Posted on 05 November 2012 by admin
इस दफे के केंद्रीय मंत्रिमंडल े फेरबदल से कोई शख्स अगर सबसे ज्यादा ंखफा है तो वे हैं सोनिया गांधी के माउथपीस माने जाने वाले लालू प्रसाद यादव। इस दफे केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के लिए लालू सचमुच बेकरार थे। सूत्र बताते हैं कि उन्होंने कई माध्यमों से सोनिया गांधी के पास इस आशय का पैग़ाम भिजवाया था, यहां तक कि सोनिया से मिलने का समय भी मांगा था। कहते हैं लालू ने सोनिया को यह संदेशा भी भिजवाया था कि इस दफे का लोकसभा चुनाव वे कांग्रेस के साथ मिलकर लड़ने को तैयार हैं। लालू ने अपनी ओर से बिहार की 40 लोकसथा सीटों में से 12 पर कांग्रेस को लड़वाने की बात भी कही थी, पर सोनिया-लालू का दिल नहीं पसीजा। खासकर, राहुल बिहार चुनाव में लालू से किसी भी प्रकार के गठबंधन के सख्त खिलाफ हैं। शायद यही वाह रही हो कि इतने कद्दावर नेता लालू को सोनिया ने शपथ ग्रहण समारोह से पहले मिलने का भी वक्त नहीं दिया।
Posted on 30 October 2012 by admin
वे खाम-ख्वाह हथेली पे जान रखते हैं, अजीब लोग हैं मुंह में जुबान रखते हैं।
वे जिनके पांव के नीचे नहीं जमीन कोई, वे मुट्ठियों में कई आसमान रखते हैं॥
टीम केजरीवाल नए खुलासों की तैयारियों में जुट गई है। इस बार इनकी जद में दिल्ली से लगे एक समृध्द प्रदेश के सीएम आने वाले हैं, जिनकी रॉबर्ट वाड्रा से नजदीकियां भी जग-जाहिर हैं। इस मुख्यमंत्री के मॉरीशस कनेक्शन को खंगाला जा रहा है। समझा जाता है कि मॉरिशस में इनके कई विदेशी खाते हैं। सूत्र बताते हैं कि इंडिया अगेंस्ट करप्शन को इस बाबत कई अहम कागजात हासिल हो चुके हैं और टीम केजरीवाल के कई सदस्य इसकी पड़ताल में अभी भी मॉरिशस में बने हुए हैं। ‘आइएसी’ इस बाबत एक श्वेत पत्र भी ला रहा है। यानी आने वाले दिन कांग्रेसी सियासत के लिए और भी हंगामीखो रहने वाले हैं।
Posted on 17 October 2012 by admin
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Posted on 08 October 2012 by admin
अपने उपर हो रहे नित्य नए सियासी हमलों से बेख़बर भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी अपनी नई टीम के गठन की संभावनाएं टटोलने में जुट गए हैं। भाजपा के सूरजकुंड अधिवेशन के बाद गडकरी के दूसरे अध्यक्षीय टर्म की ताजपोशी का रास्ता प्रशस्त हो चुका है। चुनांचे वे अपनी नई टीम में अपेक्षाकृत नए चेहरों को जगह दे सकते हैं। पार्टी के अगले राष्ट्रीय महासचिव के रूप में वरूण गांधी, अमित शाह और स्मृति इरानी उनकी पहली पसंद बन कर उभरे हैं। अगर प्रजापति मामले में अमित शाह की गिरफ्तारी हो जाती है, तो फिर शाह को पद मिल पाना मुश्किल हो सकता है। राजीव प्रताप रूढ़ी और निर्मला सीतारमण की जिम्मेदारियां और बढ़ सकती हैं। बतौर प्रवक्ता कुछ नए चेहरे सामने आ सकते हैं। गडकरी अपनी नई टीम की घोषणा मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी को कर सकते हैं।
Posted on 25 September 2012 by admin
प्रधानमंत्री और उनके मुंहलगे चंपु मसलन मंटोक सिंह आहलूवालिया पेट्रो पदार्थों की कीमतों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी और खुदरे में एफडीआई जैसे मुद्दों को यूपीए सरकार के कड़े फैसलों में शुमार करते हैं। जबकि राजनीतिक विश्लेषक इन फैसलों को कहीं न कहीं यूपीए सरकार के आत्मघाती फैसले मान रहे हैं। सो, किसी की परवाह ना करने का दंभ भरने वाली यूपीए सरकार एफडीआई को लेकर आनेवाले दिनों में कुछ और बड़े फैसले ले सकती है। मसलन, रिटेल के बाद अब इंश्योरेंस (बीमा) और पेंशन के क्षेत्र में एफडीआई लाने की पूरी तैयारी है और इसकी घोषणा आने वाले चंद दिनों में मुमकिन है।
Posted on 19 September 2012 by admin
मनमोहन मंत्रिमंडल में फेरबदल अति संभावी है। पहले 10 सितंबर को यह फेरबदल होना था, पर ऐन वक्त सोनिया गांधी को अपने इलाज के लिए अमेरिका जाना पड़ गया। हालांकि सोनिया 9 तारीख को वापिस भी लौट आईं, मगर उस वक्त तक सही नामों पर फैसले की मुहर नहीं लग पाई थी। पर अब लगता है सोनिया व राहुल से विचार-विमर्श के उपरांत मंत्रिमंडल में शामिल हो सकने वाले संभावित लोगों की सूची तैयार हो गई है। जो नाम मंत्रिमंडल में जगह पा सकते हैं वे हैं-किरण रेड्डी, पृथ्वीराज चौहान, दीपादास मुंशी, मीनाक्षी नटराजन, संजय निरूपम, ज्योति मिर्धा आदि। आनंद शर्मा काफी दिनों से विदेश मंत्रालय के लिए लॉबिंग कर रहे हैं। उनकी दस जनपथ परिक्रमा फलितार्थ होने वाली है, वे देश के अगले विदेश मंत्री हो सकते हैं। कारपोरेट अफेयर्स मंत्रालय भी अब वित्त मंत्री पी.चिदंबरम के हवाले होने वाला है।
Posted on 10 September 2012 by admin
कांग्रेस में एक बड़े संगठनात्मक फेरबदल का आगाा सुना जा सकता है। राहुल गांधी सरकार और संगठन दोनों में ही बड़ी जिम्मेदारी लेने को तैयार बताए जाते हैं। विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा को उनके गृह राज्य कर्नाटक का प्रदेशाध्यक्ष बनाया जा सकता है। परणीत कौर को पंजाब का जिम्मा सौंपा जा सकता है, ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी मध्य प्रदेश कांग्रेस का प्रमुख बनाया जा सकता है। अगर पार्टी की आपसी कलह के मद्देनजर उन्होंने मध्यप्रदेश जाने की अनिच्छा जताई तो उन्हें कैबिनेट के इस बहुप्रतीक्षित फेरबदल में पदोन्नति मिल सकती है।
Posted on 04 September 2012 by admin
कोलगेट पर कोयले क ी सुलगती आंच जब सुलगने लगी तो इस पर पानी डालने का जिम्मा स्वयं सोनिया ने उठा लिया। प्रमुख विपक्षी नेताओं से संपर्क साधा और उनसे उनकी मांगे जाननी चाहीं। और बदली सियासी भाव-भंगिमाओं से लैस उन्होंने भाजपा की सभी प्रमुख मांगों को मान लेने का आश्वासन दिया यानी तमाम कंपनियों को आबंटित कोल ब्लॉक्स रद्द करने का भरोसा। सोनिया ने यह भी माना कि इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट के एक सिटिंग जज से जांच करवायी जाएगी। और इन तमाम रद्द कोल ब्लॉक्स के लिए बाजार से खुली निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। आश्वासन देने के उपरांत सोनिया पीएम और राष्ट्रपति से मिलीं, जाने इसके बाद क्या बात हुई कि सोनिया अपने इस निर्णय से पलट गईं पर अपने चेकअप के लिए अमेरिका जाने से पूर्व वह विपक्षी नेताओं को यह बताना नहीं भूलीं कि इस मुद्दे पर पार्टी और पीएम की राय कुछ और है यानी कि सोमवार को फिर संसद में हंगामा बदस्तूर जारी रहने वाला है।
Posted on 28 August 2012 by admin
तेहरान के लिए रवाना होने से पूर्व कोलगेट के मुद्दे पर चारों तरफ से घिरे पीएम राष्ट के नाम संदेश दे सकते हैं। ऐसा वे अपने कुछ खास सलाहकारों के कहने पर करने वाले हैं। पर प्रधानमंत्री के शुभचिंतकों का एक वर्ग ऐसा भी है जो नहीं चाहता कि कोलगेट के मुद्दे पर राष्ट्र को संबोधित कर पीएम अपनी फजिहहत करवाएं,पर स्वयं डाक्टर मनमोहन सिंह इस मत के जाते हैं कि राष्ट्र के समक्ष अपनी स्थिति स्प्श्ट करनी जरूरी है।
Posted on 22 August 2012 by admin
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