Posted on 16 August 2011 by admin
15 अगस्त को लाल किले के प्राचीर से फिर बोलेंगे मनमोहन सिंह। कयास लगाया जा रहा है कि बतौर प्रधानमंत्री शायद यह देश के नाम उनका आखिरी संबोधन होगा। 15 अगस्त के कार्यक्रम में गांधी परिवार की हमेशा से नुमांइदगी रही है। सो, अपनी बीमार मां को अमरीका के ह्यूस्टन के एक अस्पताल में आराम फरमाते छोड़ आए हैं राहुल गांधी। कहते हैं स्वतंत्रता दिवस समारोह और राजीव गांधी के जन्मदिवस के कई समारोहों में हिस्सा लेने के लिए वे स्वेदश लौट आए हैं, उन्हें मालूम है कि शायद अगले वर्ष उन्हें भी इसी प्राचीर के समक्ष खड़े होकर देशवासियों को संबोधित करना है।
Posted on 16 August 2011 by admin
चैन्नई के जिमखाना क्लब के लाईब्रेरी में जुलाई के सप्ताहंत जो कुछ हुआ और इस पूरे मामले को आनन-फानन में जिस कदर दबाया गया, यह सब तो होना ही था, चूंकि मामला केंद्र के एक सबसे शक्तिशाली मंत्री के पुत्र से जुड़ा है। पिता यशस्वी हैं, तो पुत्र तेजस्वी, सो जब उन्हें चैन्नई की एक चर्चित पेज-थ्री महिला के साथ आपत्तिजनक हालत में क्लब के लाईब्रेरी के साथ वाले कमरे में देखा गया तो फौरन पुलिस बुला ली गई,पर क्या मजाल जो पुलिस कोई केस रजिस्टर्ड करे, मामला रफा-दफा कर दिया गया, कहा गया दोनों बालिग हैं, अपनी मर्जी के मालिक हैं सो केस नहीं बनता? चाहे सब सार्वजनिक स्थान पर ही क्यों न हो। पुत्र कोई 5 हजार करोड़ के मालिक हैं और इन्होंने अपना पैसा देश के कई बड़े मीडिया समूहों में भी निवेश कर रखा है, सो खबर वालों ने भी खबर नहीं बनने दी।
Posted on 16 August 2011 by admin
कहते हैं सत्ता ऊंचा सुनती है, पर मनमोहन सरकार के मंत्री हैं कि वे कुछ भी सुनने को तैयार नहीं, अजय माकन जैसा जूनियर मंत्री भी सदन में अपना हेड फोन फेंकते दिखे, हरीश रावत उन्हें रोकते दिखे, राजीव शुक्ला अपने ही चैनल पर सदन में सोते दिखे, सलमान साहब को दाढ़ी वाली मां (मनमोहन) मिल गई है सो उनका बॉडी-लैंग्वेज बदल गया है, सिब्बल साहब की जुबान और बॉडी दोनों कहीं बढ़-चढ़ कर बोलते हैं, सदन में कांग्रेस का रवैया जिस कदर निरंकुश व अराजक होता जा रहा है वह लोकतंत्र के चेहरे को शर्मसार करने के लिए काफी है, रही-सही कसर चिदंबरम के अकड़ से पूरी हो रही है। निरीह किसानों को बोली के बदले गोली, अन्ना को अनशन के लिए भी धमकी, प्रदर्शनकारियों पर तो लाठियां बरसाना चिदंबरम साहब के लिए आम बात है। सो, भाजपा ने भी ठान लिया है कि अब गांधी-परिवार पर सीधा हमला होगा, भाजपा के एक प्रमुख नेता ने दिल्ली के एक बड़े अंग्रेजी दैनिक के साथ मिलकर 8 महीनों की कड़ी मशक्कत के बाद राबर्ट वाड्रा का डॉसियर तैयार करवाया है, जाहिरा तौर पर गांधी परिवार के किसी भी सदस्य पर विपक्षी दल का यह सबसे बड़ा हमला होगा, जमीन के मामले, मॉल, होटल से लेकर कई अन्य मामलों की पूरी फाइल तैयार है। इस अखबार में यह रिपोर्ट बस किश्त वार छपने ही वाली थी कि कांग्रेसी राजमाता की तबियत नासाज हो गई, अब वह जैसे ही लौटकर स्वदेश आएंगी, कच्चे चिट्ठे खुलेंगे, कच्चे डोर से बंधे रिश्तों के खोखलेपन पर भी हमला होगा। तब मनीष की टीस व निरूपम के दम की असली परीक्षा भी होगी।
Posted on 07 August 2011 by admin
कयास लगाए जा रहे हैं कि राजा और रानी यानी ए.राजा और कनिमोझी को जमानत मिल सकती है, ऐसा 2जी मामले में आरोप तय होने के तुरंत बाद हो सकता है।
Posted on 07 August 2011 by admin
मीडिया जनता में अपनी तार-तार होती छवि को लेकर पीएम सशंकित हैं। वे अपने मीडिया सलाहकार हरीश खरे से नाराज बताए जाते हैं, सो विनोद शर्मा सहित कई और नामचीन पत्रकार खरे का स्थान लेने के लिए कदमताल कर रहे हैं पर पीएम से जुड़े सूत्र बताते हैं कि मनमोहन के मन में अभी भी संजय बारू ही बसे हैं, जो पूर्व में उनकी सेवा कर चुके हैं। यानी एक बार फिर से बारू की बारी आ सकती है।
Posted on 07 August 2011 by admin
जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस टैक्स)कमेटी के नए चैयरमैन बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी को बनाया गया है, अब से पहले माकपा के असीम दास गुप्ता इसके अध्यक्ष थे, वे पश्चिम बंगाल कम्युनिस्ट सरकार में तब वहां के वित्त मंत्री भी थे। जब बंगाल में सत्ता पलट हुआ तो तृणमूल कांग्रेस को उम्मीद जगी थी कि चैयरमैन की यह कुर्सी तृणमूल के खाते में आएगी, पर केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के मन में कुछ और ही चल रहा था। दरअसल, केंद्रनीत कांग्रेस राज्यों में जीएसटी की एकरूपता चाहती है, कांग्रेस का मानना है कि बिक्री कर की दर तमाम राज्यों में एक सी हो, गुजरात, मध्य प्रदेश जैसे भाजपानीत सरकारें इस बात का मुखर विरोध कर रही हैं, यहां तक कि स्वयं सुशील कुमार मोदी भी केंद्र सरकार की इस राय से इत्तफाक नहीं रखते, पर भाजपा ने सुशील मोदी को इस कमेटी का चैयरमैन बनने दिया, भाजपा चाहती है कि उनके मोदी जूनियर बतौर चैयरमैन केंद्र सरकार से अपना विरोध दर्ज कराएं।
Posted on 07 August 2011 by admin
सो, पिछले दिनों जब भाजपा की फायर ब्रांड नेत्री उमा भारती अडवानी के घर अपना दुखड़ा रोने पहुंची तो एक तरह से अडवानी उनके समक्ष बिल्कुल बेबस नजर आए, उमा ने अडवानी के आगे राजनाथ सिंह के कथित ठाकुरवाद की पोटली खोलने का साहस किया, उन्होंने अडवानी को बताया कि जब से राजनाथ सिंह को यूपी का विशेष ध्यान रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई है पार्टी में निरंकुश भाव से ठाकुरवाद का अभ्युदय हुआ है, राजनाथ सिंह, उनके चेले नरेंद्र तोमर और सौदान सिंह की तिकड़ी ने एक तरह से पार्टी की पूरी यूपी यूनिट को अपनी गिरफ्त में ले लिया है। उमा की इस छटपटाहट पर अडवानी बस इतना कह पाए कि ‘ठीक है मैं गडकरी जी से बात करूंगा।’
Posted on 07 August 2011 by admin
अडवानी आहत हैं, आहत हैं कि उन्हें पार्टी से उनकी वफाओं का क्या सिला मिल रहा है, संघ के एजेंडे को सिर आंखों पर उठाने वाले उसके खास सिरमौर हर वह कोशिश कर रहे हैं कि आखिरकार कैसे पार्टी में अडवानी अप्रसांगिक होते जाएं। सो संघ के इस मंतव्य को अडवानी ने बखूबी पढ़ लिया है कि संघ की राय है कि अडवानी अगला चुनाव यानी 2014 में लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ें। अडवानी खुद को इसके लिए तैयार करने में जुट गए हैं, अब उनका ज्यादा से ज्यादा वक्त पढ़ने-लिखने में बीत रहा है। वे ब्लॉक-लेखन को ज्यादा प्रवृत्त हो रहे हैं और अभी उनके लिखे तमाम ब्लॉग को एक संकलन के तौर पर रूपा एंड कंपनी एक पुस्तक के रूप में ला रही है-‘एज आई सी इट।’ जाने इस वयोवृध्द नेता के लिए और क्या-क्या देखना बाकी रह गया है?
Posted on 07 August 2011 by admin
यूपीए-1 के शासनकाल में जब सुषमा स्वराज गृह मंत्रालय की स्थायी समिति की अध्यक्षा थीं और अडवानी कमेटी के मेंबर तो सुषमा अडवानी को सम्मान देने के लिए उनके निवास पर जाकर ही रिपोर्ट सौंप आतीं हैं-मीटिंग का ब्रीफ भी उन्हें कर देती थीं, कभी सुषमा ने इसके किसी मीटिंग में अडवानी को बुलाने की जरूरत नहीं समझी। लेकिन यूपीए-2 में जैसे ही वेंकैया नायडू इस कमेटी के चैयरमैन हुए वे स्टैंडिंग कमेटी की हर मीटिंग में अडवानी को बुलाने लगे, यहां तक कि जब स्टैंडिंग कमेटी के सदस्य हैदराबाद की पुलिस अकादमी गए तो वेंकैया वहां भी अडवानी को लेकर गए। जहां अपने उप प्रधानमंत्रित्व कार्यकाल में अडवानी ने कई प्रोजेक्ट्स के शिलान्यास किए थे, वहां के लोग चौंके-‘अडवानी जी आप एक साधारण मेंबर की हैसियत से यहां?’ अडवानी ने कहा-‘मैं कोई इगो नहीं पालता,मैं लोकतंत्र का सम्मान करता हूं, इसीलिए यहां आया हूं।’ दरअसल अडवानी इस उम्र में भी अपनी शारीरिक सक्रियता को दर्शाना चाहते हैं, जैसे पार्टी व संघ में अपने विरोधियों को ललकार कर कहना चाहते हों-‘बुङ्ढा होगा तेरा बाप!’
Posted on 07 August 2011 by admin
हरियाणा के वरिष्ठ नेता भजनलाल की निधन से रिक्त हुई हिसार लोकसभा सीट के लिए उप चुनाव होने हैं। इस उप चुनाव में हरियाणा में एक नए सियासी समीकरण का उदय हो सकता है, भाजपा और हजकां (भजन पुत्र कुलदीप बिश्नोई की हरियाणा जनहित कांग्रेस) पहली बार साथ आ सकते हैं, नहीं तो भाजपा ने हरियाणा में पिछले विधानसभा का चुनाव चौटाला की पार्टी के साथ मिलकर लड़ा था। तब कुलदीप ने काफी कोशिश की थी कि वे अपनी पार्टी का भाजपा के साथ चुनावी गठबंधन कर सके पर तब बात नहीं बनी थी, हिसार उप चुनाव में स्व. भजनलाल की पत्नी जस्मां देवी हजकां-भाजपा की संयुक्त उम्मीदवार हो सकती हैं।