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क्या विदा होंगे दिल्ली के पुलिस कमिश्नर?

Posted on 06 May 2023 by admin

1988 बैच के तमिलनाडु कैडर के आईपीएस अफसर व दिल्ली के मौजूदा पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा का दिल अब यहां रम नहीं रहा। सूत्रों की मानें तो उन्होंने गृह मंत्रालय से यह शिकायत भी की है कि ’दिल्ली पुलिस का उन्हें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा, यहां उनके साथ एक बाहरी की तरह आचरण हो रहा है।’ सूत्र यह भी बताते हैं कि कमिश्नर अरोड़ा की दिली इच्छा है कि उन्हें सीबीआई में भेज दिया जाए, जहां मौजूदा सीबीआई डायरेक्टर सुबोध कुमार जायसवाल का दो वर्षीय कार्यकाल इसी माह पूरा हो रहा है। आने वाले दिनों में कई पैरा मिलिट्री फोर्सेस के मुखियाओं के पद भी खाली हो रहे हैं, सो संजय अरोड़ा को वहां भेजे जाने पर भी गुरेज नहीं। दरअसल, संजय अरोड़ा प्रतिनियुक्ति पर यूटी काडर में लाए गए हैं। सो वे चाहते हैं कि ’अगर उनका कहीं कुछ नहीं होता है तो उन्हें उनके मूल कैडर यानी वापिस उनके घर तमिलनाडु कैडर ही भेज दिया जाए।’ तमिलनाडु के मुख्यमंत्री स्टालिन ने जिन तीन अफसरों के नाम अपने प्रदेश के अगले डीजी के तौर पर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे हैं उसमें संजय अरोड़ा का नाम भी शामिल बताया जाता है। लेकिन अगले कुछ महीनों में यानी सितंबर माह में जी20 देशों की एक अहम बैठक होने वाली है, जिसके एक बड़े हिस्से की मेजबानी का जिम्मा दिल्ली का है, जी20 बैठक की सुरक्षा से जुड़े हर तैयारी की बैठक से संजय अरोड़ा शामिल रहे हैं, सो जी20 शिखर सम्मेलन से ऐन पहले उनके तबादले को लेकर गृह मंत्रालय भी पेशोपेश में पड़ा है।

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यूपी की फिज़ाओं में क्यों धूम मचा रही हैं दो सेक्स सीडी

Posted on 06 May 2023 by admin

’जिस्म की गली में गोया वह मकान खंडहर ही रहा
अपनी रूह के रेशों से जिसका चेहरा बुना था हमने’

अपने अवतरण काल से ही सियासत देह राग के मद्दिम ताने-बानों से जुड़ी रही है, वक्त बदला पर इसकी रवायत नहीं। लखनऊ में इन दिनों 2 सेक्स सीडी ने हंगामा बरपा रखा है। इनमें से एक में भाजपा के उस सर्वशक्तिमान महासचिव की दास्तां कैद बताई जाती है, जिन्होंने कभी यूपी के निजाम की नाक में दम कर रखा था। दूसरी सीडी में वहां के पॉवर सेंटर से जुड़े एक सर्वशक्तिमान अफसर की दास्तां बयां है, जिनके इशारों पर यूपी ठिठक-ठिठक कर चलती है। जब सीडी में अवतरित इस महिला को लगा कि उनके साथ न्याय नहीं हुआ है और वह तमाम आश्वासनों के नाम पर छली गई है तो उसने स्वयं के द्वारा कैद किए गए वीडियो फुटेज को एक सीडी में डाल इन दोनों सर्वशक्तिमानों को सबक सिखाने की ठान ली है। कहते हैं इस सीडी को लेकर उस महिला ने तमाम अखबारों और सच बयां करने के दावे करने वाले न्यूज चैनलों के द्वार खटखटा लिए, पर उसके लिए आस का कोई दरवाजा कहीं खुला नहीं। तो निराश होकर उस महिला ने अपनी सीडी के कुछ अंश इंटरनेट पर लीक करवा दिए। इस महिला का दावा है कि ’उसके साथ रेप हुआ है और इस मामले में दोनों सर्वशक्तिमानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए।’ यूपी में इन दिनों कानून का राज सिर चढ़ कर बोल रहा है, पुलिस की गोलियों में इंसाफ के बारूद धधक रहे हैं, सो इस पीड़िता को भी अपने लिए इंसाफ की बहुत उम्मीद है।

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महाठग संजय की कहानी

Posted on 06 May 2023 by admin

यूपी के गाजीपुर से ताल्लुक रखने वाले महाठग संजय राय उर्फ संजय शेरपुरिया उर्फ संजय प्रकाश बालेश्वर राय को पिछले दिनों यूपी एसटीएफ ने 16 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में धर लिया है। इस ठग की फोटो पीएम समेत भाजपा के बड़े नेताओं, संघ व विहिप के बड़े नेताओं के साथ सोशल मीडिया पर वायरल है, यह लंबे समय से अपने को पीएमओ का आदमी बता कर लोगों से ट्रांसफर-पोस्टिंग और ईडी-सीबीआई के मामले दफा-दफा कराने के नाम पर पैसे ऐंठता रहा है। इस व्यक्ति की कहानी निहायत फिल्मी है, गाजीपुर के शेरपुरा गांव से ताल्लुक रखने वाला संजय वहां के एक बेहद साधारण परिवार से आता है, कहते हैं पढ़ाई के नाम पर वह सिर्फ दसवीं पास है। नौकरी की तलाश में वह गुजरात चला गया और वहां एक सेठ की गाड़ी चलाने लगा, सेठ की बेटी इसके इश्क में पड़ गई और दोनों ने शादी कर ली। राय सेठ की बड़ी संपत्ति का मालिक बन बैठा। गाजीपुर भूमिहार कनेक्शन लेकर उसने एके शर्मा के मार्फत गुजरात के सीएम ऑफिस में एंट्री पा ली। उसने ‘वाइब्रेंट गुजरात’ में अपने लिए एक अवार्ड भी पा लिया। इसके बाद एक कैमिकल फर्टिलाइजर फैक्ट्री चलाने के नाम पर स्थानीय स्टेट बैंक से लगभग 400 करोड़ का लोन भी ले लिया। अब जाकर शेरपुरिया की गिरफ्तारी के बाद एसबीआई की अहमदाबाद शाखा ने शेरपुरिया की पत्नी व कंपनी के एक अन्य निदेशक के नाम 341 करोड़ से अधिक की वसूली के लिए नोटिस जारी किया है। इसने ‘यूथ रूरल एंटरपिन्योर फाऊंडेशन’ के नाम से एक संस्था बना रखी थी, इसने जानबूझ कर संस्था में कोई पद नहीं ले रखा था, पर ठगी के मोटे पैसे लोगों से संस्था के अकाऊंट में ही ट्रांसफर करा लेता था। एसटीएफ की पूछताछ में यह राज भी बेपर्दा हुआ है कि शेरपुरिया ने अलग-अलग नाम से 52 शेल कंपनियां बना रखी थी जिसका वह निदेशक था। उसके 225 से ज्यादा ई-मेल आईडी थे। वह मीडिया में भी अपने अच्छे रसूख के लिए जाना जाता था, शेरपुरिया इस बार के यूपी विधानसभा चुनाव में मोहम्मदाबाद सीट से टिकट के लिए प्रयासरत था पर कहते हैं संघ को ही इसके नाम पर आपत्ति थी। सो, यह भाजपा का टिकट पाने से वंचित रह गया। गाजीपुर में इसने अपने पैसों से अपने पिता के नाम एक सड़क बना रखी है। पर अब उसकी उद्दात महत्वाकांक्षाओं के सफर ने उसे एक अलग मंजिल पर ला खड़ा किया है।

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क्या राहुल के लिए गद्दी देंगे खड़गे

Posted on 06 May 2023 by admin

कर्नाटक के आसन्न विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हौंसले बम-बम है, कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी अपना ज्यादा से ज्यादा वक्त अपने गृह राज्य के चुनाव प्रचार में लगा रहे हैं। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के दावों पर अगर यकीन किया जाए तो वैसे भी इन दिनों खड़गे का मन दिल्ली में रम नहीं रहा। वे दिल्ली के अपने पार्टी दफ्तर भी कम ही जाते हैं, लोगों से मिलना-जुलना भी ज्यादातर वे अपने दिल्ली निवास पर ही कर लेते हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी व खड़गे की बीच समन्वय का सारा काम उनके कोऑर्डिनेटर गुरदीप सप्पल ही निपटा लेते हैं। खड़गे की एक और शिकायत है कि पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष पवन बंसल उनके बुलाने के बावजूद उन्हें पैसों का हिसाब-किताब देने नहीं आते। पवन बंसल के बारे में माना जाता है कि वे सीधे राहुल गांधी को रिपोर्ट करते हैं और राहुल के दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही फंड का बंटवारा करते हैं। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों का दावा है कि ’अगर इस बार कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनती है तो खड़गे को वहां मुख्यमंत्री बना कर भेजा जा सकता है।’ डीके शिवकुमार इस बात की मांग पहले ही कर चुके हैं, देर सबेर सिद्दारमैया भी इस बात के लिए मान ही जाएंगे। और अगर एक बार खड़गे बेंगलुरू की राह पकड़ लेते हैं तो उनके द्वारा रिक्त की गई अध्यक्षीय कुर्सी पर राहुल गांधी को बिठाने की मांग जोर पकड़ लेगी, कांग्रेसी इसके लिए सड़कों पर उतर आएंगे, धरना-प्रदर्शन होगा और थक-हार कर राहुल पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के लिए तैयार हो जाएंगे, बाद में इन्हें पूर्णकालिक अध्यक्ष भी चुन लिया जाएगा।

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कांग्रेस का ’प्लॉन-कर्नाटक’

Posted on 28 April 2023 by admin

’आहिस्ता-आहिस्ता मुझे भी इस बात का इल्म हो चला है
मैं दरिया के साथ चला हूं और तू माझी के साथ चला है’
कर्नाटक चुनाव में कांग्रेस अपना सब कुछ झोंक रही है, अपने लोग, अपने संसाधन और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठाएं भी। पार्टी के सीएम पद के दोनों उम्मीदवार यानी सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार में अंदरखाने से सुलह-सफाई की तमाम कोशिशें भी जारी हैं। कांग्रेस की ओर से इसके कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला से कहा गया है कि ’वे डीके और सिद्दारमैया के बीच एक संवाद सेतु को जोड़ कर रखें।’ सूत्रों की मानें तो एक फार्मूला निकल कर और बाहर आया है कि ’अगर कर्नाटक में कांग्रेस सरकार बनाने की स्थिति में आती है तो सरकार का नेतृत्व सिद्दारमैया को सौंप दिया जाए और डीके को डिप्टी सीएम बना दिया जाए।’ वैसे पार्टी नेतृत्व ने भावी सीएम के मुद्दे पर चुप रह कर वोकालिग्गा समुदाय को भी एक संदेश देने का काम किया है कि ’उनका प्रतिनिधित्व करने वाले डीके भी इस बार सीएम पद की रेस में है।’ सो, पार्टी रणनीतिकारों को उम्मीद है कि ’इस बार के चुनाव में बड़े पैमाने पर वोकालिग्गा वोट जेडीएस के पाले से छिटक कर कांग्रेस की ओर आ सकते हैं।’ रही बात सिद्दारमैया की तो वे पिछड़े वर्ग कुरूबा समुदाय से आते हैं, जो संख्या के लिहाज से कर्नाटक की तीसरी सबसे बड़ी जाति है। सिद्दारमैया का चेहरा प्रदेश की 30 फीसदी ओबीसी जातियों को साधने के लिए भी काफी है। अभी पिछले दिनों डीके ने यह कह कर एक बड़ा दांव चल दिया कि ’अगर पार्टी प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे का चुनाव करती है तो उन्हें बहुत खुशी होगी,’ डीके ने ऐसा कह कर प्रदेश की दलित जातियों को लुभाने का एक यत्न किया है। यानी कांग्रेस इस बार के चुनाव में अपनी पांचों अंगुलियां घी में ही डुबोए रखना चाहती है।

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पायलट की उड़ान व भगवा आसमां

Posted on 28 April 2023 by admin

राजस्थान में सचिन पायलट के विद्रोह की मद्दिम आंच को क्या भगवा हवा और भड़का रही है? नहीं तो अपने 5 घंटे के अनशन में पायलट ने गहलोत सरकार पर निशाना रखते हुए गोली वसुंधरा की ओर दाग दी है, और गहलोत-वसुंधरा में मिलीभगत का आरोप लगाते हुए दावा किया है कि ’इसी वजह से गहलोत सरकार ने वसुंधरा राजे पर अबतलक कोई कार्यवाही नहीं की है।’ सूत्रों की मानें तो भाजपा शीर्ष के चाहने पर ही पायलट ने वसुंधरा पर हमला बोला है। यही वजह है कि वे ‘प्रेशर पॉलिटिक्स’ की रणनीति अपना रहे हैं। हालांकि सचिन पायलट को मनाने के लिए कमलनाथ, रणदीप सुरजेवाला समेत कई कांग्रेसी दिग्गज उनके इर्द-गिर्द कदमताल कर रहे हैं, पर अगर इस पर भी पायलट नहीं मानें तो वे भाजपा में जाने के बजाए एक क्षेत्रीय पार्टी का गठन कर सकते हैं। और उनकी क्षेत्रीय पार्टी हनुमान बेनीवाल, किरोड़ीमल बैंसला और आप के साथ मिल कर एक मोर्चा बना सकती है और यह मोर्चा राजस्थान के विधानसभा चुनाव में अपने संयुक्त उम्मीदवार उतार सकता है।

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भाजपा का ’सेफ प्ले’

Posted on 28 April 2023 by admin

कर्नाटक के मौजूदा विधानसभा चुनाव में भाजपा बहुत ’सेफ प्ले’ कर रही है। कहां तो पहले तय था कि गुजरात के फार्मूले पर कर्नाटक के भी मौजूदा 40 फीसदी भगवा विधायकों के टिकट काट दिए जाएंगे। लेकिन भाजपा विधायकों के बागी तेवरों को देखते हुए पार्टी को ’बैकफुट’ पर आना पड़ा। मात्र 19 विधायकों के टिकट काटे गए, इनमें से भी आधे दर्जन विधायकों के परिवार वालों व करीबी नाते रिश्तेदारों को टिकट देकर इन्हें शांत रखने की पहल हुई। कांग्रेस और जेडीएस के 17 विधायकों ने भाजपा ज्वॉइन की थी उनमें से तो 11 विधायकों को पहली लिस्ट में ही टिकट दे दी गई। राज्य सरकार में मंत्री नहीं बनाए जाने से नाराज़ चल रहे रमेश जरकिहोली की वजह से भाजपा को विधान परिषद चुनाव में काफी नुकसान उठाना पड़ा था, इस बार टिकट वितरण में उनकी पूरी सुनी गई। कांग्रेस से भाजपा में आए जरकिहोली का बेलगामी क्षेत्र में काफी असर है। न सिर्फ जरकिहोली परिवार में टिकट बंटे बल्कि उनके कहने पर राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी का टिकट भी काट दिया गया जो बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए। येदुरप्पा ने अपने खास 30 लोगों की एक सूची हाईकमान को सौंपी थी जिसमें से ज्यादातर लोगों को टिकट दे दी गई। येदुरप्पा के बेटे को उनके पारंपरिक शिकारीपुरा सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। जनार्दन रेड्डी ने भले ही अलग पार्टी बना ली हो पर रेड्डी बंधुओं के बेल्लारी में असर को देखते हुए सोम शेखर रेड्डी और बी श्रीरामल्लू को भाजपा ने टिकट दिया है। शिवमोगा, तटीय कर्नाटक और उत्तरी कर्नाटक में येदुरप्पा के कहने से ही टिकट बंटे हैं।

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डीके व सिद्दारमैया पर भाजपा की घेरेबंदी

Posted on 28 April 2023 by admin

कांग्रेस के दोनों बड़े नेता यानी सिद्दारमैया और डीके शिव कुमार को उनके घर में ही घेरने के लिए भाजपा ने एक बड़ा जाल बिछाया। जैसे वरूणा सीट पर सिद्दारमैया को घेरने के लिए भाजपा ने अपने कद्दावर नेता वी.सोमन्ना को उनके खिलाफ मैदान में उतारा, वहीं डीके को उनकी कनकपुरा सीट पर चुनौती देने के लिए भगवा पार्टी की ओर से आर अशोक को मैदान में उतारा गया, पर बाद में सोमन्ना चामराजनगर और अशोक पदनाभनगर से भी चुनाव लड़ने को चले गए। इससे ऐसे संकेत मिले कि ये दोनों भाजपाई दिग्गज सिद्दारमैया और डीके के खिलाफ अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। इसीलिए वे सेफ सीट की तलाश में एक और जगह भी हाथ पांव मार रहे हैं। माना जाता है कि इससे पहले भाजपा शीर्ष ने येदुरप्पा से कहा था कि ’वे अपने बेटे विजयेंद्र को वरूणा सीट से सिद्दारमैया के खिलाफ मैदान में उतारे।’ पर येदुरप्पा ने यह कहते हुए हाईकमान से साफ-साफ मना कर दिया था कि ’यह उनके बेटे का पहला चुनाव है और वे अपने बेटे के लिए कोई रिस्क नहीं लेना चाहते।’

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क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य पंडित शर्मा

Posted on 28 April 2023 by admin

एक ओर जहां कर्नाटक में डी के शिवकुमार बनाम सिद्दारमैया की आपसी खींचतान परवान चढ़ रही है, ऐसे में पूर्व में कई सटीक राजनैतिक भविष्यवाणियां कर चुके मुंबई के एक नामचीन ज्योतिष पंडित राज कुमार शर्मा इन दोनों दावेदारों की कुंडलियों का मिलान करते हुए बताते हैं-’कर्नाटक के पूर्व सीएम सिद्दारमैया 3 अगस्त 1947 में पैदा हुए हैं। इनकी राशि कुंभ हैं, नक्षत्र घनिष्ठा, लगन वृश्चिक। केतु की इनकी महादशा 2020 से चल रही है’, पंडित जी आगे कहते हैं, सिद्दारमैया के मंगल की राशि में केतु बैठा है, यह योग इन्हें एक माहिर राजनीतिज्ञ तो बनाता है पर इसी योग की वजह से पिछली बार इनकी कुर्सी छिन गई, केतु की यह महादशा 2027 तक चलनी है। इसकी वजह से इनकी कुंडली में एक द्वंद्व योग बन रहा है, हो सकता है कि इन्हें सीएम की कुर्सी पाने में खासी मशक्कत करनी पड़े। वहीं दूसरी ओर 15 मई 1961 को जन्म लेने वाले डी के शिवकुमार की राशि वृषक और नक्षत्र कृतिका है, इनकी कुंडली में शनि की महादशा 2015 से चल रही है, यही वजह है कि अब तक वे नेपथ्य से किंगमेकर की भूमिका निभाते रहे हैं, इसकी वजह से उन्हें जेल भी जाना पड़ा है। मौजूदा समय में उनकी कुंडली में मकर राशि के शनि कुंभ राशि में आ गए हैं, यह दौर 17 जनवरी 2023 से शुरू हुआ है। उनकी मकर राशि है, जिसमें इस समय शनि सूर्य के साथ बैठे हैं और शनि की महादषा में शुक्र की अंर्तदशा लगी हुई है। पंडित शर्मा के मुताबिक इस बार कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने का योग बलशाली है और अगर यहां कांग्रेस की सरकार बनती है तो डी के शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने की संभावना सबसे ज्यादा प्रबल है।

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कौन हैं अभिषेक सिंह?

Posted on 28 April 2023 by admin

क्या आपको दुर्गा शक्ति नागपाल याद है? अखिलेश यादव और यूपी के दबंग यादव परिवार से टक्कर लेने वाली दुर्गा शक्ति 13 साल बाद अब जाकर बांदा की डीएम बनी है। वैसे तो आईएएस क्लीयर करने वाले अपनी सर्विस के चौथे-पांचवें साल में ही डीएम बन जाते हैं। पर दुर्गा शक्ति नागपाल की बात कुछ अलग है, उन्होंने सिविल सर्विस में आते ही मीडिया की सुर्खियां बटोरी हैं, पर इस बार दुर्गा शक्ति अपनी वजह से नहीं बल्कि अपने आईएएस पति अभिषेक सिंह की वजह से चर्चा में हैं। याद कीजिए ये वही अभिषेक सिंह जब पिछले चुनाव में इनकी ड्यूटी लगी थी तो इन्होंने अपनी गाड़ी पर अपने फोटो के साथ बड़ा सा ‘इलेक्शन ऑक्जर्बर’ लिख कर स्टिकर लगा दिया था, और उन्होंने खुद अपनी यह तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट भी कर दी थी, इस वजह से उन्हें सस्पेंड भी कर दिया गया था। ये कई फिल्मों और धारावाहिकों में काम भी कर चुके हैं। सोशल मीडिया पर खासे एक्टिव रहते हैं। एक पॉडकास्ट में इनका वह बयान भी खासा चर्चित हुआ था जिसमें उन्होंने कहा था कि ’बचपन में मैं एक गैंगस्टर बनना चाहता था।’

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