| सरकार के हाथ लंबे हैं |
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August 02 2015 |
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कभी मोदी-राग गाने में पारंगत माने जाने वाले कुछ मीडिया घरानों ने जब से केंद्र सरकार के प्रति अपने सुर बदले, इन्हें लेकर सरकार की नज़रें इनायत में साफ तौर पर तल्खी झलकने लगी। ’नेषन वांट्स टू नो’ मार्का एक अंग्रेजी चैनल और उसके एक तेज तर्रार प्रस्तोता ने जैसे ही मोदी सरकार के प्रति हमले तेज किए और ’ललित गेट’ तथा अन्य कुछ मुद्दों पर सरकार के मंत्रियों के इस्तीफे मांगे तो चैनल मालिकों के प्रति सरकार के तेवर भी उसी अनुपात में सख्त हो गए। सरकार समर्थक माने जाने वाले एक तेज चैनल को अपना ’एफएम’ रेडियो इस अंग्रेजी चैनल के मालिकों को बेचना था, पर समझा जाता है इस सौदे पर आखिरी सहमति बन जाने के बाद भी इस डील की फाइल को सूचना प्रसारण मंत्रालय ने अटका रखा है। थक-हार कर दोनों मालिकगण प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे और उनके समक्ष अपना दुखड़ा रोया, कहते हैं प्रधानमंत्री का दिल पसीज आया है पर चैनल मालिकों को इसके एवज में अपने तेजतर्रार प्रस्तोता को कुछ समय के लिए ठंडे बस्ते में डालना पड़ा और चैनल ने भी सुशमा समेत अन्य मंत्रियों व मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे के खटराग के सुर को मद्दिम कर दिया है। सच है चाहे सरकार की सोच किंचित छोटी हो, पर उसके हाथ बड़े लंबे होते हैं। |
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August 6th, 2015
India today channel with 3media prostitute rajdeep.barkha and now Rahul kanwal also suddenly become aggressive and reporting anti national, pro terrorist and pro congress