Posted on 13 September 2011 by admin
आनंद शर्मा से विदेश मंत्रालय नाराज है, और नाराज हैं इसके मुखिया एस.एम.कृष्णा। मंत्री व मंत्रालय की शिकायत है कि शर्मा यदा-कदा उनके दायरे में हस्तक्षेप करते हैं। पर यह तो शर्मा की पुरानी आदतों में शुमार है कि वे कई वर्षों से भारत की विदेश नीति, पड़ोसी राष्ट्रों की गतिविधियां व महत्त्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मसलों पर छोटे-छोटे नोट्स बनाकर सोनिया गांधी को भेजा करते हैं, उनका यह उपक्रम तब भी जारी था जब सोनिया अपने इलाज के सिलसिले में अमरीका में थीं। सोनिया भले ही अभी उनके नोट्स नहीं पढ़ पाई हों, कृष्णा ने उनके इरादों को जरूर पढ़ लिया है कि आनंद की नजर विदेश मंत्रालय की कुर्सी हथियाने पर है। शर्मा का ससुराल पक्ष अफ्रीका का एक एनआरआई परिवार है, उनकी पत्नी भी लंदन में रहती हैं, सो शर्मा का भी ज्यादातर वक्त लंदन में गुजरता है, उन्हें जब भी फुर्सत मिलती फुर्र से लंदन उड़ जाते हैं, प्रधानमंत्री उनकी इन आदतों से नाखुश बताए जा रहे हैं, पर शर्मा को दस जनपथ पर पूरा भरोसा है।
Posted on 28 August 2011 by admin
पार्टी लाइन से दीगर (जब तक भाजपा अन्ना को समर्थन देने के मुद्दे पर असमंजस में थी) वरुण गांधी ने जिस प्रकार अन्ना हजारे आंदोलन को बढ़-चढ़कर समर्थन दिया, इससे उनके युवा समर्थकों की तादाद में खासी वृध्दि हुई है। दरअसल श्री-श्री रविशंकर ने वरुण की बात अन्ना से करवाई थी और अन्ना ने ही इस भगवा गांधी से रामलीला मैदान आने का आग्रह किया था, पर साथ ही यह भी साफ कर दिया था कि वे वरुण को अपने मंच पर नहीं बुला पाएंगे, क्योंकि उनके पूर्व में लिए संकल्प के मुताबिक उनका मंच राजनेताओं के लिए निषिध्द है, पर वक्त की नब्ज भांपने में माहिर युवा गांधी समझ गए थे कि अगर वे अनशन स्थल पर जाकर जनता के बीच भी बैठते हैं तो भी उन्हें वाह-वाही तो उतनी ही मिलेगी। सो अपने चचेरे भाई राहुल से दीगर वरुण का यह स्टैंड उन्हें एक नई सियासी जमीन मुहैया करा गया।
Posted on 21 August 2011 by admin
मनीष तिवारी के बाद क्या अब संजय निरूपम व राशिद अल्वी की बारी है? ये दोनों भी जोश-जोश में कुछ ज्यादा बोल जाते हैं। इनकी अंग्रेजी भी माशा अल्ला है! सो, जब संजय निरूपम एक अंग्रेजी चैनल में बेसाख्ता कह बैठे-‘अन्ना वॉज ए हीरो, अन्ना इज ए हीरो’ तो एंकर ने झटपट से पूछ लिया कि क्या यह अण्णा के बारे में कांग्रेस की यह आधिकारिक राय है तो वे बगले झांकते दिखे।
Posted on 16 August 2011 by admin
एक टीवी चैनल के ताजा जनमत सर्वेक्षण नतीजे आने के बाद भाजपा के हौंसले बम-बम हैं, इस सर्वेक्षण नतीजों में दिल्ली समेत तमाम हिंदी भाषी राज्यों में कांग्रेस के ऊपर भाजपा की बढ़त बताई गई है। पर पंजाब में कमल कुम्हला सकता है, इसे देखते हुए अमृतसर से भगवा सांसद नवजोत सिंह सिध्दू ने तय किया है कि वे इस दफे का लोकसभा चुनाव वेस्ट दिल्ली से लड़ेंगे, वहीं पार्टी के और देदीप्यमान नक्षत्र अरुण जेटली इस दफे नई दिल्ली संसदीय क्षेत्र से अपना भाग्य आजमा सकते हैं।
Posted on 07 August 2011 by admin
यूपीए-1 के शासनकाल में जब सुषमा स्वराज गृह मंत्रालय की स्थायी समिति की अध्यक्षा थीं और अडवानी कमेटी के मेंबर तो सुषमा अडवानी को सम्मान देने के लिए उनके निवास पर जाकर ही रिपोर्ट सौंप आतीं हैं-मीटिंग का ब्रीफ भी उन्हें कर देती थीं, कभी सुषमा ने इसके किसी मीटिंग में अडवानी को बुलाने की जरूरत नहीं समझी। लेकिन यूपीए-2 में जैसे ही वेंकैया नायडू इस कमेटी के चैयरमैन हुए वे स्टैंडिंग कमेटी की हर मीटिंग में अडवानी को बुलाने लगे, यहां तक कि जब स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैदराबाद की पुलिस अकादमी गए तो वेंकैया वहां भी अडवानी को लेकर गए। जहां अपने उप प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल में अडवानी ने कई प्रोजेक्ट्स के शिलान्यास किए थे, वहां के लोग चौंके-‘अडवानी जी आप एक साधारण मेंबर की हैसियत से यहां?’ अडवानी ने कहा-‘मैं कोई इगो नहीं पालता,मैं लोकतंत्र का सम्मान करता हूं, इसीलिए यहां आया हूं।’ दरअसल अडवानी इस उम्र में भी अपनी शारीरिक सक्रियता को दर्शाना चाहते हैं, जैसे पार्टी व संघ में अपने विरोधियों को ललकार कर कहना चाहते हों-‘बुङ्ढा होगा तेरा बाप!’
Posted on 05 August 2011 by admin
नेपाली संसद में भी मुन्नी बदनाम हो गई। नेपाली कांग्रेस के सांसद मीनेंद्र रिजल जो कि भूतपूर्व संस्कृति मंत्री भी हैं, जनाब हिंदी फिल्मों के खासे दीवाने हैं, सो गुरुवार को जैसे ही संसद शुरू हुई रिजल ‘मुन्नी बदनाम…’ गाते-गाते प्रधानमंत्री झाला नाथ खनल के सामने आ गए और उनसे लगे इस्तीफा मांगने, रिजल ने जहां प्रधानमंत्री को मुन्नी बताया, वहीं पूर्व माओवादी चीफ पुष्प कमल दहल प्रचंड को उनकी डार्लिंग बता गए। सनद रहे कि खनल माओवादियों के समर्थन से ही पीएम की कुर्सी तक पहुंचे हैं, और माओवादी अपने 24 लोगों को मंत्री बनाने के लिए पीएम पर दबाव बना रहे हैं, ऐसे में नेपाली कांग्रेस चाहती नहीं कि मंत्रिमंडल फेरबदल हो, सो वहां भी पिछले 1 महीने से संसद की कार्यवाही बाधित है।
Posted on 26 July 2011 by admin
पल्स पोलियो की ‘एक बूंद जिंदगी’ अल कायदा के दुर्दांत सरगना लादेन के लिए मौत की आखिरी बूंद साबित हुई, एक ब्रिटिश अखबार में इस बात का हालिया खुलासा हुआ है। सीआईए को भनक भर थी कि अल कायदा का कोई ‘बड़ा’ एबटाबाद इलाके में रहता है, पर कौन? नहीं पता। पाक-अफगानिस्तान बॉर्डर स्थित खैबर पास इलाके के एक नामचीन डॉक्टर शकील अफरीदी को अमरीकी एजेंसियों ने मोटा फंड मुहैया कराया, डॉक्टर अपनी नर्सों की टीम लेकर वहां पहुंच गया, पहले फोन से पल्स-पोलियो अभियान चला, कोई सुराग नहीं मिला। डॉक्टर की नसर्ें घर-घर जाने लगीं, अब बहाना हेपिटाइटिस-बी अभियान का था, लादेन का सबसे विश्वासी अंगरक्षक कुरियर वाला निशाने पर आ गया, लादेन उस मकान के ऊपरी फ्लोर पर रहता था, कुरियर वाला अपनी बीबी-बच्चों के साथ ग्राउंड फ्लोर पर। कुरियर वाला अपनी बीबी व बच्चों के साथ डॉक्टर के मेडिकल केंद्र तक आ गया, डॉक्टर की नसर्ें सुई लगाने के बहाने कुरियर वाले के ठिकाने तक पहुंच गई, वहां उसे लादेन तो नहीं दिखा, पर महंगी एसयूवी गाड़ियां दिख गईं, सुरक्षा के चाक-चौबंद प्रबंध दिख गए और ऑपरेशन लादेन को बस हरी झंडी मिल गई।
Posted on 18 July 2011 by admin
सलमान खुर्शीद को काजल की कोठरी से बाहर आने की कला मालूम है, सो उनके कानून मंत्री बनने से कई कॉरपोरेट घराने बेतरह खुश हैं, जैसे अनिल अंबानी की एडीजे। प्रकारांतर में जब सलमान कंपनी मामलों के मंत्री थे तो उन्होंने 2जी मामले में अनिल की कंपनी को क्लीनचिट दे दी थी। अब अनिल को भरोसा है कि सलमान उन्हें कई कानूनी पचड़ों से त्राण दिलवाएंगे।
Posted on 03 July 2011 by admin
एक प्राइवेट एयरलाइंस इंडिगो का अभ्युदय किसी चमत्कार से कम नहीं, यह कंपनी ना सिर्फ 700 करोड़ के मुनाफे में चल रही है अपितु हालिया दिनों में इसने 180 विमानों के खरीद का बड़ा ऑर्डर भी दिया है। जहां एक ओर किंगफिशर जैसी कंपनियों पर एयरपोर्ट अथॉरिटी का करोड़ों बकाया है, वहीं इंडिगो एयरपोर्ट अथॉरिटी को एडवांस में पैसे देकर 30 फीसदी की छूट भी पा रही है। यहां तक कि इसने इंडियन ऑयल को विमान के ईंधन के लिए एक साल का एडवांस पैसा दे रखा है नतीजन इसे ईंधन पर भी भारी छूट मिल रही है। यह कंपनी 2006 में एक ट्रेवल एजेंट राहुल भाटिया ने शुरू की थी, जो पहले इंटर ग्लोब इंटर प्राइजेज के नाम से अपनी ट्रेवल एजेंसी चलाते थे। भाटिया ऊंची राजनैतिक रसूखों वाले व्यक्ति हैं माना जाता है कि उन्हें मनमोहन मंत्रिमंडल के दो शक्तिशाली कैबिनेट मंत्रियों का आशीर्वाद प्राप्त है, शायद इसीलिए उनकी कंपनी इस कदर ‘कैश रिच’ है। कहते हैं अभी इंडिगो को अपनी दुबई की फ्लाइट संचालित करने की अनुमति मिल गई है, और यह अनुमति कथित तौर पर गृह मंत्रालय ने कई नियमों को ताक पर रख कर दी है। गृह मंत्रालय की गाइडलाइन के मुताबिक जिस किसी विदेशी धरती पर प्राइवेट एयरलाइंस अपने उड़ानों को संचालित करती है, वहां कंपनी का अपना सिक्यूरिटी स्टॉफ होना चाहिए, जबकि दुबई के मामले में इंडिगो ने सुरक्षा का जिम्मा किसी प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी के हवाले कर दिया है।
Posted on 23 May 2011 by admin
कैबिनेट सचिव के.एम.चंद्रशेखर का कार्यकाल 13 जून को समाप्त हो रहा है, बहुत मुमकिन है कि उन्हें 6 महीनों का सेवा विस्तार मिल जाए, पर कैबिनेट सचिव बनने की रेस में कई हैवीवेटों की कंधों से कंधों की जंग है। सबसे आगे पुलक चटर्जी दिख रहे हैं, वे लाख मना करें पर संभावनाएं सबसे ज्यादा उनकी ही प्रबल है। पुलक सोनिया गांधी के निजी सचिव रह चुके हैं, राजीव गांधी प्रतिष्ठान की भी शोभा बढ़ा चुके हैं। 1974 बैच के आइएएस और बिहार के मुख्य सचिव अनूप मुखर्जी का भी दावा मजबूत है, यूपी कैडर के अजीत कुमार सेठ भी रेस में हैं। शिपिंग मंत्रालय में कार्यरत केरल का प्रतिनिधित्व करने वाले के.मोहनदास को मलयाली लॉबी का समर्थन प्राप्त है। मध्य प्रदेश कैडर की अलका सिरोही की महत्त्वाकांक्षाएं भी जोर मार रही हैं।