शिवराज वी.पाटिल का लोकायुक्त पद से इस्तीफा हैरत पैदा करने वाला है, उनकी छवि व ख्याति एक बेहद ईमानदार जज की रही है, तो इस्तीफा उन्होंने नाराजगी में दिया है या उन्हें कुछ बड़ा मिलने वाला है?
Posted on 26 September 2011 by admin
शिवराज वी.पाटिल का लोकायुक्त पद से इस्तीफा हैरत पैदा करने वाला है, उनकी छवि व ख्याति एक बेहद ईमानदार जज की रही है, तो इस्तीफा उन्होंने नाराजगी में दिया है या उन्हें कुछ बड़ा मिलने वाला है?
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Posted on 26 September 2011 by admin
…चाहे जिसने भी की हो, साजिश तो हुई है, सूरज के चेहरे से रिसता लहू आसमां के आंचल को भिगोता…जाने कब उतर आया है किस-किस के कांधों पर…। जब से सुप्रीम कोर्ट ने बदनाम खनन माफिया रेड्डी बंधुओं पर जांच का दायरा बढ़ाने के आदेश दिए हैं वे सभी लोग सकते में हैं जिनका रेड्डी बंधुओं से लेन-देन का कारोबार रहा है। भाजपा के कई बड़े नेता, एक पूर्व मुख्यमंत्री, समेत कई भाजपा विधायक भी जांच की आंच में घिर सकते हैं, क्योंकि जो पैसा आया और जो गया वह बड़े विस्तार से रेड्डी बंधुओं की डायरी में दर्ज है।
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Posted on 26 September 2011 by admin
कौन बनेगा देश का अगला राष्ट्रपति? इस रेस में कई और नाम जुड़े हैं, लेफ्ट की तरफ से हामिद अंसारी, कांग्रेस की तरफ से मीरा कुमार, ए.के.एंटोनी व प्रणब मुखर्जी, वहीं भाजपा पुन: ए.पी.जे.अब्दुल कलाम के नाम पर विचार कर रही है। यूं तो स्वयं सोनिया गांधी प्रणब दा को एक बड़ी संवैधानिक जिम्मेदारी सौंपना चाहती हैं, पूर्व में भी उन्हें डिप्टी पीएम बनाने पर विचार हुआ था, तब इस पर चिदंबरम ने अपने इस्तीफे की धमकी दे दी थी, स्वयं प्रधानमंत्री भी दस जनपथ के इस फैसले से सहमत नहीं थे। पर प्रणब दा के बगावती तेवरों को देखते हुए कांग्रेस के लिए इस दफे यह मामला टालना इतना आसान नहीं होगा, इस मसले पर पीएम भी कुछ झुकते नजर आ रहे हैं, इसीलिए उन्होंने जरूरी बातचीत के लिए शुक्रवार को प्रणब को वाशिंगटन से न्यूयॉर्क बुलवा लिया।
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Posted on 26 September 2011 by admin
मुकेश अंबानी पर यूपीए सरकार का बदला हुआ रुख कहीं प्रणब दा की वजह से तो नहीं? सब जानते हैं कि प्रणब मुकेश के कितने करीबी हैं, चुनांचे केजी बेसिन और इसके प्रकरांतर प्रकारणों में कई सियासी पेंच उलझे हैं। अब तो गृह मंत्रालय ने भी ठान लिया है कि केजी बेसिन मामले की बकायदा सीबीआई जांच करवाई जाएगी।
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Posted on 26 September 2011 by admin
चिदंबरम और प्रणब दा के बीच तो जंग का ऐलान तब ही हो चुका था जब बतौर गृह मंत्री पीसी ने कथित तौर पर प्रणब के बेटे का डॉसियर बनवा लिया था कि एक बड़े कॉरपोरेट हाउस के लिए वे किस प्रकार की ‘लाइजनिंग’ करते हैं। इससे नाराज प्रणब दा ने अपने मंत्रालय के अधीनस्थ आने वाले ईडी से कहकर चिदंबरम पुत्र कार्तिक का पूरा काला चिट्ठा तैयार करवा लिया था और शेयर घोटालों की पूरी इबारत लिखवा ली थी। दरअसल, चिदंबरम की नजरें पीएम की कुर्सी पर हैं और वे जानते हैं कि उनकी राह में प्रणब ही सबसे बड़ी बाधा हैं, इसी बाधामुक्ति यक्ष की परिणति थी ‘बगिंग’ की कहानी जो अब सार्वजनिक हो चुकी है, सार्वजनिक तो प्रणब की चिट्ठी भी हो चुकी है।
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Posted on 26 September 2011 by admin
विकीलिक्स के रोजबरोज खुलासे भारत स्थित अमरीकी दूतावास के लिए परेशानियों का सबब बन गए हैं, अमरीकी अधिकारियों को राजनैतिक सूचनाओं का टोटा पड़ गया है, खास राजनैतिक जानकारियों के लिए उन्हें दूसरे-तीसरे सोर्स पर निर्भर करना पड़ रहा है। अमरीकी अधिकारी जब भी किसी बड़े नेता से मिलने का टाइम मांग रहे हैं, नेताजी उनसे मिलने से भी कतरा रहे हैं। व्यस्तताओं का बहाना बनाकर मिलने का समय नहीं दे रहे। अगर किसी पार्टी या समारोह में नेताजी किसी अमरीकी अधिकारी से टकरा भी जाते हैं तो मात्र अभिवादन कर आगे बढ़ जाते हैं सो राजनैतिक जानकारियों के मामले में पिछड़ता ही जा रहा है अमरीका!
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Posted on 26 September 2011 by admin
विकीलिक्स में माया मेम साहब के बारे में कई दिलचस्प खुलासों के बाद मायावती ने खम्म ठोंककर ऐलान किया था कि वह सतीश मिश्रा और शशांक शेखर को पहले से कहीं बड़ी जिम्मेदारियां सौंपेगीं। पर हुआ इसका उल्टा, सीएम कार्यालय के पंचम तल पर माया के ठीक बगल के कमरे में उनके एडवाइजर सतीश मिश्रा बैठा करते थे, आनन-फानन में मिश्रा से यह कमरा खाली करवा लिया गया है। और अब मिश्रा अपना ज्यादातर वक्त दिल्ली में गुजार रहे हैं, उन्हें अक्सरां अपने औरंगजेब रोड स्थित निवास में देखा जा सकता है, जहां कभी नवीन पटनायक रहा करते थे।
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Posted on 18 September 2011 by admin
भाजपा को जहां हरियाणा में कुलदीप विश्नोई के तौर पर एक नया सियासी साथी मिला है, पंजाब में उसके पुराने मित्र अकाली रंग बदल रहे हैं, दरअसल प्रकाश सिंह बादल पूरी कोशिश कर रहे हैं कि इस दफे के विधानसभा चुनाव में अकालियों का गठबंधन बसपा के साथ हो जाए। अकाली आसन्न चुनावों में भाजपा की होने वाली दुर्दशा को भांप चुके हैं इसीलिए अपने लिए वे नए गठबंधन साथी की तलाश में हैं।
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Posted on 18 September 2011 by admin
अन्ना की गाज मनमोहन के सबसे प्यारे चंडीगढ़ क्लब पर गिर सकती है, कपिल सिब्बल, पवन बंसल व अश्विनी कुमार पीएम के चंडीगढ़ क्लब के अहम मेंबर माने जाते हैं। पूर्व खेल मंत्री एम.एस.गिल भी इसी कोटे से आते थे, पर बाद में पीएम को मजबूरी में उनकी छुट्टी करनी पड़ी। अश्विनी कुमार के बारे में तो उनके विरोधी यहां तक प्रचारित करते हैं कि उन्हें मंत्री बनवाने में उनके मित्र व होटेलियर संत सिंह चटवाल की एक महती भूमिका रही है।
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Posted on 03 July 2011 by admin
खाना बदोशों की तरह भटकते ये लफ्ज, भट्ठी में धधकते ये विचार, जो पिछले 11 वर्षों से पाठकों को हर हफ्ते कुछ नया सोचने को मजबूर करते हैं, आपका चहेता ‘मिर्च मसाला’ कॉलम आने वाले दो-तीन हफ्तों की छुट्टी चाहेगा, इतने वक्त देश से बाहर रह कर भी हर पल आपके ख्यालों में शरीक रहूंगा। जुलाई में फिर होगी मुलाकात! तब तक के लिए विदा!
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