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…और अंत में

Posted on 11 December 2011 by admin

वॉलमार्ट ने पिछले तीन वर्षों में भारत में लॉबिंग के नाम पर 69 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। अब यह जानना दिलचस्प रहेगा कि भारत में इस रकम के लाभार्थियों की सूची क्या है? (एनटीआई)

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उत्तराखंड में किसी को बहुमत नहीं

Posted on 11 December 2011 by admin

कांग्रेस ने उत्तराखंड में एक ताजा जनमत सर्वेक्षण करवाया है इसके नतीजे चौंकाने वाले हैं। नतीजे कहते हैं कि इस दफे उत्तराखंड में ‘हंग असेंबली’ हो सकती है। यह सर्वे कांग्रेस को मौजूदा 20 सीटों की जगह 28-30 सीटें दे रहा है। वर्तमान में भाजपा के 35 विधायक हैं। कांग्रेसी सर्वे भाजपा की सीटें घटने का दावा कर रहा है। सर्वे कहता है कि ताजा चुनाव में भाजपा की सीटें घटकर 20-24 रह सकती हैं। सर्वे बसपा की सीटें घटने का दावा कर रहा है। सर्वे के मुताबिक बसपा सिमटकर 4 सीटों पर रह सकती है। 3 सीटों वाला उत्तराखंड क्रांति दल अपना खाता खोलने में भी नाकाम रह सकता है। वहीं नवगठित भूतपूर्व सैनिकों का मोर्चा उत्तराखंड रक्षा मोर्चा 2-3 सीटें जीत सकता है। पवार की एनसीपी बड़े पैमाने पर कांग्रेस असंतुष्टों को टिकट दे रही है। सर्वे कहता है कि एनसीपी का भी उत्तराखंड में खाता खुल सकता है और वह 2 सीट जीत सकती है।

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कांग्रेसी ललकार के मायने

Posted on 04 December 2011 by admin

सियासत की कबड्डी खेलने में कांग्रेस का भी जवाब नहीं। कांग्रेस सरेआम भाजपा को ललकार रही है कि ‘हिम्मत है तो सदन में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आओ’, वैसे भी सदन में अविश्वास प्रस्ताव लाने का पहला हक प्रमुख विपक्षी दल का ही होता है, पर भाजपा सिर्फ इसीलिए हिम्मत नहीं जुटा पा रही कि उसे मालूम है कि अगर वह सदन में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आती है तो उसे सपा, बसपा और वामपंथी दलों का समर्थन व वोट नहीं मिल पाएगा, चूंकि यूपी में विधानसभा चुनाव सिर पर हैं सो ये दल कांग्रेस को यूपी के मतदाताओं से यह कहने का मौका नहीं देना चाहते कि भाजपा के साथ सपा, बसपा और वामपंथियों की सांठ-गांठ है।

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संपादक के बेटे को ‘बर्थ डे’ गिफ्ट

Posted on 27 November 2011 by admin

देश के एक तेज-तर्रार अंग्रेजी दैनिक के संपादक वर् कत्तार्-धत्ता ने हालिया दिनों में लंदन के एक सबसे महंगे इलाके पार्क लेन में एक आलीशान अपार्टमेंट खरीदा है। समझा जाता है कि दूसरों की पोल खोलने में माहिर इस संपादक महोदय ने यह महंगा अपार्टमेंट लंदन में रह रहे अपने बेटे को ‘बर्थ डे’ के उपहार के तौर पर दिया है। सुना तो यह भी जा रहा है कि इस अपार्टमेंट की पेमेंट देश के एक शीर्ष औद्योगिक घराने के सौजन्य से हुई है।

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जूनियर नानावटी की चांदी

Posted on 27 November 2011 by admin

2002 गुजरात दंगों की जांच कर रहे जस्टिस नानावटी के बेटे मौलिक नानावटी की तो बस चांदी ही चांदी है। गुजरात सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपीयर होने के लिए उन्हें 2 लाख रुपए रोज के मिलते हैं, सप्ताह में कम से कम दो दिन तो सुनवाई होती ही है। सो, महीने के इनके करीब 15-20 लाख रुपए बन ही जाते हैं। और यह सिलसिला कई सालों से चल रहा है। यानी एक जूनियर वकील को गुजरात सरकार कोई पौने दो करोड़ रुपए सालाना दे रही है। मगर क्यों यह भी कोई पूछने की बात है?

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भारत को कैसे मिले 792 नाम?

Posted on 27 November 2011 by admin

ताजा मामला एचएसबीसी बैंक जिनेवा का बताया जा रहा है। इस बैंक से खाताधारियों की जो सवबसे ताजा लिस्ट की चोरी हुई उसमें 50 हजार खाताधारियों के नाम शामिल हैं। यह लिस्ट चोरी होकर सबसे पहले इजराइल पहुंची जहां इजराइल सरकार ने इसमें से यहुदियों के नाम निकाल लिए और इस लिस्ट को खरीदने से मना कर दिया। लिस्ट लाने वाले संबंधित व्यक्ति को धमकाया भी गया कि अगर उसने ज्यादा चूं-चपड़ की तो उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है। वह व्यक्ति वहां से भागकर फ्रांस पहुंचा, जहां फ्रांसीसी सरकार से उसकी बात बन गई। हालांकि इस लिस्ट में न ही किसी व्यक्ति का नाम है और न ही इसमें खाताधारियों का कोई अता-पता वर्णित है, इसमें सिर्फ खाताधारियों के पासपोर्ट नंबर का जिक्र है। फ्रांसीसी सरकार ने जब इस लिस्ट को खंगाला तो पासपोर्ट नंबर के आधार पर 792 भारतीयों के नाम सामने आए, इन नामों की लिस्ट फ्रेंच सरकार ने भारत को सौंप दी, जो कि विदेशों में जमा काले धन का अब तक का सबसे बड़ा खुलासा था।

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पुनर्वास पैकेज

Posted on 19 November 2011 by admin

भारतीय उद्योग जगत की समस्याओं को लेकर प्रणब दा किंचित गंभीर जान पड़ते हैं। उन्होंने उद्योग जगत के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल को अभी हाल ही में सुझाव दिया है कि उद्योग जगत सरकार के साथ-साथ विपक्षी पार्टियों को भी भरोसे में लें। प्रणब दा की योजना फिक्की और सीआईआई के सदस्यों की एक बैठक बुलाने की है जिसमें सरकार व विपक्षी दलों के नेता भी शामिल होंगे। सरकार व विपक्ष दोनों मिलकर उद्योग जगत की समस्याओं को सुनेंगे तब कहीं जाकर सरकार संकट में फंसे उद्योग घरानों के लिए एक पुनर्वास पैकेज का ऐलान कर सकती है।

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मुश्किल में अंबानी

Posted on 19 November 2011 by admin

मुकेश अंबानी को केजी बेसिन मामले में पीएसी तलब कर सकती है। उन्हें जवाब देने के लिए पार्लियामेंटरी एकाऊंट कमेटी सम्मन भी कर सकती है। अगर पीएसी ने अपना निर्णय दे दिया तो मामला बहस के लिए सदन में आ सकता है। कोई भी राजनैतिक दल उन्हें बख्शने के मूड में नहीं है। हां, वित्त मंत्रालय जरूर उनके पक्ष में है पर कमेटी के बाकी मेंबर भी उनसे खार खाए लगते हैं।

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अजीत की जीत

Posted on 19 November 2011 by admin

अजीत सिंह लगभग 40 सीटों पर मान गए हैं। गुरूवार को उनकी दिग्विजय सिंह के साथ एक अहम बैठक हुई। समझा जाता है कि दिग्गी राजा ने उन्हें केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने का प्रस्ताव दिया है। अजीत को पहले जल संसाधन मंत्रालय ऑफर किया गया था जिसे अजीत ने मना कर दिया। अब प्रस्ताव दो-तीन मंत्रालयों के इर्द-गिर्द भटक रहा है।मसलन, नागरिक उड्डययन, कॉमर्स में से इंडस्ट्री को अलग किया जा सकता है, कृषि में से खाद एवं र्आपूत्ति को अलग किया जा सकता है, अब निर्णय तो अजीत को ही करना है।

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2जी पर किसकी मर्जी

Posted on 13 November 2011 by admin

कई बड़ी टेलिकॉम कंपनियां 2जी के बोझ से दबी है। अकेले वीडियोकॉन का मामला लें तो समझा जाता है कि इसको लेकर कंपनी कोई 700 करोड़ रुपयों के बोझ में दब गई है। कंपनी को नहीं मालूम कि जो लाइसेंस मिला है उसका हश्र क्या होगा? वह रहेगा या जाएगा? हर जगह टॉवर लग गए हैं, और उसके किराए चालू हैं, पर आमद पर संशय बरकरार है।

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