Posted on 26 July 2014 by admin
अब दिल्ली भाजपा के सबसे सीनियर नेता विजय कुमार मल्होत्रा का नाम कर्नाटक के गवर्नर के लिए चल रहा है, पर वह अपने लिए पंजाब चाहते हैं। लिस्ट में बिहार के भूमिहार नेता डा.सी.पी.ठाकुर का नाम भी था, पर 80 साल के क्लब वाले ठाकुर ने बकायदा प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर उनसे यह गुजारिश की है कि आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए उन्हें बिहार की राजनीति में सक्रिय रहने दिया जाए। 80 साल के क्लब वाले कल्याण सिंह की भी ऐसी ही सदइच्छा है, नहीं तो उन्हें महाराष्ट्र भेजने की पूरी तैयारी थी। पर कल्याण अब भी अपने लिए यूपी की राजनीति में जगह चाहते हैं और अपने पुत्र को केंद्र में मंत्री बनाना चाहते हैं। पर अब उनकी इतनी वक्त कहां रह गई है।
Posted on 20 July 2014 by admin
अमित शाह के बेटे की सगाई के मौके पर जो कि अहमदाबाद के वाईएमसीए में आहूत थी, वहां अरुण जेतली सबसे स्टार मेहमान की तरह दिख रहे थे, जहां अमित शाह ने जेतली के पैर छूकर उनसे आशीर्वाद लिया, वहीं कई युवा सांसद व नेता बुरी तरह से जेतली की आव-भगत में जुटे थे। अनुराग ठाकुर ने तो बकायदा एक प्लेट में छोले व बैंगन कार् भत्ता डालकर जेतली के लिए ले आए, इस पर वित्त मंत्री ने चुटकी ली-‘अनुराग यह खाना तो घर में भी मिल जाता है, पनीर का कोई आइटम लेकर आओ’, सनद रहे कि उस आयोजन में पूरी तरह से शाकाहारी भोजन परोसा गया था।
Posted on 12 July 2014 by admin
गोपीचंद हिंदुजा के 48 वर्षीय पुत्र संजय हिंदुजा की सगाई अभी लंदन में करिश्मा कपूर के पति संजय कपूर की पहली पत्नी नंदिता महतानी की बड़ी बहन अनु मीर चंदानी के साथ हुई है। इस अवसर पर वहां देश-विदेश के शीर्ष उद्योगपतियों का जमावड़ा जुटा, इस समारोह में लंदन स्थित भारत के उच्चायुक्त रंजन मथाई, प्रसिद्ध वकील राम जेठमलानी, शिल्पा शेट्टी और राजीव शुक्ला की उपस्थिति भी देखी गई। सबसे खास बात तो यह कि इस मौके पर राम जेठमलानी ने एक लंबा-चौड़ा भाषण भी दिया।
Posted on 12 July 2014 by admin
प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा सांसदों से साफ कह दिया है कि वे सिफारिशी चिट्ठियां लिखने से बाज आए, दूसरे शब्दों में भाजपा सांसदों पर सिफारिशी पत्र लिखने पर एक तरह से अघोषित पाबंदी लगा दी गई है, जिससे भगवा सांसद काफी उद्देलित में हैं, वहीं दूसरी ओर गैर भाजपा सांसद व पूर्व सांसद धड़ल्ले से सिफारिशी चिट्ठियां लिख रहे हैं और इस पर कार्यवाई भी हो रही है। सरकारी परपंराओं के मुताबिक सांसदों के पत्र को गंभीरता से लिया जाता है और उस पर उचित कार्यवाई करने के उपरांत इस बाबत उक्त सांसद को सूचित भी किया जाता है। इसी बात का फायदा गैर भाजपाई सांसद उठा रहे हैं और वे ऐसे पत्रों को जनता के समक्ष बतौर साक्ष्य पेश कर रहे हैं, वहीं भाजपा सांसद खुद को ठगा-सा महसूस कर रहे हैं।
Posted on 05 July 2014 by admin
हिंदुजा बंधुओं के घर कोई बड़ी पार्टी हो और उसमें बड़े राजनीतिज्ञों का जमावड़ा न जुटे यह बात सोचने में तनिक अटपटी लगती है, पर इस 29 जून को लंदन में गोपीचंद हिंदुजा अपने पुत्र की सगाई समारोह का जश्न मना रहे थे तो इस मौके पर भारतीय व ब्रिटिश उद्योगपतियों की एक पूरी जमात वहां मौजूद थी-मसलन लक्ष्मी मित्तल, सुनील और राजन मित्तल, एस्सार फेम के रवि रूईया आदि-आदि। बड़ी फिल्मी हस्तियों में भी एक मात्र शिल्पा शेट्टी नार आई और जहां तक दिल्ली के बड़े राजनेताओं का सवाल है कोई भी बड़ा चेहरा वहां दिखा नहीं, सिवाय राजीव शुक्ला के, जिनके हिंदुजा बंधुओं के साथ बेहद पारिवारिक ताल्लुकात हैं।
Posted on 05 July 2014 by admin
फेसबुक, टि्वटर जैसे सोशल साइट्स को लेकर मोदी की इस कदर दीवानगी संघ के कई बड़े नेता पचा नहीं पा रहे हैं, उन्हें कहीं न कहीं लगता है कि इससे भारतीय संस्कृति के संक्रमित होने का खतरा बढ़ गया है। सूत्र बताते हैं कि इस आलोक में टि्वटर की ओर से संघ के कुछ वरिष्ठ नेताओं को बकायदा एक प्रेजेंटेशन दिया गया है, जिसमें यह बताने की कोशिश हुई है कि टि्वटर के अन्वेषर्णकत्ता कोई और नहीं बल्कि स्वयं महर्षि वाल्मीकि हैं, तब टि्वटर जैसा ही कोई माध्यम था जिसकी मदद से जटायु ने सीताहरण की सूचना भगवान राम तक पहुंचाई, संघ के नेताओं को यह समझाने की चेष्टा हुई कि राम-राज में सूचना व संचार माध्यम वाकई इस कदर विकसित था कि टि्वटर जैसे हेंडिल की अवधारणा हो न हो, वहीं से अभिप्रेरित है।
Posted on 29 June 2014 by admin
आने वाले महीनों में यूपी से राज्यसभा की आधी दर्जन सीटें रिक्त हो रही है, उम्मीद जताई जा रही है कि इनमें से अधिकांश सीटों पर सपा या सपा समर्थित उम्मीदवारों को ही जीत मयस्सर होगी। अमर सिंह का राज्यसभा का कार्यकाल इसी वर्ष नवंबर में पूरा हो रहा है, सूत्र बताते हैं कि इस बाबत उन्होंने अपने पुराने मित्र मुलायम सिंह से तमाम गिले-शिकवे भुलाकर बात कर ली है। समझा यह भी जाता है कि मुलायम अपने चचेरे भाई प्रोफेसर रामगोपाल यादव व खास मित्र आजम खां के अमर विरोध को धत्ता बताते हुए, सपा के टिकट पर ठाकुर नेता के लिए राज्यसभा में आने का मार्ग प्रशस्त करेंगे। बागपत से इस दफे का लोकसभा का चुनाव हार चुके अजीत सिंह भी अपनी राज्यसभा के लिए सपा का साथ चाहते हैं, पर जहां तक बात नेताजी की है अजीत उन्हें फूटी आंखों नहीं सुहाते, चुनांचे चौधरी अजीत सिंह की राज्यसभा की डगर फिलवक्त काफी मुश्किल लग रही। पर स्वयं मुलायम की पार्टी में राज्यसभा के दावेदारों की एक लंबी फेहरिस्त है, मसलन-अशोक वाजपेयी, रेवती रमण सिंह, शैलेंद्र कुमार, अशोक प्रधान, सुरेंद्र नागर आदि-आदि।
Posted on 21 June 2014 by admin
दिल्ली का निजाम क्या बदला, ज्यादातर लोगों के लिए नए निजाम तक पहुंचने का रास्ता बेहद दुरूह हो गया है। केंद्र में मंत्री बनने को लालायित कई भाजपा सांसद समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर मोदी के दिल तक पहुंचने का रास्ता कहां से होकर गाुजरता है। कॉरपोरेट लॉबिंग में माहिर झारखंड से भाजपा के एक सांसद ने अभूतपूर्व छलांग मारते हुए नरेंद्र मोदी के भाई पंकज मोदी से अपने तार जोड़ लिए, तब इस सांसद महोदय को पीएमओ के उनके एक मित्र अधिकारी ने समझाया कि प्रधानमंत्री अपने शासकीय फैसलों में अपने परिवार की कतई नहीं सुनते और ऐसी पैरवी से चाहे उनका भला हो न हो, नुकसान जरूर हो जाएगा। सो अब इस सांसद महोदय को राजनाथ व सुषमा के घर के चक्कर लगाते देखा जा रहा है।
Posted on 15 June 2014 by admin
अरुण जेतली भले ही इस सरकार के सबसे ताकतवर मंत्रियों में शुमार होते हों, पर हालिया दिनों में उनकी बात-व्यवहार में एक साफ फर्क को महसूस किया जा सकता है। पिछले दिनों सदन के विशेष सत्र के दौरान संसद में नेता विपक्ष वाला उनका कमरा लंच टाइम में सदा खचाखच भरा रहता था। उनकी नई मिलन सारिता के कायल लोगों का बड़ा जमावड़ा उनके पास जुटता रहा, जिसमें सांसदों के अलावा पक्ष-प्रतिपक्ष के नेतागण और पत्रकारों के एक बड़े फौज को भी उनके लंच टेबल पर देखा जा सकता था। एक मंझे होस्ट की मानिंद जेतली पुरानी दिल्ली की बेड़मी-आलू की सब्जी, इमरती-गुलाब जामुन जैसे आइटम लगभग रोज ही मंगाते रहे और मेहमान उनकी इस आवभगत के कायल होते रहे। और जेतली के हर लंच में उपस्थित लोगों की तादाद कभी 50 से कम नहीं रही।
Posted on 07 June 2014 by admin
संघ के शुरूआती विरोध के बावजूद अमित शाह का भाजपा का अगला अध्यक्ष बनना तय माना जा रहा है, सूत्र बताते हैं कि उनके नाम को लेकर स्वयं संघ प्रमुख मोहन भागवत ने सवाल खड़े किए हैं कि देश का प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष एक ही प्रांत का कैसे हो सकता है। पर मोदी ने साफ कर दिया है कि वाराणसी से सांसद चुने जाने के बाद वे यूपी वाले ज्यादा हो गए हैं, जैसे अटल बिहारी वाजपेयी वैसे हैं तो मध्य प्रदेश के, पर उनकी संसदीय राजनीति पूरे तौर पर यूपी केंद्रित रही। अमित शाह तो पार्टी अध्यक्ष बनने को लेकर इतने आश्वस्त हैं कि उन्होंने अभी से अपनी टीम पर काम करना शुरू कर दिया है, ऐसे संकेत मिले हैं कि अमित शाह की टीम में एम.जे.अकबर पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव की भूमिका में अवतरित हो सकते हैं।