Posted on 20 November 2013 by admin
पार्टी में अपनी उपेक्षा से उमा भारती नाराज हैं, सो पिछले दिनों वे नागपुर जाकर संघ प्रमुख भागवत से मिलीं और उन्हें अपने मन की व्यथा सुनाई कि कैसे मध्य प्रदेश के चुनाव में उन्हें कोई भी जिम्मेदारी नहीं दी गई है, पार्टी के अहम फैसलों में उन्हें शामिल नहीं किया जा रहा है। भागवत ने उमा को आश्वस्त किया कि वे जाएं और झांसी से लोकसभा चुनाव लडऩे की तैयारी करें और अगर 2014 में मोदी के नेतृत्व में केंद्र में भाजपानीत गठबंधन की सरकार बनीं तो उसमें उन्हें एक अहम मंत्रालय दिया जाएगा। संघ प्रमुख के आश्वासनों के बाद उमा एक नई ऊर्जा के साथ काम में जुट गई हैं।
Posted on 20 November 2013 by admin
भाजपा से अलग होने के बाद बिहार में नीतीश की नैया डगमगाने लगी है, जद(यू) के कई प्रमुख नेता नीतीश का दामन छोड़ भाजपा से हाथ मिलाने की तैयारी में है, कईयों ने लालू की राजद से संपर्क बनाया हुआ है, जद(यू) के दो मौजूदा सांसद पूर्णमासी राम और महाबली सिंह भाजपा में आने को तैयार बताए जाते हैं। पूर्णमासी राम दलित समाज से आते हैं तो महाबली सिंह कुशवाहा समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं। बिहार का एक हालिया जनमत सर्वेक्षण बताता है कि अगर आज लोकसभा चुनाव हो जाएं तो भाजपा बिहार में 18-22 सीटें जीत सकती है, कांग्रेस-2, रामविलास-2, लालू 10-14 और नीतीश 4-6 सीटें जीतने की स्थिति में हैं। यानी आने वाले चुनाव में नीतीश की जद(यू) को सबसे बड़ा घाटा हो सकता है, सो नीतीश 2014 के चुनाव में ज्यादा से ज्यादा अगड़ी जाति के लोगों को टिकट देना चाहते हैं ताकि अगड़े और पिछड़े व अति पिछड़े के समीकरण से वे आने वाले चुनाव में अपनी इज्जत बचा सकें।
Posted on 11 November 2013 by admin
सपा के समर्थन से निर्दलीय राज्यसभा सांसद बने मुहम्मद अदीब के बड़ेबोलों के क्या कहने, वे सोनिया गांधी से लेकर अहमद पटेल तक से अपनी नजदीकियां का दावा करते हैं, चुनांचे उनके मित्रों का दावा है कि जब भी कभी उनसे फोन कर पूछा जाता है कि ‘मियां कहां हो?’ तो अदीब साहब का रटा-रटाया जवाब फौरन हाजिर होता है-‘मैं अहमद पटेल के घर से निकल रहा हूं, मैडम सोनिया ने बुलाया है, उसके बाद दिग्गी राजा के यहां से निकल कर राहुल जी से मिलकर आता हूं।’ सनद रहे कि ये अदीब साहब वही हैं जो कभी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मेंबर हुआ करते थे।
Posted on 11 November 2013 by admin
भारत के सबसे अमीर आदमी अंबानी की धर्मपत्नी नीता अंबानी का 50वां जन्मदिवस बड़ी धूमधाम से 31 अक्तूबर और 01 नवंबर को दो अलग-अलग कार्यक्रमों में जोधपुर के उम्मेद भवन और बालसमंद भवन में मनाया गया। अंबानी परिवार इस बात को लेकर खासे उत्साह में था कि 50 वर्षों के उपरांत यह नायाब मौका है जब नीता का जन्मदिवस धनतेरस के दिन पड़ा था, सनद रहे कि नीता का जन्म भी धनतेरस के दिन हुआ था। इस समारोह के लिए 175 विशेष मेहमानों को 31 अलग-अलग चार्टर्ड विमानों से मुंबई से जयपुर लाया गया, फिर वहां से उन्हें सडक़ मार्ग से जोधपुर ले जाया गया। उपस्थित मेहमानों में बॉलीवुड स्टार आमिर खान, रणवीर कपूर, फिल्ममेकर राजू हिरानी, राजनीतिज्ञों में मुरली-मिलिंद देवड़ा, राजीव-अनुराधा शुक्ला, भाजपा की सायना एन-सी तथा लक्ष्मी मित्तल, नरेश गोयल जैसे बड़े उद्योगपतियों की मौजूदगी देखी गई। सबसे खास था एक भव्य पूजा अनुष्ठïान। फिर तीन घंटे का ए.आर. रहमान शो और फिर स्वयं नीता अंबानी ने अपनी पुत्री ईशा के साथ भारत नाटï्यम प्रस्तुत किया। विदाई के वक्त सभी मेहमानों को लुई वितान का एक खास स्कार्फ भेंट किया गया।
Posted on 05 November 2013 by admin
इन दिनों बसपा सुप्रीमो मायावती के हौंसले बम-बम है, बसपा ने पिछले दिनों यूपी में सपा की तर्ज पर ही एक राज्यव्यापी जनमत सर्वेक्षण करवाया था और इस सर्वेक्षण नतीजों में बसपा को यूपी में 30 लोकसभा सीटें मिलती दिख रही है, बशर्ते मुस्लिम-ब्राह्मïण वोटर बसपा के पक्ष में लामबंद हो जाए। सर्वेक्षण नतीजे प्रकाश में आने के बाद बसपा सुप्रीमो ने पार्टी संगठन की एक जरूरी मीटिंग बुलाई, इस मीटिंग में पार्टी के कई राज्यसभा सांसद भी शामिल थे, जिनमें से एक जुगल किशोर ने बहिनजी के समक्ष अपनी राय रखी कि अगर 2014 में बसपा की 30 सीटें आ रही है तो केंद्र में बनने वाली किसी भी सरकार में बसपा को अवश्य शामिल होना चाहिए और बहिनजी को पीएम नहीं तो डिप्टी पीएम बनना चाहिए, समझा जाता है कि जुगल किशोर के इस प्रपोजल को मायावती की मूक सहमति हासिल हो गई है।
Posted on 05 November 2013 by admin
नरेंद्र मोदी एनडीए में नए साथियों को जोडऩे के प्रयास में लगातार लगे हुए हैं, %
Posted on 05 November 2013 by admin
राजस्थान के हालिया जनमत सर्वेक्षण में अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली भाजपा से काफी पीछे चल रही है, सो अब कांग्रेस ने साम,दाम,दंड,भेद की नीति को अपनाने का निर्णय लिया है और कांग्रेसनीत केंद्र सरकार की मंशाओं को भांपते हुए आयकर विभाग ने वसुंधरा राजे को तुरंत-फुरंत एक नोटिस जारी कर उनसे पिछले तीन वित्तीय वर्ष में अपने क्रेडिट कार्ड द्वारा विदेश में खर्च किए गए चार मिलियन डॉलर का हिसाब मांगा है, वसुंधरा भी कम नहीं है वह भी इस नोटिस को एक चुनावी मुद्दा बनाने जा रही है और अशोक गहलोत से उनके पिछले पांच सालों का हिसाब-किताब मांगने जा रही हैं।
Posted on 23 October 2013 by admin
नरेंद्र मोदी अब भी केंद्र सरकार व कांग्रेस की आंखों की किरकिरी बने हुए हैं, सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस किसी भी मानिंद मोदी को कानूनी दांच पेंचो में उलझाना चाहती है, ताकि उनके पीएम बनने की राह आसान न हो सके। सूत्रों की माने तो दिसंबर तक इशरत जहां या फिर सोहराबुद्दीन मामले में सीबीआई की चार्जशीट में मोदी का नाम शामिल हो सकता है, पर कांग्रेस उनकी गिरफ्तारी नहीं चाहती, नहीं तो इसका मनौवैज्ञानिक लाभ भाजपा को मिल सकता है।
Posted on 23 October 2013 by admin
भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह बेहद सफाई से अपनी सियासी पारी खेल रहे हैं, बदले घटनाक्रमों ने उन्हें स्वाभाविक रूप से पार्टी में मोदी के बाद नेता ‘नंबर दो’ का दर्जा दिलवा दिया है, पर मोदी का हनुमान बनकर भी उन्होंने अपने लिए एक नया सियासी रास्ता बना लिया है। सो, राजनाथ 2014 का लोकसभा चुनाव गाजियाबाद के बजाए लखनऊ से लडऩे की तैयारी में है, लखनऊ चूंकि अटल जी सीट है, सो राजनाथ का मानना है कि यहां से वे कोई हल्का उम्मीदवार मैदान में नहीं उतार सकते, लखनऊ संसदीय सीट को लेकर अध्यक्ष जी के मन में बस दो ही नाम चल रहे हैं एक तो स्वयं का, दूसरा नरेंद्र मोदी का।
Posted on 23 October 2013 by admin
क्या डा. मनमोहन सिंह पार्टी और सरकार दोनों के लिए बोझ बन गए हैं? नहीं तो क्या वजह है कि राहुल गांधी के चुनावी भाषणों तक में प्रधानमंत्री का कोई जिक्र नहीं होता? बकौल राहुल देश में जो भी कुछ अच्छा हुआ है यह उनकी मां सोनिया की बदौलत है और जो भी बुरा हुआ है उसकी जिम्मेदार केंद्र सरकार है। जब देश में ही प्रधानमंत्री का यह हाल है तो फिर उन्हें अंतरराष्टï्रीय बिरादरी भला क्यों गंभीरता से लेगी? सीमा पर कभी इस तरह से पाकिस्तान ने आतंक नहीं मचाया था, न ही इस रफ्तार में सीज़फायर के नियमों का उल्लंघन किया था, पर क्या करें हर मामले पर बिलावजह बोलने वाला अमरीका भी इस मामले पर मौन है। सो अब प्रधानमंत्री के इतने विदेशी दौरों पर भी अंगुली उठने लगी है।