Posted on 28 August 2012 by admin
10 सितंबर को मनमोहन कैबिनेट का बहुप्रतिक्षित विस्तार मुमकिन है,बड़े अंबानी से पंगा लेना पेट्रोलियम मंत्री जयपाल रेड्डी को भारी पड़ने वाला है। कयास लगाए जा रहे हैं कि बड़े अंबानी के भारी दबाव की वजह से जयपाल रेड्डी का मंत्रालय बदलकर उन्हे हैल्थ मंत्रालय में भेजा जा सकता है। गुलाम नवी आजाद उनकी जगह पेट्रोलियम मंत्री हो सकते हैं। एक संभावना यह भी है कि पॉवर मंत्रालय व्यालॉर रवि से लेकर आज़ाद के सुपुर्द कर दिया जाय। चूंकि संसद का मौजूदा मानसून सत्र 6 सितंबर तक है,इसलिए फेरबदल के लिए 10 तारीख को चुना गया है। कई बड़े मंत्रालय रिक्त पड़े हुए हैं,विलास राव देशमुख के आकस्मिक निधन से रिक्त हुआ भारी उद्योग मंत्रालय,दयानिधि मारन की वज़ह से कपड़ा मंत्रालय,डीएमके की ओर से कनीमोझी और टीआर बालू का नाम आगे किया जा रहा है। डीएमके के दो सांसदों एकेएम विजय और टीके डूलागोवन के नाम भी चर्चा में है इसके अलावे जो अन्य लोग मंत्री बनने की आस लगाए बैठे हैं वे हैं,नागपुर के सांसद विलास मुत्तेवार,गुरूदास कामत,प्रिया दत्त,के रहमान ख़ान,आस्कर फनर्ांडीस,जनार्दन ,चिरंजीव,मनीष तिवारी,माणिक टैगोर और कनिपुरम विष्वनाथ आदि।
Posted on 22 August 2012 by admin
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Posted on 22 August 2012 by admin
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Posted on 13 August 2012 by admin
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Posted on 07 August 2012 by admin
खुदरे में एफडीआई लाने को लेकर यूपीए सरकार ने अपने परम मित्र अमेरिका से अपनी कृतसंकल्पता दुहरा दी है। देश के माननीय प्रधानमंत्री ने जो अपने अमेरिका प्रेम के लिए जाने जाते हैं अपने आकाओं को आश्वस्त कर दिया है कि चाहे सपा हायतौबा मचाए या ममता, खुदरे में एफडीआई आकर रहेगा। और इसके लिए संसद के आगामी सत्र में अलग से बिल लाने की भी जरूरत नहीं है, मात्र एक नोटिफिकेशन से सरकार की इस मंशा को अमलीजामा पहनाया जा सकता है। और नई पॉलिसी घोषित हो सकती है।
Posted on 07 August 2012 by admin
पूर्व संघ प्रमुख 82 वर्षीय के.एस. सुदर्शन जो इन दिनों मैसूर में अपने भाई के पास रह रहे हैं, हर दिन की तरह उस रोज सुबह जब साढ़े पांच बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले तो राह भटक गए। कोई चार किलोमीटर आगे जाकर एक छोटी सी बस्ती में भटकते रहे। थक-हार कर एक मस्जिद से लगे पेड़ के नीचे बैठकर बड़बड़ाने लगे , तब एक कुरियर कंपनी में काम करने वाले युवक की नजर उन पर पड़ी तो अपनी मां की मदद से उन्हें वो अपने घर ले गया। पानी पिलाया, छाछ पिलाई फिर सुदर्शन जी को नींद आ गई। दोपहर में अचानक एक कन्नड़ चैनल पर पूर्व संघ प्रमुख की गुमशुदगी की बाबत खबर चलने लगी तो लड़के ने फोन कर उस व्यक्ति के अपने पास होने की इत्तला दी, चैनल जिन्हें सुदर्शन बता रहा था। तब जाकर लोगों को पता चला कि सुदर्शन जी ‘डिमेंशिया’ रोग से पीड़ित हैं। जिसमें व्यक्ति अपने बारे में हर बात भूलने लगता है।
Posted on 25 July 2012 by admin
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Posted on 25 July 2012 by admin
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Posted on 15 July 2012 by admin
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Posted on 15 July 2012 by admin
तमाम सियासी तूफानों के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल का विस्तार फिर से अटक गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक फिलवक्त इसे सितंबर तक टाल दिया गया है। सितंबर में मनमोहन मंत्रिमंडल का एक बड़ा विस्तार मुमकिन है। जिसमें कुछेक पुराने मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और कई नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है। मौजूदा सियासी हालात से निपटने और उबरने के लिए केवल मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं। इसके लिए संसद के मानसून सत्र के पहले जल्द ही नोटिफिकेशन जारी होने वाला है। सबसे ज्यादा नजरें वित्त मंत्रालय पर टिकी है। चिदंबरम फिलहाल इस रेस में सबसे आगे दिखते हैं पर हमारे अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री कम से कम इस वक्त तो वित्त मंत्रालय किसी और को देने के मूड में नहीं दिखते हैं। वे चाहते हैं कि उनके ही नेतृत्व में इस दफे का आम बजट पेश हो।