मोदी पर राहुल का सुविचारित हमला |
October 10 2016 |
’जवानों के खून…’ वाला राहुल गांधी का जुमला असर कर गया है, भाजपा भी निरंतर पलटवार कर रही है और अमित शाह से लेकर पूरी पार्टी राहुल को उनके इस बोल के लिए पानी पी-पीकर कोस रही है। दरअसल जब राहुल की यात्रा पूर्वांचल से होकर अवध तक पहुंची तब तक उसे लोगों का और मीडिया का खासा रिस्पांस मिल रहा था, उनके स्वागत के लिए, उन्हें देखने-सुनने के लिए लोगों की भीड़ जुट रही थी। पर जैसे ही यात्रा आगरा, मेरठ, अमरोहा, मुरादाबाद जैसे जिलों में पहुंची, भीड़ छंटने लगी थी। प्रदेश के मुसलमान उनकी सभाओं में अब भी जुट रहे थे पर सुनने वालों से ज्यादा देखने वाले तमाशबीनों की भीड़ थी, ऐसे में राहुल का जोश कम हो रहा था, कांग्रेस का आत्मविश्वास डगमगाने लगा था। राहुल, पीके और उनकी टीम को लगने लगा था कि इन क्षेत्रों में भाजपा के राष्ट्रवाद की उछाल लोगों के दिल-दिमाग को ज्यादा आंदोलित कर रही है, जगह-जगह लगे भाजपा के पोस्टर इस बात की चुगली भी कर रहे थे-’पाक हारेगा, बीजेपी जीतेगी’ के उद्घोष के बीच टीम राहुल ने फैसला लिया कि अब मोदी पर सीधा हमला बोलना होगा, ताकि अल्पसंख्यक वोटरों को एकजुट किया जा सके। पीके समझ चुके थे कि सिर्फ बिजली, पानी, सड़क, विकास व किसान से बात नहीं बनने वाली है, सो राहुल गांधी ने जो कुछ कहा, बहुत सोच समझ कर कहा। |
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