Posted on 16 August 2011 by admin
उल्फा के साथ सरकार की बातचीत में फच्चर फंस रहा है, उल्फा का हार्डलाइनर ग्रुप (परेश बरूआ)सरकार के समझौते के प्रारूप को मानने को तैयार नहीं हो रहा। सो, यह बातचीत टूट न जाए इसे बचाने के लिए सरकारी दूत अभी से सक्रिय हो गए हैं और वे समझौते के प्रारूप को और भी लचीला बनाने के लिए तैयार हो गए हैं। अरविंद राजखोवा तो मानने को तैयार हैं, पर बरूआ म्यांमार में बैठे-बैठे सरकार की नाक में दम कर रहे हैं।
Posted on 16 August 2011 by admin
एक निवर्तमान जज पर महाभियोग का सबसे बड़ा मामला संसद में आने वाला है। मामला सौमित्र सेन का है, इन पर आरोप है एक मामले में (जब ये वकील थे) बतौर लिक्विडेटर कोलकाता की एक प्रॉपर्टी का पैसा इनके निजी अकाऊंट में जमा हो गया था। इस मामले की जांच के लिए जो कमेटी गठित हुई थी उसने सेन को दोषी ठहराया है। अब महाभियोग का यह मामला 17-18 अगस्त को राज्यसभा में और 24-25 को लोकसभा में आने वाला है। संसद की रजामंदी के लिए इसे 2 तिहाई मतों से पास होना चाहिए, पर इस मामले में व्हिप जारी नहीं हो सकता। कानून मंत्रालय की ऐन वक्त भी यही कोशिश जारी है कि जस्टिस स्वयं अपना इस्तीफा पेश कर इस संकट से उबर जाएं।
Posted on 16 August 2011 by admin
उत्तर प्रदेश के डीजीपी करमवीर सिंह रिटायर होने वाले हैं, पर सिर्फ अपने पद से, महत्त्वाकांक्षाओं से नहीं। कभी उन्होंने माया मैडम के जूते साफ कर दिए थे तो क्या खूब हंगामा मचा था, अब तो वे कांग्रेस के लिए भी वह हर कुछ करने को तैयार हैं, सो सतीश मिश्रा के कहने पर स्वयं दिग्विजय सिंह उनकी पैरवी कर रहे हैं। करमवीर बहुत कर्मशील हैं चाहते हैं केंद्र सरकार अब उन्हें सेवा करने का मौका दे, या तो गृह मंत्रालय में उन्हें स्पेशल सेक्रेटरी बनाया जाए या फिर किसी राज्य का गवर्नर। पद हासिल करने का मंत्र उन्हें बखूबी मालूम है सो क्या पता…?
Posted on 07 August 2011 by admin
जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स)कमेटी के नए चैयरमैन बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को बनाया गया है, अब से पहले माकपा के असीम दास गुप्ता इसके अध्यक्ष थे, वे पश्चिम बंगाल कम्युनिस्ट सरकार में तब वहां के वित्त मंत्री भी थे। जब बंगाल में सत्ता पलट हुआ तो तृणमूल कांग्रेस को उम्मीद जगी थी कि चैयरमैन की यह कुर्सी तृणमूल के खाते में आएगी, पर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के मन में कुछ और ही चल रहा था। दरअसल, केंद्रनीत कांग्रेस राज्यों में जीएसटी की एकरूपता चाहती है, कांग्रेस का मानना है कि बिक्री कर की दर तमाम राज्यों में एक सी हो, गुजरात, मध्य प्रदेश जैसे भाजपानीत सरकारें इस बात का मुखर विरोध कर रही हैं, यहां तक कि स्वयं सुशील कुमार मोदी भी केंद्र सरकार की इस राय से इत्तफाक नहीं रखते, पर भाजपा ने सुशील मोदी को इस कमेटी का चैयरमैन बनने दिया, भाजपा चाहती है कि उनके मोदी जूनियर बतौर चैयरमैन केंद्र सरकार से अपना विरोध दर्ज कराएं।
Posted on 31 July 2011 by admin
सेवानिवृत्त जस्टिस मार्कण्डेय काटजू प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के नए चेयर पर्सन हो सकते हैं, हालांकि रेस में जस्टिस सिरपुदकेकर का नाम भी शामिल हैं।
Posted on 31 July 2011 by admin
लोकायुक्त जस्टिस हेगड़े की रिपोर्ट आने के बाद दो प्रमुख उद्योगपतियों गौतम अदानी व सान जिंदल की फाइल भी सीबीआई ने आगे बढ़ा दी है। इस पूरे मामले को जहां खनन मंत्रालय देखेगा, वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंशाओं को बखूबी भांपते सीबीआई प्रीलिमेनरी इंक्वायरी के लिए तैयार है।
Posted on 31 July 2011 by admin
कर्नाटक के गृह मंत्री बी.एस.आचार्य जो कभी येदुरप्पा के ‘यस मैन’ हुआ करते थे आज उनके खिलाफ हो गए हैं। एक समय था जब यह येदुरप्पा को बगावत के लिए उकसा रहे थे, उन्हें चाबी भर रहे थे, क्योंकि आचार्य का मानना था कि येदु गए तो उनका नंबर लग सकता है, पर येदु ने अपने उत्तराधिकारी के तौर पर शोभा व सदानंद का नाम लिया है, इत्तफाक से दोनों ही वोकालिंगा हैं। परसो शाम आचार्य के कंधे पर हाथ रखकर येदु ने कहा था-‘आचार्य अगर हम तुम्हें बनाते हैं तो लिंगायत व वोकालिंगा दोनों नाराज हो जाएंगे, जिनके वोटों का संयुक्त प्रतिशत 35 है। तुम ब्राह्मण ठहरे और ब्राह्मण वोट तो यहां 5 फीसदी से भी कम है।’ तब आचार्य ने जानना चाहा कि रामकृष्ण हेगड़े भी तो ब्राह्मण थे, तो येदु ने बताया कि तब लिंगायत के पास अपना कोई नेता नहीं था और वे हेगड़े को ही अपना नेता मानते थे। दरअसल येदुरप्पा की योजना है कि अवैध खनन के इस पूरे मामले में 3 महीने के अंदर वे कोर्ट से स्टे ले आए और फिर से मुख्यमंत्री पद पर काबिज हो जाएं। वे अपनी पूरी रणनीति इसी के इर्द-गिर्द बुन रहे हैं।
Posted on 31 July 2011 by admin
संसद के इस मानसून सत्र में कांग्रेस की एकमेव मंशा है कि संसद का काम-काज चले, क्योंकि पार्टी फूड सिक्यूरिटी बिल, लैंड रिफॉर्म बिल व कम्यूनल हारमनी बिल को लेकर गंभीर है। बैंकिंग, पेंशन व इंश्योरेंस सेक्टर में आर्थिक सुधारों की आंधी को यूपीए और रफ्तार देना चाहती है। डबल टेक्सेशन एडवोकेशन एक्ट को लेकर भी सरकार गंभीर है और इस बारे में एक कानून बनाना चाहती है जिससे अनिवासी भारतीयों को भी खुश किया जा सके। पर इन सबके लिए जरूरी है कि संसद सुचारू रूप से चले, इसीलिए जब शुक्रवार को संसदीय कार्य मंत्री पवन बंसल और उनके जूनियर राजीव शुक्ला लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज से मिलने उनके 8 सफदरजंग रोड स्थित निवास पर पहुंचे तो दोनों ही कांग्रेसी नेता उतने ही असहज लग रहे थे, पर सुषमा शांत थी, क्या यह तूफान से आने के पहले की शांति है?
Posted on 26 July 2011 by admin
एक राजा और रानी (कनिमोझी) को छोड़ दें तो 2जी मामले में तिहाड़ की हवा खा रहे हर शख्स की बस यही दिली तमन्ना है कि सीबीआई उसे अपना अप्रूवर बना ले। तिहाड़ की बंद दीवारें, उमस, गर्मी, कैद जिंदगी, बंधक सांसे, रोज-बरोज कोर्ट में हाजिरी का झंझट, बिजनेस लॉबी पर तो जैसे अप्रूवर बनने की ललक सवार है, पर सीबीआई बहुत पहले से ही ठोक-बजाकर अपना अप्रूवर चुनना चाहती थी। बिजनेस लॉबी पर उसे भरोसा नहीं था, सो सीबीआई की नजर टेलिकॉम अधिकारिायों पर टिकी थी, यानी चंदोलिया या बेहुरा, पर फिलवक्त तो यही लगता है कि इस खेल में बेहुरा ने बाजी मार ली है, वे सीबीआई वालों को ज्यादा रास आ रहे हैं।
Posted on 26 July 2011 by admin
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के पुत्र निखिल गडकरी की कंपनी पर आयकर के छापे सांकेतिक हैं, गडकरी ने लंदन जाने से पूर्व एक इंटरव्यू में कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी पर सीधा-सीधा हल्ला बोल दिया था, उस इंटरव्यू में बड़बोले गडकरी यहां तक कह बैठे थे कि काले धन मामले पर सरकार इसीलिए चुप बैठी है कि कांग्रेस के कई बड़े नेताओं का काला धन विदेशी बैंकों में जमा है, इसमें सोनिया गांधी भी शामिल हैं। सो गडकरी की मुंहजुबानी पर यह कांग्रेस की बदगुमानी है।