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खड़गे की नज़र आखिर कहां हैं

Posted on 27 November 2023 by admin

कुछ अजीबोगरीब है सियासत की रवायत मगर, मेरी हस्ती है कि मैं धूल में भी चमक जाता हूं, कुछ ऐसे ही चमके थे कांग्रेस के मौजूदा अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे भी पिछली बार, जब बात उनकी रिटायरमेंट की हो रही थी तो अपने मित्र अशोक गहलोत की मदद से उन्होंने खेल का पांसा ही पलट दिया। गहलोत ने खुद के बदले अपने मित्र खड़गे को कांग्रेस की सबसे अहम कुर्सी दिलवा दी। खड़गे ने अब धीरे-धीरे कांग्रेस के अंदर अपने खास विश्वस्तों की एक फौज जुटा ली है, इंडिया गठबंधन के क्षत्रपों से भी उनके निजी ताल्लुकात प्रगाढ़ हुए हैं लालू, तेजस्वी, नीतीश जैसे नेताओं से अब रोज-बरोज की उनकी बातचीत है। सूत्रों की मानें तो ये क्षत्रप ही 2024 में एक दलित पीएम की बात उठा सकते हैं, खड़गे एक बड़ा दलित चेहरा हैं, कांग्रेस की कमान भी उनके पास है, सो वे समां तो बांध ही सकते हैं, राहुल सार्वजनिक मंचों से कई बार कह चुके हैं कि पीएम बनने में उनकी कोई खास रुचि नहीं, अलबत्ता यह बात भी खड़गे के हक में ही जाती है। पर पिछले दिनों इनके पुत्र प्रियांक खड़गे ने मैसूर में एक सार्वजनिक बयान देकर हड़कंप मचा दिया कि ’अगर कांग्रेस नेतृत्व चाहेगा तो वे सीएम बनने को तैयार हैं।’ फिर रणदीप सुरजेवाला की ओर से उन्हें डपट दिया गया। लगे हाथ प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. जी परमेश्वर ने भी सीएम बनने की अपनी इच्छा जाहिर कर दी, इस कार्य में उन्हें राज्य के सहकारिता मंत्री के एन राजन्ना का पूरा साथ मिला। जाहिर इन ताजा घटनाक्रमों से खड़गे की पेशानियों पर बल पड़े हैं, उनकी उम्मीदों को किंचित झटका लगा है और उनके पुत्र प्रेम का मुजाहिरा भी हुआ है, जो 24 के उनके लक्ष्य के समक्ष कुछ बाधा उत्पन्न कर सकता है।

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कर्नाटक में भाजपा का धर्मसंकट

Posted on 27 November 2023 by admin

अगर कर्नाटक कांग्रेस में भीतर ही भीतर कोई आग सुलग रही है, तो वहां भाजपा में कहां सब चंगा है। प्रदेश भाजपा में बेतरह गुटबाजी है, इसके चलते ही कांग्रेस के हाथों भगवा पार्टी को शिकस्त झेलनी पड़ी। प्रदेश में पार्टी की गुटबाजी का कुछ ये हाल है कि अब तक वहां ‘लीडर ऑफ ऑपोजिशन’ यानी नेता प्रतिपक्ष व विधायक दल के नेता का चुनाव नहीं हो पाया है, भाजपा अपना नया प्रदेश अध्यक्ष भी नहीं बना पाई है। वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील का कार्यकाल पिछले वर्ष ही समाप्त हो गया था, पार्टी में उनको लेकर भी खासा असंतोष है, बावजूद उन्हें तब तक पद पर बने रहने को कहा गया है जब तक कि पार्टी अपना नया अध्यक्ष नहीं ढूंढ लेती। नेता विधायक दल की रेस में बासव राज बोम्मई और आर अशोक के नाम शामिल हैं। वैसे भी ओबीसी उभार और जातीय जनगणना यहां भाजपा के गले की फांस बना हुआ है। सूत्र बताते हैं कि नेता विपक्ष की कुर्सी भाजपा अपने नए गठबंधन साथी एचडी कुमारस्वामी के लिए छोड़ने को तैयार है। इस बार जदएस के 19 और भाजपा के 66 विधायक चुन कर आए हैं। वहीं प्रदेश अध्यक्ष के लिए राज्य के कद्दावर नेता येदुरप्पा अपने बेटे विजयेंद्र का नाम आगे कर रहे हैं। अगर किसी प्रकार विजयेंद्र नहीं बन पाते हैं तो येदिुरप्पा की विश्वासपात्र रहीं शोभा करंदलजे का भी नंबर लग सकता है। शोभा वोक्कालिगा समुदाय से आती हैं जो राजनैतिक रूप से बेहद प्रभावशाली जाति है, सीटी रवि भी प्रदेश अध्यक्ष बनने की रेस में शामिल हैं।

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अगली यात्रा के लिए कमर कसते राहुल

Posted on 15 October 2023 by admin

महात्मा गांधी के जन्म दिवस 2 अक्टूबर से उनकी जन्म स्थली गुजरात के पोरबंदर से राहुल गांधी अपनी भारत जोड़ो यात्रा के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगे। इस दूसरी चरण की यात्रा के संयोजन के कार्य में केसी वेणुगोपाल और जयराम रमेश पिछले काफी समय से जुटे हुए हैं। पहली यात्रा में दिग्विजय सिंह की भी बड़ी भूमिका थी, पर इस बार उनके रोल को कांट-छांट कर छोटा कर दिया गया है। इसकी वजह बताई जा रही है कि मध्य प्रदेश के आसन्न विधानसभा चुनाव को, जिसमें दिग्विजय एक्टिव रहना चाहते हैं, वे अपने खास लोगों के लिए टिकट भी चाहते हैं और घूम-घूम कर प्रदेश में चुनाव प्रचार भी करना चाहते हैं। हालांकि आयोजकों के लिए इस दूसरी यात्रा का प्रबंधन कार्य कोई चुनौतीपूर्ण नहीं, क्योंकि पहली यात्रा का पूरा खाका उनके समक्ष हाजिर है। पहली यात्रा में यात्रियों के ठहरने के लिए कांग्रेस ने आधुनिक वातानुकूलित कंटेनर खरीद लिए थे, अब बस उन्हीं कंटेनर को झाड़ पोंछ कर बस चमकाया जा रहा है। राहुल ने अपनी पहली भारत जोड़ो यात्रा में 3,500 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा तय की थी, उसकी तुलना में पोरबंदर से पूर्वोतर की यह यात्रा थोड़ी छोटी रहेगी, और कमोबेश यह पांच चुनावी राज्यों मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान व मिजोरम से गुजरेगी, राहुल तेलांगना भी जाना चाहते हैं, पर वहां की तैयारियों को लेकर अब भी असमंजस की स्थिति है। पहले यह यात्रा असम के कामाख्या देवी मंदिर में समाप्त होनी थी, पर मणिपुर के ताज़ा हालात को मद्देनज़र रखते इसे अरूणाचल प्रदेश के लोहित जिले के परशुराम कुंड में समाप्त किया जा रहा है, जहां जनवरी माह में एक बड़ा मेला लगता है, जिसे नार्थ ईस्ट का कुंभ भी कहा जाता है। सनद रहे कि राहुल ने अपनी पहली भारत जोड़ो यात्रा 136 दिनों में पूरी की थी।

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डिजिटल मीडिया पर कसेगा शिकंजा

Posted on 15 October 2023 by admin

केंद्र सरकार ने प्रिंट मीडिया, टीवी न्यूज़ चैनल और सोशल मीडिया को तमाम कड़े कानूनों के दायरे में ला खड़ा किया है। पर अब तक वह डिजिटल मीडिया पर नकेल नहीं कस पाई है। सो, डिजिटल मीडिया पर अंकुश लगाने के लिए केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्रालय एक नया कानून लाने की तैयारी कर रहा है। शुरूआत में पीआईबी ने ’फैक्ट चेक’ करना शुरू किया, इसके बाद सूचना प्रसारण मंत्रालय ने खबरों के फैक्ट चेक के लिए एक और यूनिट का गठन कर दिया। केंद्र सरकार के नक्शे कदम पर चलते कर्नाटक सरकार के आईटी-बीटी विभाग ने पिछले दिनों राज्य में एक ’फैक्ट चेक’ यूनिट का गठन किया है, इस यूनिट का काम सोशल मीडिया पर आ रही फर्जी खबरों की पड़ताल का है। सबसे दिलचस्प तो यह कि कर्नाटक सरकार में यह मंत्रालय मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियंक खड़गे के अधीनस्थ आता है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने इस यूनिट के गठन पर सफाई देते हुए कहा है कि ’ऐसी फर्जी खबरों से ही समाज में ध्रुवीकरण होता है।’ अब कर्नाटक की इस ’फैक्ट चेक’ अभियान के निशाने पर भाजपा की सोशल मीडिया इकाई के प्रमुख अमित मालवीय आ गए हैं, यूनिट का मानना है कि ’इनके हेंडल से ही राहुल गांधी के खिलाफ अपमान जनक पोस्ट डाली जाती है।’

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विशेष सत्र का ’विशेष एजेंडा’ सब पहले से तय था

Posted on 23 September 2023 by admin

हर नई ईंट पर बस तेरा ही नाम है इन ख्वाबों के मकानों में

कभी ख्वाहिशें बिकती थीं, अब वक्त बिकता है, इन दुकानों में’

जब भगवा आलोक में 18 से 22 सितंबर तक संसद के विशेष सत्र आयोजित करने की घोषणा हुई तो विपक्षी दलों को इस बात का किंचित भी इल्म नहीं था कि इस विशेष सत्र में आखिरकार होगा क्या? क्योंकि जब भी ऐसा कोई विशेष सत्र आहूत होता है तो तमाम पार्टियों से बात कर सत्तारूढ़ दल की ओर से एक कार्य सूची तैयार की जाती है। सो, नाराज़ होकर सोनिया गांधी ने पीएम को एक पत्र लिख डाला, और इसमें उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, चीन, अदानी जैसे 9 प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की मांग कर दी। इस पर त्वरित कार्यवाई करते सरकार ने पोस्ट ऑफिस बिल, मीडिया संस्थानों के रजिस्ट्रेशन बिल, वरिष्ठ नागरिक कल्याण विधेयक, अधिवक्ता बिल समेत आठ विधेयकों की लिस्ट जारी की, जिन विधेयकों को इस विशेष सत्र में लाया जाना था। पर मोदी सरकार के तुरूप का इक्का महिला आरक्षण बिल का इसमें कोई जिक्र नहीं था। 5 दिन का यह विशेष सत्र चार दिनों में ही समाप्त हो गया, सत्र की शुरूआत 18 को पुराने संसद से हुई और अगले दिन 19 को कार्यवाई नए संसद भवन में शिफ्ट हो गई। इसी संसद में ’नारी शक्ति वंदन विधेयक’ पेश हुआ, 20 सितंबर को यह पारित भी हो गया। भाजपा इसे अपनी एक बड़ी जीत मान रही है, पर अब भाजपा के अंदर से ही महिला बिल में ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दिए जाने की मांग उठने लगी है। यह मांग भी भाजपा की उस नेत्री उमा भारती ने उठा दिया है जिसे ’जन आशीर्वाद यात्रा’ का न्यौता ही नहीं भेजा गया। जिन्हें पार्टी ने न तो 2019 का चुनाव लड़ाया और न ही विधानसभा का। राहुल गांधी की ’भारत जोड़ो यात्रा’ का दूसरा चरण ज्यादातर हिंदी पट्टी से होकर गुजरने वाला है, जहां ओबीसी राजनीति का सिक्का चलता है, कांग्रेस ने हैदराबाद की अपनी सीडब्ल्यूसी की बैठक में खुल कर ओबीसी राजनीति का अलख जगा दिया है, पार्टी ने कहा है कि ’वह 50 फीसदी आरक्षण सीमा पर विचार करेगी।’ देश भर में 45 फीसदी के आसपास ओबीसी वोटर हैं, हिंदी पट्टी में तो यह प्रतिशत बढ़ कर 54 फीसदी तक जा पहुंचता है। जैसे बिहार में 61 प्रतिशत, राजस्थान में 48 प्रतिशत, छत्तीसगढ़ में 45 फीसदी और मध्य प्रदेश में ओबीसी वोटरों की तादाद 43 फीसदी है। राहुल गांधी ने इसीलिए कर्नाटक चुनाव में जातिगत जनगणना की मांग उठाई थी, अब राहुल कह रहे हैं कि ’भारत सरकार  के 90 सचिवों में से मात्र 3 ही ओबीसी समुदाय से आते हैं,’ यानी विपक्ष ने भविष्य की राजनीति के ’रोड मैप’ का अभी से खुलासा कर दिया है।  

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(Hindi) राहुल की यात्रा पर सवाल

Posted on 26 December 2022 by admin

राहुल गांधी जब अपनी भारत जोड़ो यात्रा को लेकर मध्य प्रदेश पहुंचे तो वहां पहले से एक प्रेस कांफ्रेंस आहूत थी। जयराम रमेश ने पत्रकारों से जैसे ही कहना शुरू किया कि ’हमने बड़ी मेहनत कर यात्रा का रूट बनाया है’, राहुल ने उन्हें बीच में टोकते हुए कह दिया-’यह कांग्रेस की यात्रा नहीं है और न ही मेरी यात्रा राजनैतिक है।’ इस पर महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष नाना पटोले का दर्द था कि ’जब हम राजनीति में हैं तो हमारी यात्रा गैर राजनीतिक कैसे हो सकती है? कुछ सिविल सोसाइटी वाले लोग राहुल जी को भ्रमित कर रहे हैं।’ यात्रा की फोटो में भी राहुल आम लोगों के साथ नज़र आ रहे हैं, पर राहुल नेताओं कों अपने मंच पर भी स्थान नहीं दे रहे। मसलन सचिन पायलट ने मध्य प्रदेश में यात्रा ज्वॉइन की तो राहुल उन्हें देख कर चौंके-’अच्छा आप भी आए हुए हैं?’ पर पायलट को मंच पर जगह नहीं मिली। आष्चर्य है कि यूपी के बड़े नेता लगातार यात्रा से दूरी बना कर रख रहे हैं, इसका आशय क्या है?

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(Hindi) उत्तर-पूर्व के दो सीएम बदले जा सकते हैं

Posted on 24 September 2022 by admin

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Haryana Congress’ infight benefits BJP

Posted on 19 June 2022 by admin

How did Rahul’s close aide Ajay Maken finally get defeated by just half a vote in Haryana’s Rajya Sabha elections? Its script was written at the same time when the top leadership of Congress handed over the entire reins of Haryana to Bhupinder Singh Hooda. If sources are to be believed, Hooda’s opponents, stunned by this, gathered at Kiran Chaudhary’s farm house. Word is that Kuldeep Bishnoi, Kumari Selja and Kiran Chaudhary were also present in this secret meeting. It is said that it was decided in this meeting that Kuldeep Bishnoi would first blow the bugle of protest. This protest will be indirectly supported by Kiran Chaudhary. So, when Kiran Choudhary’s vote was canceled in this time’s Rajya Sabha election, senior Congressmen clenched their fists, because there was no room for error in the vote for Kiran Choudhary, because before now she had successfully voted in six such elections.

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(Hindi) एक अनार सौ, बीमार

Posted on 03 January 2022 by admin

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(Hindi) …और अंत में

Posted on 28 August 2021 by admin

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