Posted on 07 April 2023 by admin
तेजस्वी यादव के लिए आने वाला वक्त मुश्किल भरा हो सकता है। भाजपा की पूरी कोशिश होगी कि किसी भी प्रकार से जांच एजेंसियां उन्हें दोषी करार दे ताकि कोर्ट में भी इस पर मुहर लग जाए और वे चुनाव लड़ने से अयोग्य करार दिए जाएं। कहते हैं जांच एजेंसी से जुड़े बिहार के कुछ अधिकारियों ने तेजस्वी को पहले ही आगाह कर दिया था कि ’वे अपना कागज-पतर ठीक कर लें, जल्दी ही उनके परिवार पर दबिश होने वाली है’, पर तेजस्वी ने उनकी बातों को तब मजाक में उड़ा दिया था। इसके बाद राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने अपने घर दिल्ली में तेजस्वी के सम्मान में एक चाय पार्टी रखी थी, जिसमें विभिन्न पार्टियों के नेताओं के अलावा आईबी के एक पूर्व डायरेक्टर भी तशरीफ लाए थे। ये पूर्व डायरेक्टर भी बिहार से ही हैं। उस पूर्व डायरेक्टर ने तब ही तेजस्वी को सावधान करते हुए कहा था-’आपके घर सीबीआई व ईडी की पूरी टीम छानबीन के लिए आने वाली है।’ तब तेजस्वी ने उनकी बातों को यह कहते हुए मजाक में उड़ा दिया था कि ’पंडित जी ध्यान रहे कि हम पंडित नहीं हैं न, आएंगे तो लाठी से लाठी बजा देंगे।’ ऐसे ही मौकों के लिए कहा गया है-विनाशकाले, विपरीत बुद्धि!
Posted on 07 April 2023 by admin
भाजपा नेता वरुण गांधी अपने चचेरे भाई राहुल गांधी से दीगर विदेशी मंचों पर भारत का नया चेहरा-मोहरा पेश करने में किंचित बहुत सावधानी बरत रहे हैं। एक ओर जहां लंदन के कैंब्रिज विश्वविद्यालय समेत तीन अन्य मौकों पर राहुल गांधी ने भारत में लोकतंत्र को खतरे में बता डाला वहीं वरुण ने ऑक्सफोर्ड यूनियन के उस आमंत्रण को ठुकरा दिया जिसमें उन्हें मोदी के नेतृत्व में भारत कितना सफल है, इस डिबेट यानी वाद-विवाद में हिस्सा लेना था। वरुण को यह आमंत्रण ‘ऑक्सफोर्ड यूनियन’ के प्रेसिडेंट मैथ्यू डिक के ऑफिस से भेजा गया था। वरुण को पहले यह आमंत्रण एक ई-मेल द्वारा प्राप्त हुआ, इसके बाद उनसे मैथ्यू के सहायक सुल्तान खोखर ने फोन पर भी संपर्क साधा। ऐसे वक्त में जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लंदन जाकर वहां यह अलख जगा रहे हैं कि भारत में लोकतंत्र खतरे में हैं, वरुण का ऑक्सफोर्ड यूनियन के प्रस्ताव के विरोध में बोलने से इंकार करने के कई सियासी माएने निकाले जा सकते हैं। जैसा कि वरुण ने ऑक्सफोर्ड यूनियन को लिखे अपने जवाब में भी कहा है-’मेरा मानना है कि ऐसे विषय देश की परिधि में रह कर और यहां के नीति निर्धारकों के बीच ही उठाए जाने चाहिए, विदेशी मंच इसके लिए उपयुक्त जगह नहीं है।’ वरुण अपनी निजी बातचीत में जोर देकर इस बात को दुहराते हैं कि ‘भारत के बारे में ऐसी नकारात्मक और भ्रामक बातें विदेशी धरती पर कहना एक तरह का राष्ट्रद्रोह ही है।’ पीलीभीत के यह भाजपा सांसद अपने बड़े भाई को एक तल्ख संदेश देना चाहते हैं, और यह बात उनके पार्टी शीर्ष को भी खुश कर सकती है।
Posted on 15 March 2023 by admin
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे का चुनाव 19 अक्टूबर 2022 को ही हो गया था और एक सप्ताह बाद 26 अक्टूबर को उन्होंने अपना कार्यभार भी संभाल लिया था। तब से लेकर अब तक पांच महीने हो गए पर खड़गे अब तलक अपनी नई टीम ही नहीं बना पाए हैं। खड़गे ने अध्यक्ष बनते ही पार्टी की तमाम मौजूदा कमेटियों को भंग कर दिया था कि ’नई टीम अब वहां विराजमान होगी,’ पर अब तक पार्टी का कामकाज उस 47 सदस्यीय स्टीयरिंग कमेटी के भरोसे ही चल रहा है। पूछने पर खड़गे करीबी बताते हैं कि ’चूंकि गांधी परिवार ने साफतौर पर कह दिया है कि नई कमेटियां गठित करने में सोनिया, राहुल अथवा प्रियंका का कोई दखल नहीं होगा, सो खड़गे पार्टी के अलग-अलग ग्रुप से मिल रहे हैं और उनके मन की थाह जान रहे हैं।’ सूत्र बताते हैं कि खड़गे की नई टीम का खाका लगभग तैयार हो चुका है। सूत्रों का दावा है कि खड़गे अपेक्षाकृत एक छोटी टीम गठित कर रहे हैं, जो कहीं न कहीं पूर्व के राजीव गांधी की टीम साइज से प्रेरित हैं। केवल छह महासचिव बनाए जा सकते हैं, एक महासचिव के पास अमूमन 5 राज्यों का प्रभार हो सकता है, उनके नीचे सचिवों का नेटवर्क होगा, एक सचिव को एक राज्य की जिम्मेदारी मिल सकती है। सचिव अपने संबंद्ध महासचिव को रिपोर्ट करेगा। 2024 के आम चुनाव को मद्देनज़र रखते एक चुनाव प्रबंधन समिति के गठन पर भी विचार हो रहा है और इसके बाद एक पूरे इलेक्शन डिपार्टमेंट का भी गठन किया जाएगा। इसी इलेक्शन डिपार्टमेंट को लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा चुनावों की भी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। पार्टी में अभी से इस बात को लेकर खुसफुसाहट तेज है कि ’जहां भाजपा ने विधानसभा चुनावों के लिए अभी से शंखनाद कर दिया है, कांग्रेस की ओर से कोई ऐसी तैयारी दिखती नहीं है।’ खड़गे न तो चुनावी राज्यों का दौरा कर रहे हैं और न ही पार्टी के सीनियर लोगों को वहां भेज रहे हैं। पूर्वात्तर के चुनावों में भी खड़गे सिर्फ एक रोज शशि थरूर के साथ नगालैंड गए थे। कर्नाटक उनका गृह राज्य है, जहां चुनाव होने हैं, वहां भी खड़गे सिर्फ एक दिन के लिए गए हैं। पूर्वोत्तर की 180 सीटों में से कांग्रेस सिर्फ 8 सीटों पर ही जीत दर्ज कर पाई है, पार्टी जनों के लिए यही चिंता का विषय है।
Posted on 15 March 2023 by admin
मेघालय में जब कॉनरेड संगमा ने दुबारा मुख्यमंत्री पद की शपथ ली तो उस समारोह में स्वयं पीएम मोदी, भाजपा अध्यक्ष नड्डा और देश के गृह मंत्री अमित शाह मौजूद रहे। भाजपा ने अपने दो विधायकों के साथ कॉनरेड सरकार को अपना समर्थन भी दिया है। दिलचस्प है कि चुनाव प्रचार के दौरान मेघालय के शिलांग की एक जनसभा में स्वयं अमित शाह ने अपने एक भाषण में खम्म ठोक कर कहा था कि ’भाईयों और बहनों, देश में अगर कोई सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री है तो वह हैं कॉनरेड संगमा, जब हमारी सरकार आएगी तो हम प्रदेश को एक भ्रष्टाचार मुक्त शासन देंगे।’ अब यह क्या हो रहा है?
Posted on 15 March 2023 by admin
कांग्रेस ने भले ही इन उप चुनावों में महाराष्ट्र, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में आशा की नई जोत जगा दी हो पर बात हो रही है नार्थईस्ट में हुई उनकी जबर्दस्त हार की। पार्टी को उम्मीद थी कि राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बाद नार्थईस्ट के तीन हालिया विधानसभा चुनावों में पार्टी शानदार प्रदर्शन करेगी, पर हुआ इसका उल्टा। वैसे भी गांधी परिवार समेत पार्टी के बड़े नेताओं ने नार्थईस्ट के चुनावों को किंचित गंभीरता से नहीं लिया, वहां चुनाव प्रचार में जाने की जहमत तक नहीं उठाई, नतीजन मेघालय में जहां 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने वहां की 60 में से 18 सीटें जीती थी, इस बार वह सिमट कर 5 पर आ गई। त्रिपुरा में वामपंथियों के साथ गठबंधन के बाद भी वह महज़ 2 सीट जीत पाई, नगालैंड में तो कांग्रेस का सूफड़ा ही साफ हो गया। अब पार्टी नेता कह रहे हैं कि कांग्रेस अभी से अपनी पूरी ताकत कर्नाटक और मध्य प्रदेश में झोंकने वाली है, जहां उसे सरकार बनाने का भरोसा हो चला है। राजस्थान उसने गहलोत के भरोसे छोड़ दिया है और छत्तीसगढ़ में उसे वापसी करने का पूरा यकीन है।
Posted on 15 March 2023 by admin
भले ही भाजपा उत्तर पूर्व के दो राज्यों में हुई अपनी जीत के जश्न में डूबी हो, मेघालय में भी वह कॉनरेड संगमा सरकार का हिस्सा बनने को तैयार हो, पर हालिया उप चुनावों में पार्टी का प्रदर्शन चिंताजनक रहा। खास कर महाराष्ट्र की कस्बापेठ उप चुनाव में 27 साल बाद उसे हार का मुंह देखना पड़ा है, वह भी ऐसे समय में जब अगले वर्ष ही यहां विधानसभा चुनाव होने हैं। यह एक ब्राह्मण बहुल सीट है जहां उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी, बावजूद इसके यह सीट महाअघाड़ी गठबंधन ने भाजपा के हाथों से झटक ली। शिंदे की शिवसेना को ही असली साबित करने की मशक्कत में भाजपा की जमीन महाराष्ट्र में किंचित दरकने लगी है, भले ही उद्धव के गुट से छीन कर ‘तीर-धनुष’ निशान शिंदे को सौंप दिया गया हो पर असली निशानेबाज अब भी उद्धव ही साबित हो रहे हैं। शिंदे की शिवसेना को असली शिवसेना बताने के लिए एक यात्रा निकलने जा रही है जो एक तरह से उद्धव की यात्रा के जवाब में भी है। जहां उद्धव अपनी यात्रा में गांव-गांव घूम कर ठाकरे वफादारों यानी असली शिव सैनिकों से अपना पुराना रिश्ता प्रगाढ़ करने में जुटेंगे, वहीं शिंदे गुट की असली चुनौती खुद को असली शिवसैनिक साबित करने की होगी। कस्बापेठ के लिए भाजपा शीर्ष अभी से मंथन में जुट गया है, उसे लगता है यहां उम्मीदवार चुनने में गलती हो गई, यहां से भाजपा ने पुणे म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के चेयरमैन हेमंत रसने को मैदान में उतारा था, जो महाअघाड़ी के एक ओबीसी उम्मीदवार रविंद्र धंगेकर के हाथों 11,000 मतों से पराजित हो गए।
Posted on 15 March 2023 by admin
आने वाले दिनों में दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर जांच एजेंसियों का शिकंजा और कस सकता है, सूत्र बताते हैं कि सिसोदिया के खिलाफ जांच एजेंसियों को जासूसी मामले में कुछ पुख्ता सबूत मिले हैं। सीबीआई इसको लेकर अपना ताजा चार्जशीट तैयार करने में जुट गई है। मनीष सिसोदिया के पक्ष में दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों के बीच जिस तरह से प्रायोजित तौर पर ’आई लव यू मनीष सिसोदिया’ अभियान चलाया जा रहा है इसको लेकर भाजपा और कांग्रेस जैसे दल आप पर हमलावर हो गए हैं, इनका कहना है कि ’आप सरकार मासूम स्कूली बच्चों की भावनाओं से खेल रही है।’ सीबीआई सूत्रों का यह भी दावा है कि ’सिसोदिया के लोग गवाहों को धमका रहे हैं और उन्हें पंजाब पुलिस का डर दिखा रहे हैं।’ वहीं कुछ नेता यह भी सवाल उठा रहे हैं कि ’इस पूरे शराब घोटाले के रचियता और पार्टी फंड मैनेज करने वाले आप के उस नेता को क्यों बख्श दिया गया है, जिनके पास इस मामले की सबसे ज्यादा जानकारी हो सकती है।’
Posted on 15 March 2023 by admin
पिछले दिनों असदुद्दीन ओवैसी के अशोक रोड स्थित उनके नई दिल्ली के सरकारी आवास पर कुछ अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया, ओवैसी इस घटना से इतने क्षुब्ध हो गए कि उन्होंने हुंकार भर दी कि ’वे दिल्ली में मुसलमानों का एक बड़ा मोर्चा निकालेंगे, अपना विरोध दर्ज कराने के लिए।’ इसके तुरंत बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने ओवैसी को फोन कर कहा कि ’उनकी सुरक्षा की उन्हें फिक्र है, उनकी सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध किए जाएंगे।’ ओवैसी तो उस वक्त सुखद आश्चर्य में पड़ गए जब उन्हें सीधे देश के गृह मंत्री अमित शाह का फोन आ गया, शाह ने कहा-’यह गलत हुआ है, पुलिस इस पर त्वरित कार्यवाई करेगी।’ इसके साथ ही चौबीस घंटे के अंदर ओवैसी की सुरक्षा बढ़ा दी गई, सरकार ने यह वाकई जता दिया कि सचमुच वह ओवैसी की कितनी फिक्र करती है।
Posted on 15 March 2023 by admin
तेलांगना के मुख्यमंत्री केसीआर अपनी पार्टी का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार चाहते हैं, वे घूम-घूम कर अलग-अलग राज्यों का दौरा भी कर रहे हैं और गैर भाजपाई क्षत्रपों के निरंतर संपर्क में भी हैं और वे चाहते हैं कि ’वे विपक्षी एका की एक प्रमुख धुरी बन कर उभरे।’ केसीआर को इस बात का भी बखूबी इल्म है कि राष्ट्रीय फलक पर उनके इस नव अभ्युदय को लेकर उनकी राज्य की जनता में भी खासा जोश है। सूत्र बताते हैं कि केसीआर के निजी ज्योतिष ने उन्हें सलाह दी है कि ’अगर वे राज्य में समय पूर्व चुनाव करा दें तो धूम-धड़ाके के साथ फिर से उनकी सत्ता में वापसी हो सकती है।’ माना जाता है कि उनके ज्योतिष ने राज्य में चुनाव के लिए सितंबर 2023 का वक्त सबसे मुफीद बताया है, जबकि मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 16 जनवरी 2024 तक है। कहते हैं ज्योतिष की सलाह के बाद केसीआर ने अपने खास वफादारों की एक बैठक बुलाई और कहा कि ’आप लोग अभी से समय पूर्व चुनाव की तैयारियों में जुट जाइए।’
Posted on 15 March 2023 by admin
पिछले दिनों असदुद्दीन ओवैसी के अशोक रोड स्थित उनके नई दिल्ली के सरकारी आवास पर कुछ अज्ञात लोगों ने पथराव कर दिया, ओवैसी इस घटना से इतने क्षुब्ध हो गए कि उन्होंने हुंकार भर दी कि ’वे दिल्ली में मुसलमानों का एक बड़ा मोर्चा निकालेंगे, अपना विरोध दर्ज कराने के लिए।’ इसके तुरंत बाद दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने ओवैसी को फोन कर कहा कि ’उनकी सुरक्षा की उन्हें फिक्र है, उनकी सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध किए जाएंगे।’ ओवैसी तो उस वक्त सुखद आश्चर्य में पड़ गए जब उन्हें सीधे देश के गृह मंत्री अमित शाह का फोन आ गया, शाह ने कहा-’यह गलत हुआ है, पुलिस इस पर त्वरित कार्यवाई करेगी।’ इसके साथ ही चौबीस घंटे के अंदर ओवैसी की सुरक्षा बढ़ा दी गई, सरकार ने यह वाकई जता दिया कि सचमुच वह ओवैसी की कितनी फिक्र करती है।