वसु बनाम मोदी-द् गेम इज ऑन!

November 15 2014


केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार से पूर्व अमित शाह के संदेशे के बाद राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया कथित तौर पर दो बार प्रधानमंत्री से मिलने दिल्ली पहुंची, पर मोदी के अति व्यस्त कार्यक्रमों का हवाला देते हुए वसुंधरा को बता दिया गया कि अभी वह प्रधानमंत्री से नहीं मिल पाएंगी। सूत्र बताते हैं कि इसके बाद वसुंधरा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मिलीं, तो समझा जाता है कि इस मुलाकात में शाह ने वसुंधरा से कहा कि ‘अब वो राज्य से बड़ी नेता हो गई हैं, सो उनकी भूमिका राष्ट्रीय राजनीति में होनी चाहिए’ पर वसु ने इसका कोई जवाब नहीं दिया और वह जयपुर लौट गईं। सनद रहे कि इससे पूर्व शाह ने अपने खास विश्वस्त भूपेंद्र यादव के मर्ाफ्त राजस्थान के छह विधायकों की सूची वसुंधरा को भेजी थी, जिसे मोदी-शाह जोड़ी वसुंधरा मंत्रिमंडल में जगह दिलवाना चाहती थी, इनमें से ज्यादातर नाम वसुंधरा विरोधी विधायकों के थे, जिन्हें वह किंचित मात्र भी पसंद नहीं करती थीं। पर पार्टी आलाकमान की इच्छाओं का सम्मान करते हुए राजे ने अपनी धुर विरोधी किरण महेश्वरी तक को अपने मंत्रिमंडल का हिस्सा बना लिया, बदले में वसु ने केंद्र में मंत्री बनाने के लिए अपनी ओर से दो नाम भेजे, एक तो जोधपुर के भगवा सांसद गजेंद्र सिंह शेखावत का और दूसरा नाम अपने पुत्र दुष्यंत सिंह का। पर इन दोनों में से कोई भी राजस्थान कोटे से मोदी मंत्रिमंडल में जगह नहीं पा सका, जिन्हें जगह मिली वे मोदी-शाह की निजी पसंद थे। इस दफे जब मोदी अपने 10 दिवसीय विदेश यात्रा पर रवाना हो रहे थे तब उन्होंने राजे को मिलने का वक्त दिया, दोनों नेताओं के बीच दो-टूक बातचीत हुई। संबंधों में आई तल्खी साफ झलक रही थी, बातों-बातों में वसुंधरा मोदी को यह बताना नहीं भूलीं कि मोदी उन्हें रमण सिंह या शिवराज समझने की गलती न करें। मोदी मुस्कुराए, चुप लबों से शायद यह बता गए हों कि वे कभी कहते नहीं, बस करते हैं।

 
Feedback
 
Download
GossipGuru App
Now!!