| 10 करोड़ का सर्वेक्षण |
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February 08 2015 |
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2014 के लोकसभा चुनावों को लेकर जिस सर्वेक्षण कंपनी ने सबसे सटीक आकलन पेश किए थे, दिल्ली विधानसभा चुनावों के परिप्रेक्ष्य में उक्त कंपनी का जनमत सर्वेक्षण टीवी पर आने से चूक गया, या ऐन वक्त कंपनी के कर्णधारों ने भाजपा के मुकाबले ‘आप’ की बढ़त दिखाने वाले अपने सर्वे से हाथ पीछे खींच लिए। अब दिल्ली विधानसभा चुनावों के परिप्रेक्ष्य में इस कंपनी ने ओपिनियन पोल की जगह बस खुद को एक्जिट पोल की परिधि में ही कैद कर लिया। सूत्र बताते हैं कि दिल्ली विधानसभा चुनावों के आलोक में भगवा पार्टी ने इस कंपनी को सलाना 10 करोड़ रुपयों का काम दे दिया है, अब यह कंपनी भाजपा के लिए सर्वे किया करेगी, जनता के नजरिए से। |
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