यूपी बंटेगा तीन हिस्सों में

June 29 2014


नए व छोटे राज्यों के गठन को लेकर भाजपा किंचित गंभीर जान पड़ती है, सूत्र बताते हैं कि केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दूसरे राज्य पुनर्गठन आयोग से कहा है कि नए राज्यों की उठ रही मांगों के संदर्भ में वह मसौदा पेश करे। सनद रहे कि जब 2012 में यूपी से मायावती सरकार रूखसती की कगार पर थी तो जाते-जाते उसने केंद्रनीत यूपीए सरकार को यह प्रस्ताव भेजा था कि इतने बड़े राज्य यूपी को चार अलग-अलग राज्यों में बांट दिया जाए, यानी अलग पूर्वांचल, अलग बुंदेलखंड, अलग हरित प्रदेश और अलग अवध प्रदेश। पर जहां तक भाजपा की बात है, भाजपा नहीं चाहती कि एक अलग हरित प्रदेश भी अस्तित्व में आए, क्योंकि पश्चिमी यूपी के ज्यादातर हिस्सों को अंगीकार करता हुआ जब यह हरित प्रदेश अस्तित्व में आता है तो भाजपा को लगता है कि इसका प्रारूप एक मुस्लिम बाहुल्य राज्य का हो जाएगा, और यहां 44 से लेकर 52 फीसदी तक मुस्लिम आबादी का दबदबा हो सकता है। सो भाजपा अलग पूर्वांचल, बुंदेलखंड और अवध प्रदेश के पक्ष में तो है पर वह हरित प्रदेश को अवध का ही एक हिस्सा बनाना चाहती है। भाजपा को उम्मीद है कि यूपी को तीन टुकड़ों में बांट कर तीन अलग राज्य गठित करने का प्रस्ताव जब संसद में आएगा तो ममता और मुलायम को छोड़ कर ज्यादातर छोटे बड़े दल इस प्रस्ताव का समर्थन करेंगे। यहां तक कि कांग्रेस,टीडीपी, अन्नाद्रमुक जैसे दल भी इस प्रस्ताव का विरोध नहीं कर पाएंगे। ााहिर है आने वाले दिनों में भाजपा छोटे राज्यों का बड़ा कार्ड खेल सकती है।

 
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  1. Maroulia Says:

    Advani is a big leader who bguhrot the two party system to India. Otherwise it was Congress all the way. I do not know what is affecting Advani. Modi seems to be respectful. But BJP party seems to have only intention of downsizing Congress. Their fight is not for logic victory but defeat of Congress.

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