Posted on 08 June 2010 by admin
मेडिकल काऊंसिल के गोरख धंधे के खेल में भले ही केतन पारिख सरीखे नमूनों को दबोच लिया गया हो, पर खुला खेल फरुर्काबादी पर इससे लगाम नहीं लगने वाली, क्या आपको मालूम है कि पारिख को मंत्री गुलाम नबी से मिलवाया किसने था? एक राव साहब हैं जो पहले शहरी विकास मंत्रालय में गुलाम नबी के पीएस हुआ करते थे, और ये साहब एनडीए शासनकाल में डायरेक्टर, हेल्थ एजुकेशन इन मेडिकल सक्र्सिेस थे, जब गुलाब नबी आजाद को यूपीए 2 में हेल्थ का महकमा मिला तो ये फिर से गुलाम नबी के साथ हो लिए। सबको मालूम है कि केतन पारिख को दस जनपथ के एक सबसे करीबी नेता का समर्थन कैसे हासिल था और कांग्रेस ने अपने इसी क्षत्रप की मदद से पारिख का इस्तेमाल तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदौस के खिलाफ किया था, और इन्हीं क्षत्रप ने पहली बार गुलाम नबी का परिचय इन्हीं वरिष्ठ नौकरशाह के हवाले से केतन पारिख से करवाया था। यानी खेल अब भी जारी है, अपने तनिक बदले फॉर्म में।
Posted on 28 May 2010 by admin
जब प्रणब मुखर्जी प्रधानमंत्री से मिलने पहुंचे तो डा. सिंह ने उन्हें आगाह किया कि वे चिदंबरम को समझाए कि मीडिया में ज्यादा बोलने से या जाने से समस्याएं और बढ़ती है। इस पर प्रणब दा ने दो टूक जवाब दिया-आप बोलो तो अच्छा, प्रधानमंत्री भी तो आप ही हो।
Posted on 28 May 2010 by admin
विपक्षी पार्टियों का वहीं आरोप है कि कांग्रेस और नक्सलियों में कोई गुपचुप सांठ-गांठ है, नहीं तो क्या कारण है कि सिर्फ गैर कांग्रेसी राज्यों में ही नक्सलवाद का सबसे भीषण प्रकोप है। चाहे छत्तीसगढ़ हो बिहार या झारखंड। जब तक आंध्र में नायडू की सरकार थी नक्सलियों ने सबकी नाक में दम किया हुआ था, जैसे ही प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी अपेक्षाकृत नक्सलियों के तेवर कुछ नर्म पड़ गए।
Posted on 26 May 2010 by admin
बीसीसीआई और आईपीएल के बर्खास्त कमिश्नर ललित मोदी के बीच सवाल-जवाब का दौर जारी है, अपने ऊपर लगे आरोपों का जवाब आराम-आराम से दे रहे हैं-मोदी, कभी एक कागज भेजते हैं तो कभी दूसरा। वक्त खींचता जा रहा है पर मसला सुलट नहीं रहा। दरअसल मोदी के एक सबसे करीबी ज्योतिषी ने उन्हें सलाह दी है कि जुलाई तक मोदी के ग्रह-नक्षत्र ठीक नहीं, जुलाई के बाद उनका अच्छा समय आने वाला है सो मोदी जुलाई तक रफ्ता-रफ्ता यूं ही वक्त काटना चाहते हैं।
Posted on 19 May 2010 by admin
गडकरी जी चिंतित है, बेहद चिंतित है इन दिनों कि आखिर कैसे अपने सियासी वजन को बढ़ाने के साथ-साथ शरीर के वजन को कम किया जाए, सो अब अपने ही खास अंदाज में वे डायटिंग कर रहे हैं, बहुत मुश्किल से उन्हाेंने अपना 4 किलो वजन कम कर लिया है अब वे मात्र 123 किलो के हैं। अगर यह वजन आपको फिर भी ज्यादा लगता है तो फिर लगे अपनी बला से!
Posted on 19 May 2010 by admin
गुजरात के दुर्दांत अपराधी सोहराबुद्दीन और उसकी बीवी कौसरबी के एनकाऊंटर का एक मात्र गवाह तुलसी प्रजापति राजस्थान की जेल में बंद था, उसे राजकोट पुलिस ने रिमांड पर लिया और अचानक से एक दिन उसका एनकाऊंटर हो गया। राजकोट पुलिस का तर्क था कि प्रजापति पुलिस रिमांड से भागने की कोशिश कर रहा था, इसीलिए उसका एनकाऊंटर करना पड़ा, हकीकत चाहे जो भी रही हो, पर इसी क्रम में प्रजापति को मौत के घाट उतारने वाले राजकोट पुलिस के दोनों आईपीएस अधिकारी चुडासमां और विपुल अग्रवाल की गिरफ्तारी हुई। सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के पास इस बात के पुख्ता प्रमाण हैं कि उपरोक्त दोनों पुलिस अधिकारियों की अपने प्रांत के गृह मंत्री अमित शाह से उस घटना की रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक लगातार फोन पर बातें हुई और इसी आधार पर शक की सुई शाह की ओर घूमती है, शाह की गिरफ्तारी भी इसी कनेक्शन में संभव है।
Posted on 07 May 2010 by admin
अमर सिंह आखिरकार इन दिनों क्या कर रहे हैं? वे हाउस तो बहुत कम अटेंड करते हैं पर ऊपरी सदन की उपस्थिति पंजिका में उनके दस्तखत अवश्य रहते हैं, क्या माना जाए कि वे महज हाजिरी लगाकर सदन से वापिस लौट जाते हैं-मगर क्यों?
Posted on 16 March 2010 by admin
हमारे देश में आजादी के बाद से ही यह परंपरा चली आ रही है कि हमारी खुफिया एजेंसियां एक देशव्यापी जांच के आधार पर अवांछित व्यक्तियों की एक लिस्ट जारी करती हैं और इस लिस्ट को तमाम सरकारी महकमों में भेज दिया जाता है कि सरकारी दफ्तर व सरकारी अधिकारी अपने को इन व्यक्तियों से दूर रखें और इनसे किसी भी प्रकार का मेल जोल न बढाएं। पहले इस लिस्ट में वांछित व्यक्तियों की संख्या डेढ़ दर्जन तक होती थी, पर सीबीआई ने वांछित व्यक्तियों की इस वर्ष जो लिस्ट जारी की है उसमें यह संख्या 100 तक जा पहुंची है और नाम भी ऐसे कि आप सहज यकीन न कर पाएं।
Posted on 16 March 2010 by admin
नंदिनी सत्पथी के पुत्र और बीजू जनता दल सांसद तथागत सत्पथी ने पिछले दिनों दिल्ली के अपने सरकारी निवास पर एक डिनर दिया। उनके इस डिनर में कांग्रेस की पूरी राहुल बिग्रेड मौजूद थी जितिन प्रसाद से लेकर सचिन पायलट तक। शरद पवार पुत्री सुप्रिया सूले भी उस डिनर में मौजूद थीं। पर समझा जाता है कि कांग्रेसी रणनीतिकार शनै:शनै: बीजद से दोस्ती की नई इबारत लिखने की कोशिश में जुटे हैं, महिला आरक्षण बिल पर अपने कई गठबंधन साथियों के बदले तेवरों से हैरान कांग्रेस को अब अपने लिए कुछ नए गठबंधन साथियों की तलाश है, ऐसे वक्त में अगर कांग्रेस बीजद को ममता के तृणमूल के विकल्प के तौर पर देख रही हो तो इस नए सियासी पेंचोखम में अपने ही मतलब हैं।
Posted on 16 March 2010 by admin
एक छैल छबीले केंद्रीय मंत्री जिनकी पत्नी ज्यादातर समय विदेश में रहती हैं, आए दिन वे अपनी नई-नई महिला मित्रों की वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं। इन दिनों सियासी हल्कों में उनकी एक डांसर महिला मित्र के खूब चर्चे हैं, आंध्र मूल की तमिलनाडु में पली-बढ़ी इस आकर्षक नैन-नक्श वाली नृत्यांगना को मंत्री जी के हाथों में हाथ डाले कई सार्वजनिक समारोहों में देखा जा रहा है, पर इससे मंत्री जी की सेहत को कोई फर्क नहीं पड़ रहा, अब तो वे अपनी आंखें मूंद लें जिनसे यह सब देखा नहीं जा रहा है।