Posted on 12 October 2015 by admin
कई केंद्रीय मंत्री सोशल नेटवर्किंग साइट पर खासे सक्रिय हैं और अपनी टीम के मुखिया यानी मोदी को प्रभावित करने लिए हर तरह का शिगूफा भी उछालते रहते हैं। जैसे केंद्रीय पावर व कोल मंत्री पीयूष गोयल ने अपने फेसबुक स्टेट्स में लिख रखा है-’अमंग द् यंगेस्ट मेंबर इन द् कैबिनेट’ यानी कैबिनेट के सबसे युवा मंत्रियों में शामिल। अब लोग पूछ रहे हैं कि मोदी राज में युवा होने की उम्र सीमा आखिर क्या है? अनुराग ठाकुर भी तो पार्टी के युवा मोर्चा की अब तलक रहनुमाई करते हैं।
Posted on 12 October 2015 by admin
नीतीश कुमार अपनी पीठ खुद थपथपाते रहे हैं कि उनकी पार्टी ने महिलाओं के आरक्षण के मुद्दे पर पूरा ख्याल रखा है और बिहार के निकाय और पंचायत चुनाव इसकी मिसाल हैं। लेकिन जब विधानसभा, लोकसभा और राज्यसभा में महिलाओं की हिस्सेदारी की बात आती है तो नीतीश का एक विरोधाभासी रूप सामने आता है। 2014 के लोकसभा चुनाव में नीतीश ने जदयू की 39 सीटों में से सिर्फ 2 महिलाओं को टिकट दी थी। राज्यसभा की बात करें तो जदयू के कुल 12 सांसद हैं पर उनमें कोई महिला सांसद नहीं है ना ही कभी किसी महिला का नाम राज्यसभा की उम्मीदवारी के लिए आगे आया। 2010 विधानसभा चुनाव में जदयू ने अपने कुल 141 में से मात्र 16 महिला उम्मीदवारों को तीर थमाया था। इस बार 2015 में महागठबंधन यानी जदयू, राजद और कांग्रेस की ओर से मात्र 25 महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं, यानी महिलाओं को सिर्फ लालीपाप थमा रहे हैं नीतीश बाबू।
Posted on 12 October 2015 by admin
लालू यादव अपने पुत्र तेजस्वी यादव में अपनी पार्टी का भविष्य देख रहे हैं। राघोपुर सीट जिसने 2 बार लालू यादव और 2 बार उनकी पत्नी राबड़ी देवी को विधानसभा भेजा है, अब यहां से उनका पुत्र तेजस्वी अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं। उन्हें भाजपा के सतीश कुमार से यहां कड़ी टक्कर मिल रही है। सतीश कुमार ने अभी हाल ही में जदयू का दामन छोड़ भाजपा का दामन थामा है। तेजस्वी दिल्ली के डीपीएस से नवीं कक्षा तक पढ़े हैं, पर उनकी सालाना कमाई 5 करोड़ से ज्यादा है। चुनांचे वे बड़े गर्व के साथ अपने को बिजनेसमैन बताते नहीं थकते उस पर से ये चस्पां भी कर देते हैं कि वे समाजसेवी भी हैं।
Posted on 12 October 2015 by admin
प्रधानमंत्री की बिहार की रैलियों को लेकर बिहार पुलिस और एसपीजी में निरंतर टकराव की स्थिति बनी हुई है। बिहार पुलिस का तर्क है कि आखिरी वक्त पर एसपीजी प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की सूचना देती है, कभी-कभी तो प्रोग्राम ऐन वक्त बदल भी जाता है जिससे सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने में खासी मुश्किलें आती है। वहीं भाजपा बिहार चुनाव में मोदी की ज्यादा से ज्यादा रैलियां कराना चाहती है। बिहार पुलिस ने इस बाबत केंद्रीय गृह मंत्रालय से गुहार लगाई है।
Posted on 12 October 2015 by admin
क्या हालत हो गई है मेरे प्यारे देश की, बापू बोलो तो आसाराम दिखते हैं, राधे-राधे क्या कहा राधे मां प्रकट हुईं, आप कहो तो केजरीवाल हाजि़र, पप्पू बोले तो राहुल गांधी दिखे, शादी के बारे में सोचो तो इंद्राणी मुखर्जी दिखाई देने लगीं, और तो और किसी को शुभकामना दो तो हार्दिक बोलने में डर लगता है, हार्दिक पटेल नज़र आ जाते हैं, प्रभु रक्षा करना मेरे भारत की!
Posted on 06 October 2015 by admin
पिछले दिनों अमित षाह के करीबी माने जाने वाले पार्टी के एक उत्साही महासचिव की एमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी से गुपचुप मुलाकात की खबरें बाहर आ रही हैं। सनद रहे कि ये वही भाजपा महासचिव हैं जिन्हें षाह अपने तुरूप के पत्ते की तरह इस्तेमाल करते हैं। सो पार्टी में इस बात के संकेत मिल रहे हैं कि असम चुनाव के बाद इस महासचिव को षाह यूपी का प्रभारी बना सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि ओवैसी से अपने गुप्त मुलाकात में इस भाजपा महासचिव का कहना था कि एमआईएम को यूपी के हर जिले में अपना दफ्तर खोलना चाहिए और अपने संगठन को सक्रिय करना चाहिए। समझा जाता है कि ओवैसी ने इस भाजपा नेता से कहा कि इस काम में उन्हें बहुत पैसों की जरूरत होगी। सूत्र बताते हैं कि इस भाजपा महासचिव ने उनसे कहा है कि वे पैसों की चिंता न करें, यूपी में अपने पैर जमाने के बारे में सोचें। उन्हें यूपी चुनाव से पहले कम से कम वहां 25 रैलियां भी करनी है, इसकी तैयारी में वे अभी से जुट जाएं। सो, दादरी तो एक झांकी है, आगे देखिए क्या-क्या बाकी है।
Posted on 06 October 2015 by admin
बिहार चुनाव मोदी-षाह जोड़ी के लिए प्रतिश्ठा का प्रष्न बन चुका है सो, यह कई-कई स्तरों पर लड़ा जा रहा है। पिछले दिनों एक थके हुए अंग्रेजी दैनिक ने प्रमुखता से यह खबर प्रकाषित कर दी कि असदुद्दीन ओवैसी की नरेंद्र मोदी के संग एक अहम मुलाकात हुई और इस मुलाकात में बिहार चुनाव को लेकर रणनीतियों को अंतिम रूप दिया गया। जैसे ही यह खबर छपी कथित तौर पर टीम नीतीष कुमार ने इस खबर की 10 लाख फोटो काॅपी करवा बिहार में जगह-जगह बंटवा दिया। इसके अगले ही दिन एम.जे.अकबर और ओवैसी का इस बाबत स्पश्टीकरण आ गया। भाजपा ने इस अखबार को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी षुरू कर दी, इसकी भनक लगते ही अखबार ने आनन-फानन में एक खंडन छाप दिया। वैसे भी इन दिनों इस अखबार मालिक और एम. जे. अकबर की बीच तलवारें खींची हुई हैं।
Posted on 06 October 2015 by admin
मोदी सरकार ने अपने पूर्ववर्ती यूपीए सरकार से भी बहुत कुछ सीखा है, जैसे सीबीआई का सटीक इस्तेमाल। इस कड़ी में यूपी में मुलायम सिंह और मायावती पर सीबीआई अपना शिकंजा कस रही है, यादव सिंह मामले में प्रोफेसर रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव की भूमिका भी खंगाली जा रही है, तो मायावती के मामले में सीबीआई को चार वर्शों के उपरांत यह आत्मज्ञान प्राप्त हुआ है कि एनएचआरएम मामले में बहिन जी से भी पूछताछ होनी चाहिए।
Posted on 06 October 2015 by admin
बिहार चुनाव के लिए सपा ने अपने उम्मीदवारों को मैदान में उतार दिया है, पर अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि सपा की ओर से चुनाव प्रचार का जिम्मा कौन संभालेगा? पहले यह जिम्मेदारी शिवपाल यादव को मिलनी थी, पर उन्होंने नीतीश की महागठबंधन की रैली में सब गुड़गोबर कर दिया। उस रैली में जब शिवपाल अपने उद्बोधन के लिए आए तो उनका पहला वाक्य था-’बिहार की जनता परिवर्तन चाहती है।’ इस पर मंच पर मौजूद नीतीश का मुंह देखने लायक था। बड़े भाई से बेमतलब की झाड़ भी पड़ गई और दोनों समधियों के रास्ते भी अलग हो गए। जब पार्टी ने अब शिवपाल को बिहार चुनाव के आलोक में प्रचार का जिम्मा देना चाहा तो उन्हांेने विनम्रतापूर्वक मना कर दिया।
Posted on 06 October 2015 by admin
नेताजी सुभाष चंद्र बोस से जुड़े सारे दस्तावेज सार्वजनिक करने के बाद अब मोदी सरकार पर शहीद भगत सिंह और लाल बहादुर शास्त्री के परिवार वालों का दवाब है कि इनसे जुड़ी फाइलें भी सार्वजनिक की जाए।