Posted on 25 November 2014 by admin
कांग्रेस ने दिल्ली की सल्तनत गंवाई, बड़े मीडिया हाउस का भरोसा भी गंवा दिया है। नहीं तो कम से कम 9 न्यूज चैनल के मालिकों को कांग्रेस ऑफिस से कथित तौर पर फोन गया कि वे मोदी का ऑस्ट्रेलिया से लाईव भाषण रोक दें और उसकी जगह सोनिया का भाषण दिखाएं। इक्के-दुक्के चैनलों ने सोनिया के भाषण के संपादित अंश तो दिखाए, पर टीआरपी की चाशनी से सराबोर मोदी के लाइव को रोकने का जोखिम नहीं उठा पाए।
Posted on 25 November 2014 by admin
हरियाणा के स्वयंभू संत रामपाल की गिरफ्तारी के बाद से सुना जा रहा है कि हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा अपने करीबी पत्रकार मित्रों को फोन करके कह रहे हैं कि इस मामले में उनकी पत्नी आशा हुड्डा का नाम बाहर नहीं आना चाहिए। कयास है कि आशा हुड्डा रामपाल से काफी प्रभावित थीं, चुनांचे उन्हें वह अपना गुरु भी मानती थीं। यही वजह है कि हुड्डा राज में रामपाल का बाल-बांका नहीं हो पाया, कथित तौर पर रामपाल पर हुड्डा सरकार की मेहरबानियां बनी रहीं और वह अपनी मन की करता रहा। वहीं रामपाल के अनुयायियों को ऐसा भी लगता है कि उनके गुरु को श्री-श्री रविशंकर का साथ नहीं मिला, जिन्होंने कथित रूप से रामपाल को यह आश्वासन दे रखा था कि वे हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से बात कर किसी तरह इस मामले को निपटवा देंगे।
Posted on 25 November 2014 by admin
तृणमूल के राज्यसभा सांसद श्रृंजय बोस के सारदा चिटफंड घोटाले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी के बाद पार्टी के 6 अन्य नेताओं पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है और इसकी आंच शनै:शनै: दीदी तक भी पहुंच रही है। परिवहन मंत्री मदन मित्रा से सीबीआई पहले भी पूछताछ कर चुकी है, श्रृंजय की गिरफ्तारी से मित्रा इतने डर गए कि कोलकाता बेलव्यू अस्पताल के आईसीयू में भर्ती हो गए। सीबीआई ने डॉक्टरों को हड़काया कि अगर मित्रा स्वस्थ पाए गए तो डॉक्टरों पर भी कार्यवाई होगी, घबराए डॉक्टरों ने अगले ही दिन मित्रा को आईसीयू से शिफ्ट कर दिया। परेशान मित्रा अब एक सरकारी अस्पताल में भर्ती हो गए हैं। पर सवाल उठता है कि आखिरकार बकरे की मां कब तक खैर मनाएगी!
Posted on 15 November 2014 by admin
इन महाराष्ट्र चुनावों के नेतीजों ने मनसे के बड़बोले नेता राज ठाकरे की हवा निकाल दी है। उनकी पार्टी के बारे में सोशल मीडिया पर यह जोक खासा पॉपुलर हो रहा है कि मनसे ‘ओ एल एक्स’ पर सेल पर है, पर कोई ग्राहक सामने नहीं आ रहा है। राज अपने दल बल के साथ अब शिवसेना में जाने की जुगत भिड़ा रहे हैं, जिसकी हालत भी इन दिनों खस्ता है। राज अपने खास मित्र नितिन गडकरी से भी खासे नाराज बताए जाते हैं, जिन्होंने इन चुनावों से पहले राज को यह आश्वासन दे रखा था कि भाजपा उनकी पार्टी के लिए महाराष्ट्र में 60 सीटें छोड़ सकती है, पर जब चुनाव से ऐन पहले गडकरी ने जब अमित शाह से राज की बात कराई तो शाह ने उन्हें गठबंधन के तहत मुंबई में 7 सीटों का ऑफर दिया। इस पर भड़क गए राज, बोले ‘हमारे पास तो अभी 13 विधायक हैं, हम सिर्फ 7 सीटों पर कैसे चुनाव लड़ सकते हैं? जबकि गडकरी जी ने तो 60 सीटों का ऑफर दिया था?’ इस पर कथित रूप से शाह ने उन्हें दिलासा देते हुए कहा-‘आपने गलत सुन लिया होगा, नितिन जी ने भी 60 नहीं 7 कहा होगा।’ और चुनावी नतीजे जैसे आए, कम से कम वह तो शाह की दूरदर्शिता की ओर इशारा करते हैं।
Posted on 15 November 2014 by admin
अभी 4-5 दिनों पूर्व हरियाणा के भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय भाजपा के जीते हुए 30 और हारे हुए 10 विधायकों को लेकर डेरा सच्चा सौदा के दरबार में शीश नवाने जा पहुंचे, उनका कोटिश: धन्यवाद किया सो अलग से।
Posted on 15 November 2014 by admin
अपनी पार्टी के अंदर सियासत के अंदरूनी आयामों में संतुलन साधना कोई सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव से सीखे, मित्रसेन यादव के साथ सपा में कोई दो दशक पूर्व आए एक युवा नेता जावेद अली खान को राज्यसभा भेजने में नेताजी ने अपने पुराने साथी आजम खां के तमाम विरोधी की अनदेखी कर दी। यूपी के संभल के रहने वाले जावेद छात्र राजनीति में वामपंथी विचारधारा से इत्तफाक रखते थे, वे छात्र राजनीति के दिनों में जामिया मिलिया इस्लामिया के जनरल सेक्रेटरी भी रह चुके हैं। वे लोकसभा का पिछला चुनाव संभल से लड़ना चाहते थे, पर आजम ने उनका टिकट कटवा कर बसपा से सपा में आए वर्क को दिलवा दी। जब इस बार आजम को इस बात की भनक लगी कि मुलायम जावेद को ऊपरी सदन में भेजना चाहते हैं, उन्होंने नेताजी से मिलकर कहा कि इस लोकसभा चुनाव में जावेद ने पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ काम किया था, पर नेताजी ने सियासी संतुलन साधते जावेद के साथ आजम की पत्नी को भी राज्यसभा में भेज दिया, ताकि आजम के पास कहने को कुछ न रह जाए और पार्टी कैडर में एक मैसेज भी जा सके कि सपा का एक आम कार्यकर्ता भी राज्यसभा में जा सकता है।
Posted on 10 November 2014 by admin
मोदी कैबिनेट में जिन छह मंत्रियों का जलवा है, वे हैं-अरुण जेतली, स्मृति इरानी, प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल, धमर्ेंद्र प्रधान और निर्मला सीतारमण, नहीं तो कई सीनियर मंत्रियों के कई महत्त्वपूर्ण प्रस्ताव आज भी ठंडे बस्ते के हवाले हैं।
Posted on 02 November 2014 by admin
जब मुंबई में मोदी नीता अंबानी से मिले तो प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र के सांस्कृतिक व ऐतिहासिक अवधारणाओं को इस अंदाज में उद्धाटित किया कि नीता ने मोदी से कहा कि ‘इस शनिवार को आने वाले अपने जन्मदिन को वे काशी में मनाना पसंद करेंगी।’ इसके लिए 1 नवंबर को अंबानी परिवार के कोई 35 लोग आधा दर्जन प्राइवेट विमानों से वाराणसी पहुंचे, जहां नीता ने बाबा विश्वनाथ मंदिर के दर्शन किए, वहां की चाट-पकौड़ी और लस्सी का लुत्फ उठाया और अपने परिवार के साथ काशी में अपना जन्मदिन मनाया। अखिलेश सरकार ने मुकेश व नीता अंबानी को आनन-फानन में राजकीय अतिथि का दर्जा भी दे डाला।
Posted on 26 October 2014 by admin
डीओपीटी ने तमाम मंत्रालयों और विभागों को ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के आलोक में यह निर्देश दिया था कि वे 2 अक्तूबर को इस अभियान के शुरू होने से पहले की और अब इस अभियान के बाद की अपने-अपने कैंटीन की तस्वीरें मंत्रालय की वेबसाइट पर पोस्ट करें, जिससे फर्क का पता चल सके। तस्वीरें डली हैं, पर सब की सब 2 अक्तूबर के बाद की हैं।
Posted on 26 October 2014 by admin
सोनिया गांधी की एक चिंता इस बात को लेकर भी है कि उनके और मोदी के बीच ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है जो मध्यस्थ या संवाद सूत्र का काम कर सके, अटल जी के जमाने में यह काम बखूबी ब्रजेश मिश्र कर लिया करते थे, जिनका सोनिया से नटवर सिंह के माध्यम से सीधा संवाद बना रहता था।