Posted on 07 June 2014 by admin
नारें बदलती हैं तो नाारे बदल जाते हैं और सत्ता बदलती है तो सारे बदल जाते हैं, यह कहावत कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पर भी क्या खूब चरितार्थ हो रही है, नहीं तो राहुल के लिए नवीन जिंदल जिस तरह पलक पांवड़े बिछाए रखते थे और राहुल देश भर में कहीं भी दौरे पर जाते तो वह जिंदल के चार्टर्ड विमान की भी सेवाएं लेते रहे थे, पर अभी पिछले दिनों जब राहुल के ऑफिस ने जिंदल के विमानन के काम देखने वाले विवेक मित्तल से संपर्क साध उनसे राहुल के लिए एयरक्राफ्ट मांगा तो कथित तौर पर राहुल के ऑफिस को बताया गया कि जिंदल ने अपने सभी जहाज कमर्शियल लीा पर दे दिए हैं सो, वे इसे राहुल के लिए उपलब्ध कराने में असक्षम हैं।
Posted on 07 June 2014 by admin
नीतीश की पार्टी में बगावत का आलम बरकरार है। अब पार्टी अध्यक्ष शरद यादव ही विद्रोह पर आमदा हैं। दरअसल नीतीश की ओर से शरद को संकेत मिला कि वे राज्यसभा के लिए शरद से इतर कुछ अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं। इस पर शरद बेतरह उखड़ गए हैं, उन्होंने नीतीश से साफ कर दिया है कि अगर उन्हें राज्यसभा नहीं मिली, तो वे अपने समर्थक विधायकों के साथ भाजपा का दामन थाम सकते हैं।
Posted on 07 June 2014 by admin
सत्ता के गलियारों में अभी भी यह यक्ष प्रश्न मौजू बना हुआ है कि पीएम के प्रधान सचिव के तौर पर आखिरकार नृपेंद्र मिश्र की नियुक्ति कैसे हो गई? खास कर इस आदर्श आचार संहिता के बाद भी कि एक बार जो अफसर ‘ट्राई’ का चैयरमैन रह लेगा वह अपनी रिटायरमेंट के बाद सरकार में कोई और पद ग्रहण नहीं करेगा। नृपेंद्र मिश्र की नियुक्ति को लेकर सबके अपने दावे हैं, गोड्डा से भाजपा के तेजतर्रार सांसद निशिकांत दुबे यह श्रेय अपने सिर बांध रहे हैं, तो राजनाथ कैंप इसे अपनी जीत बता रहा है, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल को लगता है कि यह सब कहीं न कहीं उनके प्रयासों से हुआ है, तो वहीं मोदी के एक बेहद करीबी इंडिया टीवी के हेमंत शर्मा को भी कई लोग ये क्रेडिट दे रहे हैं कि वही सबसे पहले मिश्र को लेकर मोदी के पास गए थे। एक सबसे बड़ा दावा यह भी है कि नृपेंद्र मिश्र का नाम विवेकानंद फाऊंडेशन की तरफ से आया था, यानी उनके नाम की अनुशंसा संघ के कुछ बड़े नेताओं ने की है, सच है सफलता के सचमुच एक से ज्यादा बाप होते हैं।
Posted on 07 June 2014 by admin
जयललिता राजग में शामिल होने के लिए तैयार बताई जाती हैं, और अगर ऐसा हुआ तो जयललिता के दो विश्वस्तों थंबी दुरै और मैत्रयन को मोदी मंत्रिमंडल के अगले विस्तार में जगह मिल सकती है।
Posted on 01 June 2014 by admin
मोदी मंत्रिमंडल को मौजूदा स्वरूप प्रदान करने में अरुण जेतली की सबसे अहम भूमिका रही, स्मृति ईरानी, धमर्ेंद्र प्रधान, पीयूष गोयल सरीखे युवा नेताओं को अहम मंत्रालय दिलवाने के पीछे जेतली के अपने तर्क थे, अपनी सोच थी, वहीं मेनका गांधी, अनंत कुमार, उमा भारती, रामविलास पासवान, नितिन गडकरी सरीखे नेताओं को सस्ते में निपटा दिया गया। पहले तय था कि अमरीकी मॉडल की तर्ज पर रेल, नागरिक उड्डयन, पथ परिवहन, शिपिंग जैसे मंत्रालयों को मिला कर एक नए मंत्रालय का गठन किया जाएगा और यह मंत्रालय गडकरी को सौंपा जाएगा। पर जेतली का कहीं न कहीं यह स्पष्ट तौर पर मानना था कि भारत जैसे बहुविध देश में यह प्रणाली परवान नहीं चढ़ पाएगी और यही बात जेतली कहीं न कहीं संघ के प्रमुख नेताओं को समझाने में भी कामयाब रहे, सो गडकरी को भूतल परिवहन व शिपिंग से ही संतोष करना पड़ा।
Posted on 01 June 2014 by admin
बात बड़े पते की है कि सिर्फ कांग्रेसी युवराज राहुल गांधी ही सिंगापुर के संस्थापक ली-क्वान यू से प्रेरित नहीं हैं, बल्कि नरेंद्र मोदी का पूरा गुजरात माॅडल भी ली-क्वान के आधुनिक सिंगापुर से अभिप्रेरित है। राहुल गांधी तो ली-क्वाॅन को अपना राजनीतिक गुरू मानते हैं और समय-समय पर अपने गुरू से राजनैतिक चिंतन के लिए वे सिंगापुर जाते रहते हैं। अभी सिंगापुर की बागडोर ली-क्वान के पुत्र के पास है। देखना दिलचस्प रहेगा कि क्या नरेंद्र मोदी भी नए भारत के निर्माण में सिंगापुर विकास माॅडल को अपना आदर्श बनाते हैं।
Posted on 01 June 2014 by admin
के. चंद्रशेखर राव नवगठित राज्य तेलांगना के सीएम के तौर पर 2 जून को शपथ ले सकते हैं। राव का ज्योतिष व वास्तु पर अटूट भरोसा है। हैदराबाद के बेगमपेठ स्थित सीएम कैंप हाउस 3 और 4 में आॅफिस बनाने में राव का एतबार नहीं क्योंकि वे इसे वास्तुअनुरूप नहीं मानते। वास्तुशास्त्रियों की राय के मुताबिक सबसे अनुकूल बंगले वे दोनों हैं जो कुंदनबाग में स्थित हंै, इनमें से एक में आईपीएस महेंद्र रेड्डी रहते हैं और दूसरे में आईएएस ए.के. परिधा रहते हैं। इन दोनों से सरकारी घर खाली करने को कह दिया गया है। अब इन दोनों घरों को मिलाकर सीएम आॅफिस बनेगा। बेगमपेठ स्थित एक पर्यटन भवन में सीएम हाउस बनाया जा रहा है। यानी चंद्रशेखर राव अपने ज्येतिषियों व वास्तुशास्त्रियों की सलाहों पर आंख मूंद कर यकीन कर रहे हैं।
Posted on 18 May 2014 by admin
’राहुल, जहां भी हो, घर आ जाओ, मां परेशान है, कोई कुछ नहीं कहेगा हार की सारी जिम्मेदारी मनमोहन अंकल ने ले ली है-प्रियंका।’ व्हाट्सअप पर इन दिनों सबसे ज्यादा यही जोक वायरल हो रहा है। बावजूद इसके कि राहुल ने मां सोनिया कि सरपरस्ती में अब तक कि सबसे बड़ी हार की जिम्मेदारी अपने सिर ले ली है।
Posted on 18 May 2014 by admin
अनंत कुमार ने दक्षिण भारत के छोटे-बड़े दलों से जिस प्रकार चुनाव पूर्व गठबंधन का ताना-बाना बुना है, उससे मोदी की अगली कैबिनेट में उनका दावा येदुरप्पा के तमाम विरोधों के बावजूद भी मजबूत बनकर उभरा है। हालांकि अनंत अपनी दक्षिण बेंगलुरू की सीट ही बमुश्किल जीत पाए हैं, सूत्र बताते हैं कि उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा तो मिलेगा पर एक कम महत्त्वपूर्ण विभाग के साथ।
Posted on 18 May 2014 by admin
सुषमा स्वराज के बारे में एक बात मानी जाती है कि उनका पूरा राजनैतिक दर्शन इजराइल की पहली महिला प्रधानमंत्री गोल्डा मेर से खासा अभिप्रेरित है। गोल्डा मेर को इजराइली राजनीति का आयरन लेडी में कहा जाता है, गोल्डा मेर इजराइल की विदेश मंत्री भी रह चुकी है और बतौर विदेश मंत्री उनके कार्यकाल को आज भी याद किया जाता है। शायद यही वजह है कि सुषमा अपने लिए विदेश मंत्रालय भी मांग रही हैं, पूर्व अमरीकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से भी सुषमा की खासी दोस्ती रही है, और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष के नाते भी विदेशी मेहमानों उनका मेल जोल लगातार बना रहा है।