Posted on 08 September 2013 by admin
क्या विजय गोयल के लिए अब दिल्ली दूर नहीं रह गई है? सूत्रों की मानें तो गोयल ने धीरे-धीरे बड़े पार्टी नेताओं को अपने पक्ष में मना लिया है। बदले नए राजनैतिक परिदृश्य में भाजपा दिगगज राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी व रामलाल अब पूरी तरह से गोयल के पक्ष में खड़े दिखते हैं। वहीं गोयल के विरोधियों में सुषमा व जेटली ने अभी भी अपना मन नहीं बदला है।
Posted on 08 September 2013 by admin
जाट आरक्षण को लेकर कांग्रेस एक बड़ा दांव चलने जा रही है, केंद्रनीत कांग्रेस गठबंधन वाली यूपीए सरकार ने जाटों को आरक्षण देने की पूरी तैयारी कर ली है। अगर कांग्रेस का यह दांव कामयाब रहता है तो उसे राजस्थान, पश्चिमी यूपी व हरियाणा में इसका फौरी सियासी लाभ मिल सकता है।
Posted on 26 August 2013 by admin
अमर सिंह धीरे-धीरे फिर से अपने पुराने फार्म में लौट रहे हैं, अभी पिछले दिनों उन्हाेंने एक न्यूज चैनल पर खुलासा किया कि सपा नेता नरेश अग्रवाल जिस मर्सीडिज कार की सवारी गांठते हैं वह सुब्रत राय सहारा की कार है, अमर कहते हैं कि जिस मर्सीडिज से अग्रवाल अक्सर पार्लियामेंट आते-जाते हैं अगर इसे उन्हाेंने अपने नाम करा ली है तो ठीक है, नहीं तो एक सांसद के लिए किसी और की कार पर एमपी का स्टीकर लगाना गैर कानूनी है, सेबी के खिलाफ दिए गए नरेश अग्रवाल के हालिया बयानों को भी सहारा प्रकरण से जोड़ कर देखा जा रहा है।
Posted on 17 August 2013 by admin
कांग्रेस हाईकमान छत्तीसगढ़ को लेकर चिंतित है, जहां कांग्रेस भाजपा को आनेवाले चुनाव में कड़ी टक्कर दे सकती है। पर कांग्रेस हाईकमान को खबर मिली है कि वहां के भाजपा के मुख्यमंत्री राज्य के कई असंतुष्ट कांग्रेसी नेताओं को फंड कर रहे हैं, जो आनेवाले चुनाव में कांग्रेस की जड़ में मट्ठा डालने का काम कर सकते हैं। सूत्र बताते हैं कि एक असंतुष्ट कांग्रेसी नेता को तो हर महीने कोई 35 लाख रूपयों की आर्थिक मदद की जा रही है।
Posted on 10 August 2013 by admin
भाजपा की एक पूर्व मुख्यमंत्री जिनकी इस दफे के चुनाव में सत्ता में वापिस लौटने की प्रबल संभावना व्यक्त की जा रही है, केंद्रनीत कांग्रेस सरकार उनकी तमाम जन्म कुंडली को खंगालने में जुटी है। सूत्र बताते हैं कि ईडी की तीन टीमों को जांच पड़ताल के लिए लंदन, सिंगापुर और वेंकूवर भेजा गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि इस नेत्री ने मुख्यमंत्री रहते हुए एक बेनामी ट्रस्ट बनाकर लंदन में तीन, वेंकूवर और सिंगापुर में एक-एक बेशकीमती संपत्तियां अर्जित की हैं, इस पूरे मामले का खुलासा कांग्रेस सरकार विधानसभा चुनाव से ऐन पहले कर सकती है।
Posted on 05 August 2013 by admin
अपने युवराज राहुल गांधी की देखा-देखी इनके कई दरबारी मंत्री भी अपनी इमेज चमकाने में जुट गए हैं। सूत्र बताते हैं कि पी.चिदंबरम, कपिल सिब्बल और मनीष तिवारी समेत कई कांग्रेसी मंत्रियों ने अपनी इमेज चमकाने के लिए अलग-अलग पीआर एजेंसियों का सहारा लिया है। वहीं राहुल की हालिया डांट के बाद कांग्रेसी मंत्रियों के तेवर भी ढीले हुए हैं और विपक्ष पर हमला साधने में वे शब्दों का भी सोच-समझकर चयन कर रहे हैं।
Posted on 14 July 2013 by admin
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुलाह नियम से हर शुक्रवार श्रीनगर से दिल्ली की फ्लाइट पकड़ लेते हैं, दिल्ली की तपती गरमी भी उन्हें अपने इरादों से डिगा नहीं पाती। बिचारी राज्य की मासूम जनता को अपने मुख्यमंत्री से मिलने का सौभाग्य ही कहां प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री जी को भी जो अपनी जनता से कहना होता है, वे ‘ट्वीट’ कर लिया करते हैं। दिल्ली में दो-तीन दिन उमर के क्या प्रोग्राम होते हैं वह किसी को नहीं मालूम, सिवा एक महिला न्याू एंकर के जिसके साथ मुख्यमंत्री को अक्सर देखा जा सकता है।
Posted on 14 July 2013 by admin
जम्मू-कश्मीर के विपक्षी दल खास कर पैंथर पार्टी की उमर अब्दुलाह से हमेशा से यह जोरदार मांग रही है कि केंद्र सरकार की ओर से राज्य को जो आर्थिक मदद मिलती है, विशेष पैकेज मिलते हैं, उसके खर्चे का पूरा ब्यौरा सरकार पेश करे, क्योंकि विपक्षी दलों को इन सहायता राशि में भयंकर गोलमाल का अंदेशा है। अब जरा इत्तफाक देखिए, अनायास ही श्रीनगर सेक्रेटेरियट में आग लग जाती है और उसमें ख़ाक-ए-सुपुर्द क्या होता है? सेंट्रल एड की वही तमाम फाइलें, अब ना रहेगा बांस, ना बाजेगी बांसुरी, न ब्यौरा मिलेगा, न बताया जा सकेगा कि आखिरकार केंद्र से प्राप्त इतनी बड़ी सहायता राशि का आखिर होता क्या है?
Posted on 08 July 2013 by admin
पर इन सबके बावजूद भी आईबी सीबीआई से बेहद नाराा है। उसके काम करने के तरीकों को लेकर, राजनीतिक दबाव को अपनी कार्यशैली में शुमार करने को लेकर और अपने एक मित्र सहयोगी संगठन के आला अफसरों से पूछताछ के तरीकों को लेकर। सो, अब बारी आईबी के पलटवार की है। सीबीआई के कई उच्च पदस्थ अधिकारियों के आईबी द्वारा कथित तौर पर डॉसियर तैयार किए जा रहे हैं वे सीबी आई के अधिकारी जो कहीं न कहीं किसी भ्रष्टाचार में संलिप्त हैं। इन सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ बेहद पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं, इतने पुख्ता कि कानूनी प्रक्रिया में अभयदान मिल पाना इनके लिए मुश्किल हो जाएगा।
Posted on 29 June 2013 by admin
संभवत: यह देश का कोई पहला ऐसा मामला होगा जिसमें आईबी के एक वरिष्ठ अधिकारी से सीबीआई द्वारा उनके काम करने की शैली, भेदिया नेटवर्क की जानकारी, भेदिया कैसे बनाए जाते हैं, सीक्रेट फंड में कितना पैसा होता है, भेदिया से मुलाकात कैसे होती है, इस प्रकार की जानकारियां ली जा रही हैं। सूत्रों की मानें तो इन तमाम जानकारियों को एक हलफनामे की शक्ल दी जा रही है जो बाद में अदालती कार्यवाही का एक हिस्सा हो सकती है… क्या किसी भी देश में किसी खुफिया तंत्र की इससे बडी दुर्दशा हो सकती है?