Posted on 16 August 2015 by admin
सदन नहीं चलने का असर विदेशी निवेश पर दिखने लगा है, जिस तरह पिछले कुछ समय से सरकार कोई भी महत्त्वपूर्ण विधेयक सदन में पारित कराने में नाकाम साबित हो रही है, उससे मोदी सरकार से निवेशकों का विष्वास डगमगाया है, उन्हें लगता है कि भले ही मोदी सरकार एक बहुमत की सरकार है पर 44 सदस्यीय कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष सरकार पर बीस साबित हो रहा है। एक वर्श से ज्यादा वक्त गुजर जाने के बावजूद भी सरकार बमुष्किल दो-तीन महत्त्वपूर्ण विधेयक ही सदन में पारित करवा पाई है, और बीमा सेक्टर से लेकर ’लेबर रिफाॅर्म’ की दिशा में कुछ भी होता नहीं दिख रहा है, यही वजह है कि निवेशक अब तेजी से अपना मुंह मोड़ रहे हैं और हमारी अर्थव्यवस्था को जो गति व ग्रोथ मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पा रही है।
Posted on 16 August 2015 by admin
इस पूरे मानसून सत्र के दौरान ऐसा प्रतीत हुआ कि राहुल को लेकर सोनिया का भरोसा मजबूती से कायम हुआ है, सोनिया की नज़र में अब राहुल एक ऐसे लीडर के तौर पर सामने आए हैं जो न केवल कांग्रेस बल्कि देश की भी नंुमाइदगी कर सकते हैं। चुनांचे सदन से बाहर जब राहुल मीडिया को बाइट देते दिखे तो सोनिया हमेशा राहुल से एक दूरी बना कर खड़ी रहीं और राहुल की बातों से भंगिमाओं के माध्यम से अपनी रज़ामंदी दिखाती रहीं। यही वजह है कि मानसून सत्र में सोनिया ने अपने कोर ग्रुप के न चाहने के बावजूद भी राहुल के कई बड़े फैसलों को सिर माथे लगाया, इसमें राहुल का सबसे बड़ा फैसला मानसून सत्र के ’वाॅश आउट’ का था, हालांकि स्वयं सोनिया चाहती थीं कि मानसून सत्र में जीएसटी समेत कुछ महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा हो, पर राहुल गांधी की जि़द के आगे उन्होंने हथियार डाल दिए।
Posted on 09 August 2015 by admin
तीन रोज पूर्व नीतीष और लालू की सोनिया व राहुल से बिहार चुनाव के संदर्भ में लंबी बातचीत हुई। जहां नीतीष की राहुल से बात हुई, वहीं लालू आदतन सोनिया के साथ सामंजस्य बिठाने में ज्यादा सहज रहते हैं, चुनांचे उनकी सोनिया के साथ लंबी बातचीत हुई। नीतीष और लालू दोनों का समवेत स्वरों में कांग्रेस से यह आग्रह था कि चूंकि बिहार में मोदी के रथ को रोकना जरूरी है, चुनांचे कांग्रेस को अपनी सीटों की डिमांड कम करनी होगी। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस ने बिहार में अपने लिए 40 और सहयोगी राकांपा के लिए 3 सीटों की मांग की है, जबकि लालू व नीतीष की राय कांग्रेस व राकांपा के लिए 25-30 सीटें छोड़ने की है, ये दोनों ही नेता अपनी-अपनी पार्टियों के लिए 105-105 सीटें चाहते हैं और बाकी बची 33 सीटें कांग्रेस, राकांपा व वामपंथी दलों के लिए छोड़ना चाहते हैं। इन दोनों नेताओं का यह भी कहना था कि उन्होंने हालिया दिनों में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस के लिए 4 सीटें छोड़ दी थीं, पर कांग्रेस इस चुनाव में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्षन नहीं कर पाई। कांग्रेस से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सोनिया-राहुल ने मोटे तौर पर लालू-नीतीष के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखा दी है, क्योंकि कांग्रेस किसी भी तरह बिहार में भगवा कमल के प्रस्फुटन पर ब्रेक लगाना चाहती है।
Posted on 09 August 2015 by admin
मुलायम सिंह यादव के पुराने दिनों के सखा ठाकुर अमर सिंह के सपा में पुनप्र्रवेष को खटाई में डालने के लिए प्रोफेसर रामगोपाल यादव और आजम खां ने हाथ मिला लिए हैं। इसकी झलक तब भी दिख गई थी जब मुलायम सिंह द्वारा दिए गए इफ्तार में षामिल होने के लिए अमर सिंह दिल्ली से लखनऊ जा पहुंचे थे, पर उस इफ्तार पार्टी में अमर के षामिल होने की आहटों को भांपते आजम ने नेताजी की उस इफ्तार पार्टी से अपने को अलग कर लिया था, न सिर्फ अलग कर लिया था, बल्कि नेताजी की इफ्तार पार्टी के जवाब में आजम ने अपने घर एक इफ्तार की दावत रखी, जिसमें नेताजी को बुलाया ही नहीं गया। जब से ठाकुर साहब की सपा में षामिल होने की अटकलें तेज हुई हैं, आजम अपने समर्थकों में खुल्लम खुल्ला कहने लगे हैं कि 17 के चुनाव में सपा के लिए वोट तो ठाकुर साहब ही जुगाड़ करेंगे, हम तो बस खच्चर हैं, पार्टी का बोझ ढ़ोते आए हैं, आगे का कुछ पता नहीं। यह संदेषा नेताजी तक भी पहुंच गया है, पर उनके लिए न तो आजम को छोड़ना आसान है, न ही ठाकुर अमर सिंह को, उन्हें इंतजार है तो बस बदलते वक्त का।
Posted on 09 August 2015 by admin
अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए संघ के एक प्रमुख नेता सुरेष सोनी ने एक वर्श के लिए संघ परिवार से छुट्टी मांग ली है। जब से उन्हें हृदय का दौरा पड़ा है, सोनी अपना सारा ध्यान अपने स्वास्थ्य पर केंद्रित कर रहे हैं। पहले वे अपनी माताश्री से मिलने इंदौर गए और फिर वहां से वे केरल के लिए रवाना हो गए हैं, केरल में अपने एक महीने के प्रवास के दौरान सोनी संघ के एक स्वयंसेवक के अस्पताल में अपना इलाज करवा रहे हैं।
Posted on 02 August 2015 by admin
अपने सियासी आकाओं की तमाम सरपरस्तियों के बावजूद ललित मोदी के लिए उनके आने वाले दिन बेहद मुष्किल भरे हो सकते हैं। सरकार ने उन पर षिकंजा कसने की पूरी तैयारी कर ली है, ललित के लिए सबसे मुष्किल पीएमएलए कानून साबित हो रहा है, इसकी वजह से आने वाले दिनों में लंदन और भारत स्थित उनकी संपत्तियां कुर्क हो सकती है, भारत स्थित अपनी पुष्तैनी कंपनियों के बोर्ड से वे पहले ही बाहर कर दिए गए हैं, सो प्रति माह इससे मिलने वाली लाखों की रकम से भी वे इन दिनों वंचित हैं।
Posted on 02 August 2015 by admin
मां का दिल है कि मानता नहीं और राहुल हैं कि एक साथ इतनी जिम्मेदारियां उठाने के लिए किंचित तैयार नहीं दिखते। सोनिया गांधी चाहती हैं कि इस सितंबर माह में राहुल की ताजपोषी बतौर कांग्रेस अध्यक्ष हो जाए, पर इसके लिए जरूरी औपचारिकताओं की षुरूआत अब तलक नहीं हो पाई है, यानी सबसे पहले बतौर अध्यक्ष राहुल के नाम को सीडब्ल्यूसी यानी कांग्रेस कार्य समिति की मंजूरी मिलनी चाहिए, फिर अखिल भारतीय कांगे्रस कमेटी के सदस्य इस पर अपनी रज़ामंदी की मुहर लगाएंगे, और इस नए चुनाव के बाद कांग्रेस का प्लेनरी सेषन (यानी महाधिवेषन) आहूत होता है, जो इस प्रस्ताव को स्वीकार या अस्वीकार करता है। यानी राहुल को अध्यक्ष बनाए जाने की प्रक्रिया खासी लंबी है, पर अब तलक इस दिषा में कोई पहल होते नहीं दिखती, तो क्या कांग्रेस को अपने नए अध्यक्ष के लिए अभी और इंतजार करना होगा?
Posted on 02 August 2015 by admin
लंदन भारत के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के पसंदीदा हब के तौर पर उभरा है, गुरूदासपुर हमले के रोज पंजाब के डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल लंदन में थे, यूपी के सीएम अखिलेष यादव भी अभी ताजा-ताजा लंदन से लौटे हैं, तो ममता दीदी अपने दल-बल के साथ इन दिनों लंदन में षाॅपिंग करने में मसरूफ हैं।
Posted on 27 July 2015 by admin
मोदी सरकार को दिल्ली के निज़ाम पर काबिज़ हुए एक साल से ज्यादा वक्त हो गया पर अच्छे दिनों की आहट अब भी तलक सुनाई नहीं दे रही है। कई बिजनेस घरानों के तो हाल-बेहाल हैं, एस्सार और जेपी ग्रुप जैसे प्रमुख उद्योग घराने भयंकर कर्ज में डूबे हैं और अपनी कंपनियों की हिस्सेदारी बेचने में जुटे हैं। कई प्रमुख उद्योग घराने भी भारत की बजाए विष्व के अन्य देषों में अपने व्यापार के प्रचार-प्रसार में अभी से जुट गए हैं।
Posted on 12 July 2015 by admin
पिछले दिनों नई दिल्ली के इंडिया इस्लामिक सेंटर में सपा नेता प्रोफेसर रामगोपाल यादव का जन्म दिवस समारोह बेहद धूमधाम से मनाया गया, इस मौके पर प्रोफेसर यादव के भाशणों पर आधारित एक पुस्तक ’सघर्श के प्रयोग’ का लोकार्पण उप राश्ट्रपति हामिद अंसारी ने किया। इस कार्यक्रम पार्टी लाइन से इतर कई बड़े नेताओं की मौजूदगी देखी गई, मसलन कांग्रेस की ओर से दिग्विजय सिंह व आॅस्कर फर्नांडीस, भाजपा की ओर से रविषंकर प्रसाद, राजद के लालू यादव, राकांपा महासचिव डीपी त्रिपाठी, वामपंथी नेता अतुल कुमार अंजान तो सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव, आजम खां, षिवपाल यादव और अखिलेष कैबिनेट के दर्जनों मंत्री इस मौके पर मौजूद थे। प्रोफेसर साहब के सबसे खास सिपहसलारों में षुमार होने वाले सपा के राश्ट्रीय सचिव राजेष दीक्षित की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 69 वर्शीय प्रोफेसर रामगोपाल यादव कई दफे बेहद भावुक नज़र आएं।