Posted on 14 December 2013 by admin
भाजपा के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी राजनीति में बढ़ते वंशवाद के खिलाफ हैं, इसीलिए वे गांधी परिवार के भी खिलाफ हैं। पर मोदी भारतीय राजनीति में मील का पत्थर साबित हुए अन्य परिवारों को भाजपा में आगे लाना चाहते हैं, उन्हें भगवा रंग में रंगना चाहते हैं, लाल बहादुर शास्त्री परिवार के सिद्धार्थनाथ सिंह पहले से भाजपा में हैं, अब शास्त्री जी के पुत्र सुनील शास्त्री भी कांग्रेस का दामन छोड़ भाजपा में आ रहे हैं, पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के पोते मधुकेश्वर देसाई भी भाजपा की शोभा बढ़ा रहे हैं, अब यकीनन मोदी की निगाहें पटेल परिवार पर टिकी हुई होंगी।
Posted on 14 December 2013 by admin
संघ व भाजपा की राय है कि पार्टी के दिग्गज नेता दिल्ली से चुनाव लड़ें, इसे देखते हुए पार्टी की वरिष्ठ नेत्री सुषमा स्वराज ने वेस्ट दिल्ली से संसदीय चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है, पहले यहां से नवजोत सिंह सिद्धू की चुनाव लड़ने की अटकलें थीं, अब खबर मिल रही है कि सिद्धू अमृतसर की अपनी पुरानी सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली में पूर्वांचली मतदाताओं की एक बढ़ती तादाद को मद्देनजर रखते पार्टी ने रविशंकर प्रसाद, राजीव प्रताप रूढ़ी, कीर्ति आजाद जैसे बिहारी नेताओं से पूछा है कि क्या वे दिल्ली से चुनाव लड़ना पसंद करेंगे? पर अभी इन नेताओं की ओर से कोई जवाब नहीं आया है, क्योंकि वे दिल्ली में ‘आप’ की चल रही बयार से तनिक सशंकित हैं।
Posted on 14 December 2013 by admin
संघ व भाजपा की राय है कि पार्टी के दिग्गज नेता दिल्ली से चुनाव लड़ें, इसे देखते हुए पार्टी की वरिष्ठ नेत्री सुषमा स्वराज ने वेस्ट दिल्ली से संसदीय चुनाव लड़ने की इच्छा व्यक्त की है, पहले यहां से नवजोत सिंह सिद्धू की चुनाव लड़ने की अटकलें थीं, अब खबर मिल रही है कि सिद्धू अमृतसर की अपनी पुरानी सीट से ही चुनाव लड़ेंगे। दिल्ली में पूर्वांचली मतदाताओं की एक बढ़ती तादाद को मद्देनजर रखते पार्टी ने रविशंकर प्रसाद, राजीव प्रताप रूढ़ी, कीर्ति आजाद जैसे बिहारी नेताओं से पूछा है कि क्या वे दिल्ली से चुनाव लड़ना पसंद करेंगे? पर अभी इन नेताओं की ओर से कोई जवाब नहीं आया है, क्योंकि वे दिल्ली में ‘आप’ की चल रही बयार से तनिक सशंकित हैं।
Posted on 08 December 2013 by admin
कांग्रेसी मैनेजरों के लाख चाहने के बावजूद न तो नरेंद्र मोदी और न ही उनके विश्वस्त अमित शाह पर सीबीआई अपना शिकंजा कस पा रही है। सीबीआई डायरेक्टर रंजीत सिन्हा किसी भी तरह कांग्रेसनीत सरकार के आगे घुटने टेकने को राजी नहीं, दरअसल रंजीत सिन्हा की अभी काफी सर्विस बाकी है, वे अगले साल के आखिर में रिटायर होने वाले हैं, यानी उन्हें केंद्र में गठित होने वाली अगली सरकार के अंतर्गत भी काम करना पड़ सकता है, खुदा न खास्ते अगर इस सरकार के मुखिया नरेंद्र मोदी हुए तो फिर क्या? सो ना काहू से दोस्ती, ना काहू से बैर।
Posted on 08 December 2013 by admin
सिर्फ कपिल सिब्बल खेमा ही क्यों, शीला दीक्षित के खिलाफ इस दफे के दिल्ली के चुनाव में आधी से ज्यादा कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल रखा था, राहुल गांधी व संदीप दीक्षित सौ फीसदी शीला के साथ थे। सोनिया भी सशंकित मनोभावों से ओत-प्रोत थीं। पर ज्यादातर कांग्रेसजनों की राय में इस दफे शीला के चेहरे से विनम्रता का नकाब उतर चुका था, उनकी टैफलॉन कोटिंग भी खत्म हो चुकी थी, पार्टी में सिर्फ शीला विरोधियों को ही नहीं, अपितु सोनिया कोटरी के कई नेताओं को भी यह भय सता रहा था कि अगर शीला दिल्ली में चौथा टर्म भी जीत गईं तो वह पार्टी में प्रधानमंत्री पद की प्रबल दावेदारों में शुमार होकर उभरेंगी। सो, शीला के बहाने कांग्रेस की जड़ में ही म_ïा डाला गया।
Posted on 01 December 2013 by admin
कांग्रेस के ‘डर्टी ट्रिक्स डिपार्टमेंट’ ने मोदी को घेरने की हर मुमकिन रणनीति आजमाने का फैसला किया है, एक लडक़ी की जासूसी कराने के आरोपों से घिरे मोदी अभी सहज भी नहीं हो पाए थे कि एक बेवसाइट पर मोदी के साथ उस लडक़ी की तस्वीर सार्वजनिक कर दी गई, अब आने वाले एक-दो रोज में मोदी के खिलाफ एक बड़ा धमाका हो सकता है। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि गुपचुप तरीके से एक सेक्स-सीडी लाने की पूरी तैयारी कर ली गई है और इस सीडी के तार किससे जुड़े हैं अब यह बताने की जरूरत रह गई है क्या?
Posted on 01 December 2013 by admin
सूत्रों की मानें तो ठाकुर नेता अमर सिंह जल्द ही कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं, वैसे भी 2008 के बाद से अमर ने राहुल-सोनिया के खिलाफ मुंह नहीं खोला है, वे कांग्रेस के खिलाफ भी कुछ बोलने से बचते रहे हैं। अमर की करीबी जया प्रदा कांग्रेस के टिकट पर रामपुर से चुनाव लड़ सकती है, मुरादाबाद के निवत्र्तमान सांसद क्रिकेटर अजहरद्दीन को आंध्र से लड़ाया जा सकता है, रामपुर की रानी बेगम नूर बानो को मुरादाबाद की सीट से लड़ाया जा सकता है। वैसे भी इन दिनों न सिर्फ अमर सिंह बल्कि उनके करीबी लोग भी काफी सक्रिय हैं। अमर के सहयोगी रहे प्रदीप राय जो अमर के साथ-साथ सहाराश्री सुब्रत राय और फ्लैक्स इंडस्ट्री के अशोक चतुर्वेदी का काम भी देखते रहे हैं, इन दिनों वे दो चैनल लाने की तैयारी में है, इसमें से एक न्यूज चैनल है, दूसरा लीगल टीवी, जो कानून से जुड़ा होगा।
Posted on 24 November 2013 by admin
हरियाणा के मुख्यमंत्री भुपेंद्र हुड्डï विधानसभा भंग करने की तैयारियों में जुटे हैं, वे इंतजार में हैं कि जिस दिन लोकसभा भंग होगी उसके अगले ही रोज वे हरियाणा विधानसभा भंग करने का ऐलान कर देंगे, जिससे लोकसभा चुनाव के साथ ही हरियाणा विधानसभा के चुनाव भी हो जाए। हुड्डïा की सोच है कि अगर विधानसभा के चुनाव लोकसभा के साथ हुए तो विपक्षी एकता में फूट पड़ सकती है, नहीं तो भाजपा लोकसभा चुनाव में चौटाला व कुलदीप बिश्नोई दोनों ही पार्टियों के गठजोड़ में चुनाव लडऩा चाहती है, पर विधानसभा चुनाव में यह फार्मूला नहीं चल सकता। हुड्डïा मंडली की सोच है कि साथ चुनाव हुए और विधानसभा में कांग्रेस का प्रदर्शन खराब भी रहा तो इसका दोष केंद्र सरकार की नीतियों पर मढ़ा जा सकता है।
Posted on 24 November 2013 by admin
गोवा में ‘तहलका आइडिया फेस्टिवल 2013’ को स्पांसर करने वाली अधिकांश कंपनियां 2जी और कोलगेट मामलों से जुड़ी है, क्या यह महज इत्तफाक है? मसलन एस्सार, यूनिटेक, डीबी रियल्टी टू जी से तो अदानी समूह कोलगेट से, इसके अलावा तहलका के इस कार्यक्रम को प्रायोजित करने वाली कंपनियों में जेएसडब्ल्यू ग्रुप और पोंटी चड्डïा की कंपनी भी शामिल है। कई कंपनी के प्रतिनिधियों का दबी जुबान में मानना है कि उन पर काफी दवाब बनाकर यह स्पांसरशिप ली गई है। वैसे भी तहलका 40 करोड़ के घाटे में चल रहा है सो, ऐसे में यह यक्ष प्रश्न पूछा जाना लाजिमी ही है कि इस कंपनी को आखिर इतने घाटे में भी चलाते रहने के पीछे मंशा क्या है?
Posted on 20 November 2013 by admin
पिछली कुछ रैलियों में नरेंद्र मोदी ने इतिहास, भूगोल व अर्थशास्त्र को लेकर जो तथ्यात्मक भूलें की है, इसको लेकर वे अब खासे अलर्ट हो गए हैं। मोदी को विदेश नीति और मौद्रिक स्थिति संबंधी सभी जानकारियों और आंकड़े यशवंत सिन्हा मुहैया कराते हैं। सो, मोदी ने जब यशवंत को इस बात के लिए डपटा कि चीन कैसे अपने जीडीपी का 20 फीसदी शिक्षा में खर्च करता है, जबकि असल आंकड़ा 3.9 फीसदी का है, तो यशवंत ने सफाई दी कि यह उनकी टीम की गलती थी, वे दरअसल बाहर थे, सो यह फीड-बैक देख नहीं पाए, उनकी टीम (यशवंत की) दरअसल यह कहना चाहती थी कि चीन भारत की तुलना में अपनी जीडीपी का 20 फीसदी ज्यादा शिक्षा पर खर्च करता है, पर मोदी यशवंत की इस सफाई से संतुष्टï नहीं हुए और उनसे आइंदा आंकड़ों की बाबत ध्यान रखने को कहा गया है।