडल का संभावित फेरबदल भी इन्हीं पेंचोखम में उलझा है। अब बचता है संगठन में एडजस्टमेंट, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से पहले ही कह दिया गया था कि ’वे संगठन में जितने सीनियर को एडजस्ट कर पाते हैं, कर लें।’ आनंदी बेन समेत कई गवर्नरों का भी कार्यकाल पूरा हो रहा है, पर मुश्किल यह है कि गुजरात से पहले ही थोकभाव में गवर्नर बनाए जा चुके हैं। भाजपा शीर्ष नहीं चाहता कि ये नाराज़ नेतागण 2024 के चुनाव में कोई गड़बड़ी कर दें, सो बीच का एक रास्ता निकाला गया है कि ’इनमें से कई नेताओं को आने वाले आम चुनाव में लोकसभा का टिकट मिल सकता है,’ इसी बहाने हाईकमान इनकी लोकप्रियता की परीक्षा भी ले लेगा।
Posted on 14 February 2023 by admin
‘दो कदम आगे बढ़कर बेतरह थक गई है रोशनी,
नादां दीयों ने जब से पागल हवाओं से रार ठान ली है’
कई बड़ी घटनाएं सुंदर इत्तफाकों की महज़ बॉयोप्रोडक्ट होती हैं। कोई महीने भर पहले की मुकेश अंबानी की अमेरिका यात्रा को भी आप इसी श्रेणी में रख सकते हैं। बेहद भरोसेमंद सूत्रों के दावों पर यकीन किया जाए तो अंबानी की कंपनी रिलायंस ने पिछले दिनों अमेरिका की एक बड़ी पीआर कंपनी की सेवाएं ली हैं। कारण बताया गया कि रिलायंस समूह को अमेरिका में अपना विस्तार कराना है। पिछले महीने मुकेश अंबानी जब वाशिंगटन डीसी पहुंचे तो उनके सम्मान में वहां के एक सीनेटर ने ‘ब्रेकफास्ट’ रखा, जिसमें कुल 8 अन्य सीनेटर भी शामिल हुए। कहा जाता है कि इन अमेरिकी सीनेटर गण ने अंबानी को अपने संबंधित राज्यों में आने का न्यौता दिया, यह कहते हुए कि ‘अंबानी वहां आएं और उनके राज्यों में नए रोजगारों का सृजन करें।’ कहते हैं इसके जवाब में मुकेश ने कहा-’रिलायंस इज़ ऑल्वेज योर फ्रेंड’। फिर रात में अमेरिकी कांग्रेस मैन की ओर से एक डिनर रखा गया जिसमें 30 से ज्यादा सीनेटर शामिल हुए। इसी कड़ी में ‘इंडियन अमेरिकन कॉकस’ यानी ‘समोसा कॉकस’ ने आने वाली गर्मियों में अपने एक बड़े कार्यक्रम में मुकेश अंबानी को बतौर चीफ गेस्ट आमंत्रित किया है। सनद रहे कि इंडियन अमेरिकन के इस समोसा कॉकस की अमेरिकी राजनीति में बेहद पूछ है, इस कॉकस को गठित करने वालों में देश की उप राष्ट्रपति कमला हैरिस, सीनेटर राजा कृष्णमूर्ति, रो खन्ना, डॉक्टर एमी बेरा और प्रमिला जयराम जैसे नामचीन इंडियन अमेरिकन शामिल हैं। क्या इसे भी महज़ एक इत्तफाक मान जाए कि अंबानी की इस अमेरिका यात्रा के महीने भर बाद ही अमेरिका स्थित ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ की अनुसंधानकारी रिपोर्ट आ जाती है और अडानी समूह को महज़ दो दिनों के अंदर 4.17 लाख करोड़ रुपयों का झटका लग जाता है। सिर्फ इतना ही नहीं इसके साथ अडानी की ‘ग्रीन एनर्जी’ में अरबों का निवेश करने वाले दो बड़े वेल्थ मैनेजर ‘ब्लैक रॉक’ और ‘ब्लैक स्टोन’ कहते हैं वे अडानी की ग्रीन एनर्जी में अपने निवेश का रिव्यू करेंगे। आप सिर्फ कड़ियों को जोड़ें और भारतीय औद्योगिक समूहों की प्रतिस्पद्र्धा के नए चेहरे उजागर हो जाएंगे।
Posted on 14 February 2023 by admin
2024 के आम चुनाव में क्या मोदी वाराणसी के साथ-साथ दक्षिण भारत की किसी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ सकते हैं? भाजपा से जुड़े सूत्रों के दावों पर अगर यकीन किया जाए तो इसका जवाब ’हा’ में है। वजह बेहद साफ है, इस वक्त उत्तर और पश्चिम भारत के राज्यों में भाजपा का ग्राफ उफान पर है, पूरब के राज्यों में भी धीरे-धीरे भाजपा ने अपनी पैठ बना ली है। भाजपा की असल चिंता दक्षिण की 128 सीटों को लेकर है जहां कांग्रेस समेत अन्य क्षेत्रीय दलों का जलवा बरकरार है। भाजपा को भरोसा है कि ’उसके तरकश में मोदी नाम का वह तीर जो इन तमाम चुनौतियों का एकमेव उत्तर है।’ भाजपा से जुड़े सूत्रों का दावा है कि ’2024 के आम चुनावों में तमिलनाडु की रामनाथपुरम सीट मोदी की पसंदीदा सीटों में शुमार है, जहां से वे चुनाव लड़ने की सोच सकते हैं।’ भाजपा को दक्षिण भारत में अपने विस्तार के लिए ऐसे ही किसी एक ‘मास्टर स्ट्रोक‘ की जरूरत है। रामनाथपुरम के अलावा मदुरै और कोयंबटूर में भी भगवा पार्टी अभी से वहां जनता का मूड भांपने में लगी है। बात रामनाथपुरम की करें तो 2024 के चुनाव में यहां भाजपा तीसरे स्थान पर थी, पर 2019 का लोकसभा चुनाव आते-आते भाजपा यहां मुख्य लड़ाई में शामिल हो गई और वह दूसरे स्थान पर रही। दक्षिण भारत किस कदर मोदी और भाजपा के एजेंडे में है इसे आप दो उदाहरणों से समझ सकते हैं। काशी में बड़े जोर-शोर से ‘तमिल संगम’ की शुरूआत हुई और दिल्ली में ‘सेंट्रल विस्टा’ के उद्घाटन के मौके पर पीएम ने तमिल महाकवि भारतियार यानी सुब्रह्मण्यम भारती की कविता का पाठ किया। मोदी की भाव-भंगिमाएं और उनके आचरण खुद ही उनकी आगे की रणनीतियों की चुगली कर देते हैं।
Posted on 14 February 2023 by admin
कांग्रेस के नए नवेले राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे जानते हैं कि बिहार को लेकर राहुल गांधी के मन में कुछ अतिरिक्त उत्साह है। सो, वे बिहार कांग्रेस में एक नई जान फूंकने के लिए तत्पर रहते हैं। इस शुक्रवार को उन्होंने बिहार कांग्रेस के पटना स्थित प्रदेश मुख्यालय सदाकत आश्रम में आयोजित एक कार्यशाला को वर्चुअल रूप से संबोधित किया। यह कार्यशाला कांग्रेस के ’हाथ जोड़ो’ कार्यक्रम को लेकर आयोजित थी, जिसमें बिहार कांग्रेस के 500 डेलीगेट्स को षामिल होना था, यहां कुर्सियां भी पांच सौ के आसपास लगाई गई थीं। पर कहते हैं इस कार्यशाला में बमुश्किल 150-200 डेलीगेट्स ही जुटे, फिर आनन-फानन में पीछे की सारी कुर्सियां हटा ली गईं। इसके बाद बिहार कांग्रेस में फिर से बवाल हो गया कि फर्जी डेलीगेट्स के नाम सूची में से काटे जाएं। इसके तुरंत बाद खड़गे ने बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश सिंह को दिल्ली तलब कर लिया। इस कार्यक्रम में बिहार कांग्रेस के एक नेता अनिल शर्मा ने यह कह कर तूफान मचा दिया कि ’हाथ जोड़ो’ नहीं कांग्रेस को ‘दिल जोड़ो’ अभियान चलाना चाहिए।’ शर्मा जब यह कह रहे थे तो कार्यक्रम का लाइव प्रसारण हो रहा था।
Posted on 26 January 2023 by admin
यूपी में संगठन और सरकार में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं, योगी 5 प्रबुद्द लोगों को मनोनीत श्रेणी से एमएलसी बनाना चाहते हैं, बाद में इनमें से कुछ को वे अपनी सरकार में मंत्री भी बना सकते हैं। योगी की सूची में पहला नाम लोक गायिका मालिनी अवस्थी का है, फिर कवि कुमार विश्वास का, नृपेंद्र मिश्र के पुत्र साकेत मिश्र और श्यामा प्रसाद मुखर्जी ट्रस्ट के अध्यक्ष भी उनकी इस पसंदीदा लिस्ट में शामिल हैं। कुमार विश्वास से कहा गया है कि ’वे इस छोटी सीढ़ी से सियासी सफर की शुरूआत करें, बाद में उन्हें राज्य सरकार में मंत्री बना दिया जाएगा।’ पर कुमार विश्वास इतनी छोटी सीढ़ी से अपना डग भरने को तैयार नहीं बताए जाते, उनका कहना है कि ’कम से कम राज्यसभा तो भेजो।’ मालिनी अवस्थी पिछले दिनों एक चैनल मालिक पत्रकार के मार्फत अमित शाह से मिली थीं, पर कहते हैं बात बनी नहीं, क्योंकि मालिनी के बात करने का अंदाज शाह को भाया नहीं, मालिनी कह रही थीं कि ’उनके पति अवनीश अवस्थी को सेवा विस्तार देने से सिर्फ इसीलिए मना कर दिया गया क्योंकि उनके विरोधियों ने भाजपा शीर्ष के कान भर दिए, जबकि उनके परिवार की भाजपा से वफादारी किसी से छुपी नहीं।’ पर शाह ने बहुत जल्द मालिनी को बाहर कर दरवाजा दिखा दिया।
Posted on 26 January 2023 by admin
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के मौके पर पीएम मोदी ने अपना मेगा रोड शो दिल्ली में किया। इस रोड शो में इस कदर भीड़ उमड़ी, धक्का मुक्की हुई कि दर्जनों लोगों की जेबें कट गईं, कितने मोबाइल चोरी हो गए, एक फोटो पत्रकार का तो इतना महंगा लेंस चोरी चला गया, जिसकी कीमत दो लाख रुपयों से भी ज्यादा बताई जाती है। पुलिस के पास तो 18 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो गए। इससे दिल्ली पुलिस की मुस्तैदी पर सवाल उठे, सवाल तो पीएम के रोड शो के टाइमिंग को लेकर भी उठे, पर पत्रकारों को बता दिया गया कि ’पीएम के रोड शो का राहुल की भारत जोड़ो यात्रा से कोई लेना देना नहीं, पीएम ने तो दिल्ली भाजपा की सलाह पर यह रोड शो किया था।’
Posted on 08 January 2023 by admin
’तुम छू लेते इक बार तो ख्वाहिशें हो जातीं मुकम्मल
वरना हमने भी सदियां बिस्तर पर करवटें बदलते काटी हैं’
नया साल कईयों के लिए उम्मीदों का नया सवेरा लेकर आया है, खास कर वैसे लोगों के लिए जो नए साल से सियासी पिच पर अपनी बारी के इंतजार में थे। विश्वस्त सूत्र खुलासा करते हैं कि ’मोदी मंत्रिमंडल का यह फेरबदल बजट सत्र के पहले यानी 15 से 31 जनवरी के बीच कभी भी हो सकता है।’ इससे पहले भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक 16-17 जनवरी को हो रही है, माना जा रहा है कि इसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के कार्यकाल बढ़ाने पर भी मुहर लग सकती है। दरअसल, संघ चाहता है कि कम से कम 2024 के आम चुनावों तक पार्टी की बागडोर नड्डा के पास ही रहे। अगर इन सबके बावजूद भी नड्डा को हटाना पड़ा तो केंद्रीय मंत्रिमंडल में उनकी जगह पक्की मानी जा रही है। आपको बता दें कि आने वाले 20 जनवरी को नड्डा का अध्यक्षीय कार्यकाल खत्म होने वाला है। सूत्र बताते हैं कि केंद्र में 12 नए मंत्री बनाए जा सकते हैं, एनडीए के सहयोगी दलों को भी इस विस्तार में पर्याप्त जगह मिलने वाली है। जैसे मंत्री बनने वालों में लोक जनशक्ति पार्टी के चिराग पासवान की जगह पक्की मानी जा रही है। किसान आंदोलन से कुट्टी कर गए अकाली दल की भी वापसी हो रही है, हरसिमरत कौर फिर से केंद्र में मंत्री बन सकती हैं। शिवसेना के 12 सांसद जो शिंदे गुट में शामिल हो गए थे, उनमें से किसी एक को मंत्री बनाया जा सकता है। हिमाचल चुनाव में अनुराग ठाकुर के दोहरे मापदंडों (कहा जाता है कि कई भाजपा बागी इनके संपर्क में थे) की वजह से उनके पर कतरे जाने के कयास हैं। पीयूष गोयल को फिर से रेल मंत्रालय का जिम्मा मिल सकता है। गोवा प्रकरण को लेकर पार्टी हाईकमान भले ही स्मृति ईरानी से खुश न हो, पर यूपी में राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा को मिले अभूतपूर्व समर्थन से संकेत मिल रहे हैं कि इस बार राहुल फिर से अमेठी से मैदान में होंगे, उन्हें टक्कर देने के लिए भाजपा के पास स्मृति ईरानी से बढ़ कर कोई और तुरूप का इक्का नहीं, सो उनकी मंत्री की कुर्सी तो फिलहाल सलामत ही मानी जा रही है। कर्नाटक और केरल जैसे राज्यों को भी मंत्रिमंडल में प्रतिनिधित्व मिल सकता है। किसान आंदोलन में मोदी की किरकिरी कराने वाले नरेंद्र सिंह तोमर की छुट्टी के कयास हैं, बिहार के दो मंत्रियों की भी छुट्टी की बात चल रही है। ‘पर होइए वही जो मोदी मन रचि राखा।’
Posted on 08 January 2023 by admin
क्या आपको अमेरिकी अरबपति दर्शन सिंह धालीवाल याद हैं, जिन्हें भारत में चल रहे किसान आंदोलन के दौरान 23 अक्टूबर 2021 को दिल्ली एयरपोर्ट पर अमेरिका से उतरने के बाद ही रोक लिया गया था, भारतीय एजेंसियों ने उनसे एयरपोर्ट पर ही कड़ी पूछताछ की थी और फिर एयरपोर्ट से ही उन्हें वापिस अमेरिका जाने वाली फ्लाइट में जबरन बिठा दिया गया था। धालीवाल पर आरोप था कि दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के लंगर को वही फंड करते हैं। धालीवाल के अमेरिका में दो हजार से ज्यादा गैस स्टेशन हैं, उनकी कमाई भी अकूत है। धालीवाल के बादल परिवार से बेहद निजी ताल्लुकात बताए जाते हैं, पंजाब में जब बादलनीत अकाली दल की सरकार थी तो दर्शन सिंह के छोटे भाई सुरजीत सिंह रखरा उस सरकार में मंत्री थे। धालीवाल के कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी बेहद निजी ताल्लुकात हैं। जब 21 में उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से वापिस भेज दिया गया था तो इस बारे में स्वयं प्रकाश सिंह बादल ने पीएम मोदी से बात की थी और उन्हें धालीवाल के परोपकारी कार्यों के बारे में जानकारी दी थी, 2004 के सुनामी काल में भी धालीवाल ने आम भारतीयों की मदद के लिए अपनी थैली का मुंह खोल दिया था। कहते हैं धालीवाल को मनाने में अमेरिका स्थित भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधु की भी एक महती भूमिका रही है। सो, इस वर्ष जिन 27 अप्रवासी भारतीयों को प्रवासी भारतीय सम्मान से नवाजा गया है उसमें आश्चर्यजनक रूप से धालीवाल का नाम भी शामिल हैं, कहते हैं धालीवाल के बाइडन प्रशासन में भी अच्छे ताल्लुकात हैं, जिसका फायदा भारत को जी20 शिखर सम्मेलन की लॉबिंग में मिल सकता है। धालीवाल ने भी पीएम मोदी को अब दुनिया का सर्वश्रेष्ठ पीएम करार दिया है। अभी पिछले दिनों अमेरिका में पीएम मोदी पर लिखी दो पुस्तकों का अनावरण हुआ श्रीश्री रविशंकर और अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधु के हाथों, उस कार्यक्रम में भी धालीवाल प्रमुखता से नज़र आ रहे थे।