Posted on 23 February 2011 by admin
दस जनपथ को लगता है कि सरकार की नीतियों के क्रियान्वयन में न सिर्फ सरकार के मुखिया की निर्भरता अपने खास नौकरशाहों पर बढ़ गई है, अपितु पीएम स्वयं अपने निजी बात-व्यवहार में पहले से नहीं रह गए हैं। अब तो वे राज-काज में दस जनपथ की मामूली सलाहों व दखलों पर भी उखड़ जाते हैं और बात-बेबात अपने इस्तीफे की धमकी देने लगते हैं। शायद यही कारण है कि सोनिया ने अब अपना ‘पब्लिक अपीयरेंस’ भी पहले की तुलना में काफी कम कर दिया है।
Posted on 08 February 2011 by admin
बिहार में पिछड़ी जातियों को लुभाने के बाद अब नीतीश कुमार ने वहां की अगड़ी जातियों को लुभाने का भी चारा फेंक दिया है, अब वे बिहार में अगड़ी जातियों के उत्थान के लिए एक 5 सदस्यीय कमीशन बनाना चाहते हैं, इस कमीशन की अवधि 3 वर्ष की होगी, यह कमीशन राज्य में आर्थिक व सामाजिक तौर पर पिछड़े लोगों के कल्याण के लिए कार्य करेगा, गौरतलब रहे कि देश में यह अपने किस्म का पहला कमीशन होगा जो ऊंची जातियों की कल्याण के लिए गठित हुआ है।
Posted on 08 February 2011 by admin
तमिलनाडु के आसन्न विधानसभा चुनावों के मद्देनजर तमाम राजनैतिक दलों ने कमर कस ली है, डीएमके, पीएमके और कांग्रेस का समझौता हो चुका है, जयललिता के पास सिर्फ लेफ्ट का ही सहारा बचा है। भाजपा की तमिलनाडु में कोई खास उपस्थिति नहीं, उसके बस 2.5 प्रतिशत वोटर हैं, ऐसे में तो भगवा पार्टी का वहां खाता खुलना भी मुश्किल लगता है। भाजपा नागरकोल और दक्षिण चैन्नई की कुछ सीटों पर वोटरों को लुभाने की कवायद कर सकती है।
Posted on 08 February 2011 by admin
राजा गिरफ्तार क्या हुए, उनके सुख-दुख के साथियों ने भी उनका साथ छोड़ दिया है, मारन, अझागिरि व स्टॉलिन तो कभी राजा को पसंद नहीं करते थे, उनकी सबसे बड़ी पसंद कानीमोझी ने भी अब उनसे मुंह मोड़ लिया है, सिर्फ काले चश्मे वाले बाबा करुणानिधि ही बचे हैं जो राजा को लेकर थोड़ी-सी ‘कर्टसी’ दिखा रहे हैं, वह भी मजबूरी में, क्योंकि राज्य में सिर पर चुनाव हैं, और अगर उनकी पार्टी ने एकदम से राजा को रंक बना दिया तो तमिलनाडु के दलित वोटरों में इसका गलत संकेत जा सकता है।
Posted on 02 February 2011 by admin
गुवाहाटी के डायनिस्टी होटल में पिछले दिनों जो हुआ, वह भाजपा के चाल, चरित्र, चेहरा को दागदार बनाने के लिए काफी है। उस होटल में भाजपा के दो केंद्रीय नेताओं के बेहद करीबी माने जाने वाले एक फिक्सरनुमा सान अपने लाव-लश्कर के साथ ठहरे हुए थे, कहते हैं उनका मिशन असम की क्षेत्रीय पार्टियों को कुछ ले-देकर भाजपा के पक्ष में पटाना था। यह सान पहले ही झारखंड व कर्नाटक में अपनी इस प्रतिभा के दीदार करवा चुके हैं। खैर, इस सान या ‘दुर्जन’ ने अपनी ही पार्टी के एक बड़े नेता का बर्थडे मनाने के लिए गुवाहाटी के इसी होटल में पार्टी दी, जश्न का ऐसा माहौल हो, सुरा की नदी बह रही थी, तो सुंदरी की कमी भी खल गई, सो फौरन देह व्यापार करने वाली लड़कियों को होटल में बुला लिया गया, इसमें से एक लड़की के साथ दुर्जन जी ने इतने जुल्मो सितम कर दिए कि वह मीडिया में जाने की धमकी देने लगी, खबर जब कांग्रेस को लीक हुई तो उसने उस लड़की को एक प्रेस-कांफ्रेंस करने के लिए राजी कर लिया। मामला बिगड़ता देख भाजपा के चंद बड़े मैनेजर हरकत में आए तो लड़की को कुछ ले-देकर मुंह बंद रखने के लिए राजी किया गया, वरना इस दफे गब्बर की गोली खा ही गए होते कालिया!
Posted on 26 January 2011 by admin
कांग्रेस में जितने भी वकील-सियासतदां है वे सभी कानून मंत्री की कुर्सी पर टकटकी लगाए हुए हैं, सो इस फेरबदल से पहले मीडिया में खूब उछाला गया कि मोइली की छुट्टी हो रही है और नए कानून मंत्री के तौर पर कपिल सिब्बल, अभिषेक मनु सिंघवी और सलमान खुर्शीद के नामों की चर्चा रही। फिर कैबिनेट विस्तार के ठीक एक दिन पहले खबर उड़ी कि अश्विनी कुमार को कानून राज्य मंत्री बनाया जा रहा है, पर मोइली की कुर्सी तमाम फेरबदलों के फेर से अछूती ही रही।
Posted on 26 January 2011 by admin
अपनी कार्यकारिणी से जुड़े एक प्रचारक के कारण संघ चिंता में है, उनके यह प्रचारक भले ही इन दिनों जहां मीडिया की सुर्खियां बटोर रहे हैं, पर संघ की असली चिंता अपने इस उग्रवादी प्रचारक के मुस्लिम कनेक्शन को लेकर है, इस कुंवारे प्रचारक महोदय के जम्मू की दो मुस्लिम महिलाओं से अंतरंग रिश्ते रहे हैं और किसी ने (शायद इन्हीं युवतियों ने) इन अंतरंग रिश्तों की सीडी बना ली है, सो संघ नेतृत्व भय खा रहा है कि अगर एक बार यह सीडी मीडिया में लीक हो गई तो संघ की शुचिता व नैतिकता की दुहाई का क्या होगा?
Posted on 17 January 2011 by admin
एक मुस्लिम प्रतिनिधिमंडल हालिया दिनों में सोनिया गांधी से मिला और उनसे अर्ज किया कि अल्पसंख्यक मंत्रालय में किसी खांटी मुसलमान को बिठाया जाए, (सलमान खुर्शीद की इतनी उदारवादी छवि ज्यादातर मुसलमानों को रास नहीं आती) इस प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मन की व्यथा का मैडम से कुछ यूं इजहार किया-‘मैडम हमने आपसे मांगा था मुसलमान, पर आपने ‘मु’ छीन लिया, हमें सलमान दे दिया।’
Posted on 17 January 2011 by admin
सहारा परिवार का बहुचर्चित ‘भारत पर्व’ पहली बार लखनऊ से दिल्ली चलकर आया था, 27 जनवरी से 30 जनवरी तक इसका भव्य आयोजन दिल्ली में होना था, पर गैर बैंकिंग कंपनी सहारा पर सेबी की तिरछी निगाहें कुछ यूं पड़ी कि यह पूरा आयोजन ही खटाई में पड़ गया। अब आयोजकों ने इसे दिल्ली के बजाए लंदन में करने का निर्णय लिया है, अब यह ‘भारत पर्व’ मई के माह में भव्यतापूर्ण तरीके से लंदन में मनाया जाएगा, जिसमें बॉलीवुड के शहंशाह शाहरूख समेत इंडस्ट्री के कई चोटी के सितारे भाग लेंगे। सियासी दलों के अनेक प्रमुख नेताओं की उपस्थिति भी सुनिश्चित करने की चेष्ठा हो रही है। सहारा वालों के लिए यह दोहरी खुशी का मौका होगा, मध्य लंदन के हाइड पार्क इलाके के पार्क लेन में सहारा ने एक शानदार होटल ‘ग्रोवर्नर हाउस’ खरीदा है, मई में ही उसका भी उद्धाटन होना है। यह होटल लंदन में शाहरूख के बंगले के बिल्कुल करीब है, चुनांचे दोनों ही एक-दूसरे को ठीक तरीके से देखभाल भी कर सकते हैं।
Posted on 17 January 2011 by admin
लगता है इस दफे मनमोहन-मंत्रिमंडल में फेरबदल होकर रहेगा, वरना यह अब तलक सिर्फ एक शिगूफा ही साबित होकर रह रहा था। विश्वस्त सूत्रों की माने तो मंत्रिमंडल से एस.एम.कृष्णा, सीपी जोशी, मुकुल वासनिक, बी.के.हांडिक की छुट्टी हो सकती है, दस जनपथ की चली तो आनंद शर्मा अगले विदेश मंत्री हो सकते हैं, जबकि मनमोहन सिंह यह मंत्रालय कपिल सिब्बल को देना चाहते हैं, कमलनाथ के खिलाफ प्रधानमंत्री के पास शिकायतों का अंबार लगा है, उनके खिलाफ सियासी गलियारों में बेखटके परचे व परचम बंट रहे हैं, चुनांचे उनका मंत्रालय बदला जा सकता है, ज्योतिरादित्य सिंधिया की पदोन्नति हो सकती है, उन्हें विदेश राज्य मंत्री बनाया जा सकता है, सलमान खुर्शीद को भी कोई महत्वपूर्ण मंत्रालय मिल सकता है, मनमोहन सिंह मंटोक सिंह को कैबिनेट दर्जे के साथ प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री बनाना चाहते हैं, गुलाम नबी आजाद को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिल सकती है उन्हें आंध्र का प्रभारी बनाया जा सकता है पर वे मंत्री पद छोड़ने को तैयार नहीं है, एस.एम.कृष्णा आंध्र के नए गवर्नर हो सकते हैं, कई कयास और भी लगाए जा रहे हैं पर देखते रहिए इंतजार कोई इतना लंबा भी नहीं है।