Posted on 02 March 2014 by admin
हरियाणा के 10 कांग्रेसी विधायक निरंतर बीजेपी हाईकमान के संपर्क में है, ये कभी भी कांग्रेस को अलविदा कह सकते हैं, अगर इन्हें भगवा पार्टी की ओर से ज़रा भी पॉजिटिव सिग्नल मिला तो, इन विधायकों की बीजेपी से मांग है कि इनके नेता को लोकसभा का टिकट दिया जाए और शेष रह गए 9 को विधानसभा का, इन 9 में से 7 विधायक अपनी के्रडेबिलिटी पर बीजेपी के टिकट पर चुनाव जीतने का दावा कर रहे हैं। फिलहाल, भाजपा हाईकमान हवा के रूख को पढऩे की कोशिश में है।
Posted on 02 March 2014 by admin
भाजपा की दुकान बड़ी और ऊंची होती जा रही है, आने वालों का तांता लगा हुआ है, यूपी से जगदंबिका पाल, बिहार से नीतीश कुमार के घनिष्ठï सहयोगी, राज्यसभा सांसद व पूर्व रेवेन्यू सेक्रेटरी एन.के.सिंह भी बीजेपी में आने की तैयारी में हैं। वहीं हरियाणा कांग्रेस की वरिष्ठï नेत्री कृष्णा गहलावत ने पहले ही बीजेपी ज्वॉइन कर ली है, सनद रहे कि ये कृष्णा गहलावत वहीं हैं, जिनके दोनों पुत्र ‘इंडिया बुल्स’ नामक कंपनी चलाते हैं, और इस कंपनी में कई-कई बार रॉबर्ट वाड्रा का पैसा होने का शोर मचा था। जनरल वी.के.सिंह के बाद अब किरण बेदी की भी भाजपा में शामिल होने की अटकलें हैं।
Posted on 02 March 2014 by admin
नमो की पंजाब की ‘फतह-रैली’ में अमृतसर के बीजेपी सांसद नवजोत सिंह सिद्घू की गैऱ मौजूदगी कईयों को हैरान करने वाली थी, सिद्घू न तो रैली के मंच पर ही उपस्थित थे और न ही मंच से उनका नाम ही लिया गया, यहां तक कि नरेंद्र मोदी ने भी उनका नाम लेना जरूरी नहीं समझा। इसकी एक बड़ी वजह है, पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके राजनैतिक उत्तराधिकारी पुत्र सुखबीर बादल सिद्घू से कई वजहों से बेतरह नाराज हैं। सो समझा जाता है कि बड़े बादल ने मोदी से वादा किया है कि वे पंजाब से इस दफे तमाम भाजपा उम्मीदवारों को जीत दिलाने में जान लगा देंगे, वहीं अमृतसर से सिद्घू को हराने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे, बीजेपी के पास बस अब एक ही चारा बचता है कि वे सिद्घू को अमृतसर की बजाए वेस्ट दिल्ली से हरदीप पुरी की जगह टिकट दें।
Posted on 02 March 2014 by admin
2014 के महाचुनाव की पूर्ववेला में भाजपा के हौंसले बम-बम हैं और विरोधी कांग्रेस पस्त, ऐसे में हर जगह भगवा टिकट को लेकर मारा-मारी मची है और दिल्ली भी इससे अछूती नहीं, ईस्ट दिल्ली से भोजपुरी एक्टर / सिंगर मनोज तिवारी, नार्थ ईस्ट दिल्ली से वरिष्ठï पत्रकार एम.जे.अकबर, नई दिल्ली से सुब्रह्मïण्यम स्वामी या वी.के. मल्होत्रा, वेस्ट दिल्ली से हरदीप पुरी, नार्थ-वेस्ट दिल्ली से अनिता आर्य, पर चांदनी चौक से पार्टी टिकट के कई बड़े दावेदार हैं, टिकट की रेस में जो लोग फिलवक्त आगे हैं वे हैं टीवी के नव-अवतार में नज़र आने वाले सुधांशु मित्तल, विधानसभा चुनाव में तीसरे नंबर पर रहे विजेंद्र गुप्ता और जैन टीवी फेम के डा.जे.के.जैन।
Posted on 28 February 2014 by admin
चांदनी चौक से ‘आप’ के उम्मीदवार और एक पूर्व टीवी एंकर आशुतोष की कुंडली खंगालने में तमाम राजनैतिक दल जुट गए हैं, और अब इन बातों का खुलासा करने में जुटे हैं कि आशुतोष को चांदनी चौक से टिकट दिए जाने के पीछे ‘आप’ की मंशा वहां के वैश्य वोटरों को लुभाने की है, क्योंकि आशुतोष के पिता एस.एन.लाल गुप्ता इंकम टैक्स डिपार्टमेंट से रिटायर होकर लखनऊ के गोमती नगर इलाके में रहते हैं, जो मूलत: गोंडा के रहने वाले हैं और इनकी आखिरी पोस्टिंग बनारस में थी। आशुतोष भी अपनी पेपराज़ी पत्रकारिता के चलते तब सुर्खियों में आए थे जब दलित नेता कांशीराम ने उन्हें एक थप्पड़ जड़ दिया था।
Posted on 28 February 2014 by admin
अमरीकी राजदूत नैंसी पॉवेल के नरेंद्र मोदी की मुलाकात ने मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरीं, पर कम लोगों को यह मालूम होगा कि यही नैंसी पॉवेल अब तक तीन बार ममता से मिलने का टाइम मांग चुकी है, पर दीदी टाल-मटोल कर रही हैं, जबकि पूर्व में नैंसी हिलेरी क्लिंटन के साथ ममता से मिल चुकी है। वहीं जब पाकिस्तानी राजदूत ने ममता से मिलने का समय मांगा तो उन्हें बड़ी आसानी से दीदी से मिलने का समय मिल गया, दरअसल ममता अमरीकियों से मिल कर राज्य के अपने बड़े मुस्लिम वोट बैंक को नाराज़ करने का जोखिम नहीं उठाना चाहतीं।
Posted on 28 February 2014 by admin
पी.चिदंबरम हालांकि अब भी शिवगंगा से चुनाव लडऩे की संभावनाएं टटोल रहे हैं, पर वहां उन्हें कांग्रेस की हालत पतली नज़र आ रही है, उन्होंने तेलंगाना के अंतर्गत आने वाली मेढक सीट से भी अपनी संभावनाएं टटोली हैं, पर सूत्र बताते हैं कि वहां भी उन्हें निराशा ही हाथ लगी है, सो उन्होंने अब पूरा मन बना लिया है कि वे अब राज्यसभा में आएंगे। वहीं राष्टï्रपति प्रणब मुखर्जी के सांसद पुत्र अभिजीत मुखर्जी ने भी दार्जिलिंग का मोह छोड़ कर वापिस जंगीपुर का रुख कर लिया है, अभिजीत यहीं से सांसद है, पर वे अपनी जंगीपुर सीट अजहरूद्दीन के लिए छोडऩा चाहते थे। ‘आप’ रोहतक से वीरेंद्र सहवाग को लड़ाने पर विचार कर रही है, वहीं पी.सी.चाको गुडग़ांव से शर्मिला टैगोर का नाम आगे बढ़ा रहे हैं, सनद रहे कि शर्मिला-पटौदी की रिसायत भी यहीं पर है, और एक दफे पूर्व में नवाब पटौदी भी यहां से चुनाव लड़ चुके हैं, पटौदी को उस चुनाव में मात्र 14-15 हजार वोट मिले थे।
Posted on 28 February 2014 by admin
कांग्रेस के चुनाव प्रचार का जिम्मा दो विदेशी कंपनियों को सौंपे जाते वक़्त पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी का उत्साह देखते ही बनता था, पर जैसे-जैसे वक़्त गुजरा इन एजेंसियों की कलई भी उतरती गई। राहुल अब इन एजेंसियों से इस कदर $खफा हैं कि पिछले दिनों उन्होंने इन एजेंसियों के कत्र्ता-धत्र्ताओं को बुला कर उनकी खूब क्लास ली, दरअसल राहुल की नाराजगी इस बात को लेकर थी कि मोदी का चुनाव अभियान ‘वोट फॉर इंडिया’ कांग्रेस के तमाम चुनावी अभियानों से इतना आगे कैसे हो गया? सूत्र बताते हैं कि राहुल ने कुछ अन्य विज्ञापन एजेंसियों को भी प्रेजेंटेंशन देने के लिए बुला लिया है, यानी इन दोनों विदेशी एजेंसियों के हाथों से काम छिन जाने का $खतरा बढ़ गया है।
Posted on 08 February 2014 by admin
‘आप’ के इस कदर बढ़ते ग्राफ से राजनैतिक पंडित भी हैरत में हैं, सूत्र बताते हैं कि अभी आम आदमी पार्टी ने एक राष्टï्रव्यापी जनमत सर्वेक्षण करवाया है और इस सर्वेक्षण के नतीजों में ‘आप’ को देशभर में 32-36 सीटें मिलने की बात कही गई है, इस सर्वेक्षण में यह भी खुलासा हुआ है कि ‘आप’ कांग्रेस को 70-75 और भाजपा को 40-50 सीटों पर नुकसान पहुंचा सकता है, अकेले दिल्ली में कांग्रेस का वोट शेयर सिमट कर 10 फीसदी रह सकता है, दिल्ली में दलित व मुस्लिम वोटरों के रूझान भी तेजी से ‘आप’ के पक्ष में हुआ है, दक्षिण और पश्चिमी दिल्ली को छोडक़र पार्टी दिल्ली की अन्य 5 सीटों पर अपनी आसान जीत मान रही है।
Posted on 08 February 2014 by admin
तेलांगना राज्य के गठन को लेकर अब धीरे-धीरे भाजपा भी अपना सुर बदल रही है, कभी अलग तेलंगाना को लेकर भाजपा का रुख नरम हुआ करता था, लेकिन जब से टीआरएस प्रमुख चंद्रशेखर राव और कांग्रेस के बीच खिचड़ी पकने लगी है, भाजपा का रुख कहीं ज्यादा चौकस हो गया है, क्योंकि अलग तेलांगना राज्य की मांग के अगुआ चंद्रशेखर राव व कांग्रेस में यह डील लगभग बन गई है कि राव अपनी पार्टी टीआरएस का विलय कांग्रेस में कर देंगे यानी तेलांगना फिर से कांग्रेस की हाथों में होगा, यही बात भाजपा को बेहद नागवार गुजर रही है।